मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने दी मंजूरी, केंद्र और राज्य सरकार मिलकर उठाएंगी शेष खर्च; बिजली निगम की टीम घरों की छतों पर लगाएगी सोलर पैनल
हिसार। दीपावली के अवसर पर हरियाणा के अंत्योदय परिवारों को सस्ती सौर ऊर्जा का बड़ा लाभ मिल सकता है। राज्य सरकार ऐसे परिवारों को मात्र पांच हजार रुपये में घर की छत पर सोलर पैनल लगवाने की सुविधा देने की तैयारी कर रही है। योजना के तहत सोलर पैनल लगाने पर आने वाले शेष खर्च का वहन केंद्र और हरियाणा सरकार मिलकर करेंगी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। वित्त विभाग की स्वीकृति मिलने के बाद संबंधित फाइल नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय को भेज दी गई है।
सरकार की योजना है कि इस पहल को जल्द जमीन पर उतारकर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को राहत दी जाए। दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के प्रबंध निदेशक विक्रम सिंह के अनुसार, आगामी 25 दिन से पहले योजना को लागू करने की दिशा में काम किया जा रहा है। ऐसे में दीपावली के आसपास अंत्योदय परिवारों को इस योजना का लाभ मिलने की उम्मीद है। हालांकि, इसके क्रियान्वयन की अंतिम समयसीमा और आवेदन प्रक्रिया से संबंधित विस्तृत दिशा-निर्देश जारी होने के बाद ही पात्र परिवारों को पूरी जानकारी मिल सकेगी।
इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह होगी कि लाभार्थियों को सोलर पैनल लगवाने के लिए निजी वेंडरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। बिजली निगम की संबंधित शाखा स्वयं वेंडरों से संपर्क कर सोलर पैनल लगाने की व्यवस्था करेगी। इससे पात्र परिवारों को आवेदन से लेकर स्थापना तक की प्रक्रिया में सहायता मिलने की उम्मीद है।
सिर्फ पांच हजार रुपये जमा कराने होंगे
प्रस्तावित व्यवस्था के तहत अंत्योदय परिवारों को सोलर पैनल लगवाने के लिए पांच हजार रुपये की राशि जमा करानी होगी। यह राशि टोकन के रूप में ली जाएगी और गैर-वापसी योग्य होगी। इसके बाद बिजली निगम की विशेष टीम संबंधित परिवार के घर की छत पर सोलर पैनल लगाने की प्रक्रिया पूरी करेगी।
योजना का उद्देश्य उन परिवारों तक रूफटॉप सोलर सुविधा पहुंचाना है, जो आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण शुरुआती खर्च का इंतजाम नहीं कर पाते। सामान्य तौर पर सोलर पैनल लगाने के लिए उपभोक्ता को आवेदन, वेंडर का चयन, स्थापना और अन्य औपचारिकताओं से गुजरना पड़ता है। प्रस्तावित योजना में बिजली निगम की सक्रिय भागीदारी से इन प्रक्रियाओं को सरल बनाने का प्रयास किया जाएगा।
सरकारी व्यवस्था के अनुसार, दस्तावेजों की जांच और अन्य औपचारिकताएं पूरी होने के बाद संबंधित उपमंडल अधिकारी (एसडीओ) और कार्यकारी अभियंता (एक्सईएन) की जिम्मेदारी होगी कि पात्र परिवार को प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत लाभ दिलाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाए। इससे योजना के क्रियान्वयन में अधिकारियों की जवाबदेही भी तय होगी।
पोर्टल पर दस्तावेज अपलोड करने होंगे
योजना का लाभ लेने के इच्छुक अंत्योदय परिवारों को अपने जरूरी दस्तावेज निर्धारित पोर्टल पर अपलोड करने होंगे। आवेदन जमा होने के बाद बिजली निगम के संबंधित अधिकारी उसकी निगरानी करेंगे। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आवेदन किस चरण में है, दस्तावेजों की जांच पूरी हुई है या नहीं और सोलर पैनल लगाने की प्रक्रिया में कितना समय लग सकता है।
पोर्टल के माध्यम से आवेदन की स्थिति पर नजर रखे जाने से लंबित मामलों की पहचान करने में भी मदद मिल सकती है। यदि किसी आवेदन में दस्तावेजों की कमी या अन्य औपचारिकता अधूरी रहती है, तो उसे समय रहते पूरा कराने का प्रयास किया जा सकेगा। इससे लाभार्थियों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिलने की उम्मीद है।
सरकार की मंशा है कि योजना का लाभ पात्र परिवारों तक व्यवस्थित तरीके से पहुंचे। इसके लिए बिजली निगम की संबंधित शाखाएं आवेदन की निगरानी करने के साथ-साथ सोलर पैनल लगाने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाएंगी। हालांकि, पात्रता, दस्तावेजों और आवेदन से जुड़ी अंतिम शर्तों की पुष्टि आधिकारिक दिशा-निर्देश जारी होने के बाद होगी।
हिसार में 8,150 उपभोक्ता उठा चुके हैं लाभ
प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत हिसार जिले में अब तक 8,150 उपभोक्ता लाभ उठा चुके हैं। जिले में इस योजना के लिए साढ़े 13 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, इनमें से साढ़े पांच हजार से अधिक आवेदन लंबित हैं, जबकि लगभग 13,200 उपभोक्ता वेंडरों का चयन कर चुके हैं।
ये आंकड़े बताते हैं कि जिले में घरेलू स्तर पर सौर ऊर्जा अपनाने को लेकर लोगों की रुचि है। हालांकि, प्राप्त आवेदनों और वास्तव में लाभ हासिल करने वाले उपभोक्ताओं की संख्या में अंतर यह भी दर्शाता है कि आवेदन से लेकर सोलर पैनल की स्थापना तक की प्रक्रिया को गति देने की जरूरत है।
हिसार प्रथम डिविजन में करीब 4,400 उपभोक्ताओं ने योजना का लाभ उठाया है, जबकि हिसार द्वितीय डिविजन में यह संख्या लगभग 3,100 है। शेष लाभार्थी जिले के अन्य संबंधित क्षेत्रों से हैं। अंत्योदय परिवारों के लिए प्रस्तावित विशेष व्यवस्था लागू होने पर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को भी रूफटॉप सोलर सुविधा तक पहुंच बनाने में मदद मिल सकती है।
बिजली निगम की ओर से वेंडर चयन और स्थापना प्रक्रिया में सहायता देने की व्यवस्था का उद्देश्य भी यही है कि पात्र उपभोक्ताओं को तकनीकी और प्रशासनिक औपचारिकताओं के कारण अनावश्यक परेशानी न हो।
क्या है प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना?
प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना केंद्र सरकार की प्रमुख योजना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे 15 फरवरी 2024 को शुरू किया था। इसके तहत देशभर में एक करोड़ घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाने का लक्ष्य रखा गया है। योजना का उद्देश्य घरेलू उपभोक्ताओं को सौर ऊर्जा के इस्तेमाल के लिए प्रोत्साहित करना और बिजली खर्च में राहत देना है।
योजना के अंतर्गत पात्र परिवार अपने घर की छत पर रूफटॉप सोलर सिस्टम लगवा सकते हैं। निर्धारित क्षमता के अनुसार केंद्र सरकार की ओर से सब्सिडी दी जाती है। उपलब्ध प्रावधानों के मुताबिक, एक किलोवाट क्षमता के सोलर पैनल पर 30 हजार रुपये, दो किलोवाट पर 60 हजार रुपये और तीन किलोवाट या उससे अधिक क्षमता वाले सिस्टम पर अधिकतम 78 हजार रुपये की सब्सिडी का प्रावधान है।
योजना के तहत घरों को हर महीने 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। वास्तविक लाभ सोलर सिस्टम की क्षमता, बिजली उत्पादन, घरेलू खपत और लागू नियमों पर निर्भर करता है। सौर ऊर्जा का उपयोग बढ़ने से बिजली बिल में कमी आने के साथ पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता घटाने में भी मदद मिल सकती है।
हरियाणा में अंत्योदय परिवारों के लिए प्रस्तावित विशेष व्यवस्था इसी योजना का लाभ कम शुरुआती लागत पर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। यदि परिवारों को केवल पांच हजार रुपये देकर सोलर पैनल लगवाने का अवसर मिलता है, तो इससे उन घरों के लिए भी सौर ऊर्जा अपनाना आसान हो सकता है, जिनके लिए एकमुश्त बड़ी राशि खर्च करना संभव नहीं है।
किन परिवारों को मिल सकता है लाभ?
अंत्योदय की अवधारणा समाज के आर्थिक और सामाजिक रूप से कमजोर वर्गों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर केंद्रित है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, प्रस्तावित योजना में ऐसे परिवारों को प्राथमिकता देने की बात है, जो निर्धारित आय और अन्य पात्रता मानकों के अंतर्गत आते हैं।
इनमें वार्षिक आय 1.80 लाख रुपये से कम वाले परिवारों के साथ भूमिहीन परिवारों और विशेष रूप से पिछड़े जनजातीय समुदायों के लोगों को शामिल किए जाने का उल्लेख है। इसके अतिरिक्त विधवाओं, बुजुर्गों, दिव्यांगजनों, असंगठित क्षेत्र में दैनिक मजदूरी करने वालों तथा पारंपरिक ग्रामीण कारीगरों जैसे कुम्हार, बढ़ई, बुनकर और लोहार परिवारों का भी उल्लेख किया गया है।
हालांकि, इन श्रेणियों में आने वाला हर परिवार स्वतः पात्र होगा, ऐसा मानना उचित नहीं होगा। अंतिम पात्रता संबंधित सरकारी आदेशों, अंत्योदय परिवार की मान्यता और योजना के आधिकारिक नियमों के अनुसार तय होगी। इसलिए इच्छुक परिवारों को आवेदन करने से पहले जारी होने वाले दिशा-निर्देशों की जानकारी लेना जरूरी होगा।
बिजली खर्च में राहत की उम्मीद
हरियाणा सरकार की इस पहल का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सौर ऊर्जा की सुविधा उपलब्ध कराना है। रूफटॉप सोलर सिस्टम लगने से घरों में बिजली उत्पादन का एक वैकल्पिक स्रोत तैयार होगा। इससे बिजली की खपत और सिस्टम से होने वाले उत्पादन के अनुसार उपभोक्ताओं के बिल में राहत मिल सकती है।
कम शुरुआती लागत, बिजली निगम की ओर से स्थापना में सहायता और पोर्टल पर आवेदन की निगरानी जैसी व्यवस्थाएं योजना को लाभार्थियों के लिए अधिक सुलभ बना सकती हैं। साथ ही, इससे राज्य में स्वच्छ ऊर्जा के इस्तेमाल को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।
दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के प्रबंध निदेशक विक्रम सिंह के अनुसार, मुख्यमंत्री की मंजूरी और वित्त विभाग की स्वीकृति के बाद फाइल नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय को भेज दी गई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अगले 25 दिन से पहले योजना को लागू किया जा सकेगा।
अब योजना के अंतिम दिशा-निर्देश और क्रियान्वयन की औपचारिकताओं पर नजर रहेगी। यदि निर्धारित समयसीमा में इसे लागू किया जाता है, तो दीपावली के आसपास हरियाणा के पात्र अंत्योदय परिवारों को केवल पांच हजार रुपये में घर की छत पर सोलर पैनल लगवाने का अवसर मिल सकता है। इससे उन्हें स्वच्छ ऊर्जा का लाभ मिलने के साथ बिजली खर्च कम करने में भी सहायता मिलने की उम्मीद है।




