5453 करोड़ की गुरुग्राम मेट्रो परियोजना ने पकड़ी रफ्तार, हिसार क्लस्टर और एम्स माजरा की प्रगति भी परखी गई

5453 करोड़ की गुरुग्राम मेट्रो परियोजना ने पकड़ी रफ्तार, हिसार क्लस्टर और एम्स माजरा की प्रगति भी परखी गई

हरियाणा में बड़े बुनियादी ढांचा और औद्योगिक विकास से जुड़े प्रोजेक्टों को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने के लिए सरकार ने निगरानी और समन्वय की प्रक्रिया तेज कर दी है। बुधवार को मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में आयोजित प्रगति एवं प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग ग्रुप की बैठक में मेट्रो, औद्योगिक क्लस्टर, स्वास्थ्य सेवाओं, लॉजिस्टिक्स और विद्युत संप्रेषण से संबंधित कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में अधिकारियों ने अलग-अलग परियोजनाओं की मौजूदा स्थिति, लंबित कार्यों और आगे की कार्ययोजना की जानकारी दी।

बैठक में सबसे प्रमुख रूप से गुरुग्राम मेट्रो परियोजना की प्रगति पर चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि करीब 5453 करोड़ रुपये की लागत वाली यह परियोजना निर्धारित योजना के अनुरूप आगे बढ़ रही है। इस परियोजना के माध्यम से मिलेनियम सिटी सेंटर को साइबर सिटी से जोड़ा जाना है। इसके साथ ही मेट्रो नेटवर्क को आगे बढ़ाते हुए द्वारका एक्सप्रेस-वे तक ले जाने की योजना है। परियोजना के लिए सरकारी भूमि के इस्तेमाल की अनुमति मिलने के बाद संबंधित साइट पर काम शुरू कर दिया गया है।

गुरुग्राम में मेट्रो कनेक्टिविटी को विस्तार देने वाली इस परियोजना को शहर की परिवहन व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि भूमि से जुड़े आवश्यक कार्यों में प्रगति के बाद अब साइट पर गतिविधियां शुरू हो चुकी हैं। मुख्य सचिव ने परियोजना से जुड़े विभागों को आपसी तालमेल बनाए रखते हुए निर्माण कार्य में गति लाने के निर्देश दिए।

विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर

मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने बैठक के दौरान कहा कि बड़ी परियोजनाओं में अलग-अलग विभागों और एजेंसियों की भूमिका होती है। ऐसे में किसी एक स्तर पर देरी का असर पूरी परियोजना की समयसीमा पर पड़ सकता है। उन्होंने संबंधित विभागों, जिला प्रशासन, केंद्र सरकार के मंत्रालयों और कार्यान्वयन एजेंसियों के बीच निरंतर समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जिन परियोजनाओं में भूमि, मंजूरी, निविदा या अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं से जुड़े मामले हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए। परियोजनाओं की नियमित निगरानी के साथ-साथ उनके सामने आ रही बाधाओं को समय रहते दूर किया जाए, ताकि निर्माण और क्रियान्वयन की गति प्रभावित न हो।

बैठक में यह भी कहा गया कि जिन परियोजनाओं पर काम शुरू हो चुका है, उनमें विभिन्न चरणों को तय समयसीमा के भीतर पूरा करने की कार्ययोजना बनाई जाए। संबंधित अधिकारियों को प्रगति की नियमित समीक्षा करने तथा आवश्यक होने पर उच्च स्तर पर मामलों को उठाने के निर्देश दिए गए।

हिसार एकीकृत विनिर्माण क्लस्टर में जमीन और पर्यावरण मंजूरी पूरी

बैठक में 4679 करोड़ रुपये की लागत वाली हिसार एकीकृत विनिर्माण क्लस्टर परियोजना की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि इस परियोजना के लिए आवश्यक पूरी भूमि अब सरकार के नियंत्रण में आ चुकी है। इसके साथ ही परियोजना के लिए जरूरी पर्यावरण संबंधी मंजूरी भी प्राप्त हो गई है।

भूमि उपलब्ध होने और पर्यावरण मंजूरी मिलने के बाद परियोजना के अगले चरण की गतिविधियों को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हुआ है। बैठक में बताया गया कि परियोजना के लिए 707 करोड़ रुपये