किसानों की फसल खरीद, व्यापारियों की सुरक्षा और भ्रष्टाचार को लेकर उठाए सवाल; मतदाता सूचियों में बदलाव और वोट चोरी के आरोपों की स्वतंत्र जांच की मांग
हरियाणा में भाजपा सरकार के खिलाफ कांग्रेस ने मोर्चा खोलते हुए किसानों की समस्याओं, बिगड़ती कानून-व्यवस्था, भ्रष्टाचार और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर सरकार को घेरा है। हरियाणा कांग्रेस के प्रभारी संजय दत्त, विधानसभा में विपक्ष के नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने संयुक्त बयान जारी कर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से कई सवालों के जवाब मांगे। तीनों नेताओं ने प्रदेश की मौजूदा परिस्थितियों के लिए भाजपा सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए मुख्यमंत्री से तत्काल इस्तीफा देने की मांग की।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश में किसान अपनी फसल बेचने, अनाज के उठान और भुगतान के लिए परेशान हैं। दूसरी ओर, व्यापारियों के बीच फिरौती और रंगदारी की घटनाओं को लेकर भय का माहौल है। नेताओं ने कहा कि सरकार को इन समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर करना चाहिए, लेकिन किसानों और व्यापारियों की शिकायतों पर अपेक्षित गंभीरता दिखाई नहीं दे रही है।
कांग्रेस ने मुख्यमंत्री के विदेश दौरों को लेकर भी सवाल उठाए। पार्टी नेताओं ने कहा कि जब प्रदेश में किसानों की फसल खरीद, कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक जवाबदेही जैसे मुद्दे चर्चा में हैं, तब सरकार को इन समस्याओं के समाधान पर विशेष ध्यान देना चाहिए था। उन्होंने फसल खरीद व्यवस्था को दुरुस्त करने, किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने और अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने की मांग की।
मंडियों में किसानों की परेशानी पर सरकार को घेरा
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश की अनाज मंडियों में किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। फसल की खरीद, उठान और भुगतान में देरी से किसानों की परेशानी बढ़ रही है। पार्टी ने मांग की कि सरकार मंडियों में खरीद प्रक्रिया को सुचारु बनाए और यह सुनिश्चित करे कि किसानों को अपनी उपज बेचने के बाद भुगतान के लिए अनावश्यक इंतजार न करना पड़े।
नेताओं के अनुसार, किसानों की फसल समय पर खरीदना और खरीदी गई उपज का उठान कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है। यदि मंडियों में व्यवस्था कमजोर रहती है, तो इसका सीधा असर किसानों की आर्थिक स्थिति और अगली कृषि गतिविधियों पर पड़ सकता है। कांग्रेस ने सरकार से मंडियों में आवश्यक व्यवस्थाओं की समीक्षा करने और जहां भी कमियां हैं, उन्हें दूर करने की मांग की।
संयुक्त बयान में मुख्यमंत्री के विदेश दौरों का उल्लेख करते हुए कांग्रेस नेताओं ने कहा कि चार से छह अक्टूबर तक सिंगापुर और 14 से 17 अक्टूबर तक स्वीडन के दौरे के दौरान प्रदेश की समस्याओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब किसान मंडियों में परेशान हैं और व्यापारियों को सुरक्षा को लेकर चिंता है, तो सरकार इन मुद्दों पर जवाबदेही से क्यों नहीं बच सकती।
कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि किसानों की समस्याओं का समाधान केवल आश्वासन देने से नहीं होगा। खरीद व्यवस्था को बेहतर बनाने, फसल के उठान में तेजी लाने और भुगतान समय पर करने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे।
फिरौती और रंगदारी की घटनाओं पर चिंता
कांग्रेस नेताओं ने प्रदेश में हत्याओं, फिरौती और रंगदारी की घटनाओं को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि व्यापारियों और कारोबारियों को सुरक्षित माहौल देना सरकार की जिम्मेदारी है। यदि कारोबारी वर्ग को लगातार धमकियों और जबरन वसूली की आशंका बनी रहती है, तो इसका असर व्यापारिक गतिविधियों और प्रदेश की आर्थिक स्थिति पर भी पड़ सकता है।
नेताओं ने अपराधियों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करने, व्यापारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और पुलिस की जवाबदेही तय करने की मांग की। उनका कहना था कि कानून-व्यवस्था के मामले में सरकार को स्पष्ट नीति अपनानी चाहिए और गंभीर आपराधिक घटनाओं की जांच तथा कार्रवाई में किसी तरह की ढिलाई नहीं होनी चाहिए।
कांग्रेस ने मांग की कि हत्या, फिरौती और रंगदारी से जुड़े मामलों में जांच को प्रभावी बनाया जाए और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही, पुलिस व्यवस्था की समीक्षा कर यह सुनिश्चित किया जाए कि शिकायतों पर समय रहते कार्रवाई हो और पीड़ितों को सुरक्षा का भरोसा मिले।
पार्टी नेताओं ने कानून-व्यवस्था के मुद्दे को प्रदेश के शासन से जोड़ते हुए कहा कि सरकार को अपराधों पर नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री से इन मामलों पर स्थिति स्पष्ट करने और जनता के सामने जवाबदेही तय करने की मांग की।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं की हिरासत और विपक्ष की गतिविधियों पर सवाल
संयुक्त बयान में कांग्रेस नेताओं ने पार्टी कार्यकर्ताओं की कथित अवैध हिरासत और विपक्ष की लोकतांत्रिक गतिविधियों में बाधा डालने के मामलों का भी उल्लेख किया। उन्होंने इन घटनाओं की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
कांग्रेस नेताओं के अनुसार, लोकतांत्रिक व्यवस्था में विपक्ष को अपनी बात रखने, सरकार की नीतियों की आलोचना करने और जनहित के मुद्दों पर आंदोलन करने का अधिकार है। ऐसे में यदि किसी कार्यकर्ता को गैरकानूनी तरीके से हिरासत में लिए जाने या लोकतांत्रिक गतिविधियों को रोकने की शिकायत सामने आती है, तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
पार्टी ने मांग की कि संबंधित मामलों में तथ्यों की पड़ताल की जाए और यदि किसी अधिकारी या अन्य व्यक्ति की ओर से नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो उसके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि कानून का पालन सभी के लिए समान रूप से होना चाहिए और राजनीतिक मतभेदों के आधार पर किसी के साथ अनुचित व्यवहार नहीं किया जाना चाहिए।
विपक्ष ने यह भी आग्रह किया कि प्रशासनिक कार्रवाई पारदर्शी हो और राजनीतिक गतिविधियों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के नाम पर किसी भी पक्ष के अधिकारों का अनुचित हनन न हो।
भ्रष्टाचार और प्रशासनिक अनियमितताओं की समयबद्ध जांच की मांग
कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर भ्रष्टाचार और प्रशासनिक अनियमितताओं से जुड़ी शिकायतों को लेकर भी निशाना साधा। हुड्डा, संजय दत्त और राव नरेंद्र सिंह ने मांग की कि ऐसी शिकायतों की समयबद्ध और निष्पक्ष जांच कराई जाए। यदि जांच में किसी व्यक्ति या अधिकारी की संलिप्तता सामने आती है, तो दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
नेताओं ने कहा कि शासन में पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखना जरूरी है। प्रशासनिक अनियमितताओं की शिकायतों को लंबे समय तक लंबित रखने से जनता का भरोसा प्रभावित हो सकता है। इसलिए सरकार को शिकायतों की गंभीरता से जांच कर तथ्यों को सामने लाना चाहिए।
कांग्रेस ने यह भी कहा कि केवल जांच की घोषणा करना पर्याप्त नहीं है। जांच निर्धारित समय में पूरी होनी चाहिए और उसके निष्कर्षों के आधार पर उचित कदम उठाए जाने चाहिए। पार्टी ने सरकार से भ्रष्टाचार के आरोपों पर स्थिति स्पष्ट करने और प्रशासनिक व्यवस्था में जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की।
वोट चोरी के आरोपों और मतदाता सूचियों की जांच की मांग
चुनावी प्रक्रिया को लेकर भी कांग्रेस ने गंभीर सवाल उठाए। हुड्डा, दत्त और राव ने पिछले विधानसभा चुनाव के बाद सामने आए वोट चोरी के आरोपों तथा मतदाता सूचियों में बदलाव से जुड़े मामलों की स्वतंत्र और व्यापक जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि इन आरोपों से जुड़े तथ्यों को सार्वजनिक किया जाना चाहिए, ताकि चुनावी प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों का स्पष्ट जवाब मिल सके।
कांग्रेस नेताओं ने मांग की कि मतदाता सूचियों में हुए बदलावों की निष्पक्ष पड़ताल हो और यह देखा जाए कि पूरी प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुरूप संपन्न हुई या नहीं। उनका कहना था कि चुनावी व्यवस्था में पारदर्शिता और मतदाताओं का भरोसा बनाए रखना लोकतंत्र के लिए आवश्यक है।
पार्टी ने इन आरोपों की जांच किसी स्वतंत्र व्यवस्था के तहत कराने और जांच के निष्कर्ष सार्वजनिक करने पर जोर दिया। कांग्रेस नेताओं के बयान में यह भी स्पष्ट किया गया कि चुनावी प्रक्रिया से जुड़े गंभीर सवालों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
हालांकि, वोट चोरी और मतदाता सूचियों में बदलाव से जुड़े आरोप कांग्रेस की ओर से लगाए गए हैं। इन आरोपों की पुष्टि के लिए स्वतंत्र जांच और संबंधित तथ्यों का सामने आना जरूरी होगा।
मुख्यमंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेने की मांग
किसानों की समस्याओं, व्यापारियों की सुरक्षा, कथित भ्रष्टाचार, प्रशासनिक अनियमितताओं और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को उठाते हुए कांग्रेस के तीनों नेताओं ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से नैतिक जिम्मेदारी लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि गंभीर आरोपों और शासन से जुड़े सवालों पर सरकार को जवाब देना चाहिए।
कांग्रेस ने मुख्यमंत्री से तत्काल इस्तीफा देने की मांग करते हुए कहा कि प्रदेश में उठ रहे मुद्दों पर जवाबदेही तय होनी चाहिए। पार्टी के अनुसार, किसानों को राहत, व्यापारियों को सुरक्षा, प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता और चुनावी प्रक्रिया पर भरोसा कायम रखना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारियां हैं।
संयुक्त बयान के जरिए कांग्रेस ने संकेत दिया है कि वह इन मुद्दों को राजनीतिक और जनहित के विमर्श में प्रमुखता से उठाएगी। पार्टी ने सरकार से आरोपों पर जवाब देने, शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराने और संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।
अब इन मुद्दों पर राज्य सरकार की प्रतिक्रिया और प्रशासनिक स्तर पर उठाए जाने वाले कदम महत्वपूर्ण होंगे। खास तौर पर मंडियों में किसानों की परेशानी, व्यापारियों की सुरक्षा और मतदाता सूचियों से जुड़े आरोपों पर तथ्यात्मक स्थिति स्पष्ट होने से राजनीतिक बहस को दिशा मिलेगी। फिलहाल कांग्रेस ने इन सभी मुद्दों को आधार बनाकर भाजपा सरकार पर दबाव बढ़ाया है और मुख्यमंत्री से इस्तीफे की मांग दोहराई है।



