गर्मियों में सेहत का अलर्ट: इन 10 चीजों से रखें दूरी, जानिए क्या खाएं ताकि शरीर रहे ठंडा और फिट

गर्मियों में सेहत का अलर्ट: इन 10 चीजों से रखें दूरी, जानिए क्या खाएं ताकि शरीर रहे ठंडा और फिट

गर्मी का मौसम शुरू होते ही शरीर की जरूरतों और खानपान की आदतों में कुछ बदलाव करना जरूरी हो जाता है। बढ़ता तापमान, तेज धूप और अधिक पसीना शरीर से पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी कर सकते हैं। ऐसे में केवल प्यास लगने पर पानी पीना ही पर्याप्त नहीं होता, बल्कि रोजाना के भोजन में भी ऐसे खाद्य पदार्थ शामिल करने चाहिए जो शरीर को जरूरी पोषक तत्व देने के साथ-साथ हाइड्रेशन बनाए रखने में मदद करें।

गर्मियों में बहुत अधिक तला-भुना, मसालेदार, अत्यधिक मीठा या प्रोसेस्ड खाना खाने से कुछ लोगों को अपच, गैस, एसिडिटी, भारीपन और सुस्ती जैसी परेशानियां महसूस हो सकती हैं। वहीं, पर्याप्त पानी, मौसमी फल, सब्जियां और हल्का भोजन शरीर को गर्म मौसम में बेहतर तरीके से संभालने में मदद कर सकता है।

हालांकि, हर व्यक्ति का शरीर और स्वास्थ्य अलग होते हैं। किसी खाद्य पदार्थ का असर व्यक्ति की उम्र, स्वास्थ्य स्थिति, शारीरिक गतिविधि और मौसम के अनुसार अलग हो सकता है। इसलिए गर्मियों की डाइट को लेकर सामान्य सलाह को अपनी व्यक्तिगत जरूरतों के अनुसार अपनाना बेहतर है।

गर्मियों में खानपान पर क्यों देना चाहिए विशेष ध्यान?

गर्मी के दौरान शरीर का तापमान सामान्य बनाए रखने के लिए पसीना निकलता है। पसीने के साथ शरीर से पानी और कुछ इलेक्ट्रोलाइट्स भी बाहर निकल सकते हैं। यदि इस दौरान पर्याप्त तरल पदार्थ नहीं लिया जाए, तो डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ सकता है।

डिहाइड्रेशन की स्थिति में थकान, कमजोरी, सिरदर्द, चक्कर और ध्यान लगाने में परेशानी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए गर्मियों में पानी पीने के साथ-साथ ऐसे खाद्य पदार्थों को भी भोजन का हिस्सा बनाना उपयोगी हो सकता है जिनमें पानी की मात्रा अधिक हो।

दूसरी ओर, बहुत भारी भोजन शरीर को असहज महसूस करा सकता है, खासकर तब जब व्यक्ति पहले से ही गर्मी और उमस से परेशान हो। इसलिए इस मौसम में भोजन की मात्रा, गुणवत्ता और समय तीनों पर ध्यान देना जरूरी है।

1. बहुत ज्यादा तला-भुना खाना सीमित करें

समोसा, कचौरी, फ्रेंच फ्राइज, चिप्स और अन्य डीप फ्राइड फूड स्वादिष्ट जरूर लग सकते हैं, लेकिन गर्मियों में इनका अत्यधिक सेवन कई लोगों के लिए परेशानी पैदा कर सकता है। ज्यादा तेल वाला भोजन पाचन में भारी लग सकता है और कुछ लोगों में एसिडिटी या पेट फूलने जैसी समस्या बढ़ा सकता है।

गर्म मौसम में अगर बार-बार तला हुआ भोजन खाया जाए और साथ में पानी कम पिया जाए, तो शरीर को असहजता महसूस हो सकती है। इसलिए ऐसे खाद्य पदार्थों को कभी-कभार और सीमित मात्रा में लेना बेहतर विकल्प हो सकता है।

बेहतर विकल्प:
उबले चने, भुना मखाना, स्टीम्ड ढोकला, इडली, हल्का पोहा या घर पर कम तेल में तैयार स्नैक्स लिए जा सकते हैं।

2. बहुत ज्यादा मसालेदार भोजन से बचें

गर्मियों में अत्यधिक मिर्च-मसाले वाला भोजन कुछ लोगों में सीने में जलन, एसिडिटी या पेट से जुड़ी परेशानी बढ़ा सकता है। बहुत मसालेदार भोजन खाने के बाद अधिक पसीना आना या शरीर में असहज गर्मी महसूस होना भी कुछ लोगों में देखा जा सकता है।

इसका मतलब यह नहीं है कि गर्मियों में मसालों को पूरी तरह छोड़ना जरूरी है। बल्कि भोजन में मसालों की मात्रा संतुलित रखना अधिक व्यावहारिक तरीका है।

बेहतर विकल्प:
हल्के मसालों वाली सब्जियां, दही आधारित व्यंजन, मूंग दाल, सादी खिचड़ी और हल्के मसालों वाला घर का बना भोजन गर्मियों के लिए सुविधाजनक विकल्प हो सकता है।

3. अत्यधिक मीठे खाद्य पदार्थों का सेवन कम करें

केक, पेस्ट्री, कैंडी, मिठाइयां और ज्यादा चीनी वाले डेजर्ट का सेवन सीमित रखना बेहतर होता है। बहुत अधिक अतिरिक्त चीनी वाला भोजन रोजाना की डाइट का हिस्सा बनने पर स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है।

गर्मियों में मीठे की इच्छा होने पर ताजे मौसमी फल बेहतर विकल्प हो सकते हैं। फलों से पानी के साथ-साथ फाइबर और कई जरूरी पोषक तत्व भी मिलते हैं।

बेहतर विकल्प:
तरबूज, खरबूजा, संतरा, मौसमी फल और अन्य ताजे फल लिए जा सकते हैं। नारियल पानी भी कई लोगों के लिए अच्छा विकल्प हो सकता है, लेकिन इसे भी संतुलित मात्रा में लेना चाहिए।

4. बहुत ज्यादा नमक वाले खाद्य पदार्थों से दूरी रखें

पैकेज्ड नमकीन, चिप्स, इंस्टेंट स्नैक्स और अत्यधिक नमक वाले प्रोसेस्ड फूड का ज्यादा सेवन स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं माना जाता। अधिक सोडियम का सेवन शरीर में पानी के संतुलन और ब्लड प्रेशर को प्रभावित कर सकता है।

गर्मियों में पसीना आने के कारण शरीर से कुछ सोडियम निकलता है, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि हर व्यक्ति को बहुत अधिक नमक खाना चाहिए। सामान्य भोजन में संतुलित मात्रा में नमक पर्याप्त होता है।

बेहतर विकल्प:
ताजा सलाद, मौसमी फल, खीरा, ककड़ी और घर का बना हल्का भोजन रोजमर्रा की डाइट में शामिल किया जा सकता है।

5. चाय-कॉफी और कैफीन का सेवन संतुलित रखें

गर्मी में कई लोग लगातार चाय, कॉफी या एनर्जी ड्रिंक का सेवन करते हैं। कैफीन की अधिक मात्रा कुछ लोगों में बेचैनी, नींद की समस्या या धड़कन तेज होने जैसी परेशानियां पैदा कर सकती है। हालांकि, सामान्य मात्रा में चाय या कॉफी का सेवन हर व्यक्ति के लिए अनिवार्य रूप से हानिकारक नहीं है।

गर्मियों में सबसे महत्वपूर्ण बात पर्याप्त पानी पीना है। कैफीन वाले पेय को पानी का विकल्प नहीं मानना चाहिए।

बेहतर विकल्प:
सादा पानी, नींबू पानी, छाछ और बिना ज्यादा चीनी वाले पेय बेहतर विकल्प हो सकते हैं। यदि आप चाय या कॉफी पीते हैं, तो उसकी मात्रा संतुलित रखना उपयोगी है।

6. बहुत भारी और अधिक वसायुक्त मांसाहारी भोजन सीमित करें

मटन और अन्य भारी मांसाहारी व्यंजन पचने में कुछ लोगों को अधिक समय ले सकते हैं, खासकर जब उन्हें बहुत तेल और मसालों के साथ तैयार किया गया हो। गर्मियों में ऐसा भोजन खाने के बाद भारीपन और सुस्ती महसूस हो सकती है।

हालांकि, मांसाहार को पूरी तरह छोड़ना जरूरी नहीं है। भोजन की तैयारी का तरीका और मात्रा अधिक महत्वपूर्ण हो सकती है।

बेहतर विकल्प:
कम तेल में तैयार चिकन, दालें, पनीर, टोफू और अन्य प्रोटीन स्रोतों को संतुलित डाइट में शामिल किया जा सकता है।

7. पैकेज्ड और प्रोसेस्ड फूड का सेवन कम करें

इंस्टेंट नूडल्स, पैकेज्ड बिस्किट, रेडी-टू-ईट फूड और अन्य प्रोसेस्ड उत्पादों में कई बार सोडियम, चीनी और वसा की मात्रा अधिक हो सकती है। ऐसे खाद्य पदार्थ सुविधा के लिए कभी-कभार खाए जा सकते हैं, लेकिन इन्हें रोजाना के भोजन का मुख्य हिस्सा बनाना सही विकल्प नहीं है।

गर्मियों में ताजा और घर का बना भोजन शरीर के लिए अधिक सुविधाजनक हो सकता है।

बेहतर विकल्प:
ओट्स, दलिया, पोहा, उपमा, दाल-चावल, रोटी-सब्जी और ताजा सलाद जैसे सरल भोजन लिए जा सकते हैं।

8. मीठे कोल्ड ड्रिंक और सोडा से बचें

गर्मी में ठंडे सॉफ्ट ड्रिंक या सोडा पीना ताजगी देने वाला लग सकता है, लेकिन इनमें अक्सर अतिरिक्त चीनी की मात्रा काफी अधिक होती है। इन्हें नियमित रूप से पीने के बजाय पानी और कम चीनी वाले घरेलू पेय को प्राथमिकता देना बेहतर हो सकता है।

सिर्फ ठंडा होने का एहसास शरीर को पर्याप्त रूप से हाइड्रेट करने के बराबर नहीं है। गर्मियों में शरीर को वास्तव में पानी और आवश्यक तरल पदार्थों की जरूरत होती है।

बेहतर विकल्प:
सादा पानी, छाछ, नींबू पानी और घर पर तैयार कम चीनी वाला शरबत लिए जा सकते हैं।

9. बहुत ज्यादा ठंडी चीजों का सेवन सोच-समझकर करें

गर्मियों में आइसक्रीम, बर्फ वाला पानी और बहुत ठंडे पेय पसंद किए जाते हैं। इनका सीमित सेवन आमतौर पर कई लोगों के लिए समस्या नहीं होता, लेकिन कुछ लोगों को बहुत ठंडी चीजों से गले में असहजता या संवेदनशीलता महसूस हो सकती है।

यह मानना सही नहीं है कि ठंडी चीजें हर व्यक्ति के लिए नुकसानदायक होती हैं। व्यक्तिगत सहनशीलता और स्वास्थ्य स्थिति को ध्यान में रखना अधिक महत्वपूर्ण है।

बेहतर विकल्प:
सामान्य तापमान या हल्का ठंडा पानी, घर का बना नींबू पानी और अन्य कम चीनी वाले पेय लिए जा सकते हैं।

गर्म तासीर वाली चीजों को लेकर क्या ध्यान रखें?

भारतीय खानपान में कई खाद्य पदार्थों को पारंपरिक रूप से ‘गर्म तासीर’ वाला माना जाता है। लहसुन, अदरक और कुछ गरम मसालों को भी इसी श्रेणी में रखा जाता है। हालांकि, इन खाद्य पदार्थों को लेकर वैज्ञानिक प्रमाण व्यक्ति की पारंपरिक मान्यताओं से अलग हो सकते हैं।

इन चीजों को पूरी तरह बंद करने के बजाय संतुलित मात्रा में खाना अधिक व्यावहारिक है। अगर किसी व्यक्ति को किसी खास भोजन से एसिडिटी या पाचन संबंधी परेशानी होती है, तो उसे अपनी डाइट में उस खाद्य पदार्थ की मात्रा कम करनी चाहिए।

गर्मियों में कौन से फल शरीर के लिए अच्छे हो सकते हैं?

गर्मियों में पानी से भरपूर मौसमी फल डाइट का हिस्सा बनाए जा सकते हैं। तरबूज और खरबूजे जैसे फलों में पानी की मात्रा अधिक होती है। इसके अलावा खीरा, ककड़ी और कई अन्य ताजे फल-सब्जियां भी रोजाना के भोजन को हल्का और पौष्टिक बनाने में मदद कर सकती हैं।

फलों का सेवन करते समय साफ-सफाई का ध्यान रखना भी जरूरी है। कटे हुए फल लंबे समय तक खुले में रखे हों तो उन्हें खाने से बचना चाहिए, खासकर गर्म मौसम में।

दही और छाछ को डाइट में कर सकते हैं शामिल

दही और छाछ भारतीय गर्मियों के भोजन का आम हिस्सा हैं। इनमें प्रोटीन और अन्य पोषक तत्व मिल सकते हैं और ये भोजन के साथ एक हल्का विकल्प हो सकते हैं। बिना जरूरत बहुत अधिक नमक या चीनी मिलाने के बजाय इन्हें संतुलित तरीके से लेना बेहतर है।

अगर किसी व्यक्ति को डेयरी उत्पादों से एलर्जी या लैक्टोज इनटॉलरेंस है, तो उसे वैकल्पिक विकल्पों पर विचार करना चाहिए।

नारियल पानी और नींबू पानी कितने उपयोगी हैं?

नारियल पानी गर्मियों में लोकप्रिय पेय है और इसमें कुछ इलेक्ट्रोलाइट्स भी होते हैं। सामान्य परिस्थितियों में यह एक अच्छा पेय विकल्प हो सकता है। हालांकि, कुछ स्वास्थ्य स्थितियों में पोटैशियम या अन्य पोषक तत्वों की मात्रा पर ध्यान देना जरूरी हो सकता है।

इसी तरह नींबू पानी भी गर्मी में ताजगी देने वाला पेय है। इसे बहुत ज्यादा चीनी के बजाय कम मात्रा में चीनी या बिना चीनी के लिया जा सकता है। डायबिटीज या अन्य स्वास्थ्य समस्या वाले लोगों को अपनी डाइट के अनुसार पेय चुनना चाहिए।

गर्मियों में पानी कितना पीना चाहिए?

पानी की जरूरत हर व्यक्ति के लिए समान नहीं होती। यह उम्र, वजन, शारीरिक गतिविधि, मौसम, पसीना आने की मात्रा और स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर कर सकती है। गर्म मौसम में सामान्य दिनों की तुलना में अधिक तरल पदार्थों की जरूरत पड़ सकती है।

प्यास लगने का इंतजार करने के बजाय दिनभर थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पानी पीना एक अच्छी आदत हो सकती है। बहुत ज्यादा पसीना आने, लंबे समय तक धूप में रहने या शारीरिक मेहनत करने वाले लोगों को तरल पदार्थों और इलेक्ट्रोलाइट्स पर विशेष ध्यान देना चाहिए।

अगर अत्यधिक प्यास, बहुत कम पेशाब, चक्कर, भ्रम या गंभीर कमजोरी जैसे डिहाइड्रेशन के लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।

गर्मियों में खाने का सही तरीका क्या हो सकता है?

गर्मी के मौसम में भोजन को हल्का और संतुलित रखना उपयोगी हो सकता है। एक सामान्य प्लेट में सब्जियां, दाल या अन्य प्रोटीन स्रोत, साबुत अनाज और जरूरत के अनुसार दही या सलाद शामिल किया जा सकता है।

बहुत ज्यादा तला-भुना भोजन खाने के बजाय घर पर तैयार ताजा खाना चुनना बेहतर विकल्प है। साथ ही, लंबे समय तक बाहर रखा हुआ या खराब हो चुका भोजन खाने से बचना चाहिए, क्योंकि गर्म मौसम में भोजन जल्दी खराब हो सकता है।

बच्चों और बुजुर्गों के लिए रखें अतिरिक्त ध्यान

गर्मियों में बच्चों और बुजुर्गों को डिहाइड्रेशन का खतरा कुछ परिस्थितियों में अधिक हो सकता है। बच्चों को नियमित अंतराल पर पानी और उपयुक्त तरल पदार्थ देना चाहिए। बुजुर्गों में भी प्यास का एहसास कम हो सकता है, इसलिए उन्हें नियमित रूप से पानी पीने के लिए प्रोत्साहित करना उपयोगी है।

हालांकि, छोटे बच्चों, बुजुर्गों या किसी बीमारी से जूझ रहे व्यक्ति के लिए डाइट और तरल पदार्थों की जरूरत अलग हो सकती है। ऐसे मामलों में डॉक्टर या योग्य डाइटीशियन की सलाह लेना बेहतर रहता है।

गर्मियों की डाइट में इन चीजों को प्राथमिकता दें

गर्म मौसम में रोजाना के भोजन में इन विकल्पों को संतुलित तरीके से शामिल किया जा सकता है:

  • पर्याप्त मात्रा में सादा पानी
  • तरबूज और खरबूजा जैसे मौसमी फल
  • खीरा और ककड़ी
  • दही और छाछ
  • नारियल पानी
  • कम चीनी वाला नींबू पानी
  • दाल और हल्के प्रोटीन स्रोत
  • घर का बना ताजा भोजन
  • हल्की मसाले वाली सब्जियां
  • पोहा, दलिया और खिचड़ी जैसे हल्के भोजन

गर्मी में भोजन का सबसे अच्छा तरीका यही है कि शरीर की जरूरत को समझकर संतुलित डाइट अपनाई जाए। अत्यधिक तला-भुना, बहुत मीठा, ज्यादा नमक वाला और अत्यधिक प्रोसेस्ड भोजन सीमित रखना, पर्याप्त पानी पीना और ताजा भोजन करना रोजमर्रा की सेहत के लिए उपयोगी आदतें हो सकती हैं। किसी विशेष बीमारी, गर्भावस्था, किडनी या हृदय संबंधी समस्या अथवा अन्य स्वास्थ्य स्थिति में तरल पदार्थ और डाइट को लेकर डॉक्टर की व्यक्तिगत सलाह को प्राथमिकता देनी चाहिए।

(Photo: AI Generated)