नशे के खिलाफ ‘आप’ यूथ विंग का अभियान, मोहाली में 9 अगस्त को मैराथन

नशे के खिलाफ ‘आप’ यूथ विंग का अभियान, मोहाली में 9 अगस्त को मैराथन

मोहाली। पंजाब में युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, खेल गतिविधियों से जोड़ने और नशे जैसी सामाजिक बुराई से दूर रखने के उद्देश्य से आम आदमी पार्टी (आप) के यूथ विंग ने राज्य स्तर पर एक नई पहल शुरू करने का ऐलान किया है। इस अभियान की पहली कड़ी के तौर पर 9 अगस्त को मोहाली में 5.5 किलोमीटर की मैराथन आयोजित की जाएगी। दौड़ की शुरुआत श्री अंब साहिब गुरुद्वारे से होगी और आयोजकों को उम्मीद है कि इसमें पंजाब के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में युवा हिस्सा लेंगे।

आयोजकों के अनुसार, यह आयोजन केवल एक मैराथन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि युवाओं के बीच फिटनेस, खेल और नशा विरोधी जागरूकता को बढ़ाने के लिए चलाए जाने वाले व्यापक अभियान की शुरुआत होगी। आने वाले महीनों में इसी तरह की गतिविधियों को पंजाब के दूसरे जिलों तक ले जाने की योजना है। अभियान का मुख्य संदेश यही रहेगा कि युवा अपनी ऊर्जा सकारात्मक गतिविधियों में लगाएं और खेलों को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं।

इस संबंध में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पंजाब यूथ डेवलपमेंट बोर्ड के चेयरमैन परमिंदर गोल्डी, आप पंजाब यूथ विंग के अध्यक्ष एवं विधायक मनजिंदर सिंह लालपुरा और यूथ विंग के उपाध्यक्ष वीर दविंदर सिंह बल्लां ने अभियान की जानकारी साझा की। नेताओं ने कहा कि पंजाब की युवा आबादी प्रदेश की सबसे बड़ी ताकत है और उसे सही दिशा देने के लिए खेल तथा स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियों को बढ़ावा देना जरूरी है।

परमिंदर गोल्डी ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में युवाओं का कल्याण और खेलों का विकास लगातार शामिल रहा है। उन्होंने दावा किया कि पंजाब के अलग-अलग हिस्सों में 3,100 से अधिक खेल मैदान तैयार किए गए हैं। इसके अलावा युवाओं के लिए इनडोर और आउटडोर जिम जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में गांवों में खेल किट उपलब्ध कराने की दिशा में भी काम किया जाएगा, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को अभ्यास और खेल गतिविधियों के लिए आवश्यक संसाधन मिल सकें।

उन्होंने कहा कि खेल सुविधाओं का विस्तार केवल खिलाड़ियों को तैयार करने के लिए नहीं, बल्कि समाज में स्वस्थ वातावरण बनाने के लिए भी महत्वपूर्ण है। यदि युवाओं को अपने गांव और मोहल्ले के स्तर पर खेलने के लिए मैदान, जिम और अन्य सुविधाएं मिलेंगी तो वे अपना खाली समय सकारात्मक गतिविधियों में लगा सकेंगे। इससे फिटनेस को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ युवाओं को नशे और अन्य गलत आदतों से दूर रखने में भी मदद मिल सकती है।

परमिंदर गोल्डी ने बताया कि यूथ विंग की ओर से पंजाब के गांवों में 21 सदस्यीय क्लब भी बनाए गए हैं। इन क्लबों को युवाओं और स्थानीय समुदाय के बीच संपर्क का माध्यम बनाने की कोशिश की जा रही है। उनका कहना है कि इन क्लबों के जरिए सरकारी योजनाओं और जनहित से जुड़े मुद्दों को जमीनी स्तर तक पहुंचाने के साथ-साथ युवाओं को सामुदायिक और खेल गतिविधियों से जोड़ने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।

मैराथन को लेकर युवाओं से विशेष अपील करते हुए परमिंदर गोल्डी ने कहा कि जो युवा इस आयोजन का हिस्सा बनना चाहते हैं, वे आयोजकों की ओर से उपलब्ध कराए गए ऑनलाइन पंजीकरण लिंक के माध्यम से अपना रजिस्ट्रेशन कराएं। उनका कहना है कि अधिक से अधिक युवाओं की भागीदारी इस अभियान के उद्देश्य को मजबूती देगी।

उन्होंने यह भी संकेत दिया कि मोहाली में होने वाली पहली मैराथन के बाद अभियान को अन्य जिलों में विस्तार दिया जाएगा। यानी आने वाले समय में पंजाब के अलग-अलग शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में फिटनेस रन, खेल गतिविधियां और युवाओं को जागरूक करने वाले कार्यक्रम आयोजित किए जा सकते हैं।

विधायक मनजिंदर सिंह लालपुरा ने कहा कि शारीरिक सक्रियता का असर केवल शरीर तक सीमित नहीं रहता। नियमित व्यायाम और खेल गतिविधियों से मानसिक स्वास्थ्य बेहतर होता है, आत्मविश्वास बढ़ता है और व्यक्ति में अनुशासन विकसित होता है। उन्होंने कहा कि यदि पंजाब के युवा फिट और मानसिक रूप से मजबूत होंगे तो प्रदेश के विकास में उनकी भूमिका भी अधिक प्रभावी होगी।

लालपुरा ने युवाओं से अपील की कि वे मोबाइल और अन्य डिजिटल गतिविधियों में जरूरत से ज्यादा समय बिताने के बजाय खेल मैदानों में समय बढ़ाएं। उनका कहना है कि खेल युवाओं को टीम भावना, प्रतिस्पर्धा और मेहनत का महत्व सिखाते हैं। इसके साथ ही नियमित खेल गतिविधियां युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में इस्तेमाल करने में मदद करती हैं।

उन्होंने कहा कि नशे से लड़ाई केवल कानून या प्रशासन के स्तर पर नहीं जीती जा सकती। इसके लिए समाज के हर वर्ग और खासकर युवाओं की भागीदारी जरूरी है। जब युवाओं को खेल, शिक्षा, रोजगार और रचनात्मक गतिविधियों के पर्याप्त अवसर मिलेंगे तो उन्हें नशे जैसी बुराइयों से दूर रखने का आधार मजबूत होगा।

लालपुरा ने गांवों में खेल सुविधाओं के विकास के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का आभार जताया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण इलाकों में स्टेडियम, खेल मैदान और जिम जैसी सुविधाओं का विस्तार युवाओं को स्थानीय स्तर पर अपनी प्रतिभा विकसित करने का अवसर दे रहा है। उनका कहना है कि पंजाब के कई गांवों में प्रतिभाशाली युवा मौजूद हैं, लेकिन पहले उन्हें पर्याप्त संसाधन और मंच नहीं मिल पाता था।

यूथ विंग की इस पहल को राजनीतिक कार्यक्रम के बजाय सामाजिक और स्वास्थ्य जागरूकता अभियान के रूप में पेश किया गया है। आयोजकों का कहना है कि मैराथन का मुख्य उद्देश्य युवाओं को दौड़, फिटनेस और खेलों से जोड़ना है। इसके माध्यम से नशे के खिलाफ सकारात्मक संदेश भी दिया जाएगा।

5.5 किलोमीटर की दूरी को ध्यान में रखते हुए इस आयोजन में विभिन्न आयु वर्ग के युवाओं के भाग लेने की उम्मीद जताई जा रही है। आयोजकों का प्रयास रहेगा कि मैराथन के दौरान प्रतिभागियों के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध रहें और पूरा आयोजन व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो।

मोहाली में होने वाली दौड़ के लिए श्री अंब साहिब गुरुद्वारा से शुरुआत तय की गई है। धार्मिक स्थल से शुरू होने वाले इस आयोजन के जरिए सामाजिक एकता और सकारात्मक संदेश को भी सामने लाने का प्रयास किया जा रहा है। आयोजकों के मुताबिक, यह कार्यक्रम युवाओं को स्वस्थ रहने के साथ-साथ समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझने के लिए प्रेरित करेगा।

पंजाब में नशे का मुद्दा लंबे समय से सामाजिक और राजनीतिक चर्चा का हिस्सा रहा है। ऐसे में युवाओं को खेलों से जोड़ने की कोशिश को नशे के खिलाफ व्यापक अभियान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। खेल गतिविधियां युवाओं को नियमित दिनचर्या, अनुशासन और लक्ष्य आधारित जीवनशैली अपनाने में मदद करती हैं।

आयोजकों ने कहा कि उनका लक्ष्य केवल एक दिन के कार्यक्रम तक सीमित नहीं है। मोहाली की मैराथन को अभियान की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। इसके बाद दूसरे जिलों में इसी तरह की गतिविधियां आयोजित कर अधिक से अधिक युवाओं को जोड़ा जाएगा। इसके लिए स्थानीय स्तर पर यूथ क्लबों और खेल संगठनों की मदद लेने की भी योजना है।

गांवों में गठित 21 सदस्यीय क्लब इस अभियान को जमीनी स्तर पर आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इन क्लबों के जरिए स्थानीय युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने और खेल गतिविधियों को नियमित बनाने का प्रयास किया जा सकता है। साथ ही गांवों में उपलब्ध खेल सुविधाओं का बेहतर इस्तेमाल करने के लिए युवाओं को प्रेरित किया जाएगा।

परमिंदर गोल्डी ने कहा कि पंजाब को स्वस्थ और प्रगतिशील बनाने के लिए युवाओं की भागीदारी जरूरी है। उन्होंने कहा कि राज्य में प्रतिभाशाली युवाओं की कोई कमी नहीं है। जरूरत उन्हें अवसर और उचित मंच देने की है। खेल मैदानों और फिटनेस गतिविधियों का विस्तार इसी दिशा में उठाया जा रहा कदम है।

वहीं, मनजिंदर सिंह लालपुरा ने कहा कि फिटनेस को किसी विशेष वर्ग तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। हर युवा को अपनी दिनचर्या में शारीरिक गतिविधियों को शामिल करना चाहिए। उन्होंने कहा कि दौड़, साइकिलिंग, कबड्डी, हॉकी, क्रिकेट या अन्य खेलों के जरिए युवा अपनी शारीरिक और मानसिक क्षमता को बेहतर बना सकते हैं।

यूथ विंग की ओर से यह भी संकेत दिया गया है कि भविष्य में अभियान के तहत केवल मैराथन ही नहीं, बल्कि विभिन्न खेल प्रतियोगिताएं और फिटनेस से जुड़े कार्यक्रम भी आयोजित किए जा सकते हैं। इसका उद्देश्य युवाओं को लगातार सक्रिय रखना और खेलों को जीवनशैली का हिस्सा बनाना है।

आयोजकों को उम्मीद है कि 9 अगस्त को मोहाली में होने वाली मैराथन में बड़ी संख्या में युवा शामिल होकर नशे के खिलाफ एक सकारात्मक संदेश देंगे। इस आयोजन के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की जाएगी कि युवा अपनी ऊर्जा और समय को स्वास्थ्य, खेल, शिक्षा और करियर निर्माण में लगाए।

पंजाब के गांवों में खेल बुनियादी ढांचे के विस्तार के दावों के बीच इस तरह के कार्यक्रमों से यह भी पता चलेगा कि स्थानीय स्तर पर युवा इन सुविधाओं का कितना उपयोग कर रहे हैं। यदि खेल मैदानों और जिमों को नियमित गतिविधियों का केंद्र बनाया जाता है तो उनका लाभ लंबे समय तक युवाओं तक पहुंच सकता है।

कुल मिलाकर, 9 अगस्त को मोहाली में प्रस्तावित 5.5 किलोमीटर की मैराथन को पंजाब में युवाओं के लिए फिटनेस और नशा विरोधी अभियान की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। श्री अंब साहिब गुरुद्वारे से शुरू होने वाली इस दौड़ में हजारों युवाओं के शामिल होने की उम्मीद है। आम आदमी पार्टी के यूथ विंग का कहना है कि मोहाली के बाद अभियान को राज्य के अन्य हिस्सों में ले जाया जाएगा। अब देखना होगा कि यह पहल कितनी बड़ी युवा भागीदारी जुटाती है और खेलों के जरिए नशे के खिलाफ जागरूकता पैदा करने के अभियान को जमीनी स्तर पर कितना विस्तार मिलता है।