चंडीगढ़ में कांग्रेस का भाजपा पर बड़ा हमला: सुप्रिया श्रीनेत ने राम मंदिर ट्रस्ट, पारदर्शिता और पंजाब की राजनीति पर उठाए कई सवाल

चंडीगढ़ में कांग्रेस का भाजपा पर बड़ा हमला: सुप्रिया श्रीनेत ने राम मंदिर ट्रस्ट, पारदर्शिता और पंजाब की राजनीति पर उठाए कई सवाल

कांग्रेस ने अयोध्या स्थित राम जन्मभूमि से जुड़े मुद्दों को लेकर भारतीय जनता पार्टी और राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। चंडीगढ़ में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने मंदिर ट्रस्ट की कार्यप्रणाली, वित्तीय पारदर्शिता, सुरक्षा व्यवस्था और राजनीतिक हस्तक्षेप जैसे कई मुद्दों पर सवाल उठाए। साथ ही उन्होंने पंजाब कांग्रेस की आंतरिक स्थिति, आगामी विधानसभा चुनाव और फिल्म ‘सतलुज’ विवाद पर भी पार्टी का पक्ष रखा।

प्रेस वार्ता में पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष राजा वड़िंग भी मौजूद रहे। इस दौरान कांग्रेस ने खुद को आस्था और संविधान दोनों का सम्मान करने वाली पार्टी बताते हुए भाजपा पर धार्मिक मुद्दों का राजनीतिक लाभ उठाने का आरोप लगाया।

राम मंदिर ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर कांग्रेस के सवाल

सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि अयोध्या में भगवान राम से जुड़ी किसी भी प्रकार की कथित वित्तीय अनियमितता केवल आर्थिक मामला नहीं है, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं से जुड़ा विषय है। उनका कहना था कि यदि किसी धार्मिक संस्थान में धन के उपयोग को लेकर सवाल उठते हैं, तो उनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जवाबदेही भी तय होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि भगवान राम किसी राजनीतिक दल की संपत्ति नहीं हैं, बल्कि पूरे देश की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का हिस्सा हैं। उनके अनुसार भगवान राम के नाम का उपयोग राजनीतिक लाभ के लिए नहीं किया जाना चाहिए।

उन्होंने महात्मा गांधी का उल्लेख करते हुए कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान भी गांधीजी ने राम के आदर्शों और “राम नाम” को नैतिक शक्ति का प्रतीक माना था। इसलिए भगवान राम को किसी एक विचारधारा या दल तक सीमित करना उचित नहीं है।

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठाए सवाल

कांग्रेस प्रवक्ता ने राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का नाम लेते हुए सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए।

उन्होंने कहा कि जब अयोध्या में केंद्रीय सुरक्षा बलों और राज्य पुलिस की व्यापक तैनाती पहले से मौजूद है, तब मंदिर परिसर की सुरक्षा के लिए निजी एजेंसी की आवश्यकता क्यों पड़ी। उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित निजी सुरक्षा एजेंसी का संबंध भाजपा से जुड़े लोगों से बताया जा रहा है।

श्रीनेत ने कहा कि यदि इस प्रकार के आरोप सामने आते हैं तो उनकी पारदर्शी जांच होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि जिन लोगों से जवाब मांगा जाना चाहिए, वे स्वयं प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सफाई दे रहे हैं, जबकि जांच एजेंसियों को तथ्यों की निष्पक्ष पड़ताल करनी चाहिए।

ट्रस्ट को आरटीआई से बाहर रखने पर भी जताई आपत्ति

कांग्रेस ने राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की संरचना और उसकी जवाबदेही को लेकर भी सवाल उठाए।

सुप्रिया श्रीनेत ने आरोप लगाया कि वर्ष 2020 में गठित ट्रस्ट में भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े लोगों को प्रमुख भूमिका दी गई। उन्होंने यह भी कहा कि ट्रस्ट को सूचना का अधिकार (आरटीआई) कानून के दायरे से बाहर रखा गया है, जिससे पारदर्शिता पर प्रश्न उठते हैं।

उनका कहना था कि जब किसी संस्था के माध्यम से बड़े स्तर पर जनसहयोग और दान प्राप्त होता है, तब उसके कामकाज में अधिकतम पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए। कांग्रेस का मानना है कि सार्वजनिक विश्वास बनाए रखने के लिए जवाबदेही आवश्यक है।

मंदिर निर्माण के श्रेय पर भी उठाए सवाल

प्रेस वार्ता के दौरान कांग्रेस प्रवक्ता ने राम मंदिर निर्माण को लेकर राजनीतिक श्रेय लेने के मुद्दे पर भी टिप्पणी की।

उन्होंने कहा कि अयोध्या में मंदिर निर्माण का मार्ग सर्वोच्च न्यायालय के फैसले से प्रशस्त हुआ। ऐसे में इसे किसी एक राजनीतिक दल या व्यक्ति की उपलब्धि के रूप में प्रस्तुत करना उचित नहीं है।

उन्होंने कहा कि न्यायपालिका के निर्णय के बाद मंदिर निर्माण का कार्य आगे बढ़ा, इसलिए इसका श्रेय लोकतांत्रिक संस्थाओं और न्यायिक प्रक्रिया को मिलना चाहिए, न कि केवल राजनीतिक नेतृत्व को।

पंजाब कांग्रेस में मतभेदों पर दिया जवाब

पंजाब कांग्रेस में समय-समय पर सामने आने वाले गुटबाजी के सवाल पर सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि किसी भी बड़े राजनीतिक दल में अलग-अलग विचार होना स्वाभाविक प्रक्रिया है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस लोकतांत्रिक व्यवस्था में विश्वास रखने वाली पार्टी है, जहां नेताओं को अपनी राय रखने की स्वतंत्रता है। मतभेद होने का अर्थ यह नहीं कि पार्टी कमजोर है।

उनके अनुसार चुनाव के समय सभी नेता संगठन और पार्टी के साझा लक्ष्य के लिए एकजुट होकर काम करते हैं। कांग्रेस की ताकत उसकी सामूहिक नेतृत्व प्रणाली है, न कि किसी एक व्यक्ति पर आधारित राजनीति।

2027 के चुनाव को लेकर कांग्रेस का संदेश

प्रेस वार्ता में पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष राजा वड़िंग की मौजूदगी में सुप्रिया श्रीनेत ने आगामी पंजाब विधानसभा चुनाव को लेकर भी पार्टी का दृष्टिकोण स्पष्ट किया।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस वर्ष 2027 का विधानसभा चुनाव सामाजिक सद्भाव, धार्मिक सम्मान और जनता के मुद्दों को केंद्र में रखकर लड़ेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी श्री गुरु नानक देव जी की शिक्षाओं और भगवान राम के आदर्शों से प्रेरणा लेकर जनता के बीच जाएगी।

उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस की राजनीति समाज को जोड़ने और सभी वर्गों को साथ लेकर चलने की रही है तथा भविष्य में भी यही पार्टी की प्राथमिकता रहेगी।

फिल्म ‘सतलुज’ विवाद पर भाजपा से पूछा सवाल

प्रेस वार्ता के दौरान फिल्म ‘सतलुज’ से जुड़े विवाद का मुद्दा भी उठा।

सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि इस विषय पर भाजपा की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब सांस्कृतिक और सामाजिक मुद्दों पर विवाद सामने आते हैं, तब भाजपा अलग-अलग परिस्थितियों में अलग-अलग रुख अपनाती है।

उन्होंने कहा कि यदि किसी विषय से समाज की भावनाएं जुड़ी हैं, तो उस पर सभी पक्षों को स्पष्ट और जिम्मेदार रुख अपनाना चाहिए।

राजनीतिक बयानबाजी के बीच बढ़ी हलचल

चंडीगढ़ में आयोजित इस प्रेस वार्ता के बाद कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज होने की संभावना है। राम मंदिर ट्रस्ट की कार्यप्रणाली, धार्मिक संस्थाओं में पारदर्शिता, पंजाब की राजनीति और आगामी चुनावों को लेकर कांग्रेस ने जिस तरह से सवाल उठाए हैं, वे आने वाले दिनों में राजनीतिक बहस का हिस्सा बन सकते हैं।

दूसरी ओर, कांग्रेस ने यह संदेश देने की भी कोशिश की कि वह धार्मिक आस्था और लोकतांत्रिक संस्थाओं—दोनों के सम्मान की बात करती है। वहीं भाजपा की ओर से इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया आती है, इस पर भी राजनीतिक हलकों की नजर बनी रहेगी।

आगामी चुनावी माहौल को देखते हुए स्पष्ट है कि धार्मिक, राजनीतिक और संगठनात्मक मुद्दों पर दोनों प्रमुख दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर आगे भी जारी रहने की संभावना है।