चंडीगढ़ के सेक्टर-17 में दौड़ेंगी रेसिंग कारें, गो कार्टिंग से मिलेगा पर्यटन को नया रोमांच

चंडीगढ़ के सेक्टर-17 में दौड़ेंगी रेसिंग कारें, गो कार्टिंग से मिलेगा पर्यटन को नया रोमांच

सिटी ब्यूटीफुल में पर्यटन गतिविधियों का होगा विस्तार, पीपीपी मॉडल पर शुरू करने की तैयारी; सारंगपुर में 25 एकड़ में बनेगा कॉन्सर्ट-कम-एग्जीबिशन सेंटर, ले कार्बूजिए सेंटर में डिजिटल म्यूजियम की भी योजना

चंडीगढ़। सिटी ब्यूटीफुल चंडीगढ़ को पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने और शहर में आने वाले पर्यटकों के लिए आकर्षण के नए केंद्र विकसित करने की दिशा में प्रशासन ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। अब शहर के प्रमुख व्यावसायिक और पर्यटन स्थल सेक्टर-17 प्लाजा में खरीदारी, खानपान और सांस्कृतिक गतिविधियों के साथ एडवेंचर का रोमांच भी देखने को मिल सकता है। प्रशासन यहां गो कार्टिंग शुरू करने की योजना पर काम कर रहा है। इसके तहत छोटी रेसिंग कारों को विशेष रूप से तैयार किए जाने वाले ट्रैक पर चलाने की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। प्रस्ताव को अमलीजामा पहनाने के लिए पर्यटन विभाग के अधिकारियों की बैठक भी हो चुकी है और तिरंगा पार्क के नजदीक संभावित स्थान की पहचान की गई है।

इस परियोजना को निजी एजेंसी के सहयोग से पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर संचालित करने का विकल्प तलाशा जा रहा है। इसके लिए संबंधित अधिकारियों की ओर से संपदा विभाग को चिह्नित जमीन पर्यटन परियोजना के लिए उपलब्ध कराने को कहा गया है। जमीन हस्तांतरित होने और प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी मिलने के बाद ट्रैक के निर्माण, उपकरणों की व्यवस्था और संचालन से संबंधित प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकती है।

प्रशासन का मानना है कि सेक्टर-17 में गो कार्टिंग जैसी गतिविधि शुरू होने से यह स्थान केवल खरीदारी और खानपान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि युवाओं, बच्चों और परिवारों के लिए मनोरंजन का एक नया केंद्र भी बन सकेगा। इससे शहर के पर्यटन अनुभव में विविधता आएगी और पर्यटकों को यहां अधिक समय बिताने का अवसर मिलेगा।

छोटी रेसिंग कारों में मिलेगा एडवेंचर का अनुभव

गो कार्टिंग मनोरंजन और मोटरस्पोर्ट से जुड़ी ऐसी गतिविधि है, जिसमें छोटी चार पहियों वाली कारों को निर्धारित ट्रैक पर चलाया जाता है। इन कारों को विशेष सुरक्षा मानकों के अनुसार तैयार किया जाता है। बच्चों और वयस्कों के लिए उनकी उम्र और सुरक्षा संबंधी पात्रता के आधार पर अलग-अलग सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं। राइड के दौरान हेलमेट और अन्य जरूरी सुरक्षा उपकरणों का इस्तेमाल अनिवार्य होता है।

देश के कई बड़े शहरों में निजी कंपनियां गो कार्टिंग का संचालन कर रही हैं। वहां लोगों से प्रति राइड लगभग 500 से 1000 रुपये तक शुल्क लिया जाता है। हालांकि चंडीगढ़ में प्रस्तावित परियोजना के लिए अभी शुल्क, राइड की अवधि, कार्ट की संख्या और संचालन की शर्तें तय नहीं हुई हैं। इन सभी पहलुओं का आकलन परियोजना की विस्तृत योजना तैयार करते समय किया जाएगा।

पीपीपी मॉडल के तहत प्रशासन जमीन और जरूरी सरकारी सुविधाएं उपलब्ध करवा सकता है, जबकि निजी एजेंसी ट्रैक निर्माण, रेसिंग कारों, तकनीकी उपकरणों, कर्मचारियों और दैनिक संचालन की जिम्मेदारी संभाल सकती है। इससे प्रशासन पर सीधे बड़े निवेश का दबाव कम होगा और निजी क्षेत्र की विशेषज्ञता का लाभ भी मिल सकेगा।

सेक्टर-17 को मनोरंजन और पर्यटन का बड़ा केंद्र बनाने की तैयारी

सेक्टर-17 प्लाजा चंडीगढ़ की पहचान से जुड़ा प्रमुख सार्वजनिक स्थल है। शहर की आधुनिक वास्तुकला और नियोजित विकास की झलक पेश करने वाले इस क्षेत्र में लंबे समय से व्यावसायिक गतिविधियां संचालित होती रही हैं। हालांकि बदलते समय के साथ प्लाजा को अधिक आकर्षक और जीवंत बनाने के लिए प्रशासन की ओर से कई नई गतिविधियां शुरू की गई हैं।

यहां म्यूजिकल फाउंटेन, एम्फीथिएटर, आकर्षक रोशनी और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की व्यवस्था की गई है। विभिन्न अवसरों पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों के माध्यम से भी प्लाजा को लोगों के बीच लोकप्रिय बनाने का प्रयास किया जा रहा है। दीपावली के अवसर पर यहां चेरी ब्लॉसम थीम पर लगभग 20 हजार डिजिटल लाइट्स से सजावट की गई थी, जिसने प्लाजा के आकर्षण को बढ़ाया।

इसके अलावा प्रोजेक्टर मैपिंग और अन्य आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल से भी सेक्टर-17 को नया स्वरूप देने पर काम हुआ है। अब गो कार्टिंग को इस गतिविधियों की श्रृंखला में शामिल करने की तैयारी है। यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो यह प्लाजा शहर के लोगों के साथ-साथ बाहर से आने वाले पर्यटकों के लिए भी एक नया आकर्षण बन सकता है।

प्रशासन की योजना है कि सेक्टर-17 को ऐसा सार्वजनिक स्थल बनाया जाए, जहां लोग दिन के साथ शाम और रात के समय भी मनोरंजन के लिए पहुंचें। इससे आसपास के कारोबार, खानपान और खुदरा व्यापार को भी फायदा मिलने की उम्मीद है।

सारंगपुर में 25 एकड़ में विकसित होगा कॉन्सर्ट-कम-एग्जीबिशन सेंटर

चंडीगढ़ में पर्यटन और मनोरंजन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए प्रशासन केवल सेक्टर-17 तक सीमित नहीं रहना चाहता। बड़े आयोजनों के लिए शहर में आधुनिक सुविधाओं वाला स्थान विकसित करने की योजना भी तैयार की गई है। इसके तहत सारंगपुर में करीब 25 एकड़ जमीन पर कॉन्सर्ट-कम-एग्जीबिशन सेंटर विकसित करने का प्रस्ताव है।

इस केंद्र में बड़े संगीत कार्यक्रमों, व्यापारिक प्रदर्शनियों, सांस्कृतिक आयोजनों और सार्वजनिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा सकेगा। फिलहाल चंडीगढ़ क्षेत्र में बड़े आयोजनों के लिए उपयुक्त और पर्याप्त क्षमता वाले स्थानों की जरूरत महसूस की जाती रही है। कई बड़े कार्यक्रमों के लिए मोहाली और पंचकूला के आयोजन स्थलों का रुख करना पड़ता है।

सारंगपुर में प्रस्तावित केंद्र विकसित होने से चंडीगढ़ को बड़े राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय आयोजनों की मेजबानी का अवसर मिल सकता है। इससे शहर में पर्यटन के साथ-साथ होटल, परिवहन, खानपान और अन्य सेवा क्षेत्रों में भी आर्थिक गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। बड़े आयोजनों के दौरान दूसरे राज्यों से आने वाले लोगों की संख्या बढ़ने से स्थानीय कारोबार को भी लाभ मिल सकता है।

ले कार्बूजिए सेंटर में डिजिटल म्यूजियम से जानेंगे शहर का इतिहास

चंडीगढ़ की पहचान उसकी आधुनिक वास्तुकला, नियोजित शहरी ढांचे और ऐतिहासिक विरासत से भी जुड़ी हुई है। इसी विरासत को पर्यटकों के सामने अधिक प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने के लिए सेक्टर-19 स्थित ले कार्बूजिए सेंटर में डिजिटल म्यूजियम विकसित करने की परियोजना पर काम किया जा रहा है।

इस परियोजना को हेरिटेज कंजर्वेशन कमेटी की मंजूरी मिल चुकी है। डिजिटल म्यूजियम में आधुनिक तकनीक के माध्यम से शहर के निर्माण, वास्तुकला, ऐतिहासिक विकास और नियोजन से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराने की योजना है। इसके जरिए पर्यटक चंडीगढ़ के विकास की कहानी को डिजिटल माध्यमों से समझ सकेंगे।

म्यूजियम में डिजिटल डिस्प्ले और तकनीकी प्रस्तुतियों के माध्यम से शहर की स्थापत्य विरासत को प्रदर्शित करने की संभावनाएं हैं। इससे विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं, वास्तुकला में रुचि रखने वाले लोगों और देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को लाभ मिल सकता है। प्रशासन का उद्देश्य चंडीगढ़ को केवल एक आधुनिक शहर के रूप में नहीं, बल्कि वास्तुकला और शहरी नियोजन के महत्वपूर्ण उदाहरण के रूप में भी प्रस्तुत करना है।

सुखना लेक और हरित क्षेत्रों को पर्यटन से जोड़ने पर जोर

शहर के प्राकृतिक पर्यटन स्थलों को भी नई योजनाओं के माध्यम से विकसित करने पर विचार किया जा रहा है। इसमें सुखना लेक और शहर के हरित क्षेत्रों को विशेष महत्व दिया गया है। सुखना लेक पहले से ही चंडीगढ़ के सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में शामिल है। यहां बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और दूसरे राज्यों से आने वाले पर्यटक पहुंचते हैं।

प्रशासन की योजना में पर्यावरण आधारित पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देना भी शामिल है। इसके तहत बोटिंग, साइकिलिंग, ट्रेकिंग और अन्य प्रकृति आधारित गतिविधियों को विकसित करने की संभावनाओं पर ध्यान दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य पर्यटकों को शहर के प्राकृतिक वातावरण से जोड़ना और हरित पर्यटन को प्रोत्साहित करना है।

ऐसी गतिविधियों को विकसित करते समय पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा को प्राथमिकता देना जरूरी होगा। सुखना लेक और आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियों का विस्तार निर्धारित पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप ही किया जा सकता है।

पहली पर्यटन नीति से निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ाने की कोशिश

चंडीगढ़ प्रशासन ने शहर के पर्यटन क्षेत्र को व्यवस्थित और व्यापक स्वरूप देने के लिए पहली पर्यटन नीति तैयार की है। इस नीति का मुख्य उद्देश्य शहर की वास्तुकला, ऐतिहासिक विरासत, प्राकृतिक स्थलों और सार्वजनिक सुविधाओं को पर्यटन के साथ जोड़ना है। साथ ही पर्यटन को रोजगार, निवेश और स्थानीय कारोबार के नए अवसरों के रूप में विकसित करने पर जोर दिया गया है।

नीति में पर्यटन से जुड़े कारोबार को प्रोत्साहित करने, निजी निवेश आकर्षित करने और परियोजनाओं के संचालन से संबंधित प्रक्रियाओं को सरल बनाने पर ध्यान दिया गया है। प्रशासन का प्रयास है कि पर्यटन क्षेत्र में निजी कंपनियों और निवेशकों की भागीदारी बढ़े, ताकि नई सुविधाओं के विकास के लिए संसाधन जुटाए जा सकें।

शहर में हर साल करीब 12 लाख पर्यटकों के आने का अनुमान है। ऐसे में प्रशासन पर्यटन स्थलों की संख्या बढ़ाने के साथ पर्यटकों के ठहरने की अवधि और खर्च को भी बढ़ाना चाहता है। इसके लिए पारंपरिक पर्यटन स्थलों के अलावा मनोरंजन, एडवेंचर, सांस्कृतिक आयोजन, डिजिटल विरासत और प्राकृतिक पर्यटन को एक साथ विकसित करने की रणनीति बनाई जा रही है।

सेक्टर-17 में गो कार्टिंग, सारंगपुर में कॉन्सर्ट-कम-एग्जीबिशन सेंटर, ले कार्बूजिए सेंटर में डिजिटल म्यूजियम और सुखना लेक के आसपास हरित पर्यटन गतिविधियों की योजनाएं इसी व्यापक प्रयास का हिस्सा हैं।

पर्यटन के साथ स्थानीय कारोबार को भी मिलेगा प्रोत्साहन

प्रशासन की इन योजनाओं का प्रभाव केवल पर्यटन स्थलों तक सीमित रहने की उम्मीद नहीं है। नए आकर्षण विकसित होने से शहर के होटल, रेस्तरां, कैफे, परिवहन, खुदरा कारोबार और अन्य सेवा क्षेत्रों में भी गतिविधियां बढ़ सकती हैं। बड़े आयोजनों और मनोरंजन सुविधाओं के कारण दूसरे राज्यों से आने वाले पर्यटकों की संख्या में इजाफा होने की संभावना है।

विशेष रूप से सेक्टर-17 में एडवेंचर गतिविधि शुरू होने से युवाओं और परिवारों के लिए एक नया विकल्प उपलब्ध हो सकता है। वहीं सारंगपुर का प्रस्तावित आयोजन केंद्र बड़े कार्यक्रमों के माध्यम से शहर को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने में मदद कर सकता है।

कुल मिलाकर चंडीगढ़ प्रशासन पर्यटन को केवल दर्शनीय स्थलों तक सीमित रखने के बजाय इसे मनोरंजन, विरासत, संस्कृति, पर्यावरण और निवेश से जोड़ने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। हालांकि इन प्रस्तावों की वास्तविक सफलता इनके समयबद्ध क्रियान्वयन, सुविधाओं की गुणवत्ता, उचित शुल्क और सुरक्षा व्यवस्था पर निर्भर करेगी। यदि योजनाएं तय रूपरेखा के अनुसार आगे बढ़ती हैं तो आने वाले समय में सिटी ब्यूटीफुल पर्यटकों के लिए पहले से अधिक विविध और आकर्षक पर्यटन अनुभव उपलब्ध कराने वाला शहर बन सकता है।