महिलाओं की हड्डियों को कमजोर कर रही कैल्शियम की कमी, डाइट में इन चीजों को शामिल कर मजबूत बनाएं शरीर

महिलाओं की हड्डियों को कमजोर कर रही कैल्शियम की कमी, डाइट में इन चीजों को शामिल कर मजबूत बनाएं शरीर

कैल्शियम हमारे शरीर के लिए बेहद जरूरी पोषक तत्वों में से एक है। यह सिर्फ हड्डियों और दांतों को मजबूत रखने का काम नहीं करता, बल्कि मांसपेशियों की कार्यक्षमता, नसों के सही संचालन और शरीर की कई अहम प्रक्रियाओं में भी इसकी बड़ी भूमिका होती है। बावजूद इसके बड़ी संख्या में महिलाएं कैल्शियम की कमी से जूझ रही हैं। कई बार इसके लक्षण शुरुआत में नजर नहीं आते और धीरे-धीरे यह समस्या हड्डियों को कमजोर करने लगती है। इसी वजह से कैल्शियम की कमी को महिलाओं के लिए एक तरह का ‘साइलेंट किलर’ भी कहा जाता है।

महिलाओं में कैल्शियम की कमी का खतरा पुरुषों की तुलना में ज्यादा देखा जाता है। इसके पीछे कई कारण जिम्मेदार हो सकते हैं। खासकर गर्भावस्था, स्तनपान, बढ़ती उम्र, मेनोपॉज के दौरान होने वाले हार्मोनल बदलाव, विटामिन डी की कमी और पोषण से भरपूर डाइट न लेना इसकी बड़ी वजह बन सकते हैं। अगर लंबे समय तक शरीर को पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम नहीं मिलता है तो हड्डियों का घनत्व कम होने लगता है और ऑस्टियोपोरोसिस जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है।

शरीर को रोजाना कितने कैल्शियम की जरूरत होती है?

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार हर उम्र के व्यक्ति के लिए कैल्शियम की जरूरत अलग-अलग हो सकती है। आमतौर पर 19 से 50 साल तक की उम्र के लोगों को रोजाना करीब 1000 मिलीग्राम कैल्शियम की आवश्यकता होती है। वहीं उम्र बढ़ने के साथ शरीर की जरूरत भी बदल जाती है और अधिक उम्र के लोगों को लगभग 1000 से 1200 मिलीग्राम तक कैल्शियम की जरूरत पड़ सकती है।

महिलाओं के लिए खासतौर पर यह जरूरी है कि वे अपनी डाइट में ऐसे खाद्य पदार्थों को शामिल करें जिनसे शरीर को पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम मिल सके। क्योंकि शरीर खुद कैल्शियम का निर्माण नहीं करता, इसलिए इसकी पूर्ति भोजन और सही पोषण के जरिए करनी पड़ती है।

दूध और डेयरी चीजें हड्डियों के लिए फायदेमंद

कैल्शियम की कमी को पूरा करने के लिए सबसे आसान और प्रभावी तरीकों में से एक है डेयरी प्रोडक्ट्स का सेवन। दूध, दही, पनीर और अन्य डेयरी चीजों में भरपूर मात्रा में कैल्शियम पाया जाता है।

रोजाना अपनी डाइट में एक गिलास दूध, एक कटोरी दही या पनीर को शामिल किया जा सकता है। ये न सिर्फ कैल्शियम देते हैं बल्कि शरीर को प्रोटीन और अन्य जरूरी पोषक तत्व भी प्रदान करते हैं। खासतौर पर उन महिलाओं के लिए ये ज्यादा फायदेमंद हो सकते हैं जिनकी डाइट में पोषण की कमी रहती है।

हरी पत्तेदार सब्जियां भी हैं कैल्शियम का अच्छा स्रोत

कई लोगों को लगता है कि कैल्शियम सिर्फ दूध से मिलता है, लेकिन ऐसा नहीं है। कई हरी पत्तेदार सब्जियां भी कैल्शियम से भरपूर होती हैं। पालक, मेथी, सरसों का साग और अन्य हरी सब्जियां शरीर को जरूरी मिनरल्स देने में मदद कर सकती हैं।

इन सब्जियों में सिर्फ कैल्शियम ही नहीं बल्कि आयरन, फाइबर और कई तरह के विटामिन भी पाए जाते हैं। इन्हें रोजाना अलग-अलग तरीकों से डाइट का हिस्सा बनाया जा सकता है। कभी सब्जी के रूप में, कभी सूप में या फिर सलाद के तौर पर इनका सेवन किया जा सकता है।

छोटे बीजों में छिपा है बड़ा फायदा

सीड्स यानी बीज आकार में छोटे जरूर होते हैं, लेकिन पोषण के मामले में काफी फायदेमंद होते हैं। इनमें कैल्शियम के साथ-साथ प्रोटीन, हेल्दी फैट और कई जरूरी पोषक तत्व मौजूद होते हैं।

तिल और चिया सीड्स को कैल्शियम के अच्छे स्रोतों में गिना जाता है। इन्हें सुबह के नाश्ते में स्मूदी, शेक या दही के साथ लिया जा सकता है। वहीं शाम के समय हल्की भूख लगने पर भी इन्हें स्नैक की तरह खाया जा सकता है।

अंजीर से भी मिल सकती है कैल्शियम की पूर्ति

अंजीर एक ऐसा ड्राई फ्रूट है जो कई पोषक तत्वों से भरपूर होता है। इसमें कैल्शियम के अलावा पोटेशियम और विटामिन-के भी पाया जाता है, जो हड्डियों की सेहत के लिए उपयोगी माने जाते हैं।

कई लोग अंजीर को रातभर भिगोकर सुबह खाते हैं या फिर दूध के साथ इसका सेवन करते हैं। इसके अलावा इसे सलाद, स्मूदी या स्नैक के रूप में भी डाइट में शामिल किया जा सकता है। नियमित मात्रा में इसका सेवन शरीर को जरूरी पोषण देने में मदद कर सकता है।

सोया प्रोडक्ट्स को बनाएं डाइट का हिस्सा

जो लोग दूध या डेयरी चीजों का सेवन कम करते हैं, उनके लिए सोया प्रोडक्ट्स एक अच्छा विकल्प हो सकते हैं। सोयाबीन, टोफू और कैल्शियम से भरपूर फोर्टिफाइड सोया प्रोडक्ट्स शरीर को कैल्शियम देने में मदद कर सकते हैं।

टोफू को सब्जी, सलाद या अन्य व्यंजनों में शामिल किया जा सकता है। वहीं सोयाबीन भी प्रोटीन और मिनरल्स का अच्छा स्रोत माना जाता है। खासकर प्लांट बेस्ड डाइट लेने वाले लोगों के लिए यह फायदेमंद विकल्प हो सकता है।

सिर्फ कैल्शियम नहीं, विटामिन डी भी है जरूरी

कई बार लोग कैल्शियम से भरपूर खाना तो खाते हैं, लेकिन फिर भी शरीर में इसकी कमी बनी रहती है। इसका एक कारण विटामिन डी की कमी हो सकती है। दरअसल विटामिन डी शरीर में कैल्शियम को सही तरीके से अवशोषित करने में मदद करता है।

इसलिए डाइट में कैल्शियम वाले खाद्य पदार्थों के साथ विटामिन डी की पूर्ति भी जरूरी है। धूप लेना विटामिन डी का प्राकृतिक स्रोत माना जाता है। इसके अलावा अंडे की जर्दी, कुछ मछलियां और विटामिन डी से भरपूर खाद्य पदार्थ भी मददगार हो सकते हैं।

महिलाओं को इन बातों का भी रखना चाहिए ध्यान

कैल्शियम की कमी को दूर करने के लिए सिर्फ एक-दो चीजें खाने से फायदा नहीं होगा। इसके लिए पूरी डाइट को संतुलित बनाना जरूरी है। पर्याप्त प्रोटीन, विटामिन और मिनरल्स वाली डाइट शरीर को लंबे समय तक स्वस्थ रखने में मदद करती है।

इसके अलावा नियमित एक्सरसाइज, खासकर वजन उठाने वाली एक्सरसाइज और वॉकिंग जैसी गतिविधियां भी हड्डियों को मजबूत बनाए रखने में सहायक हो सकती हैं। लंबे समय तक कमजोरी, हड्डियों में दर्द या बार-बार फ्रैक्चर जैसी समस्या हो तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

महिलाओं के लिए कैल्शियम की कमी को नजरअंदाज करना भविष्य में बड़ी परेशानी का कारण बन सकता है। सही खानपान और जीवनशैली में बदलाव करके इस कमी को काफी हद तक रोका जा सकता है और हड्डियों को लंबे समय तक मजबूत रखा जा सकता है।