शिअद ने तेज की युवाओं को साधने की कवायद, 20 जिलों में नई कमान; यूथ कोर कमेटी में 11 सदस्य जोड़े

शिअद ने तेज की युवाओं को साधने की कवायद, 20 जिलों में नई कमान; यूथ कोर कमेटी में 11 सदस्य जोड़े

शिरोमणि अकाली दल ने अपने संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने और युवा कार्यकर्ताओं को पार्टी की जिम्मेदारियों में आगे लाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। पार्टी अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने यूथ अकाली दल के संगठनात्मक ढांचे में विस्तार करते हुए कोर कमेटी में 11 नए चेहरों को शामिल किया है। इसके साथ ही पार्टी ने यूथ विंग के लिए 20 जिला अध्यक्षों की नियुक्ति भी कर दी है।

पार्टी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं सचिव डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने मंगलवार को चंडीगढ़ स्थित शिरोमणि अकाली दल के मुख्यालय में इन नियुक्तियों की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि पार्टी अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने यूथ अकाली दल के अध्यक्ष सरबजीत सिंह झिंजर के साथ विचार-विमर्श के बाद नई नियुक्तियों को मंजूरी दी है। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि संगठन में युवाओं की भागीदारी बढ़ने से आगामी राजनीतिक चुनौतियों के लिए जमीनी स्तर पर संगठन को अधिक सक्रिय बनाया जा सकेगा।

यूथ अकाली दल की कोर कमेटी में शामिल किए गए 11 नए सदस्यों में लवप्रीत सिंह लप्पी ईनाखेड़ा, हरमन सिंह खोटे, विपनदीप सिंह सनी, दविंदरपाल सिंह सिद्धू, अमनदीप सिंह घग्गा, हरविंदर सिंह जोगीपुर, प्रिंस तुंग नाभा, आकाशदीप सिंह भट्ठल, मलकीत सिंह चीमा, सुखबीर सिंह सोखी और सहज सिंह मक्कड़ शामिल हैं।

पार्टी ने इन नियुक्तियों के जरिए यूथ विंग के केंद्रीय संगठनात्मक ढांचे को और व्यापक बनाने की कोशिश की है। नई कोर कमेटी में शामिल किए गए नेताओं को अलग-अलग क्षेत्रों में युवाओं के बीच पार्टी की गतिविधियों को बढ़ाने, संगठन से नए कार्यकर्ताओं को जोड़ने और स्थानीय स्तर पर पार्टी के कार्यक्रमों को मजबूत करने की जिम्मेदारी मिलने की उम्मीद है।

इसके साथ ही शिरोमणि अकाली दल ने यूथ विंग के लिए 20 जिलों में नए अध्यक्षों की घोषणा की है। पार्टी ने जिला स्तर पर ऐसे नेताओं को जिम्मेदारी देने की कोशिश की है, जिनकी स्थानीय क्षेत्र में सक्रियता है और जो युवा कार्यकर्ताओं को संगठित करने में भूमिका निभा सकते हैं।

बठिंडा देहाती की जिम्मेदारी कमलदीप सिंह को सौंपी गई है, जबकि बरनाला देहाती में रणदीप सिंह ढिल्लवां को जिला अध्यक्ष बनाया गया है। फरीदकोट में रविंदर सिंह बब्बल और फिरोजपुर देहाती में एडवोकेट चित्तवीर सिंह जीरा को यूथ अकाली दल की कमान दी गई है। जालंधर शहरी-1 का अध्यक्ष अमृतवीर सिंह को नियुक्त किया गया है।

जालंधर शहरी-2 में गगनदीप सिंह गग्गी को जिम्मेदारी मिली है। जालंधर देहाती-1 की कमान अवतार सिंह निझ्जर को दी गई है। कपूरथला देहाती में कुलदीप सिंह टांडी और कपूरथला शहरी में तनवीर सिंह रंधावा को जिला अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। लुधियाना देहाती की जिम्मेदारी बलकरण सिंह बाजवा को सौंपी गई है।

पार्टी ने पुलिस जिला खन्ना के लिए हरमनदीप सिंह रिक्की अजनौद को यूथ अकाली दल का जिला अध्यक्ष बनाया है। श्री मुक्तसर साहिब में नवजिंदर सिंह मान को जिम्मेदारी दी गई है। मोगा शहरी में देव आशीष मलिक और मोगा देहाती में हरजोत सिंह डेमरू को संगठन की कमान सौंपी गई है।

मोहाली में भी यूथ विंग के संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने के लिए अलग-अलग इकाइयों में नियुक्तियां की गई हैं। मोहाली देहाती-1 के अध्यक्ष के रूप में तनवीर सिंह पूनिया और मोहाली देहाती-2 के लिए जसपाल सिंह लक्की मावी को चुना गया है। मोहाली शहरी यानी कॉरपोरेशन क्षेत्र की जिम्मेदारी एडवोकेट सुखबीर सिंह गिल को दी गई है।

पटियाला शहरी में कर्णवीर सिंह साहनी को जिला अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। पटियाला देहाती की जिम्मेदारी अमृतपाल सिंह लंग को सौंपी गई है, जबकि शहीद भगत सिंह नगर में चरणजीत सिंह भड़ौली यूथ अकाली दल के जिला अध्यक्ष होंगे।

इन नियुक्तियों के जरिए पार्टी ने कई प्रमुख जिलों में युवा संगठन को नई दिशा देने का प्रयास किया है। अकाली दल के लिए यूथ विंग लंबे समय से संगठन की महत्वपूर्ण इकाई रहा है। पंजाब की राजनीति में युवाओं की भूमिका को देखते हुए पार्टी अब जिला स्तर पर यूथ विंग की गतिविधियों को अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दे रही है।

नई नियुक्तियों के बाद जिला अध्यक्षों की जिम्मेदारी केवल संगठनात्मक बैठकों तक सीमित नहीं रहेगी। उन्हें स्थानीय स्तर पर युवा कार्यकर्ताओं के साथ संपर्क बढ़ाने, नए सदस्यों को पार्टी से जोड़ने, युवाओं से जुड़े मुद्दों को राजनीतिक मंच पर उठाने और पार्टी के कार्यक्रमों को गांवों तथा शहरों तक पहुंचाने की भूमिका निभानी होगी।

शिअद नेतृत्व की ओर से संगठन में युवा चेहरों को स्थान देने का फैसला ऐसे समय में आया है जब पंजाब में राजनीतिक दल आगामी चुनावी चुनौतियों के लिए अपने संगठन को मजबूत करने में जुटे हैं। युवा मतदाताओं की संख्या और चुनावी राजनीति में उनकी बढ़ती भूमिका को देखते हुए सभी दलों के लिए यूथ विंग को सक्रिय रखना महत्वपूर्ण हो गया है।

अकाली दल की नई नियुक्तियों को भी इसी रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। पार्टी के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपने पारंपरिक संगठनात्मक आधार को मजबूत करने के साथ-साथ नई पीढ़ी के मतदाताओं और कार्यकर्ताओं के बीच अपनी राजनीतिक मौजूदगी बढ़ाने की है। इसके लिए जिला स्तर पर सक्रिय और स्थानीय नेतृत्व वाले युवा चेहरों को जिम्मेदारी देना पार्टी की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि मजबूत जिला संगठन के बिना किसी भी राजनीतिक दल के लिए बड़े स्तर पर अभियान चलाना मुश्किल होता है। इसलिए यूथ विंग के जिला अध्यक्षों की नियुक्ति को संगठन विस्तार की प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। नई टीम को आने वाले समय में पार्टी की गतिविधियों को गांव-गांव और बूथ स्तर तक ले जाने की जिम्मेदारी भी दी जा सकती है।

यूथ अकाली दल के कोर कमेटी में 11 नए सदस्यों को शामिल करने का फैसला भी संगठन के भीतर जिम्मेदारियों के विस्तार की ओर संकेत करता है। कोर कमेटी पार्टी की युवा गतिविधियों के लिए रणनीति तैयार करने और जिला इकाइयों के बीच समन्वय स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

पार्टी अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल और यूथ विंग अध्यक्ष सरबजीत सिंह झिंजर के बीच विचार-विमर्श के बाद नियुक्तियां किए जाने से यह भी स्पष्ट है कि पार्टी नेतृत्व युवा संगठन को लेकर सक्रियता बढ़ाना चाहता है। आने वाले दिनों में इन नई नियुक्तियों के बाद जिला स्तर पर बैठकों और कार्यक्रमों का सिलसिला बढ़ने की संभावना है।

अकाली दल के लिए यह संगठनात्मक विस्तार इसलिए भी अहम है क्योंकि पंजाब में राजनीतिक मुकाबला लगातार बहुआयामी होता जा रहा है। आम आदमी पार्टी, कांग्रेस और भाजपा समेत विभिन्न दल अपने-अपने स्तर पर संगठन को मजबूत करने में लगे हैं। ऐसे में शिअद के लिए अपने कैडर को सक्रिय रखना और युवा कार्यकर्ताओं को राजनीतिक गतिविधियों में आगे लाना महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

20 जिलों में नई नियुक्तियों से पार्टी को स्थानीय स्तर पर नेतृत्व की नई टीम तैयार करने का अवसर मिलेगा। खासकर उन क्षेत्रों में जहां लंबे समय से संगठन को अधिक सक्रियता की जरूरत महसूस की जा रही थी, वहां नए जिला अध्यक्षों से कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर तालमेल और नियमित गतिविधियों की उम्मीद की जा रही है।

पार्टी नेतृत्व की ओर से किए गए इस विस्तार का अगला असर जमीनी स्तर पर देखने को मिलेगा। नई टीम कितनी तेजी से कार्यकर्ताओं को संगठित करती है, युवाओं से जुड़े मुद्दों को कितना प्रभावी ढंग से उठाती है और पार्टी के कार्यक्रमों को जनता तक किस स्तर तक पहुंचाती है, यह आने वाले समय में महत्वपूर्ण रहेगा।

फिलहाल, यूथ अकाली दल की कोर कमेटी में 11 नए सदस्यों को शामिल करने और 20 जिलों में अध्यक्ष नियुक्त करने के फैसले से शिरोमणि अकाली दल ने अपने युवा संगठन को लेकर अपनी प्राथमिकता स्पष्ट कर दी है। पार्टी अब नए चेहरों के सहारे जिला स्तर पर संगठन को गति देने और युवा कार्यकर्ताओं की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ती दिखाई दे रही है।