लुधियाना में खेलों की धूम के लिए तैयारियां तेज, 10 लाख खिलाड़ियों को जोड़ने का लक्ष्य

लुधियाना में खेलों की धूम के लिए तैयारियां तेज, 10 लाख खिलाड़ियों को जोड़ने का लक्ष्य

पंजाब सरकार की ओर से खेलों को जन-जन तक पहुंचाने और युवाओं के साथ-साथ विभिन्न आयु वर्ग के लोगों को खेल गतिविधियों से जोड़ने के उद्देश्य से शुरू की गई ‘खेडां वतन पंजाब दियां’ के चौथे सीजन को लेकर लुधियाना में तैयारियां तेज कर दी गई हैं। डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन ने विधायक मदन लाल बग्गा, विधायक अशोक पप्पी पराशर, विधायक मनविंदर सिंह ग्यासपुरा और विधायक जगतार सिंह दयालपुरा के साथ खेल संगठनों, विश्वविद्यालयों, कॉलेजों, स्कूलों तथा संबंधित विभागों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर प्रतियोगिताओं में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि ‘खेडां वतन पंजाब दियां-2026’ को केवल खिलाड़ियों तक सीमित न रखते हुए इसे व्यापक जनभागीदारी वाला खेल अभियान बनाया जाए। खास तौर पर 14 वर्ष से लेकर 70 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को प्रतियोगिताओं में शामिल करने के लिए शिक्षण संस्थानों, खेल क्लबों, युवा संगठनों और सरकारी विभागों को मिलकर प्रयास करने को कहा गया।

डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन ने कहा कि खेल व्यक्ति के शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक मजबूती और अनुशासन को भी बढ़ावा देते हैं। उन्होंने स्कूल शिक्षा विभाग, ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग तथा युवा सेवाएं विभाग के अधिकारियों से कहा कि वे अपने स्तर पर खिलाड़ियों, टीमों और क्लबों का पंजीकरण बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाएं। उन्होंने संबंधित विभागों के कर्मचारियों को भी अपनी रुचि के अनुसार विभिन्न खेलों में हिस्सा लेने के लिए प्रेरित किया, ताकि वे स्वयं खेल गतिविधियों का हिस्सा बनकर अन्य लोगों के लिए प्रेरणा बन सकें।

हिमांशु जैन ने बैठक में यह भी बताया कि इस बार प्रतियोगिताओं का आयोजन व्यापक स्तर पर किया जा रहा है। ‘खेडां वतन पंजाब दियां-2026’ के तहत कुल 38 खेल विधाओं को शामिल किया गया है। प्रतियोगिताएं नौ अलग-अलग आयु वर्गों में आयोजित होंगी। इनमें अंडर-14, अंडर-17, अंडर-21, 21 से 30 वर्ष, 31 से 40 वर्ष, 41 से 50 वर्ष, 51 से 60 वर्ष, 61 से 70 वर्ष और 70 वर्ष से अधिक आयु वर्ग शामिल हैं। लड़कों और लड़कियों दोनों के लिए प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी।

इस बार खेलों के आयोजन में दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए भी विशेष प्रावधान किया गया है। पैरा खेलों की प्रतियोगिताएं राज्य स्तर पर करवाई जाएंगी। इसके अलावा टेनिस बॉल क्रिकेट को प्रदर्शन खेल के रूप में शामिल किया गया है। प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को कुल 12 करोड़ रुपये से अधिक की पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी। विजेताओं को ग्रेडेशन प्रमाणपत्र भी दिए जाएंगे, जिससे खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने में मदद मिलेगी।

बैठक के दौरान जिला स्तर पर होने वाली प्रतियोगिताओं के कार्यक्रम पर भी विस्तार से चर्चा की गई। डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि ब्लॉक स्तर पर सात खेलों की प्रतियोगिताएं शुरू हो चुकी हैं और इनका आयोजन 15 सितंबर तक जारी रहेगा। इन खेलों में एथलेटिक्स, खो-खो, कबड्डी नेशनल स्टाइल, कबड्डी सर्कल स्टाइल, फुटबॉल, वॉलीबॉल स्मैशिंग और वॉलीबॉल शूटिंग शामिल हैं।

ब्लॉक स्तर की प्रतियोगिताओं के बाद जिला स्तर पर मुकाबलों का आयोजन 20 सितंबर से 30 सितंबर तक किया जाएगा। जिला स्तरीय प्रतियोगिताओं में ब्लॉक स्तर के विजेता खिलाड़ियों के अलावा सीधे प्रवेश वाली 21 नई खेल विधाओं के प्रतिभागियों को भी मौका मिलेगा। इस तरह जिला स्तर पर कुल 28 खेल विधाओं में खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।

जिला स्तर पर शामिल की गई खेल विधाओं में हैंडबॉल, सॉफ्टबॉल, जूडो, गतका, किक बॉक्सिंग, हॉकी, नेटबॉल, बैडमिंटन, बास्केटबॉल, पावरलिफ्टिंग, लॉन टेनिस, कुश्ती, तैराकी, बॉक्सिंग, टेबल टेनिस, भारोत्तोलन, शतरंज, शूटिंग, फेंसिंग, रोलर स्केटिंग और तीरंदाजी प्रमुख हैं। अधिकारियों का कहना है कि खेलों की इतनी बड़ी संख्या में उपलब्धता से अलग-अलग रुचि रखने वाले खिलाड़ियों को अपनी पसंद के खेल में हिस्सा लेने का अवसर मिलेगा।

डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन ने बैठक में खुद का उदाहरण देते हुए बताया कि उन्होंने भी ‘खेडां वतन पंजाब दियां’ के तहत बैडमिंटन के लिए पंजीकरण करवाया है। उन्होंने लुधियाना के लोगों से अपील की कि वे केवल दर्शक बनने के बजाय खुद भी खेलों का हिस्सा बनें। उन्होंने कहा कि इच्छुक लोग ऑनलाइन माध्यम से अपना पंजीकरण करवा सकते हैं। इसके लिए पंजाब खेल विभाग के पोर्टल पर जाकर प्रक्रिया पूरी की जा सकती है।

पंजीकरण के लिए इच्छुक प्रतिभागी sports.punjab.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। जिला खेल अधिकारी मंदीप कौशल ने भी युवाओं और अन्य पात्र प्रतिभागियों से अपील की कि वे पंजीकरण में देरी न करें। उन्होंने बताया कि खेलों के प्रचार के लिए जारी पोस्टरों और अन्य प्रचार सामग्री पर उपलब्ध क्यूआर कोड को स्कैन करके भी संबंधित पोर्टल तक पहुंचा जा सकता है और पंजीकरण किया जा सकता है।

बैठक में विधायकों ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने 5 सितंबर को बठिंडा में ‘खेडां वतन पंजाब दियां-2026’ के चौथे सीजन का उद्घाटन किया था। इस खेल महोत्सव का समापन 29 नवंबर को पटियाला में आयोजित होने वाले भव्य समारोह के साथ किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पिछले सीजन में खेलों के प्रति लोगों का उत्साह देखने को मिला था और करीब पांच लाख तक खिलाड़ियों ने प्रतियोगिताओं में भाग लिया था।

इस बार सरकार ने भागीदारी का लक्ष्य दोगुना करते हुए 10 लाख प्रतिभागियों को खेलों से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया है। विधायकों ने कहा कि यह लक्ष्य तभी हासिल किया जा सकता है जब शिक्षण संस्थान, खेल क्लब, युवा संगठन, सरकारी विभाग और आम नागरिक मिलकर अभियान को आगे बढ़ाएं।

उन्होंने स्कूलों और कॉलेजों के प्रबंधकों तथा शिक्षकों से कहा कि वे विद्यार्थियों को प्रतियोगिताओं के बारे में जानकारी दें और उन्हें अपनी खेल रुचि के अनुसार पंजीकरण करवाने के लिए प्रोत्साहित करें। इसी तरह विश्वविद्यालयों और निजी शिक्षण संस्थानों से भी अधिक से अधिक विद्यार्थियों को प्रतियोगिताओं में भेजने की अपील की गई।

बैठक में यह भी कहा गया कि खेलों को केवल प्रतिस्पर्धा के नजरिए से देखने के बजाय इन्हें स्वस्थ जीवनशैली का हिस्सा बनाया जाना चाहिए। अलग-अलग आयु वर्ग के लिए प्रतियोगिताओं का आयोजन होने से अब केवल बच्चे और युवा ही नहीं, बल्कि 30, 40, 50, 60 और 70 वर्ष से अधिक उम्र के लोग भी अपनी खेल प्रतिभा और फिटनेस का प्रदर्शन कर सकते हैं। इससे समाज के विभिन्न वर्गों में खेल संस्कृति को मजबूत करने में मदद मिलेगी।

विधायकों ने संबंधित अधिकारियों से कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में खेलों की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं। ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायतों और स्थानीय खेल क्लबों के माध्यम से लोगों को जोड़ने, जबकि शहरी क्षेत्रों में स्कूलों, कॉलेजों, खेल अकादमियों और युवा संगठनों के जरिए पंजीकरण बढ़ाने पर जोर दिया गया।

अधिकारियों ने बताया कि खेल प्रतियोगिताओं के सफल संचालन के लिए संबंधित विभागों के बीच बेहतर तालमेल बनाया जा रहा है। खिलाड़ियों को पंजीकरण से लेकर प्रतियोगिता में भाग लेने तक आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने के लिए खेल विभाग की टीमों को भी सक्रिय किया गया है।

विधायकों और डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि पंजाब में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। जरूरत इस बात की है कि प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को सही मंच और अवसर उपलब्ध कराया जाए। ‘खेडां वतन पंजाब दियां’ इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसके माध्यम से गांवों और शहरों से नई खेल प्रतिभाओं को सामने लाने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रतियोगिताओं में अधिक संख्या में लोगों की भागीदारी से न केवल खेल प्रतिभाओं की पहचान होगी, बल्कि युवाओं को नशे और अन्य सामाजिक बुराइयों से दूर रखने में भी मदद मिलेगी। खेलों के माध्यम से अनुशासन, टीम भावना, नेतृत्व क्षमता और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित होती है।

बैठक में मौजूद अधिकारियों और प्रतिनिधियों ने अभियान को सफल बनाने के लिए हरसंभव सहयोग देने का भरोसा दिया। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि इस सीजन में लुधियाना से अधिक से अधिक खिलाड़ियों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए संस्थागत स्तर पर विशेष प्रयास किए जाएंगे।

इस अवसर पर वरिष्ठ आम आदमी पार्टी नेता डॉ. केएनएस कंग सहित विभिन्न खेल संगठनों, शिक्षण संस्थानों और सरकारी विभागों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। प्रशासन ने जिले के लोगों से अपील की कि वे अपनी पसंद के खेल में पंजीकरण करवाकर ‘खेडां वतन पंजाब दियां-2026’ को एक व्यापक जन-खेल आंदोलन बनाने में योगदान दें।