मंडी जनकल्याण सभा की छह दशक से अधिक की सेवा यात्रा गौरवशाली: जयराम ठाकुर

मंडी जनकल्याण सभा की छह दशक से अधिक की सेवा यात्रा गौरवशाली: जयराम ठाकुर

पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि दिल्ली में वर्ष 1961 से सक्रिय मंडी जनकल्याण सभा ने छह दशक से अधिक की अपनी यात्रा में सामाजिक सेवा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण पहचान बनाई है। संस्था की ओर से मंडी और हिमाचल से जुड़े लोगों के लिए नि:शुल्क चिकित्सा एवं नेत्र चिकित्सा शिविरों के साथ-साथ विभिन्न सामाजिक और जनकल्याणकारी गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि लंबे समय से समाजसेवा के लिए समर्पित रहना संस्था की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

जयराम ठाकुर दिल्ली में मंडी जनकल्याण सभा की ओर से आयोजित सैर महोत्सव कार्यक्रम में संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने संस्था की सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों की सराहना करते हुए कहा कि दिल्ली में रह रहे मंडी और हिमाचल के लोगों को अपनी जड़ों और सांस्कृतिक विरासत से जोड़े रखने में ऐसे संगठनों की महत्वपूर्ण भूमिका है।

उन्होंने कहा कि मंडी जनकल्याण सभा का साझा मंच सहयोग, एकता और सामूहिक भावना को मजबूत करने का निरंतर प्रयास कर रहा है। संस्था के माध्यम से मंडी और हिमाचल के लोगों को एक मंच पर लाने के साथ-साथ प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्द्धन के लिए भी काम किया जा रहा है।

सामाजिक सेवा के क्षेत्र में बनाई अलग पहचान

जयराम ठाकुर ने कहा कि किसी भी संस्था की असली पहचान उसके लंबे समय तक किए गए सामाजिक कार्यों से बनती है। मंडी जनकल्याण सभा ने छह दशक से अधिक समय में चिकित्सा, राहत, समाज कल्याण और सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से अपनी अलग पहचान बनाई है।

उन्होंने कहा कि संस्था की ओर से समय-समय पर नि:शुल्क चिकित्सा शिविर आयोजित किए जाते हैं। विशेष रूप से नेत्र चिकित्सा शिविरों के जरिए लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने का प्रयास किया जा रहा है। इसके अलावा जरूरतमंद लोगों की सहायता और समाज कल्याण से जुड़े विभिन्न कार्य भी संस्था की गतिविधियों का हिस्सा रहे हैं।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि दिल्ली जैसे महानगर में हिमाचल से दूर रहने वाले लोगों को अपनी मातृभूमि की संस्कृति और परंपराओं से जोड़े रखना आसान नहीं होता। ऐसे में मंडी जनकल्याण सभा जैसी संस्थाएं लोगों के बीच सामाजिक संपर्क और सांस्कृतिक जुड़ाव को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

हिमाचली संस्कृति के संरक्षण पर जोर

जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल की समृद्ध संस्कृति, लोक परंपराओं और सामाजिक मूल्यों को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना सामूहिक जिम्मेदारी है। सैर महोत्सव जैसे कार्यक्रम इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

उन्होंने कहा कि प्रदेश से बाहर रहने वाले हिमाचली परिवारों की नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराने के लिए इस तरह के आयोजन जरूरी हैं। इससे युवाओं और बच्चों को अपनी जड़ों से जुड़ने का अवसर मिलता है और हिमाचल की लोक परंपराएं भी आगे बढ़ती हैं।

उन्होंने मंडी जनकल्याण सभा के पदाधिकारियों और सदस्यों की सराहना करते हुए कहा कि संस्था ने सामाजिक गतिविधियों के साथ सांस्कृतिक आयोजनों को भी निरंतर आगे बढ़ाया है। इससे दिल्ली में रहने वाले हिमाचली समाज के बीच आपसी संपर्क और भाईचारा मजबूत हुआ है।

छह दशक की यात्रा को आगे बढ़ाने का आह्वान

जयराम ठाकुर ने कहा कि मंडी जनकल्याण सभा ने सामाजिक, चिकित्सा, राहत और सांस्कृतिक सेवा के क्षेत्र में जो प्रतिष्ठा अर्जित की है, उसे आने वाले समय में और मजबूत करने की जरूरत है। उन्होंने उम्मीद जताई कि संस्था भविष्य में भी समाज के विभिन्न वर्गों के लिए इसी तरह काम करती रहेगी।

उन्होंने कहा कि किसी भी सामाजिक संस्था की ताकत उसके सदस्यों की सामूहिक भावना और सहयोग में होती है। मंडी जनकल्याण सभा ने वर्षों से इसी भावना के साथ काम किया है और इसे आगे भी बनाए रखने की आवश्यकता है।

उन्होंने संस्था से जुड़े लोगों से आह्वान किया कि सामाजिक सेवा के साथ-साथ हिमाचली संस्कृति और परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के प्रयास भी लगातार जारी रखें।

दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव परिणाम पर भी बोले जयराम

कार्यक्रम के दौरान जयराम ठाकुर ने दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की जीत पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इसे महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि छात्रसंघ चुनावों में युवाओं की भागीदारी लोकतांत्रिक प्रक्रिया का अहम हिस्सा है।

उन्होंने कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों ने अपने मतदान के माध्यम से छात्र नेतृत्व का चुनाव किया है। उनके अनुसार, विश्वविद्यालयों में छात्र संगठनों की गतिविधियां युवाओं को सामाजिक और राष्ट्रीय मुद्दों से जोड़ने का भी माध्यम बनती हैं।

जयराम ठाकुर ने कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की जीत को केवल एक चुनावी परिणाम के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। उनके अनुसार, यह युवाओं की सक्रिय भागीदारी और उनके विचारों की अभिव्यक्ति का भी उदाहरण है।

उन्होंने कहा कि देश की युवा पीढ़ी भविष्य की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। युवाओं को शिक्षा और रोजगार के साथ-साथ राष्ट्रहित, राष्ट्रीय एकता और सामाजिक जिम्मेदारियों को भी प्राथमिकता देनी चाहिए।

युवाओं की भागीदारी को बताया महत्वपूर्ण

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि विश्वविद्यालय केवल शिक्षा प्राप्त करने के केंद्र नहीं होते, बल्कि यहां युवाओं में नेतृत्व क्षमता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना भी विकसित होती है। छात्रसंघ चुनाव इसी प्रक्रिया का एक हिस्सा है।

उन्होंने कहा कि युवाओं को सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ना चाहिए और समाज व देश के विकास में अपनी भूमिका निभानी चाहिए। उनके मुताबिक, छात्र राजनीति में भी मुद्दों और विचारों पर आधारित स्वस्थ संवाद को बढ़ावा मिलना चाहिए।

जयराम ठाकुर ने कहा कि देश की युवा शक्ति को सही दिशा में आगे बढ़ाने के लिए शिक्षा, रोजगार, कौशल विकास और सामाजिक जिम्मेदारी जैसे विषयों पर निरंतर चर्चा आवश्यक है।

मंडी और हिमाचल के लोगों को एकजुट रखने में भूमिका

सैर महोत्सव के दौरान जयराम ठाकुर ने दिल्ली में रहने वाले मंडी और हिमाचल के लोगों के आपसी जुड़ाव को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि अपने प्रदेश से दूर रहने के बावजूद हिमाचली लोग अपनी संस्कृति और परंपराओं के प्रति गहरा जुड़ाव रखते हैं।

उन्होंने कहा कि मंडी जनकल्याण सभा लंबे समय से इसी जुड़ाव को मजबूत करने के लिए काम कर रही है। सामाजिक कार्यक्रमों, चिकित्सा शिविरों और सांस्कृतिक आयोजनों के जरिए संस्था ने दिल्ली में हिमाचली समाज को एक साझा मंच उपलब्ध करवाया है।

उन्होंने कहा कि संस्था की छह दशक से अधिक की सेवा यात्रा इस बात का प्रमाण है कि सामूहिक प्रयासों के माध्यम से समाज के लिए लंबे समय तक काम किया जा सकता है। उन्होंने संस्था के भविष्य के कार्यों के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मंडी जनकल्याण सभा का सेवा और सांस्कृतिक संरक्षण का यह कारवां आने वाले वर्षों में और आगे बढ़ना चाहिए।