हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस ने अपने संगठन को मजबूत करने की कवायद तेज कर दी है। इसी क्रम में शिमला में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की। प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह की मौजूदगी में 70 से अधिक लोगों ने पार्टी की विचारधारा में विश्वास जताते हुए कांग्रेस का दामन थामा। इस अवसर पर उन्होंने संगठन विस्तार को आगामी राजनीतिक रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए कहा कि प्रदेशभर में कांग्रेस लगातार नए लोगों को पार्टी से जोड़ने का अभियान चला रही है।
प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में आयोजित कार्यक्रम में नए सदस्यों का स्वागत करते हुए विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि कांग्रेस केवल एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों, सामाजिक न्याय और समावेशी विकास की विचारधारा का प्रतिनिधित्व करती है। उन्होंने कहा कि पार्टी का उद्देश्य समाज के हर वर्ग को साथ लेकर प्रदेश के विकास को नई दिशा देना है और इसी सोच के साथ संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस को लगातार जनसमर्थन मिल रहा है। विभिन्न पंचायतों और ग्रामीण इलाकों से लोग स्वेच्छा से पार्टी से जुड़ रहे हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि कांग्रेस की नीतियों और कार्यशैली पर लोगों का विश्वास मजबूत हो रहा है। उनके अनुसार संगठन जितना मजबूत होगा, जनता की समस्याओं को सरकार तक पहुंचाना और उनका समाधान करवाना उतना ही आसान होगा।
कार्यक्रम के दौरान विक्रमादित्य सिंह ने राष्ट्रीय राजनीति के मुद्दों पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में युवाओं और विद्यार्थियों से जुड़े कई गंभीर विषयों पर केंद्र सरकार का रवैया निराशाजनक रहा है। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं और पेपर लीक जैसी घटनाओं ने लाखों विद्यार्थियों के भविष्य को प्रभावित किया है। उनका कहना था कि ऐसी घटनाओं ने युवाओं का व्यवस्था पर भरोसा कमजोर किया है और इस दिशा में कठोर कदम उठाने की आवश्यकता है।
उन्होंने नीट परीक्षा से जुड़े विवाद का उल्लेख करते हुए कहा कि इस तरह की घटनाओं से मेहनत करने वाले विद्यार्थियों का मनोबल टूटता है। उन्होंने कहा कि पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था की पहचान होती है और यदि उसमें लगातार सवाल उठते हैं तो सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था विकसित करे।
विक्रमादित्य सिंह ने केंद्र सरकार पर युवाओं और छात्रों के विरोध प्रदर्शनों को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में अपनी बात रखने का अधिकार सभी नागरिकों को है और यदि छात्र अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठाते हैं तो उनकी बात सुनी जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कई अवसरों पर छात्रों के साथ कठोर व्यवहार किया गया, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं माना जा सकता।
उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं का आह्वान करते हुए कहा कि कांग्रेस को गांव-गांव और घर-घर तक अपनी नीतियों और विचारधारा को पहुंचाना होगा। उन्होंने कहा कि संगठन की वास्तविक ताकत उसके कार्यकर्ता होते हैं और जनता के बीच लगातार सक्रिय रहने से ही पार्टी मजबूत होती है। उन्होंने नए सदस्यों से भी अपेक्षा जताई कि वे जनसेवा को प्राथमिकता देते हुए संगठन को और अधिक सशक्त बनाने में योगदान देंगे।
इस अवसर पर जिला कांग्रेस कमेटी शिमला ग्रामीण के अध्यक्ष हरिकृष्ण हिमराल ने कहा कि शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में पिछले कुछ वर्षों के दौरान विकास कार्यों की गति में उल्लेखनीय तेजी आई है। उन्होंने दावा किया कि सड़क, पेयजल, शिक्षा और अन्य बुनियादी सुविधाओं के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र के लोगों को प्रत्यक्ष लाभ मिल रहा है। उन्होंने नए सदस्यों का स्वागत करते हुए कहा कि कांग्रेस का बढ़ता संगठन जनता के विश्वास का प्रतीक है।
कार्यक्रम में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष अमित नंदा, विनीत गौतम, चंद्रशेखर शर्मा, जितेंद्र ठाकुर, यशपाल तनाइक, सुन्नी नगर पंचायत की अध्यक्ष सत्या वर्मा, जिला कांग्रेस कमेटी शिमला शहरी के अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह, किसान कांग्रेस के अध्यक्ष रवि शर्मा, जी.एस. उत्तम कश्यप, सुरेश गुप्ता, ममता ठाकुर, कुलदीप ठाकुर, पवन वर्मा, घनश्याम हिमराल, अनिल नरवाल, साहिल, मोहित गुप्ता, आर.एस. ठाकुर, वेद प्रकाश शर्मा, जितेंद्र ब्राक्टा सहित अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
राजनीतिक चर्चा के साथ-साथ विक्रमादित्य सिंह ने क्षेत्र में चल रही और प्रस्तावित विकास परियोजनाओं की भी जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि यशवंतनगर-राजगढ़ सड़क के उन्नयन के लिए लगभग 290 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना क्षेत्र की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि इस सड़क का उपयोग कोटखाई, जुब्बल, रोहड़ू तथा आसपास के बागवानी क्षेत्रों के हजारों किसान और व्यापारी करते हैं।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश की अर्थव्यवस्था में बागवानी विशेषकर सेब उत्पादन की महत्वपूर्ण भूमिका है। ऐसे में बेहतर सड़क संपर्क उपलब्ध होने से किसानों को अपनी उपज समय पर मंडियों तक पहुंचाने में सुविधा मिलेगी। खराब सड़कों के कारण परिवहन लागत बढ़ती है और फल की गुणवत्ता पर भी असर पड़ता है। सड़क उन्नयन से इन समस्याओं में कमी आएगी तथा किसानों को आर्थिक लाभ मिलेगा।
लोक निर्माण मंत्री ने बताया कि संबंधित विभाग को परियोजना से जुड़ी सभी प्रशासनिक और तकनीकी औपचारिकताएं शीघ्र पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि टेंडर प्रक्रिया समय पर पूरी कर मानसून समाप्त होने के बाद निर्माण कार्य को गति दी जाएगी ताकि निर्धारित समय सीमा के भीतर परियोजना पूरी हो सके।
उन्होंने कहा कि इस सड़क परियोजना का लाभ केवल एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि चार से पांच विधानसभा क्षेत्रों के हजारों लोगों को बेहतर यातायात सुविधा मिलेगी। इससे शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और व्यापारिक गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिलेगा। साथ ही फल उत्पादकों को अपनी फसल कम समय में बाजार तक पहुंचाने का बेहतर विकल्प मिलेगा।
विक्रमादित्य सिंह ने इस परियोजना की स्वीकृति के लिए केंद्रीय मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के सामूहिक प्रयासों से यह मंजूरी संभव हो सकी। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, विधायक कुलदीप सिंह राठौर और अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी इस मांग को लगातार विभिन्न मंचों पर उठाया, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए।
उन्होंने यह भी बताया कि बिरादरी क्षेत्र की सड़क परियोजना के लिए लगभग 60 करोड़ रुपये की मंजूरी मिली है। इसके अलावा पहले छूट चुके करीब 16 किलोमीटर लंबे सड़क खंड के निर्माण के लिए भी केंद्र सरकार से लगभग 50 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं की प्रक्रिया भी जल्द शुरू की जाएगी ताकि क्षेत्र के लोगों को बेहतर सड़क सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार सड़क नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। दुर्गम और ग्रामीण क्षेत्रों को बेहतर संपर्क सुविधा उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। सड़कें मजबूत होने से पर्यटन, कृषि, बागवानी और स्थानीय व्यापार को नई गति मिलेगी, जिसका सीधा लाभ आम लोगों को मिलेगा।
कार्यक्रम के अंत में विक्रमादित्य सिंह ने पार्टी के नए सदस्यों का स्वागत करते हुए कहा कि कांग्रेस का लक्ष्य केवल चुनाव जीतना नहीं, बल्कि जनता की समस्याओं का समाधान करना और विकास को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाने और जनता के बीच लगातार संपर्क बनाए रखने का आह्वान किया।
कुल मिलाकर यह कार्यक्रम कांग्रेस के संगठन विस्तार और विकास एजेंडे दोनों का महत्वपूर्ण मंच बनकर सामने आया। एक ओर बड़ी संख्या में नए लोगों ने पार्टी की सदस्यता लेकर संगठन को मजबूती दी, वहीं दूसरी ओर लोक निर्माण मंत्री ने प्रदेश में चल रही सड़क परियोजनाओं, बागवानी क्षेत्र के विकास और युवाओं से जुड़े राष्ट्रीय मुद्दों पर पार्टी का पक्ष रखते हुए भविष्य की योजनाओं और प्राथमिकताओं को भी स्पष्ट किया।




