शिमला में खेल सुविधाओं को मिला नया आयाम, CM सुक्खू ने किया बहुउद्देशीय स्टेडियम का लोकार्पण

शिमला में खेल सुविधाओं को मिला नया आयाम, CM सुक्खू ने किया बहुउद्देशीय स्टेडियम का लोकार्पण

शिमला शहर और आसपास के क्षेत्रों के खिलाड़ियों को बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में हिमाचल प्रदेश सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सोमवार को राजधानी शिमला के संजौली क्षेत्र में नवनिर्मित बहुउद्देशीय खेल स्टेडियम का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने खेल अवसंरचना को मजबूत करने, युवाओं को नशे से दूर रखने और प्रदेश में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए कई अहम घोषणाएं भी कीं।

करीब 3.18 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किए गए इस स्टेडियम को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है। सरकार का मानना है कि इस परियोजना से न केवल स्थानीय खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और प्रतियोगिता का मंच मिलेगा, बल्कि भविष्य में क्षेत्रीय और राज्य स्तरीय खेल आयोजनों को भी नई गति मिलेगी।

आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित है नया स्टेडियम

संजौली में निर्मित इस बहुउद्देशीय स्टेडियम में खिलाड़ियों और आयोजकों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विभिन्न सुविधाएं विकसित की गई हैं। परिसर में खेल प्रतियोगिताओं के लिए खुला मैदान, इनडोर गतिविधियों के लिए हॉल, एक ओपन हॉल, रसोईघर और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

सरकारी अधिकारियों के अनुसार, इस स्टेडियम का उपयोग विभिन्न खेलों के आयोजन, प्रशिक्षण शिविरों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और सामुदायिक गतिविधियों के लिए भी किया जा सकेगा। इससे क्षेत्र के युवाओं को अपने ही इलाके में बेहतर खेल वातावरण उपलब्ध होगा और उन्हें प्रशिक्षण के लिए दूर-दराज के स्थानों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

नशा मुक्ति अभियान से जोड़ा गया खेल आयोजन

स्टेडियम के उद्घाटन के साथ मुख्यमंत्री ने हिमाचल प्रदेश के पहले ‘चिट्टा जागरूकता वॉलीबॉल टूर्नामेंट’ का भी शुभारंभ किया। यह प्रतियोगिता राज्य में बढ़ती नशे की समस्या के खिलाफ जनजागरूकता पैदा करने के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल युवाओं को सकारात्मक दिशा देने का सबसे प्रभावी माध्यम हैं। यदि युवा खेल गतिविधियों से जुड़ते हैं तो वे न केवल शारीरिक रूप से स्वस्थ रहते हैं, बल्कि सामाजिक बुराइयों और नशे जैसी समस्याओं से भी दूर रहते हैं।

उन्होंने टूर्नामेंट की विजेता टीम के लिए एक लाख रुपये की नकद पुरस्कार राशि की घोषणा करते हुए कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं समाज में सकारात्मक संदेश देने का कार्य करती हैं और युवाओं को स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के लिए प्रेरित करती हैं।

अंतरराष्ट्रीय ग्रीष्मकालीन महोत्सव का हिस्सा बना आयोजन

यह वॉलीबॉल प्रतियोगिता शिमला में आयोजित हो रहे International Summer Festival Shimla के तहत आयोजित की जा रही है। हर वर्ष आयोजित होने वाला यह महोत्सव सांस्कृतिक, सामाजिक और खेल गतिविधियों का प्रमुख मंच माना जाता है।

सरकार का मानना है कि इस तरह के बड़े आयोजनों में खेल प्रतियोगिताओं को शामिल करने से युवाओं की भागीदारी बढ़ेगी और खेलों के प्रति आकर्षण भी मजबूत होगा। इसके साथ ही स्थानीय प्रतिभाओं को अपनी क्षमता प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा।

संजौली क्षेत्र के लिए कई नई घोषणाएं

अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने संजौली क्षेत्र के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। उन्होंने संजौली मैदान के विस्तार और आधुनिकीकरण के लिए एक करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि देने की घोषणा की।

इसके अलावा क्षेत्र में एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) स्थापित करने की बात भी कही गई, जिससे स्थानीय लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर ढंग से उपलब्ध हो सकेंगी। मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि संजौली होली मेले को जिला स्तरीय आयोजन का दर्जा दिया जाएगा। इससे मेले की पहचान और व्यापक होगी तथा स्थानीय सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

हिमाचल में खेल आयोजनों को मिलेगा नया आयाम

मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार हिमाचल प्रदेश को खेल गतिविधियों का महत्वपूर्ण केंद्र बनाने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं आयोजित कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार की कोशिश है कि केंद्र सरकार की ‘खेलो इंडिया’ पहल के अंतर्गत हिमाचल प्रदेश को भी बड़े खेल आयोजनों की मेजबानी का अवसर मिले। इसके लिए संबंधित विभागों को आवश्यक तैयारियां शुरू करने के निर्देश दिए जा चुके हैं।

मुख्यमंत्री के अनुसार, यदि राज्य में राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं आयोजित होती हैं तो इससे स्थानीय खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय प्रतिस्पर्धा का अनुभव मिलेगा और खेल पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।

खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने की नई नीति की तैयारी

खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार पुरस्कार और प्रोत्साहन योजनाओं में भी बदलाव कर रही है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों के लिए पुरस्कार राशि में पहले ही वृद्धि की जा चुकी है।

इसके साथ ही सरकार अब राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों के लिए भी एक नई प्रोत्साहन नीति तैयार कर रही है। इस नीति के तहत खिलाड़ियों को आर्थिक सहायता, सम्मान और अन्य सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी राज्य की खेल संस्कृति तभी मजबूत होती है जब खिलाड़ियों को उनकी उपलब्धियों के अनुरूप सम्मान और समर्थन मिले। इसी सोच के साथ सरकार नई योजनाएं तैयार कर रही है।

घटासनी में बन रहा आधुनिक स्टेडियम

मुख्यमंत्री ने यह भी जानकारी दी कि शिमला के समीप घटासनी क्षेत्र में लगभग 10 करोड़ रुपये की लागत से एक आधुनिक खेल स्टेडियम का निर्माण कार्य चल रहा है। यह परियोजना पूरी होने के बाद क्षेत्र के खिलाड़ियों को और अधिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

उन्होंने कहा कि सरकार केवल बड़े शहरों तक ही खेल सुविधाओं को सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में भी खेल अवसंरचना विकसित करने पर जोर दे रही है। इससे प्रदेश के हर हिस्से में छिपी प्रतिभाओं को अवसर मिल सकेगा।

अपने छात्र जीवन की यादें कीं साझा

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने अपने छात्र जीवन के अनुभव भी साझा किए। उन्होंने कहा कि स्कूल के दिनों में वे स्वयं विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेते थे और खेल गतिविधियों से उनका गहरा जुड़ाव रहा है।

उन्होंने कहा कि एक खिलाड़ी के रूप में उन्होंने मैदान में आने वाली चुनौतियों को करीब से महसूस किया है। यही कारण है कि वे खिलाड़ियों की जरूरतों और समस्याओं को बेहतर ढंग से समझते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी केवल संसाधनों और सुविधाओं की कमी के कारण आगे नहीं बढ़ पाते। राज्य सरकार का प्रयास है कि ऐसी परिस्थितियां बदलें और युवाओं को अपने सपनों को पूरा करने के लिए आवश्यक मंच उपलब्ध हो।

खेल और स्वास्थ्य दोनों पर सरकार का फोकस

मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल केवल प्रतियोगिताओं तक सीमित नहीं हैं, बल्कि स्वस्थ समाज के निर्माण में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। नियमित खेल गतिविधियां युवाओं को अनुशासन, टीम भावना और नेतृत्व क्षमता जैसे गुण सिखाती हैं।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार खेल और स्वास्थ्य दोनों क्षेत्रों को समान प्राथमिकता दे रही है। एक ओर नई खेल सुविधाएं विकसित की जा रही हैं, वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य संस्थानों को भी मजबूत किया जा रहा है ताकि युवाओं को बेहतर वातावरण मिल सके।

युवाओं के लिए नई संभावनाओं का केंद्र बनेगा संजौली स्टेडियम

स्थानीय लोगों और खिलाड़ियों ने भी संजौली में आधुनिक स्टेडियम बनने का स्वागत किया है। उनका मानना है कि इससे क्षेत्र के युवाओं को प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं के लिए बेहतर मंच मिलेगा। लंबे समय से ऐसी सुविधा की मांग की जा रही थी, जो अब पूरी हुई है।

सरकार को उम्मीद है कि यह बहुउद्देशीय स्टेडियम आने वाले वर्षों में शिमला क्षेत्र की खेल गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनेगा। साथ ही यहां आयोजित होने वाले खेल और सामाजिक कार्यक्रम युवाओं को सकारात्मक दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

स्टेडियम के उद्घाटन और नई घोषणाओं के साथ राज्य सरकार ने स्पष्ट संकेत दिया है कि हिमाचल प्रदेश में खेलों को बढ़ावा देने और युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास लगातार जारी रहेंगे। इससे न केवल खेल प्रतिभाओं को नया मंच मिलेगा, बल्कि प्रदेश में स्वस्थ और सक्रिय समाज के निर्माण को भी बल मिलेगा।