नौतपा 2026: भीषण गर्मी के नौ दिनों में शरीर को स्वस्थ रखने के लिए अपनाएं सही डाइट
मई के अंतिम दिनों के साथ ही उत्तर भारत में गर्मी अपने चरम पर पहुंचने लगती है। इसी समय नौतपा की शुरुआत होती है, जिसे पारंपरिक रूप से साल के सबसे गर्म दिनों में शामिल किया जाता है। इस अवधि में सूर्य की तेज किरणों और गर्म हवाओं के कारण तापमान तेजी से बढ़ जाता है, जिससे लोगों को स्वास्थ्य संबंधी कई परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
इस बार नौतपा 25 मई से शुरू होकर 2 जून तक रहने वाला है। इन नौ दिनों के दौरान गर्मी का असर ज्यादा महसूस किया जा सकता है। तेज धूप, लू और लगातार पसीना निकलने के कारण शरीर में पानी और जरूरी मिनरल्स की कमी होने लगती है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, गर्मी के मौसम में खानपान में बदलाव करना बेहद जरूरी होता है। सही डाइट शरीर को अंदर से ठंडा रखने, पानी की कमी पूरी करने और पाचन तंत्र को बेहतर बनाए रखने में मदद करती है।
नौतपा के दौरान हल्का, ताजा और पानी से भरपूर भोजन लेना फायदेमंद माना जाता है। ऐसे खाद्य पदार्थ शरीर को ऊर्जा देने के साथ-साथ गर्मी के प्रभाव को कम करने में भी मदद कर सकते हैं।
नौतपा में क्यों जरूरी है सही खानपान?
गर्मी बढ़ने के साथ शरीर से पसीने के जरिए पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स बाहर निकलते हैं। यदि इसकी भरपाई समय पर न की जाए तो डिहाइड्रेशन, कमजोरी, चक्कर आना और थकान जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
इसके अलावा तेज गर्मी का असर पाचन तंत्र पर भी पड़ता है। भारी और ज्यादा मसालेदार भोजन पचाने में शरीर को अधिक मेहनत करनी पड़ती है, जिससे पेट से जुड़ी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
इसलिए नौतपा के दौरान ऐसी डाइट अपनानी चाहिए जिसमें पानी, फाइबर, विटामिन और प्राकृतिक पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा में मौजूद हों।
पानी से भरपूर फल और सब्जियां डाइट में करें शामिल
गर्मियों में मिलने वाले फल शरीर को हाइड्रेट रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। तरबूज, खरबूजा, खीरा, ककड़ी और संतरा जैसे फल शरीर में पानी की कमी को पूरा करने में मदद करते हैं।
तरबूज में पानी की मात्रा अधिक होती है, जो गर्मी के दिनों में शरीर को ठंडक देने में सहायक हो सकता है। वहीं खरबूजा और संतरा शरीर को जरूरी पोषक तत्व भी प्रदान करते हैं।
सब्जियों में लौकी, तोरई, टिंडा और कद्दू जैसी हल्की सब्जियां गर्मियों में बेहतर विकल्प मानी जाती हैं। ये आसानी से पच जाती हैं और शरीर को आवश्यक पोषण भी देती हैं।
घर के बने देसी पेय से मिलेगी गर्मी से राहत
नौतपा के दौरान शरीर को हाइड्रेट रखना सबसे जरूरी होता है। ऐसे में बाजार में मिलने वाले मीठे पेय पदार्थों की बजाय घर पर तैयार किए गए प्राकृतिक पेय ज्यादा बेहतर विकल्प हो सकते हैं।
छाछ और दही गर्मियों में पारंपरिक रूप से इस्तेमाल किए जाने वाले पेय हैं। ये शरीर को ठंडक देने के साथ पाचन प्रक्रिया को भी बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं।
कच्चे आम से तैयार किया गया आम पन्ना भी गर्मी के मौसम में काफी लोकप्रिय है। इसे लू से बचाव के लिए घरेलू उपाय के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।
सत्तू का शरबत, नारियल पानी और नींबू पानी भी गर्मी के दिनों में शरीर में तरल पदार्थ और इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बनाए रखने में सहायक हो सकते हैं।
हल्का और आसानी से पचने वाला भोजन लें
नौतपा के दौरान खाने में ऐसी चीजों को प्राथमिकता देनी चाहिए जो हल्की हों और आसानी से पच सकें। दोपहर और रात के भोजन में खिचड़ी, दलिया, दाल-चावल और हरी सब्जियों के साथ हल्की रोटी जैसे विकल्प बेहतर माने जाते हैं।
गर्मी में बहुत अधिक तला हुआ या भारी भोजन करने से शरीर में सुस्ती और पेट संबंधी परेशानियां बढ़ सकती हैं। इसलिए भोजन की मात्रा और गुणवत्ता दोनों पर ध्यान देना जरूरी है।
समय पर भोजन करना और पर्याप्त मात्रा में पानी पीना भी गर्मी के मौसम में स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है।
नौतपा में किन चीजों से दूरी बनाना बेहतर है?
गर्मी के दिनों में कुछ खाद्य पदार्थ शरीर में गर्मी बढ़ा सकते हैं और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों को बढ़ा सकते हैं। इसलिए नौतपा के दौरान ऐसी चीजों का सेवन सीमित करना बेहतर माना जाता है।
तला-भुना और ज्यादा मसालेदार भोजन गर्मी में एसिडिटी, पेट की परेशानी और भारीपन का कारण बन सकता है। ऐसे भोजन का अधिक सेवन करने से बचना चाहिए।
ज्यादा चाय-कॉफी और मीठे पेय से बचें
चाय और कॉफी का अधिक सेवन शरीर में पानी की कमी को बढ़ा सकता है। गर्म मौसम में कैफीन वाले पेय पदार्थों का सेवन सीमित मात्रा में करना बेहतर रहता है।
इसी तरह ज्यादा मीठे सॉफ्ट ड्रिंक्स और पैकेज्ड जूस भी शरीर के लिए बेहतर विकल्प नहीं माने जाते। इनमें मौजूद अधिक चीनी स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है।
शराब जैसे पेय पदार्थ भी शरीर में पानी की कमी बढ़ा सकते हैं, इसलिए गर्मी के मौसम में इनसे दूरी बनाए रखना जरूरी है।
बासी भोजन से रहें सावधान
गर्मी के मौसम में भोजन जल्दी खराब हो सकता है। लंबे समय तक बाहर रखा हुआ या ठीक से संरक्षित न किया गया भोजन खाने से फूड पॉइजनिंग का खतरा बढ़ सकता है।
इसलिए नौतपा के दौरान हमेशा ताजा और साफ भोजन करने की सलाह दी जाती है। भोजन को ढककर रखना और स्वच्छता का ध्यान रखना भी जरूरी है।
नौतपा में स्वस्थ रहने के लिए अपनाएं ये आसान उपाय
गर्मी के इन दिनों में केवल खानपान ही नहीं, बल्कि रोजमर्रा की आदतों में बदलाव करना भी जरूरी है। थोड़ी-थोड़ी देर में पानी पीते रहना शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करता है।
दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक धूप सबसे तेज होती है। इस दौरान अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचना चाहिए। यदि बाहर जाना जरूरी हो तो सिर ढककर निकलना और पानी साथ रखना फायदेमंद हो सकता है।
घर के अंदर भी वातावरण को ठंडा रखने का प्रयास करना चाहिए। हल्के कपड़े पहनना, पर्याप्त आराम करना और शरीर के संकेतों को नजरअंदाज न करना जरूरी है।
बच्चों और बुजुर्गों का रखें विशेष ध्यान
नौतपा के दौरान बच्चों और बुजुर्गों को गर्मी का असर जल्दी प्रभावित कर सकता है। इसलिए उन्हें पर्याप्त पानी देना और तेज धूप से बचाना जरूरी है।
बुजुर्गों और छोटे बच्चों में डिहाइड्रेशन का खतरा अधिक हो सकता है, इसलिए उनके खानपान और स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
सही डाइट, पर्याप्त पानी और गर्मी से बचाव के उपाय अपनाकर नौतपा के दौरान शरीर को स्वस्थ और सक्रिय रखा जा सकता है।




