पंजाब में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)-2026 की प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। राज्य में एसआईआर का 99.21 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। प्रदेश के 117 विधानसभा क्षेत्रों में से 55 विधानसभा क्षेत्रों में पुनरीक्षण से जुड़ी पूरी प्रक्रिया 100 प्रतिशत पूरी कर ली गई है। इसके साथ ही राज्य के आठ जिलों में भी एसआईआर का पूरा काम समाप्त हो चुका है। शेष विधानसभा क्षेत्रों और जिलों में लंबित कार्य को जल्द पूरा करने के लिए चुनाव मशीनरी लगातार जुटी हुई है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी पंजाब अनिंदिता मित्रा ने बताया कि एसआईआर प्रक्रिया के तहत मतदाता सूचियों को अद्यतन करने और प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम सूची में सुनिश्चित करने का काम निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आगे बढ़ रहा है। जिन क्षेत्रों में कुछ मामले अभी लंबित हैं, वहां चुनाव अधिकारियों को उन्हें जल्द निपटाने के निर्देश दिए गए हैं।
अधिकारी के अनुसार, एसआईआर का काम 100 प्रतिशत पूरा करने वाले जिलों में मोगा, शहीद भगत सिंह नगर, मानसा, तरनतारन, फरीदकोट, संगरूर, पटियाला और मलेरकोटला शामिल हैं। इन जिलों में पुनरीक्षण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब शेष क्षेत्रों में लंबित कार्य को पूरा करने पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।
55 विधानसभा क्षेत्रों में पूरा हुआ पुनरीक्षण
पंजाब में कुल 117 विधानसभा क्षेत्र हैं। इनमें से 55 विधानसभा क्षेत्रों में एसआईआर की पूरी प्रक्रिया शत-प्रतिशत पूरी कर ली गई है। बाकी विधानसभा क्षेत्रों में भी प्रक्रिया अंतिम चरण में है। चुनाव विभाग की ओर से लंबित मामलों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत निपटाने के लिए अधिकारियों और बूथ स्तर पर तैनात कर्मचारियों के माध्यम से कार्रवाई की जा रही है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि राज्य चुनाव मशीनरी का उद्देश्य केवल पुनरीक्षण प्रक्रिया को पूरा करना नहीं, बल्कि यह भी सुनिश्चित करना है कि कोई पात्र मतदाता मतदाता सूची में नाम दर्ज होने से वंचित न रहे। इसके लिए लंबित मामलों की अलग-अलग स्तर पर समीक्षा की जा रही है।
एसआईआर के दौरान जिन मतदाताओं के मामलों में नोटिस जारी किए गए हैं, उनमें आवश्यक सुनवाई और दस्तावेज संबंधी प्रक्रिया पूरी कराई जा रही है। विभाग ने ऐसे मतदाताओं को राहत देने के लिए घर पर ही आवश्यक प्रक्रिया पूरी कराने की व्यवस्था की है।
अब मतदाताओं को ईआरओ कार्यालय जाने की जरूरत नहीं
मुख्य निर्वाचन अधिकारी अनिंदिता मित्रा ने बताया कि मतदाताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए चुनाव विभाग ने कई स्तरों पर व्यवस्था की है। जिन मामलों में नोटिस जारी हो चुके हैं और संबंधित मतदाता की सुनवाई या आवश्यक दस्तावेज जमा करवाने की प्रक्रिया अभी बाकी है, ऐसे मामलों में बूथ लेवल अधिकारी यानी बीएलओ स्वयं मतदाताओं से संपर्क करेंगे।
मतदाताओं को आवश्यक दस्तावेज जमा करवाने या संबंधित जानकारी देने के लिए चुनाव रजिस्ट्रेशन अधिकारी यानी ईआरओ के कार्यालय बुलाने के बजाय बीएलओ उनके घर जाकर दस्तावेज और जानकारी एकत्र करेंगे। इससे उन मतदाताओं को विशेष सुविधा मिलेगी, जिन्हें किसी कारण से कार्यालय तक पहुंचने में परेशानी हो सकती है।
चुनाव विभाग के अनुसार, इस व्यवस्था का उद्देश्य प्रक्रिया को अधिक सुगम बनाना और मतदाताओं पर अनावश्यक प्रशासनिक बोझ नहीं डालना है। बीएलओ संबंधित मतदाता से संपर्क कर आवश्यक दस्तावेज हासिल करेंगे और प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में सहायता करेंगे।
पात्र मतदाता का नाम सूची में शामिल करना प्राथमिकता
एसआईआर प्रक्रिया के दौरान चुनाव विभाग का मुख्य जोर मतदाता सूची को अद्यतन करने के साथ पात्र नागरिकों के नाम सुनिश्चित करने पर है। अनिंदिता मित्रा ने कहा कि प्रत्येक पात्र मतदाता का नाम मतदाता सूची में शामिल हो, यह सुनिश्चित करने के लिए चुनाव मशीनरी लगातार काम कर रही है।
मतदाता सूची के पुनरीक्षण का उद्देश्य सूची में दर्ज जानकारी को अद्यतन करना और पात्र मतदाताओं से संबंधित रिकॉर्ड को निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप दुरुस्त करना है। इसी क्रम में लंबित मामलों में मतदाताओं से आवश्यक जानकारी और दस्तावेज लिए जा रहे हैं।
जिन विधानसभा क्षेत्रों में अभी कुछ मामले बाकी हैं, वहां संबंधित चुनाव अधिकारियों को प्रक्रिया जल्द पूरी करने के लिए सक्रिय किया गया है। जिला स्तर पर भी लंबित कार्य की निगरानी की जा रही है।
सप्ताहांत में लगाए जाएंगे विशेष शिविर
जिन विधानसभा क्षेत्रों में एसआईआर से संबंधित कुछ कार्य अभी पूरा नहीं हुआ है, वहां मतदाताओं की सुविधा के लिए आगामी सप्ताहांत विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों के माध्यम से मतदाता पुनरीक्षण से जुड़े अपने मामलों के संबंध में आवश्यक जानकारी हासिल कर सकेंगे और जहां जरूरी होगा, संबंधित दस्तावेज उपलब्ध करा सकेंगे।
चुनाव विभाग का प्रयास है कि शेष कार्य को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा किया जाए। इसके लिए स्थानीय स्तर पर मतदाताओं को जानकारी देने के साथ-साथ उन्हें प्रक्रिया में सहयोग करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
विशेष शिविरों के अलावा मतदाता सूची से जुड़े सवालों और समस्याओं के समाधान के लिए पूरे पंजाब में जिला निर्वाचन अधिकारियों और चुनाव रजिस्ट्रेशन अधिकारियों के कार्यालयों में हेल्प डेस्क स्थापित किए गए हैं। मतदाता इन हेल्प डेस्क के माध्यम से अपने मामलों से जुड़ी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
आठ जिलों में 100 प्रतिशत काम पूरा
पंजाब में आठ जिलों ने एसआईआर का 100 प्रतिशत काम पूरा कर लिया है। इनमें मोगा, शहीद भगत सिंह नगर, मानसा, तरनतारन, फरीदकोट, संगरूर, पटियाला और मलेरकोटला शामिल हैं।
इन जिलों में प्रक्रिया पूरी होने के बाद चुनाव मशीनरी का ध्यान अब उन जिलों और विधानसभा क्षेत्रों पर है, जहां कुछ मामले अभी लंबित हैं। अधिकारियों को इन मामलों की समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई जल्द पूरी करने के लिए कहा गया है।
99.21 प्रतिशत काम पूरा होने के बाद राज्य स्तर पर एसआईआर प्रक्रिया लगभग अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। शेष कार्य में मुख्य रूप से लंबित मामलों की सुनवाई, आवश्यक दस्तावेज प्राप्त करना और संबंधित रिकॉर्ड को निर्धारित प्रक्रिया के तहत अंतिम रूप देना शामिल है।
बीएलओ करेंगे मतदाताओं से सीधा संपर्क
एसआईआर प्रक्रिया के अंतिम चरण में बीएलओ की भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी। जिन मतदाताओं के मामले अभी दस्तावेज या सुनवाई के स्तर पर लंबित हैं, उनसे बीएलओ संपर्क करेंगे। इसके लिए मतदाताओं को बार-बार चुनाव कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं होगी।
बीएलओ घर जाकर संबंधित मतदाता से आवश्यक जानकारी प्राप्त करेंगे और दस्तावेज एकत्र करेंगे। इससे चुनाव विभाग को लंबित मामलों को निपटाने में सुविधा होगी और मतदाताओं के लिए भी प्रक्रिया आसान बनेगी।
चुनाव विभाग की ओर से मतदाताओं से आग्रह किया गया है कि जब बीएलओ संपर्क करें तो उन्हें आवश्यक जानकारी और दस्तावेज उपलब्ध करवाने में सहयोग करें। इससे संबंधित मामलों का निपटारा जल्द किया जा सकेगा।
हेल्प डेस्क से मिलेगी जानकारी
मतदाता सूची से संबंधित किसी भी सवाल या समस्या के लिए जिला निर्वाचन अधिकारियों और ईआरओ कार्यालयों में हेल्प डेस्क बनाए गए हैं। इन केंद्रों के माध्यम से मतदाता अपने नाम, पुनरीक्षण प्रक्रिया और लंबित मामलों से संबंधित जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
चुनाव विभाग का कहना है कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान मतदाताओं की सुविधा और पारदर्शिता को प्राथमिकता दी जा रही है। इसी उद्देश्य से कार्यालयों में हेल्प डेस्क, क्षेत्रवार विशेष शिविर और घर जाकर दस्तावेज एकत्र करने की व्यवस्था की गई है।
चुनाव मशीनरी के साथ समन्वय पर जोर
मुख्य निर्वाचन अधिकारी अनिंदिता मित्रा ने कहा कि उनका कार्यालय पूरी चुनाव मशीनरी के साथ लगातार समन्वय कर रहा है, ताकि एसआईआर की प्रक्रिया सुचारू, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरी की जा सके। जिला निर्वाचन अधिकारियों, ईआरओ और बीएलओ स्तर पर लंबित मामलों की निगरानी की जा रही है।
उन्होंने कहा कि प्रक्रिया के अंतिम चरण में जिन विधानसभा क्षेत्रों में काम बाकी है, वहां विशेष ध्यान दिया जा रहा है। चुनाव मशीनरी का प्रयास है कि सभी पात्र मतदाताओं से संबंधित मामलों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत निपटाया जाए।
उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वे बीएलओ और अन्य चुनाव अधिकारियों को आवश्यक सहयोग दें। यदि किसी मतदाता से दस्तावेज या अन्य जानकारी मांगी जाती है तो उसे समय पर उपलब्ध कराया जाए, ताकि एसआईआर की प्रक्रिया को पूरा करने में अनावश्यक देरी न हो।
पंजाब में 99.21 प्रतिशत एसआईआर कार्य पूरा होने और 55 विधानसभा क्षेत्रों तथा आठ जिलों में शत-प्रतिशत प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब चुनाव विभाग का ध्यान शेष मामलों के निपटारे पर है। घर-घर दस्तावेज एकत्र करने, सप्ताहांत में विशेष शिविर लगाने और हेल्प डेस्क के माध्यम से सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था के साथ चुनाव मशीनरी राज्य में मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण की प्रक्रिया को अंतिम रूप देने में जुटी है।




