गुरुग्राम। संत शिरोमणि गुरु रविदास जी महाराज की 650वीं जयंती के उपलक्ष्य में देशभर में चलाए जा रहे सामाजिक समरसता अभियान को हरियाणा में भी व्यापक रूप देने की तैयारी शुरू हो गई है। इसी कड़ी में वाराणसी स्थित सीर गोवर्धनपुर, गुरु रविदास जी की जन्मस्थली से शुरू हुई पवित्र कलश यात्रा को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गुरुग्राम से प्रदेश के सभी 27 संगठनात्मक जिलों के लिए रवाना किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह यात्रा केवल धार्मिक आस्था से जुड़ा आयोजन नहीं है, बल्कि समानता, सामाजिक न्याय, भाईचारे और राष्ट्रीय एकता के विचार को मजबूत करने वाला व्यापक जनअभियान है।
गुरुग्राम में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत से पहले उन्होंने प्रसिद्ध श्री शीतला माता मंदिर में पहुंचकर विधिवत पूजा-अर्चना की। इसके बाद उन्होंने मंदिर परिसर में स्थापित पवित्र कलश के दर्शन किए और श्रद्धापूर्वक उसे अपने सिर पर धारण कर यात्रा के रवानगी स्थल तक पहुंचाया। वहां प्रदेश के सभी 27 संगठनात्मक जिलों से पहुंचे प्रतिनिधियों को पवित्र कलश सौंपते हुए उन्होंने यात्रा को आगे के लिए रवाना किया।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में संत समाज के प्रतिनिधि, जनप्रतिनिधि, भाजपा पदाधिकारी, सामाजिक संगठनों से जुड़े लोग और श्रद्धालु मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में उपस्थित संत-महात्माओं का शॉल भेंट कर सम्मान किया। आयोजन के दौरान धार्मिक श्रद्धा के साथ सामाजिक एकता और भाईचारे का संदेश भी प्रमुखता से सामने आया।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि गुरु रविदास जी ने सदियों पहले जिस समानता और मानवता की बात कही थी, उसकी प्रासंगिकता आज भी बनी हुई है। उन्होंने कहा कि संत रविदास जी की शिक्षाएं किसी एक वर्ग, समुदाय या क्षेत्र तक सीमित नहीं हैं। उनका संदेश पूरे मानव समाज के लिए है और वर्तमान समय में सामाजिक भेदभाव, असमानता और विभाजन जैसी चुनौतियों के बीच उनके विचार समाज को नई दिशा देने की क्षमता रखते हैं।
मुख्यमंत्री के अनुसार काशी की पवित्र भूमि से शुरू हुई यह यात्रा आगामी 20 फरवरी 2027 तक देश के विभिन्न हिस्सों में भ्रमण करेगी। इस दौरान गुरु रविदास जी के विचारों और उनके जीवन दर्शन को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। हरियाणा में भी यात्रा को गांवों, कस्बों और शहरों तक ले जाने की योजना है, ताकि अधिक से अधिक लोग इससे जुड़ सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के 27 संगठनात्मक जिलों के माध्यम से पवित्र कलश को विभिन्न क्षेत्रों में ले जाया जाएगा। इसका उद्देश्य केवल धार्मिक आयोजन करना नहीं बल्कि समाज के अलग-अलग वर्गों को एक मंच पर लाना है। उन्होंने कहा कि जब यात्रा गांव-गांव और घर-घर पहुंचेगी तो गुरु रविदास जी के समता, सेवा, सद्भाव और मानवता के विचार भी लोगों तक पहुंचेंगे।
गुरु रविदास जी की शिक्षाओं का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने मनुष्य को उसकी जाति, जन्म या सामाजिक पहचान से नहीं बल्कि उसके कर्म और चरित्र से पहचानने की प्रेरणा दी। उनके विचारों में हर व्यक्ति के सम्मान और समान अधिकार की भावना निहित है। मुख्यमंत्री ने कहा कि काशी से लाई गई पवित्र मिट्टी भी इसी समानता का प्रतीक है, क्योंकि मिट्टी किसी व्यक्ति की जाति, धर्म या सामाजिक स्थिति के आधार पर अलग नहीं होती।
उन्होंने कहा कि गुरु रविदास जी ऐसे समाज की कल्पना करते थे जहां किसी के साथ भेदभाव न हो, हर व्यक्ति को आगे बढ़ने का अवसर मिले, किसी को भूखा न सोना पड़े और प्रत्येक नागरिक सम्मान के साथ जीवन जी सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु रविदास जी की शिक्षाओं को केवल धार्मिक कार्यक्रमों और भाषणों तक सीमित रखने के बजाय उन्हें व्यवहार और सामाजिक जीवन का हिस्सा बनाने की आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर गुरुग्राम में संत रविदास धर्मशालाओं के लिए 31 लाख रुपये की राशि देने की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि सामाजिक और धार्मिक संस्थाएं समाज को जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं और सरकार ऐसे प्रयासों को आवश्यक सहयोग प्रदान करती रहेगी।
नायब सिंह सैनी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मंत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें संत गुरु रविदास जी की सामाजिक समरसता और समानता की भावना दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों का उद्देश्य समाज के सभी वर्गों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार पारदर्शी व्यवस्था के माध्यम से गरीब, वंचित और जरूरतमंद वर्गों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने सरकारी नौकरियों में पारदर्शिता, शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा और गरीब कल्याण से संबंधित योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार सामाजिक न्याय को मजबूत करने की दिशा में लगातार काम कर रही है।
उन्होंने सामाजिक और धार्मिक संगठनों, भाजपा के जिला पदाधिकारियों, संत समाज तथा आम श्रद्धालुओं से अपील की कि वे इस यात्रा को केवल एक आयोजन न मानें, बल्कि इसे जनभागीदारी से जुड़ा अभियान बनाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि समाज का हर वर्ग इसमें सक्रिय रूप से भाग लेगा तो गुरु रविदास जी का संदेश और व्यापक स्तर पर लोगों तक पहुंचाया जा सकेगा।
कार्यक्रम में हरियाणा के विकास एवं पंचायत तथा खान एवं भू-विज्ञान मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने भी गुरु रविदास जी की शिक्षाओं को समाज के लिए प्रेरणादायक बताया। उन्होंने कहा कि संत रविदास जी का पूरा जीवन मानवता, सेवा, समानता और सामाजिक सद्भाव का उदाहरण है। उन्होंने सामाजिक भेदभाव, जातिगत ऊंच-नीच और छुआछूत जैसी कुरीतियों का विरोध किया तथा हर व्यक्ति को सम्मान और समान अधिकार देने की बात कही।
कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि गुरु रविदास जी ने लोगों को प्रेम, करुणा, सत्य, मेहनत और परोपकार के रास्ते पर चलने की प्रेरणा दी। उनकी शिक्षाओं में मानव सेवा को सर्वोच्च महत्व दिया गया है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में समाज को इन मूल्यों की और अधिक आवश्यकता है। यदि लोग गुरु रविदास जी के विचारों को अपने जीवन में अपनाएं तो सामाजिक भाईचारा और आपसी विश्वास मजबूत होगा।
उन्होंने कहा कि 650वीं जयंती के अवसर पर निकाली जा रही कलश यात्रा लोगों को संत रविदास जी के जीवन और उनके विचारों से जोड़ने का माध्यम बनेगी। उन्होंने सभी वर्गों से अपील की कि यात्रा का स्वागत करने के साथ-साथ गुरु रविदास जी के संदेश को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का प्रयास करें।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अर्चना गुप्ता ने कहा कि संत गुरु रविदास जी किसी एक समुदाय के संत नहीं थे, बल्कि उनका संदेश संपूर्ण मानवता के लिए था। उन्होंने बताया कि 650वें प्रकाश पर्व के अवसर पर देशभर में सामाजिक समरसता से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी अभियान के तहत वाराणसी की जन्मस्थली से पवित्र मिट्टी के कलश विभिन्न राज्यों और जिलों तक पहुंचाए जा रहे हैं।
अर्चना गुप्ता ने कहा कि हरियाणा के सभी 27 संगठनात्मक जिलों में कलश यात्रा का स्वागत किया जाएगा। इसके बाद विभिन्न स्थानों पर धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रम आयोजित कर गुरु रविदास जी की शिक्षाओं को लोगों तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि कलशों को मंदिरों में स्थापित करने के साथ-साथ यात्रा के माध्यम से गांव-गांव और शहर-शहर समरसता का संदेश पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि अभियान में समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों को शामिल किया जाएगा। संत-महात्माओं के साथ युवाओं, विद्यार्थियों, सामाजिक संस्थाओं और आम नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर रहेगा। उनका कहना था कि सामाजिक समरसता तभी मजबूत होगी जब समाज का प्रत्येक वर्ग इसमें सक्रिय भागीदारी करेगा।
अर्चना गुप्ता ने यह भी बताया कि गुरु रविदास जी के संदेश को व्यापक स्तर पर पहुंचाने के लिए जालंधर से वाराणसी तक सामाजिक समरसता यात्रा भी निकाली जाएगी। हरियाणा में इस यात्रा के आगमन पर विभिन्न स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए जाने की योजना है। उन्होंने कहा कि यात्रा के जरिए गुरु रविदास जी की समानता, भाईचारे और मानवता की विचारधारा को लोगों तक पहुंचाया जाएगा।
गौरतलब है कि वाराणसी से 29 जुलाई को शुरू हुई पवित्र कलश यात्रा अगले दिन 30 जुलाई को गुरुग्राम पहुंची थी। यात्रा के गुरुग्राम पहुंचने पर प्रदेश के कई मंत्रियों, विधायकों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों, भाजपा पदाधिकारियों और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने इसका स्वागत किया। शहर के प्रमुख मार्गों से यात्रा के गुजरने के दौरान श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया और धार्मिक वातावरण में यात्रा आगे बढ़ी।
गुरुग्राम पहुंचने के बाद पवित्र कलश को श्री शीतला माता मंदिर परिसर में विधिवत स्थापित किया गया था। इसके बाद मुख्यमंत्री ने स्वयं कलश को श्रद्धापूर्वक धारण कर यात्रा को अगले चरण के लिए रवाना किया। इससे कार्यक्रम को विशेष धार्मिक और सामाजिक महत्व मिला।
आयोजन में प्रदेश के कई वरिष्ठ नेता और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। इनमें विकास एवं पंचायत तथा खान एवं भू-विज्ञान मंत्री कृष्ण लाल पंवार, उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, अनुसूचित जातियां एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री कृष्ण कुमार बेदी, सहकारिता एवं पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अर्चना गुप्ता, महामंडलेश्वर स्वामी धर्मदेव, भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष सत्यप्रकाश जरावता सहित कई विधायक और अन्य गणमान्य व्यक्ति शामिल रहे।
सोहना के विधायक तेजपाल तंवर, पटौदी की विधायक बिमला चौधरी, गुरुग्राम के विधायक मुकेश शर्मा, बवानी खेड़ा के विधायक कपूर सिंह वाल्मीकि और होडल के विधायक हरेंद्र सिंह समेत विभिन्न जिलों से आए प्रतिनिधियों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया। इसके अलावा भाजपा की प्रदेश उपाध्यक्ष बंतों कटारिया, पूर्व सांसद एवं प्रदेश उपाध्यक्ष सुनीता दुग्गल, भाजपा गुरुग्राम जिला अध्यक्ष सर्वप्रिय त्यागी, गुरुग्राम महानगर अध्यक्ष अजीत यादव, पूर्व मंत्री बनवारीलाल, पूर्व मंत्री जगदीश नैयर, गुरुग्राम मेयर राजरानी मल्होत्रा और मानेसर मेयर डॉ. इंद्रजीत यादव समेत कई अन्य नेता भी मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि गुरु रविदास जी का संदेश केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है। उनकी शिक्षाएं सामाजिक बराबरी, सम्मान, सेवा और मानव कल्याण से जुड़ी हैं। ऐसे में 650वीं जयंती के अवसर पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों का उद्देश्य समाज में आपसी दूरी कम करना और सभी वर्गों को समानता के विचार से जोड़ना भी है।
हरियाणा में अब यह कलश यात्रा 27 संगठनात्मक जिलों के विभिन्न हिस्सों में पहुंचेगी। स्थानीय स्तर पर इसके स्वागत और धार्मिक-सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। सरकार और भाजपा संगठन की कोशिश है कि अभियान में अधिक से अधिक आम लोगों को जोड़ा जाए।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि संत रविदास जी के विचारों को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना ही इस यात्रा की वास्तविक सफलता होगी। उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता केवल किसी एक वर्ग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति को भेदभाव समाप्त करने और समानता की भावना मजबूत करने में भूमिका निभानी होगी।
कुल मिलाकर गुरु रविदास जी की 650वीं जयंती के अवसर पर शुरू हुई यह कलश यात्रा अब हरियाणा में व्यापक जनसंपर्क और सामाजिक समरसता अभियान का रूप लेने जा रही है। गुरुग्राम से 27 जिलों के लिए रवाना किए गए पवित्र कलश गांवों और शहरों तक पहुंचेंगे। सरकार और आयोजकों का दावा है कि इस अभियान के माध्यम से गुरु रविदास जी के समानता, सेवा, मानवता और भाईचारे के संदेश को समाज के अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाया जाएगा और सामाजिक एकता को मजबूत करने की दिशा में प्रयास किया जाएगा।




