पंजाब सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में खेल सुविधाओं के विस्तार की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मंगलवार को पटियाला जिले के गांव देधना से राज्य के विभिन्न जिलों में तैयार किए गए 509 से अधिक आधुनिक ग्रामीण खेल मैदानों का उद्घाटन किया। इन नए मैदानों के साथ अब तक प्रदेश के युवाओं को समर्पित किए जा चुके ग्रामीण खेल मैदानों की कुल संख्या 734 हो गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य गांवों में केवल खेल मैदान तैयार करना नहीं, बल्कि जमीनी स्तर से पंजाब में एक मजबूत खेल संस्कृति विकसित करना है। आधुनिक सुविधाओं से लैस इन मैदानों से ग्रामीण युवाओं को बेहतर अभ्यास और प्रशिक्षण का अवसर मिलेगा। साथ ही, युवाओं को नशे से दूर रखकर खेलों के साथ जोड़ने के अभियान को भी मजबूती मिलेगी।
भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब सरकार ने वर्ष 2026 को खेलों और खिलाड़ियों को समर्पित किया है। इसी दिशा में इस वर्ष खेल क्षेत्र के लिए 1,744 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। इसमें ग्रामीण खेल मैदानों के निर्माण के लिए करीब 1,500 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। सरकार का लक्ष्य प्रदेश के अलग-अलग गांवों में कुल 3,100 आधुनिक खेल मैदान विकसित करना है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि ग्रामीण खेल मैदानों की यह योजना चरणबद्ध तरीके से लागू की जा रही है। पहले चरण में 255 मैदान लोगों को समर्पित किए जा चुके हैं, जबकि दूसरे चरण में 509 नए मैदानों का उद्घाटन किया गया है। इन 509 मैदानों में लुधियाना के 43, मानसा के 41, संगरूर के 36, बठिंडा और पटियाला के 34-34, श्री मुक्तसर साहिब के 33 और अमृतसर के 32 मैदान शामिल हैं। बाकी मैदान राज्य के अन्य जिलों के गांवों में तैयार किए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों में बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध होने से स्थानीय स्तर पर छिपी प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। ऐसे बच्चों और युवाओं को अब अभ्यास के लिए दूर शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। गांव में ही गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं मिलने से वे अपनी प्रतिभा को निखार सकेंगे और आगे चलकर राज्य तथा देश का नाम रोशन कर सकेंगे।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण खेल मैदान सरकार के ‘नशों के खिलाफ युद्ध’ में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देने और उन्हें रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने के लिए खेल सबसे प्रभावी माध्यमों में से एक है। सरकार का प्रयास है कि गांवों में युवाओं के पास खेल, व्यायाम और अन्य शारीरिक गतिविधियों के पर्याप्त विकल्प उपलब्ध हों, ताकि वे नशे जैसी बुराइयों से दूर रहकर स्वस्थ जीवन की ओर बढ़ें।
इन खेल मैदानों में फुटबॉल, वॉलीबॉल, क्रिकेट और अन्य लोकप्रिय खेलों के लिए सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। मैदानों में फुटबॉल गोलपोस्ट, वॉलीबॉल पोल, बच्चों के लिए झूले और अन्य आवश्यक सुविधाएं स्थापित की गई हैं। रात के समय भी खेल गतिविधियां जारी रखने के लिए हाई-मास्ट लाइटें लगाई जा रही हैं। इसके साथ वॉकिंग ट्रैक, फुटलाइट, मजबूत जालियों की बाड़ और अन्य आधुनिक सुविधाएं भी विकसित की जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक गांव की स्थानीय पसंद को ध्यान में रखते हुए खिलाड़ियों को खेल सामग्री उपलब्ध करवाई जाएगी। जिस गांव में क्रिकेट अधिक लोकप्रिय होगा, वहां क्रिकेट किट उपलब्ध करवाई जाएगी, जबकि अन्य गांवों में लोकप्रिय खेलों के अनुसार आवश्यक उपकरण मुहैया करवाए जाएंगे। इससे ग्रामीण खिलाड़ियों को अपने पसंदीदा खेल में बेहतर अभ्यास का अवसर मिलेगा।
सरकार की योजना इन मैदानों को केवल युवाओं तक सीमित रखने की नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों और बुजुर्गों के लिए भी विभिन्न खेल एवं मनोरंजक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी, ताकि शारीरिक गतिविधियां समाज के हर वर्ग की दिनचर्या का हिस्सा बनें। उन्होंने कहा कि ये मैदान गांवों में स्वस्थ जीवनशैली, आपसी सद्भाव और सामाजिक एकता को बढ़ावा देने वाले केंद्र बन सकते हैं।
भगवंत सिंह मान ने कहा कि यदि किसी बच्चे को पढ़ाई के लिए अच्छा स्कूल और शारीरिक विकास के लिए उपयुक्त खेल मैदान मिल जाए तो वह भविष्य में विश्व स्तर पर अपने गांव, पंजाब और देश का नाम रोशन कर सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा और खेल दोनों क्षेत्रों में आधुनिक बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करवाने की दिशा में काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में 6,000 जिम स्थापित करने का काम भी तेजी से चल रहा है। इनमें से 500 ग्रामीण जिम का उद्घाटन पहले ही किया जा चुका है। सरकार का उद्देश्य गांवों में खेल मैदानों और जिम के माध्यम से ऐसा माहौल तैयार करना है, जहां युवा नियमित रूप से व्यायाम और खेल गतिविधियों में हिस्सा लें।
उन्होंने कहा कि पंजाब में खिलाड़ियों को केवल खेल सुविधाएं ही नहीं, बल्कि प्रतियोगिताओं और प्रशिक्षण की तैयारी के लिए आर्थिक सहायता भी दी जा रही है। वर्ष 2023 में नई खेल नीति लागू करने के बाद खेल बजट में बढ़ोतरी की गई है। वर्ष 2022 से अब तक 40,415 खिलाड़ियों को करीब 135 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि वितरित की जा चुकी है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि ओलंपिक की तैयारी करने वाले खिलाड़ियों को 15 लाख रुपये तक तथा एशियाई और राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारी के लिए 8 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जा रही है। इसके अलावा 85 खिलाड़ियों को महाराजा रणजीत सिंह पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पंजाब का नाम रोशन करने वाले 11 खिलाड़ियों को पीसीएस और डीएसपी अधिकारी के पद पर नियुक्ति भी दी गई है।
भगवंत सिंह मान ने बताया कि ‘खेडां वतन पंजाब दियां’ का चौथा संस्करण 5 सितंबर से बठिंडा में शुरू होगा। इस बार करीब 10 लाख खिलाड़ियों के प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य प्रदेश के हर वर्ग और हर आयु के लोगों को खेलों से जोड़ना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब पहली बार हॉकी एशियन चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी करने जा रहा है। इसके मुकाबले अक्टूबर-नवंबर के दौरान जालंधर और मोहाली में खेले जाएंगे। इससे पंजाब के खेल प्रेमियों को अपनी धरती पर देश और दुनिया के शीर्ष हॉकी खिलाड़ियों को खेलते देखने का अवसर मिलेगा।
उन्होंने बताया कि पंजाब में आईपीएल की तर्ज पर टी-20 क्रिकेट लीग भी आयोजित की जा रही है। यह प्रतियोगिता 30 अगस्त से 13 सितंबर तक मोहाली स्थित पीसीए स्टेडियम में खेली जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह के बड़े आयोजनों से राज्य में खेलों के प्रति रुचि बढ़ेगी और युवा खिलाड़ियों को उच्च स्तर की प्रतियोगिताओं को करीब से देखने तथा उनसे प्रेरणा लेने का अवसर मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब की खेल विरासत बेहद समृद्ध रही है और राज्य ने देश को अनेक राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी दिए हैं। सरकार का प्रयास है कि इस परंपरा को आगे बढ़ाते हुए नई पीढ़ी को आधुनिक सुविधाओं और बेहतर प्रशिक्षण के अवसर दिए जाएं।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य पंजाब में एक मजबूत खेल इकोसिस्टम तैयार करना है, जिसमें गांव स्तर पर बुनियादी ढांचे से लेकर खिलाड़ियों के प्रशिक्षण, आर्थिक सहायता और उच्च स्तरीय प्रतियोगिताओं तक सभी पहलुओं को शामिल किया जाए। ग्रामीण खेल मैदानों और जिमों का विस्तार इसी व्यापक योजना का हिस्सा है।
भगवंत सिंह मान ने कहा कि सरकार चाहती है कि पंजाब के किसी भी गांव में रहने वाला प्रतिभाशाली बच्चा संसाधनों की कमी के कारण अपने सपनों से पीछे न हटे। गांवों में विश्व स्तरीय खेल सुविधाएं उपलब्ध करवाकर सरकार ऐसे खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का मंच देना चाहती है, जो आने वाले समय में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पंजाब का गौरव बढ़ा सकें।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री तरुनप्रीत सिंह सौंद, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह सहित अन्य अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।




