बिजली कर्मचारियों की हड़ताल पर AAP सरकार की अपील, अमन अरोड़ा बोले- किसानों और आम जनता को राहत देने के लिए तुरंत बहाल करें सेवाएं

बिजली कर्मचारियों की हड़ताल पर AAP सरकार की अपील, अमन अरोड़ा बोले- किसानों और आम जनता को राहत देने के लिए तुरंत बहाल करें सेवाएं

पंजाब में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल को लेकर राज्य सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच जारी गतिरोध के बीच आम आदमी पार्टी सरकार ने एक बार फिर कर्मचारियों से काम पर लौटने की अपील की है। पंजाब आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा कि वर्तमान समय में धान की रोपाई का सीजन चल रहा है और ऐसे में बिजली आपूर्ति प्रभावित होने से किसानों के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो रही है। उन्होंने कहा कि सरकार कर्मचारियों की मांगों को लेकर गंभीर है और बातचीत के माध्यम से समाधान निकालने के लिए पूरी तरह तैयार है।

अमन अरोड़ा ने कहा कि पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) के कर्मचारी 21 जुलाई से हड़ताल पर हैं, जिसका सीधा असर बिजली सेवाओं पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि इस समय किसान खेतों में धान की रोपाई के महत्वपूर्ण चरण में हैं और सिंचाई के लिए बिजली की निर्बाध आपूर्ति बेहद जरूरी है। बिजली बाधित होने से किसानों को फसल की देखभाल में परेशानी हो रही है और उनकी मेहनत प्रभावित हो रही है।

उन्होंने कहा कि बिजली केवल खेती के लिए ही नहीं, बल्कि आम जनजीवन की सबसे जरूरी सेवाओं में से एक है। बिजली कटौती या आपूर्ति में बाधा आने से घरेलू उपभोक्ताओं, व्यापारियों, छोटे उद्योगों और आम नागरिकों को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसी भी वर्ग को परेशान करना नहीं, बल्कि सभी पक्षों के हितों को ध्यान में रखते हुए समाधान निकालना है।

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि भगवंत मान सरकार कर्मचारियों की समस्याओं और मांगों को लेकर हमेशा संवेदनशील रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने अपने कार्यकाल में कर्मचारियों के हित में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। विभिन्न विभागों में बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार दिया गया, लंबे समय से लंबित कई मांगों को पूरा किया गया और कर्मचारियों के सेवा संबंधी मामलों का समाधान करने की दिशा में कदम उठाए गए हैं।

उन्होंने कहा कि पीएसपीसीएल कर्मचारियों की भी कई मांगों पर सरकार पहले ही सकारात्मक कार्रवाई कर चुकी है। बाकी मांगों के समाधान के लिए कर्मचारी संगठनों की सहमति से उच्चस्तरीय कमेटी का गठन किया गया है। इस कमेटी का उद्देश्य कर्मचारियों की सभी मांगों का अध्ययन कर व्यवहारिक और उचित समाधान निकालना है।

अमन अरोड़ा ने बताया कि करीब 20 से 25 दिन पहले गठित इस कमेटी में वित्त विभाग, बिजली विभाग और कार्मिक विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ कर्मचारी यूनियनों के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने कर्मचारियों को बातचीत का पूरा अवसर दिया है और समिति लगातार सभी मुद्दों पर चर्चा कर रही है।

उन्होंने कहा कि सरकार का रुख बिल्कुल स्पष्ट है कि जो भी मांगें उचित और संभव होंगी, उन पर सकारात्मक फैसला लिया जाएगा। उन्होंने कर्मचारियों को भरोसा दिलाया कि कमेटी की सिफारिशों को गंभीरता से लिया जाएगा और जनहित को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि जब सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच बातचीत की प्रक्रिया पहले से जारी है, ऐसे में हड़ताल का रास्ता अपनाने से सबसे अधिक नुकसान आम जनता को उठाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि किसी भी आंदोलन का उद्देश्य समाधान होना चाहिए, न कि जनता को परेशान करना।

उन्होंने कर्मचारी यूनियनों से अपील की कि वे पंजाब के किसानों और आम लोगों की परेशानियों को ध्यान में रखते हुए तुरंत काम पर लौटें। उन्होंने कहा कि सरकार के दरवाजे बातचीत के लिए हमेशा खुले हैं और सभी मुद्दों का समाधान बातचीत के जरिए ही निकाला जा सकता है।

अमन अरोड़ा ने कहा कि सरकार और कर्मचारी दोनों जनता की सेवा के लिए जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की अपनी समस्याएं हो सकती हैं, लेकिन आम नागरिकों को परेशानी में डालकर किसी भी मांग को मनवाना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार कर्मचारियों की भावनाओं का सम्मान करती है, लेकिन जनता के हितों की रक्षा करना भी उसकी प्राथमिक जिम्मेदारी है।

उन्होंने अपने ग्रामीण दौरे का जिक्र करते हुए कहा कि हाल ही में उनकी मुलाकात एक ऐसे किसान से हुई जो तीन एकड़ पट्टे की जमीन पर खेती करता है। किसान ने बताया कि बिजली आपूर्ति प्रभावित होने से उसे खेतों की सिंचाई में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अमन अरोड़ा ने कहा कि ऐसे मेहनतकश किसानों की परेशानियों को समझना जरूरी है।

उन्होंने कहा कि पंजाब के किसान देश की खाद्य सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। धान की रोपाई के इस समय में किसी भी तरह की बाधा किसानों की मेहनत और आर्थिक स्थिति पर असर डाल सकती है। इसलिए सभी पक्षों को मिलकर यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कृषि गतिविधियां प्रभावित न हों।

उन्होंने कहा कि बिजली व्यवस्था में किसी भी तरह की बाधा का असर केवल खेतों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उद्योगों, व्यापार और दैनिक जीवन पर भी पड़ता है। इसलिए जल्द से जल्द सामान्य स्थिति बहाल करना जरूरी है।

अमन अरोड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान स्वयं इस पूरे मामले की लगातार निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा और बिजली मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ कर्मचारी संगठनों के संपर्क में हैं और दोनों पक्षों के बीच बातचीत के माध्यम से समाधान निकालने के प्रयास लगातार जारी हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार किसी भी तरह के टकराव में विश्वास नहीं रखती। सरकार चाहती है कि कर्मचारियों की समस्याओं का सम्मानपूर्वक समाधान निकले और साथ ही पंजाब के लोगों को निर्बाध बिजली सेवाएं मिलती रहें।

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने हमेशा कर्मचारियों और जनता के बीच संतुलन बनाने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता पंजाब के विकास, किसानों के हितों और आम नागरिकों की सुविधा को सुनिश्चित करना है।

उन्होंने उम्मीद जताई कि कर्मचारी संगठन भी राज्य की मौजूदा परिस्थितियों को समझेंगे और जनहित को देखते हुए जल्द सकारात्मक फैसला लेंगे। उन्होंने कहा कि बातचीत और सहयोग के माध्यम से हर समस्या का समाधान संभव है।

अमन अरोड़ा ने दोहराया कि भगवंत मान सरकार कर्मचारियों की जायज मांगों को लेकर गंभीर है और किसी भी उचित मुद्दे को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। लेकिन साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों और आम जनता को परेशानी में डालना किसी भी स्थिति में उचित नहीं है।

उन्होंने कहा कि पंजाब की जनता, किसान और कर्मचारी सभी राज्य की प्रगति के महत्वपूर्ण हिस्से हैं। इसलिए सभी को मिलकर ऐसी व्यवस्था बनानी होगी जिसमें कर्मचारियों के अधिकार भी सुरक्षित रहें और आम लोगों को भी किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।