झोटा हत्याकांड पर सुखबीर बादल का ऐलान, परिवार को इंसाफ दिलाने के लिए राज्यपाल से मिलेंगे

झोटा हत्याकांड पर सुखबीर बादल का ऐलान, परिवार को इंसाफ दिलाने के लिए राज्यपाल से मिलेंगे

सीबीआई जांच शुरू होने का किया दावा; मान सरकार को बर्खास्त करने, पत्नी मनप्रीत कौर को क्लास-1 नौकरी और परिवार को दो करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग उठाएंगे

चंडीगढ़। शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने परविंदर सिंह झोटा के परिवार को इंसाफ दिलाने की लड़ाई में साथ खड़े रहने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि नशों के खिलाफ संघर्ष करने वाले झोटा की हत्या के मामले में जिम्मेदार सभी आरोपियों और उनके कथित संरक्षकों को सजा दिलाने के लिए प्रयास किए जाएंगे। सुखबीर बादल के अनुसार, मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच शुरू करवाने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखा गया था और अब जांच शुरू हो चुकी है।

सुखबीर बादल ने कहा कि वह शुक्रवार को पंजाब के राज्यपाल से मुलाकात करेंगे। इस दौरान वह आम आदमी पार्टी की सरकार को बर्खास्त करने की मांग उठाएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में नशा तस्करी को कथित तौर पर राजनीतिक संरक्षण मिल रहा है। हालांकि, ये आरोप शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष की ओर से लगाए गए हैं।

उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार और एक्शन कमेटी ने मुआवजे या सरकारी नौकरी की मांग नहीं की है, लेकिन वह अपनी ओर से राज्यपाल से परिवार को दो करोड़ रुपये मुआवजा देने और झोटा की पत्नी मनप्रीत कौर को क्लास-1 की सरकारी नौकरी देने की अपील करेंगे।

राज्यपाल के सामने उठाएंगे तीन प्रमुख मांगें

सुखबीर बादल ने झोटा हत्याकांड को लेकर राज्यपाल के सामने कई मांगें रखने की बात कही है। इनमें पंजाब सरकार को बर्खास्त करने, पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने और मनप्रीत कौर को सरकारी नौकरी उपलब्ध कराने की मांग शामिल है।

उन्होंने कहा कि वह राज्यपाल से आग्रह करेंगे कि परिवार को दो करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए। इसके साथ ही मनप्रीत कौर को क्लास-1 स्तर की सरकारी नौकरी देने की मांग भी रखी जाएगी, ताकि परिवार को आर्थिक सुरक्षा मिल सके।

अकाली दल अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि परिवार और एक्शन कमेटी की ओर से मुआवजे या नौकरी की मांग नहीं की गई है। इसके बावजूद वह अपनी ओर से ये मांगें उठाएंगे। उनके अनुसार, झोटा के परिवार को न्याय दिलाना और हत्या के मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करना जरूरी है।

राज्यपाल से प्रस्तावित मुलाकात के दौरान सुखबीर बादल सरकार की कानून-व्यवस्था और नशे के कारोबार पर नियंत्रण को लेकर भी अपना पक्ष रखेंगे। उनकी मांगों पर राज्यपाल या पंजाब सरकार की ओर से क्या प्रतिक्रिया आती है, यह आगे स्पष्ट होगा।

सीबीआई जांच को लेकर अमित शाह को लिखा था पत्र

सुखबीर बादल ने दावा किया कि परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले की सीबीआई जांच शुरू करवाने के लिए उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखा था। उनके अनुसार, अब मामले की जांच शुरू हो चुकी है।

उन्होंने कहा कि जांच का उद्देश्य हत्या के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान करना और उनके खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करना होना चाहिए। सुखबीर बादल ने आरोप लगाया कि इस मामले में केवल प्रत्यक्ष आरोपियों तक सीमित रहने के बजाय उन लोगों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए, जिन्हें वह आरोपियों का कथित संरक्षक बता रहे हैं।

हालांकि, जांच से जुड़े तथ्यों, उसकी वर्तमान स्थिति और जांच एजेंसी की ओर से सामने आए निष्कर्षों की पुष्टि संबंधित आधिकारिक जानकारी के आधार पर ही की जा सकती है। सुखबीर बादल ने अपने बयान में जांच शुरू होने का दावा किया है।

मान सरकार को बर्खास्त करने की मांग

अकाली दल अध्यक्ष ने आम आदमी पार्टी की सरकार पर निशाना साधते हुए उसे बर्खास्त करने की मांग उठाने की बात कही। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में नशा तस्करी को संरक्षण दिया जा रहा है और ऐसी स्थिति में सरकार की जवाबदेही तय होनी चाहिए।

सुखबीर बादल ने कहा कि वह राज्यपाल के सामने यह मुद्दा उठाएंगे और सरकार के खिलाफ कार्रवाई की मांग करेंगे। उनके बयान से स्पष्ट है कि अकाली दल इस मामले को केवल हत्या की जांच तक सीमित नहीं रख रहा, बल्कि इसे राज्य में नशे के कारोबार और कानून-व्यवस्था से जुड़े व्यापक मुद्दों के साथ भी जोड़ रहा है।

यह आरोप राजनीतिक विवाद का विषय है। नशा तस्करी को संरक्षण देने संबंधी आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष जांच और उपलब्ध प्रमाणों के आधार पर ही निकाला जा सकता है। फिलहाल सुखबीर बादल ने इन आरोपों के आधार पर सरकार को बर्खास्त करने की मांग करने की घोषणा की है।

झोटा की पत्नी को क्लास-1 नौकरी देने की मांग

सुखबीर बादल ने कहा कि वह परविंदर सिंह झोटा की पत्नी मनप्रीत कौर को क्लास-1 की सरकारी नौकरी देने का मुद्दा भी राज्यपाल के सामने रखेंगे। उनके अनुसार, नशों के खिलाफ संघर्ष करने वाले व्यक्ति की हत्या के बाद उसके परिवार को न्याय के साथ आर्थिक सुरक्षा मिलनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि परिवार को सहायता देने के लिए वह दो करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग भी करेंगे। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि परिवार और एक्शन कमेटी ने स्वयं मुआवजे या नौकरी की मांग नहीं की है। ये प्रस्ताव वह अपनी ओर से राज्यपाल के सामने रखेंगे।

इस मांग का उद्देश्य पीड़ित परिवार को आर्थिक सहारा उपलब्ध कराने के साथ उसके भविष्य की सुरक्षा का मुद्दा उठाना है। अब यह देखना होगा कि राज्यपाल के समक्ष रखी जाने वाली मांगों पर क्या विचार किया जाता है और सरकार की ओर से कोई कदम उठाया जाता है या नहीं।

नशे के खिलाफ संघर्ष और इंसाफ की मांग

परविंदर सिंह झोटा नशों के खिलाफ अपनी गतिविधियों के कारण जाने जाते थे। उनकी हत्या के बाद परिवार और समर्थकों की ओर से इंसाफ की मांग उठाई जा रही है। इस मामले में विभिन्न संगठनों की सक्रियता और प्रशासन के साथ बातचीत के बीच राजनीतिक नेताओं ने भी अपनी प्रतिक्रियाएं दी हैं।

झोटा के परिवार और एक्शन कमेटी की मांगों में हत्या की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई प्रमुख हैं। आंदोलन के दौरान नशे के कारोबार पर रोक लगाने और प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने का मुद्दा भी उठाया गया है।

सुखबीर बादल ने अब इस संघर्ष में साथ देने का ऐलान करते हुए मामले को राज्यपाल के समक्ष उठाने की घोषणा की है। उनका कहना है कि हत्या के लिए जिम्मेदार सभी लोगों को कानून के दायरे में लाया जाना चाहिए और पीड़ित परिवार को इंसाफ मिलना चाहिए।

जांच और सरकारी प्रतिक्रिया पर टिकी निगाहें

झोटा हत्याकांड को लेकर अब सीबीआई जांच की स्थिति, राज्यपाल से सुखबीर बादल की प्रस्तावित मुलाकात और उनके द्वारा उठाई जाने वाली मांगों पर नजर रहेगी। यदि राज्यपाल के सामने मुआवजे, सरकारी नौकरी और सरकार को बर्खास्त करने की मांगें रखी जाती हैं, तो उन पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण होगी।

फिलहाल सुखबीर बादल ने परिवार के साथ खड़े रहने और न्याय के लिए प्रयास जारी रखने की घोषणा की है। उन्होंने आरोपियों तथा उनके कथित संरक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। मामले में दोष और जिम्मेदारी का अंतिम निर्धारण जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही होगा।

इस पूरे घटनाक्रम में पीड़ित परिवार की इंसाफ की मांग केंद्र में है। जांच की प्रगति, जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई और परिवार को किसी तरह की सरकारी सहायता दिए जाने के संबंध में आगे आने वाली आधिकारिक जानकारी महत्वपूर्ण रहेगी।