कर्मचारियों के मुद्दे पर घिरी पंजाब सरकार, तरुण चुघ बोले- वादों से पीछे हट रही मान सरकार

कर्मचारियों के मुद्दे पर घिरी पंजाब सरकार, तरुण चुघ बोले- वादों से पीछे हट रही मान सरकार

पंजाब में महंगाई भत्ते (डीए) और अन्य लंबित मांगों को लेकर सरकारी कर्मचारियों तथा पेंशनभोगियों के बढ़ते असंतोष के बीच भाजपा ने आम आदमी पार्टी सरकार पर तीखा हमला बोला है। भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुघ ने कहा कि राज्य में कर्मचारी वर्ग अपने अधिकारों के लिए आंदोलन करने को मजबूर है, जबकि सरकार उनकी समस्याओं के समाधान के बजाय उन्हें टालने की कोशिश कर रही है।

तरुण चुघ ने कहा कि विधानसभा चुनावों के दौरान आम आदमी पार्टी ने कर्मचारियों और पेंशनर्स के हितों की रक्षा करने तथा उनकी लंबित मांगों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के कई वादे किए थे। लेकिन सत्ता में आने के बाद सरकार का रवैया पूरी तरह बदल गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि अब सरकार आर्थिक चुनौतियों का हवाला देकर कर्मचारियों को उनके वैधानिक अधिकारों से वंचित रखने की कोशिश कर रही है।

भाजपा नेता ने कहा कि हाल ही में अदालत में प्रस्तुत किए गए सरकारी पक्ष से यह संकेत मिलता है कि सरकार वित्तीय दबाव का तर्क देकर महंगाई भत्ते और अन्य लाभों के भुगतान को टालना चाहती है। इससे कर्मचारियों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ी है और राज्य के विभिन्न हिस्सों में विरोध प्रदर्शन तेज हो रहे हैं।

उन्होंने कहा कि महंगाई भत्ता कोई विशेष सुविधा नहीं, बल्कि कर्मचारियों को बढ़ती महंगाई से राहत देने के लिए दिया जाने वाला उनका अधिकार है। सरकारी कर्मचारियों ने वर्षों तक राज्य की सेवा की है और उन्हें उनके अधिकार समय पर मिलना चाहिए। यदि सरकार अपने कर्मचारियों की जायज मांगों को नजरअंदाज करती है तो इससे प्रशासनिक व्यवस्था और कर्मचारियों का मनोबल दोनों प्रभावित होंगे।

चुघ ने यह भी कहा कि कर्मचारियों और पेंशनर्स की समस्याओं को केवल आश्वासनों से हल नहीं किया जा सकता। सरकार को स्पष्ट नीति बनाकर लंबित मामलों का समाधान करना चाहिए और कर्मचारियों के साथ संवाद स्थापित करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी की सरकार चुनावी घोषणाओं और जमीनी हकीकत के बीच बढ़ते अंतर को छिपाने में लगी हुई है।

भाजपा नेता ने कहा कि उनकी पार्टी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के हितों के समर्थन में खड़ी है। उन्होंने सरकार से मांग की कि कर्मचारियों की लंबित मांगों पर जल्द फैसला लिया जाए और महंगाई भत्ते सहित अन्य वित्तीय लाभों के भुगतान को लेकर स्पष्ट रोडमैप जारी किया जाए, ताकि राज्य में पैदा हो रहे असंतोष को दूर किया जा सके।

उधर, कर्मचारियों के विभिन्न संगठनों ने भी अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखने के संकेत दिए हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में यह मुद्दा पंजाब की राजनीति और प्रशासन दोनों के लिए अहम विषय बना रह सकता है।