आज के डिजिटल युग में मोबाइल, लैपटॉप और कंप्यूटर का इस्तेमाल जीवन का एक अनिवार्य हिस्सा बन चुका है। पढ़ाई, ऑफिस का काम, मनोरंजन और सोशल मीडिया—हर जगह स्क्रीन का उपयोग बढ़ता जा रहा है। हालांकि, लंबे समय तक स्क्रीन के सामने बैठकर काम करने और गलत पोस्चर अपनाने का सीधा असर शरीर पर पड़ रहा है, खासकर गर्दन और रीढ़ की हड्डी पर।
डॉक्टरों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, लगातार झुकी हुई मुद्रा में स्क्रीन देखने से ‘टेक नेक’ (Tech Neck) जैसी समस्या बढ़ रही है। इसमें गर्दन में दर्द, भारीपन, अकड़न और कभी-कभी सिरदर्द जैसी शिकायतें भी देखने को मिलती हैं। यदि समय रहते ध्यान न दिया जाए तो यह समस्या आगे चलकर क्रॉनिक दर्द का रूप ले सकती है।
1. स्क्रीन की सही पोजिशन रखें
काम करते समय सबसे महत्वपूर्ण बात है आपकी स्क्रीन की ऊंचाई और दूरी। यदि स्क्रीन आंखों के स्तर से नीचे होती है, तो व्यक्ति को बार-बार गर्दन झुकानी पड़ती है।
यह आदत धीरे-धीरे गर्दन की मांसपेशियों पर दबाव डालती है और दर्द का कारण बन सकती है। इसलिए कोशिश करें कि कंप्यूटर या लैपटॉप की स्क्रीन आंखों के ठीक सामने हो और आपकी गर्दन सीधी स्थिति में रहे।
2. लंबे समय तक एक ही स्थिति में न बैठें
लगातार घंटों तक एक ही जगह बैठे रहना शरीर के लिए हानिकारक हो सकता है। इससे मांसपेशियों में जकड़न और रक्त संचार में कमी आने लगती है।
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि हर 30 से 40 मिनट के बाद कुछ मिनट का ब्रेक लेना चाहिए। इस दौरान हल्की स्ट्रेचिंग या थोड़ी देर टहलना गर्दन और शरीर दोनों के लिए फायदेमंद होता है।
3. नियमित व्यायाम और स्ट्रेचिंग करें
रोजाना हल्का व्यायाम करने से शरीर की मांसपेशियां मजबूत होती हैं और लचीलापन बना रहता है। गर्दन से जुड़े दर्द को कम करने के लिए विशेष स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज बहुत उपयोगी होती हैं।
गर्दन को धीरे-धीरे आगे-पीछे और दाएं-बाएं घुमाना, कंधों को ऊपर-नीचे करना और हल्की योग मुद्राएं अपनाना काफी राहत दे सकता है।
4. सही तकिये का चुनाव करें
नींद के दौरान गलत तकिया गर्दन की स्थिति को बिगाड़ सकता है। बहुत ऊंचा या बहुत नरम तकिया गर्दन को सही सपोर्ट नहीं देता, जिससे सुबह उठने पर दर्द महसूस हो सकता है।
ऐसा तकिया चुनें जो गर्दन की प्राकृतिक स्थिति को सपोर्ट करे और रीढ़ की हड्डी को सीधा रखे। यह आदत लंबे समय में गर्दन दर्द को कम करने में मदद कर सकती है।
5. पर्याप्त नींद लें
नींद की कमी न केवल मानसिक थकान बढ़ाती है बल्कि मांसपेशियों पर भी असर डालती है। जब शरीर को पर्याप्त आराम नहीं मिलता, तो गर्दन और कंधों में तनाव बढ़ जाता है।
इसलिए रोजाना 7 से 8 घंटे की अच्छी और गहरी नींद लेना बेहद जरूरी है ताकि शरीर खुद को ठीक से रिकवर कर सके।
6. गर्म सिकाई से मिल सकती है राहत
यदि गर्दन में दर्द या अकड़न महसूस हो रही है, तो गर्म सिकाई एक सरल और प्रभावी उपाय हो सकता है। इससे रक्त संचार बेहतर होता है और मांसपेशियों को आराम मिलता है।
हल्की हीट थेरेपी या गर्म पानी की बोतल से सिकाई करने से दर्द में काफी राहत मिल सकती है।
7. शरीर का वजन संतुलित रखें
अत्यधिक वजन केवल दिल या पेट की समस्या ही नहीं बढ़ाता, बल्कि रीढ़ और गर्दन पर भी अतिरिक्त दबाव डालता है।
संतुलित आहार और नियमित व्यायाम के जरिए वजन नियंत्रित रखना गर्दन दर्द और अन्य मस्कुलर समस्याओं से बचाव में मदद करता है।
डिजिटल लाइफस्टाइल और स्वास्थ्य संतुलन
आज की तेज रफ्तार जिंदगी में स्क्रीन से दूरी बनाना लगभग असंभव है, लेकिन सही आदतें अपनाकर इसके दुष्प्रभावों को काफी हद तक कम किया जा सकता है। सही पोस्चर, नियमित ब्रेक और हेल्दी लाइफस्टाइल इस समस्या से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका हैं।
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