तलवंडी साबो से भाजपा की ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ का चौथा चरण शुरू, शिवराज बोले- 6 महीने में तोड़ेंगे सप्लाई नेटवर्क

तलवंडी साबो से भाजपा की ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ का चौथा चरण शुरू, शिवराज बोले- 6 महीने में तोड़ेंगे सप्लाई नेटवर्क

पंजाब में नशे के मुद्दे को लेकर भारतीय जनता पार्टी की ओर से चलाए जा रहे जनसंपर्क अभियान के चौथे चरण की शुरुआत सोमवार को तलवंडी साबो से हुई। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने तख्त श्री दमदमा साहिब में माथा टेकने के बाद ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि पंजाब में नशे की समस्या से निपटने के लिए केवल नशा करने वाले युवाओं तक कार्रवाई सीमित रखने के बजाय इसके पीछे काम कर रहे पूरे तंत्र पर प्रहार करना जरूरी है।

चौहान ने कहा कि यदि पंजाब में भाजपा की सरकार बनती है तो छह महीने के भीतर नशे की सप्लाई चेन और तस्करी के नेटवर्क को तोड़ने के लिए निर्णायक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि नशे के कारोबार से अर्जित संपत्तियों पर भी कार्रवाई की जाएगी। उनके मुताबिक अभियान का उद्देश्य नशे के खिलाफ लोगों को जागरूक करने के साथ-साथ तस्करी के खिलाफ सामाजिक माहौल तैयार करना है।

तलवंडी साबो में यात्रा की शुरुआत धार्मिक कार्यक्रम के साथ हुई। तख्त श्री दमदमा साहिब में माथा टेकने के बाद चौहान ने यात्रा को रवाना किया। इसके बाद उन्होंने क्षेत्र में जनसभा को संबोधित करते हुए नशे के मुद्दे पर राज्य सरकार को घेरा और भाजपा की ओर से नशे के खिलाफ प्रस्तावित रणनीति के बारे में जानकारी दी।

सप्लाई चेन तोड़ने पर जोर

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि नशे की समस्या का समाधान केवल युवाओं को नशे से दूर रहने की अपील करने से नहीं होगा। इसके लिए उन लोगों और नेटवर्क पर कार्रवाई जरूरी है, जो नशीले पदार्थों की आपूर्ति और तस्करी में शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि नशे के कारोबार से जुड़े लोगों की पहचान, सप्लाई चेन को तोड़ना, नशे के कारोबार से आने वाले पैसे के स्रोत पर कार्रवाई और तस्करों की संपत्तियों के खिलाफ कदम उठाना अभियान का हिस्सा होना चाहिए। इसके साथ ही नशे की गिरफ्त में आए युवाओं के उपचार और पुनर्वास को भी प्राथमिकता देने की जरूरत है।

चौहान ने कहा कि नशे की वजह से केवल एक व्यक्ति प्रभावित नहीं होता, बल्कि पूरा परिवार और सामाजिक व्यवस्था इसकी चपेट में आती है। इसलिए इस समस्या से निपटने के लिए सरकार, प्रशासन और समाज को एक साथ काम करना होगा।

आप सरकार के पुराने दावे पर सवाल

केंद्रीय मंत्री ने आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि विधानसभा चुनाव से पहले नशे की समस्या को कम समय में खत्म करने के दावे किए गए थे, लेकिन राज्य में नशे को लेकर चिंता अभी भी बनी हुई है। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ कार्रवाई का आकलन केवल घोषणाओं से नहीं, बल्कि जमीन पर दिखाई देने वाले परिणामों से होना चाहिए।

उन्होंने पंजाब सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई में तस्करी के नेटवर्क और ड्रग मनी पर लगातार प्रहार की जरूरत है। उन्होंने कहा कि नशे से प्रभावित युवाओं को मुख्यधारा में वापस लाने के लिए उपचार, पुनर्वास और रोजगार के अवसरों को भी अभियान का हिस्सा बनाया जाना चाहिए।

तरुण चुग ने उठाया ‘4C’ का मुद्दा

भाजपा सांसद तरुण चुग ने भी पंजाब सरकार पर हमला बोला। उन्होंने राज्य में नशे और अपराध की स्थिति को ‘4C संकट’ के रूप में प्रस्तुत किया। उनके अनुसार इसमें चिट्टा, क्राइम, करप्शन और रंगदारी के लिए नकदी की मांग जैसे मुद्दे शामिल हैं।

चुग ने कहा कि पंजाब को केवल राजनीतिक घोषणाओं और प्रचार अभियानों की आवश्यकता नहीं है, बल्कि नशे के नेटवर्क और उससे जुड़े अपराध पर प्रभावी कार्रवाई की जरूरत है। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई को केवल किसी एक वर्ग या क्षेत्र का मुद्दा नहीं माना जा सकता। इसके लिए समाज के विभिन्न वर्गों को एकजुट होकर काम करना होगा।

उन्होंने कहा कि नशे के कारण युवाओं के भविष्य पर असर पड़ रहा है और इसका प्रभाव परिवारों तथा स्थानीय अर्थव्यवस्था तक पहुंचता है। इसलिए सरकार और राजनीतिक दलों को इस विषय पर ठोस कदमों के साथ आगे बढ़ना चाहिए।

केवल ढिल्लों ने भी सरकार को घेरा

भाजपा पंजाब अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने कहा कि राज्य में नशे की समस्या को खत्म करने के लिए केवल राजनीतिक बयानबाजी पर्याप्त नहीं है। उन्होंने कहा कि नशे की आपूर्ति करने वाले पूरे तंत्र की पहचान कर उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी होगी।

उन्होंने दावा किया कि भाजपा सत्ता में आने पर नशा तस्करी से जुड़े नेटवर्क पर कार्रवाई को प्राथमिकता देगी। उनका कहना था कि नशे के खिलाफ अभियान को केवल सरकारी कार्रवाई तक सीमित रखने के बजाय इसे जनभागीदारी से जोड़कर व्यापक सामाजिक अभियान बनाया जाना चाहिए।

ढिल्लों ने कहा कि गांवों और शहरों के स्तर पर लोगों की भागीदारी बढ़ाकर नशे के खिलाफ जागरूकता को मजबूत किया जा सकता है। उन्होंने युवाओं, अभिभावकों और सामाजिक संगठनों से भी इस लड़ाई में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।

मनप्रीत बादल ने पुनर्वास और रोजगार पर जोर दिया

भाजपा के वरिष्ठ नेता मनप्रीत सिंह बादल ने नशे के मुद्दे को पंजाब के युवाओं के भविष्य से जोड़ते हुए कहा कि समस्या का समाधान केवल तस्करों के खिलाफ कार्रवाई करने से पूरा नहीं होगा। नशे की चपेट में आ चुके युवाओं को उपचार और पुनर्वास की सुविधाएं उपलब्ध कराना भी जरूरी है।

उन्होंने कहा कि कई परिवार नशे की वजह से सामाजिक और आर्थिक परेशानियों का सामना कर रहे हैं। ऐसे परिवारों की स्थिति को समझते हुए सरकार को उपचार की व्यवस्था के साथ युवाओं के लिए शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के अवसर बढ़ाने पर भी ध्यान देना चाहिए।

मनप्रीत बादल ने पंजाब के लोगों से नशे के खिलाफ सामूहिक रूप से खड़े होने की अपील करते हुए कहा कि सामाजिक भागीदारी के बिना इस समस्या पर स्थायी नियंत्रण हासिल करना मुश्किल होगा।

117 विधानसभा क्षेत्रों तक पहुंचेगी यात्रा

भाजपा के अनुसार ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ को राज्य के सभी 117 विधानसभा क्षेत्रों तक ले जाने की योजना है। अभियान के तहत करीब चार हजार किलोमीटर की यात्रा और विभिन्न स्थानों पर जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित किए जाने प्रस्तावित हैं।

पार्टी का कहना है कि यात्रा के माध्यम से अलग-अलग क्षेत्रों में लोगों से सीधा संवाद किया जाएगा और नशे के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने के साथ स्थानीय स्तर पर लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा।

तलवंडी साबो से यात्रा शुरू होने के बाद शिवराज सिंह चौहान ने मैसरखाना में जनसभा को संबोधित किया। इसके बाद उन्होंने बठिंडा कृषि विज्ञान केंद्र में किसानों और स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के साथ संवाद किया। इस दौरान कृषि, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और सामाजिक भागीदारी से जुड़े विषयों पर भी चर्चा की गई।

धार्मिक स्थल से शुरुआत, जनसंपर्क पर जोर

यात्रा की शुरुआत तख्त श्री दमदमा साहिब में माथा टेकने के बाद किए जाने से भाजपा ने धार्मिक और सामाजिक स्तर पर अभियान की शुरुआत का संदेश दिया। इसके बाद जनसभा और विभिन्न समूहों के साथ संवाद कार्यक्रमों के जरिए अभियान को राजनीतिक और सामाजिक मुद्दे से जोड़ने की कोशिश की गई।

भाजपा नेताओं ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई में परिवारों, युवाओं, किसानों, महिलाओं और सामाजिक संगठनों की भागीदारी जरूरी है। पार्टी की ओर से तस्करी पर कार्रवाई के साथ नशे से प्रभावित लोगों के पुनर्वास और रोजगार के अवसरों को भी चर्चा का हिस्सा बनाया गया।

अब यात्रा के अगले चरण में विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। भाजपा का जोर नशे के खिलाफ अपने अभियान को गांव और शहर स्तर तक ले जाने तथा स्थानीय लोगों को इससे जोड़ने पर है। दूसरी ओर, इस अभियान के जरिए पार्टी राज्य सरकार की नशा विरोधी नीति और उसके क्रियान्वयन पर भी राजनीतिक सवाल उठा रही है।

पंजाब में नशे का मुद्दा राजनीतिक बहस का प्रमुख विषय बना हुआ है। ऐसे में भाजपा की यह यात्रा एक ओर जनजागरूकता अभियान के रूप में आगे बढ़ाई जा रही है, वहीं दूसरी ओर पार्टी इसे राज्य में अपनी राजनीतिक गतिविधियों के विस्तार से भी जोड़ रही है। यात्रा के आगामी चरणों में भाजपा की ओर से नशे की सप्लाई चेन, तस्करी से जुड़ी संपत्तियों, पुनर्वास और युवाओं के भविष्य जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाए जाने की संभावना है।