अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर सिरसा स्थित प्रसिद्ध बाबा भूमणशाह धाम में आयोजित विशाल योग कार्यक्रम आध्यात्मिकता, स्वास्थ्य जागरूकता और सामाजिक संदेश का संगम बन गया। इस विशेष आयोजन में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भाग लेकर योगाभ्यास किया और प्रदेशवासियों से योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
डेरा बाबा भूमणशाह के मुख्य परिसर में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, सामाजिक कार्यकर्ता, विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि, जनप्रतिनिधि और स्थानीय नागरिक शामिल हुए। डेरा प्रमुख बाबा ब्रह्मदास के सान्निध्य में आयोजित इस आयोजन में सामूहिक योग सत्र के माध्यम से स्वास्थ्य और मानसिक संतुलन का संदेश दिया गया।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि आज के दौर में जब जीवनशैली से जुड़ी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं, तब योग केवल एक विकल्प नहीं बल्कि आवश्यकता बन चुका है। उन्होंने कहा कि नियमित योगाभ्यास व्यक्ति को शारीरिक रूप से मजबूत, मानसिक रूप से संतुलित और आध्यात्मिक रूप से जागरूक बनाता है।
योग केवल व्यायाम नहीं, जीवन को संतुलित करने की प्रक्रिया
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि योग को केवल शरीर को फिट रखने तक सीमित नहीं देखा जाना चाहिए। यह एक ऐसी समग्र जीवन पद्धति है जो मन, मस्तिष्क और आत्मा के बीच सामंजस्य स्थापित करती है।
उन्होंने कहा कि आधुनिक जीवन की भागदौड़, तनाव और प्रतिस्पर्धा के बीच मानसिक शांति बनाए रखना बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। योग व्यक्ति को इन चुनौतियों का सामना करने की शक्ति देता है और सकारात्मक सोच विकसित करने में मदद करता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वस्थ शरीर और शांत मन किसी भी समाज की प्रगति की बुनियाद होते हैं। यदि नागरिक स्वस्थ होंगे तो समाज और राष्ट्र दोनों अधिक सशक्त बनेंगे।
नशामुक्त समाज के निर्माण में योग की अहम भूमिका
मुख्यमंत्री ने युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि योग इस समस्या के समाधान का प्रभावी माध्यम बन सकता है।
उन्होंने कहा कि जब व्यक्ति योग और ध्यान जैसी सकारात्मक गतिविधियों से जुड़ता है तो उसका आत्मविश्वास बढ़ता है और वह नकारात्मक आदतों से दूर रहने की प्रेरणा प्राप्त करता है।
मुख्यमंत्री के अनुसार नशे के खिलाफ केवल कानून या प्रशासनिक कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। इसके साथ-साथ समाज में सकारात्मक जीवनशैली को बढ़ावा देना भी जरूरी है। योग इसी दिशा में एक मजबूत साधन के रूप में काम कर सकता है।
उन्होंने युवाओं से विशेष रूप से आग्रह किया कि वे अपने स्वास्थ्य और भविष्य को ध्यान में रखते हुए योग, खेल और अन्य रचनात्मक गतिविधियों को अपनाएं।
आध्यात्मिक स्थलों की सामाजिक भूमिका की सराहना
मुख्यमंत्री ने बाबा भूमणशाह धाम की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे आध्यात्मिक केंद्र केवल धार्मिक आस्था के स्थान नहीं होते, बल्कि समाज को सही दिशा देने का भी कार्य करते हैं।
उन्होंने कहा कि आश्रमों और धार्मिक संस्थाओं ने हमेशा समाज में नैतिक मूल्यों, सेवा भावना और सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा दिया है। बाबा भूमणशाह की परंपरा भी लोगों को मानव सेवा और आध्यात्मिक उन्नति का संदेश देती रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पावन स्थल पर आकर उन्हें विशेष शांति और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव हुआ है। उन्होंने डेरा प्रबंधन द्वारा सामाजिक और आध्यात्मिक क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना भी की।
वैश्विक मंच पर योग की बढ़ती पहचान
मुख्यमंत्री ने कहा कि योग भारत की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसने आज पूरी दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई है।
उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में योग को लेकर वैश्विक स्तर पर अभूतपूर्व जागरूकता बढ़ी है। दुनिया के अनेक देशों में लोग स्वास्थ्य लाभ और मानसिक संतुलन के लिए योग को अपना रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत ने अपनी हजारों वर्ष पुरानी योग परंपरा को वैश्विक मंच तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आज अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस विश्व स्तर पर स्वास्थ्य और कल्याण के सबसे बड़े जनआंदोलनों में से एक बन चुका है।
हरियाणा में योग संस्कृति को बढ़ावा देने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार योग को जन-जन तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। प्रदेश में विभिन्न स्तरों पर योग शिविर, प्रशिक्षण कार्यक्रम और जनजागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि हरियाणा ने योग को संस्थागत स्वरूप देने की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। राज्य सरकार का उद्देश्य है कि गांवों से लेकर शहरों तक अधिक से अधिक लोग योग से जुड़ें और स्वस्थ जीवनशैली को अपनाएं।
उन्होंने कहा कि योग को केवल एक दिवस तक सीमित रखने के बजाय इसे दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना आवश्यक है। नियमित अभ्यास ही इसके वास्तविक लाभ प्रदान कर सकता है।
हजारों लोगों ने किया सामूहिक योगाभ्यास
कार्यक्रम के दौरान आयोजित योग सत्र में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। प्रशिक्षित योग शिक्षकों के मार्गदर्शन में विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान प्रक्रियाओं का अभ्यास कराया गया।
प्रतिभागियों ने सामूहिक रूप से योग करते हुए स्वास्थ्य और फिटनेस के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी जताई। आयोजन स्थल पर बच्चों, युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली।
योग विशेषज्ञों ने उपस्थित लोगों को विभिन्न रोगों की रोकथाम में योग की भूमिका के बारे में जानकारी दी और नियमित अभ्यास के महत्व को समझाया।
स्वास्थ्य जागरूकता के साथ सामाजिक एकता का संदेश
योग शिविर केवल स्वास्थ्य कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहा बल्कि सामाजिक एकता और सामूहिक सहभागिता का भी प्रतीक बना।
विभिन्न समुदायों और आयु वर्ग के लोगों ने एक साथ योगाभ्यास कर यह संदेश दिया कि स्वास्थ्य और कल्याण का विषय समाज के प्रत्येक व्यक्ति से जुड़ा हुआ है।
कार्यक्रम के दौरान कई सामाजिक संगठनों ने भी स्वास्थ्य जागरूकता और नशामुक्ति से जुड़े संदेश प्रसारित किए।
बाबा ब्रह्मदास से लिया आशीर्वाद
योग कार्यक्रम के समापन पर मुख्यमंत्री ने डेरा प्रमुख बाबा ब्रह्मदास से मुलाकात कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान प्रदेश की खुशहाली, सामाजिक सौहार्द और जनकल्याण से जुड़े विषयों पर भी चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री ने डेरा प्रबंधन द्वारा समाज सेवा, आध्यात्मिक मार्गदर्शन और मानव कल्याण के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे संस्थान समाज को सकारात्मक दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
स्वस्थ हरियाणा के निर्माण की दिशा में पहल
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर आयोजित यह कार्यक्रम स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का संदेश देने में सफल रहा।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन के अंत में प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे योग को केवल एक आयोजन या अभियान न मानें, बल्कि इसे अपनी दिनचर्या का स्थायी हिस्सा बनाएं। उनका कहना था कि स्वस्थ नागरिक ही मजबूत समाज और विकसित राज्य की नींव होते हैं।
सिरसा में आयोजित यह आयोजन न केवल योग के महत्व को रेखांकित करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि स्वास्थ्य, आध्यात्मिकता और सामाजिक जागरूकता को साथ लेकर चलने से एक बेहतर और सशक्त समाज का निर्माण संभव है।




