दिल और ब्लड प्रेशर के लिए ड्राई फ्रूट्स चुनते समय बरतें समझदारी, जानें क्या है सही तरीका

दिल और ब्लड प्रेशर के लिए ड्राई फ्रूट्स चुनते समय बरतें समझदारी, जानें क्या है सही तरीका

ड्राई फ्रूट्स यानी सूखे मेवे लंबे समय से सेहत के लिए फायदेमंद माने जाते हैं। इनमें मौजूद पोषक तत्व शरीर को ऊर्जा देने के साथ-साथ कई जरूरी विटामिन, मिनरल्स, फाइबर और हेल्दी फैट उपलब्ध कराते हैं। यही वजह है कि लोग अपनी डाइट में बादाम, अखरोट, काजू, पिस्ता, किशमिश और अंजीर जैसे ड्राई फ्रूट्स को शामिल करते हैं।

हालांकि, यह समझना जरूरी है कि हर व्यक्ति के लिए हर ड्राई फ्रूट समान रूप से फायदेमंद नहीं होता। खासकर दिल की सेहत और ब्लड प्रेशर से जुड़ी समस्याओं वाले लोगों को ड्राई फ्रूट्स का सेवन सोच-समझकर करना चाहिए।

विशेषज्ञों के अनुसार, ड्राई फ्रूट्स तभी शरीर के लिए लाभकारी होते हैं जब इन्हें सही मात्रा और सही तरीके से खाया जाए। जरूरत से ज्यादा सेवन करने पर इनमें मौजूद अधिक कैलोरी और कुछ प्रकार के पोषक तत्व शरीर पर नकारात्मक प्रभाव भी डाल सकते हैं।

दिल को स्वस्थ रखने के लिए केवल ड्राई फ्रूट्स खाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि संतुलित आहार, नियमित शारीरिक गतिविधि और स्वस्थ जीवनशैली भी जरूरी होती है।

ज्यादा ड्राई फ्रूट्स खाने से बढ़ सकता है वजन

ड्राई फ्रूट्स आकार में छोटे होते हैं, लेकिन इनमें ऊर्जा यानी कैलोरी की मात्रा काफी अधिक हो सकती है। कई लोग इन्हें हेल्दी समझकर जरूरत से ज्यादा खाना शुरू कर देते हैं।

अधिक मात्रा में ड्राई फ्रूट्स खाने से शरीर में अतिरिक्त कैलोरी पहुंच सकती है, जिससे वजन बढ़ने का खतरा बढ़ जाता है। बढ़ा हुआ वजन आगे चलकर हाई ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल और हृदय संबंधी समस्याओं का कारण बन सकता है।

इसलिए विशेषज्ञ आमतौर पर सलाह देते हैं कि ड्राई फ्रूट्स का सेवन सीमित मात्रा में किया जाए। सामान्य रूप से रोजाना एक छोटी मुट्ठी यानी लगभग 5 से 10 नट्स या 1 से 2 चम्मच सूखे मेवे पर्याप्त माने जाते हैं।

हालांकि, सही मात्रा व्यक्ति की उम्र, स्वास्थ्य स्थिति, शारीरिक गतिविधि और डाइट पर निर्भर कर सकती है।

बादाम, अखरोट और पिस्ता दिल के लिए हो सकते हैं फायदेमंद

अगर आप अपने दिल की सेहत को बेहतर बनाए रखना चाहते हैं तो कुछ खास नट्स को अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं।

बादाम

बादाम में हेल्दी फैट, फाइबर, विटामिन ई और कई अन्य पोषक तत्व पाए जाते हैं। सीमित मात्रा में बादाम का सेवन शरीर को जरूरी पोषण देने में मदद कर सकता है।

विटामिन ई और एंटीऑक्सीडेंट गुण शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करने में भूमिका निभा सकते हैं। इसके अलावा फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ संतुलित आहार का हिस्सा होने पर कोलेस्ट्रॉल नियंत्रण में मददगार हो सकते हैं।

अखरोट

अखरोट को अक्सर दिल की सेहत के लिए अच्छे नट्स में शामिल किया जाता है। इसमें ओमेगा-3 फैटी एसिड जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर के लिए आवश्यक फैट का स्रोत हो सकते हैं।

अखरोट का सीमित सेवन स्वस्थ आहार का हिस्सा बनाया जा सकता है। हालांकि, केवल किसी एक खाद्य पदार्थ के सेवन से हृदय संबंधी समस्याओं को पूरी तरह नियंत्रित नहीं किया जा सकता।

पिस्ता

पिस्ता में प्रोटीन, फाइबर और कई आवश्यक पोषक तत्व मौजूद होते हैं। बिना नमक वाले पिस्ता का सेवन बेहतर विकल्प माना जाता है, क्योंकि अधिक नमक वाला पिस्ता ब्लड प्रेशर की समस्या वाले लोगों के लिए उचित नहीं हो सकता।

किशमिश और अंजीर का सेवन भी रखें सीमित

किशमिश और अंजीर जैसे सूखे फल भी पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। इनमें प्राकृतिक शुगर, फाइबर और मिनरल्स पाए जाते हैं।

हालांकि, सूखे फलों में पानी की मात्रा कम होने के कारण इनमें शुगर की मात्रा अपेक्षाकृत अधिक केंद्रित हो जाती है। इसलिए इन्हें भी सीमित मात्रा में ही खाना चाहिए।

कई लोग यह सोचकर ज्यादा मात्रा में किशमिश या अंजीर खा लेते हैं कि ये प्राकृतिक हैं, लेकिन प्राकृतिक होने का मतलब यह नहीं है कि इन्हें असीमित मात्रा में खाया जा सकता है।

प्रोसेस्ड ड्राई फ्रूट्स से बचना जरूरी

बाजार में कई तरह के फ्लेवर वाले और प्रोसेस्ड ड्राई फ्रूट्स उपलब्ध होते हैं। इनमें अतिरिक्त चीनी, नमक या अन्य सामग्री मिलाई जा सकती है।

ज्यादा मीठे ड्राई फ्रूट्स शरीर में शुगर की मात्रा बढ़ा सकते हैं, जबकि नमकीन ड्राई फ्रूट्स में मौजूद अतिरिक्त सोडियम ब्लड प्रेशर की समस्या को प्रभावित कर सकता है।

इसलिए हमेशा कोशिश करें कि सादे और बिना प्रोसेस किए हुए ड्राई फ्रूट्स का चुनाव करें।

उदाहरण के लिए:

बिना नमक वाले बादाम

सादे अखरोट

बिना शुगर वाली किशमिश

प्राकृतिक अंजीर

ऐसे विकल्प सामान्य रूप से बेहतर माने जाते हैं।

ब्लड प्रेशर के मरीज रखें विशेष ध्यान

हाई ब्लड प्रेशर वाले लोगों के लिए ड्राई फ्रूट्स का चयन करते समय सावधानी जरूरी है।

नमकीन काजू, नमकीन पिस्ता या मसालेदार ड्राई फ्रूट्स में सोडियम की मात्रा अधिक हो सकती है, जो कुछ लोगों में ब्लड प्रेशर को प्रभावित कर सकता है।

ऐसे लोगों को बिना नमक वाले और प्राकृतिक ड्राई फ्रूट्स को प्राथमिकता देनी चाहिए। साथ ही, अपनी नियमित दवाओं और डॉक्टर द्वारा बताई गई डाइट का पालन करना भी जरूरी है।

डायबिटीज वाले लोगों के लिए जरूरी सावधानी

डायबिटीज से जूझ रहे लोगों को ड्राई फ्रूट्स खाते समय अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।

किशमिश, खजूर और अंजीर जैसे सूखे फलों में प्राकृतिक शुगर अधिक मात्रा में हो सकती है। इसलिए इनका ज्यादा सेवन ब्लड शुगर स्तर को प्रभावित कर सकता है।

डायबिटीज वाले लोग ड्राई फ्रूट्स को अपनी डाइट में शामिल करने से पहले मात्रा का ध्यान रखें। इन्हें खाली पेट खाने के बजाय अन्य भोजन के साथ या नट्स के साथ लेना कुछ लोगों के लिए बेहतर विकल्प हो सकता है।

हालांकि, हर व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति अलग होती है, इसलिए डायबिटीज मरीजों को अपनी डाइट से जुड़े फैसले डॉक्टर या डाइट विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार लेने चाहिए।

ड्राई फ्रूट्स खाने का सही तरीका

ड्राई फ्रूट्स का अधिक लाभ लेने के लिए इन्हें सही तरीके से खाना भी जरूरी है।

कुछ लोग बादाम और अन्य नट्स को रातभर भिगोकर खाते हैं। माना जाता है कि इससे इन्हें पचाना आसान हो सकता है। हालांकि, इसका प्रभाव हर व्यक्ति में अलग हो सकता है।

ड्राई फ्रूट्स खाते समय इन बातों का ध्यान रखें:

सुबह या दिन के समय सीमित मात्रा में सेवन करें

एक साथ बहुत ज्यादा मात्रा न खाएं

सादे और प्राकृतिक ड्राई फ्रूट्स चुनें

नमक और चीनी वाले विकल्पों से बचें

अपनी स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार मात्रा तय करें

संतुलित आहार का हिस्सा बनाकर लें लाभ

ड्राई फ्रूट्स को स्वस्थ आहार का हिस्सा बनाया जा सकता है, लेकिन इन्हें किसी बीमारी का इलाज नहीं माना जाना चाहिए। दिल की सेहत बेहतर रखने के लिए केवल मेवे खाने के बजाय पूरी जीवनशैली पर ध्यान देना जरूरी है।

फल, सब्जियां, साबुत अनाज, पर्याप्त पानी, नियमित व्यायाम और तनाव नियंत्रण भी हृदय स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

ड्राई फ्रूट्स में मौजूद हेल्दी फैट, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट शरीर को जरूरी पोषण दे सकते हैं, लेकिन इनका फायदा तभी मिलता है जब इन्हें संतुलित मात्रा में और सही विकल्प के रूप में चुना जाए।

सही ड्राई फ्रूट्स का चुनाव और सीमित सेवन दिल की सेहत को बेहतर बनाए रखने वाली स्वस्थ आदतों का हिस्सा बन सकता है।