हरियाणा भारतीय जनता पार्टी में नई प्रदेश कार्यकारिणी के गठन को लेकर चल रही तैयारियों के बीच राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता ने मंगलवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की। यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब पार्टी संगठन के पुनर्गठन की प्रक्रिया अंतिम चरण में मानी जा रही है और नई कार्यकारिणी की घोषणा को लेकर लगातार अटकलें लगाई जा रही हैं। सूत्रों का मानना है कि संगठनात्मक स्तर पर व्यापक मंथन लगभग पूरा हो चुका है और नए पदाधिकारियों की सूची जल्द जारी की जा सकती है।
प्रधानमंत्री आवास पर हुई इस मुलाकात के दौरान करीब आधे घंटे तक दोनों नेताओं के बीच विभिन्न संगठनात्मक और सामाजिक विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। यह डॉ. अर्चना गुप्ता की प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बनने के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ पहली औपचारिक मुलाकात थी। राजनीतिक दृष्टि से इस बैठक को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि हरियाणा भाजपा संगठन आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों और भविष्य की रणनीति को लेकर सक्रिय रूप से तैयारी कर रहा है।
सूत्रों के अनुसार बैठक में संगठन के विस्तार, बूथ स्तर तक पार्टी को मजबूत बनाने, आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा, कार्यकर्ताओं की भागीदारी और नई प्रदेश कार्यकारिणी के गठन जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री ने संगठन को और अधिक सक्रिय, जनसंपर्क आधारित तथा कार्यकर्ता-केंद्रित बनाने पर जोर दिया। साथ ही पार्टी की विचारधारा और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की दिशा में भी मार्गदर्शन दिया गया।
डॉ. अर्चना गुप्ता पिछले कुछ दिनों से नई प्रदेश कार्यकारिणी के गठन को लेकर लगातार केंद्रीय नेतृत्व से संपर्क बनाए हुए हैं। प्रधानमंत्री से मुलाकात से पहले वह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री एवं हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल, केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन तथा पार्टी के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बी.एल. संतोष से भी अलग-अलग मुलाकात कर चुकी हैं। इन बैठकों के दौरान संभावित पदाधिकारियों के नाम, संगठनात्मक संतुलन और नई टीम की रूपरेखा पर विस्तृत चर्चा होने की जानकारी सामने आई है।
भाजपा के भीतर नई कार्यकारिणी को लेकर लंबे समय से मंथन चल रहा है। पार्टी इस बार ऐसी टीम तैयार करना चाहती है जिसमें अनुभवी नेताओं के साथ-साथ युवाओं, महिलाओं, सामाजिक रूप से विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों और संगठन में लंबे समय से सक्रिय कार्यकर्ताओं को भी उचित स्थान मिले। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नई कार्यकारिणी में क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा ताकि संगठन की पहुंच प्रदेश के हर वर्ग तक मजबूत हो सके।
सूत्रों के मुताबिक संभावित पदाधिकारियों के नामों का पैनल लगभग तैयार हो चुका है और केंद्रीय नेतृत्व की अंतिम सहमति के बाद सूची जारी की जा सकती है। माना जा रहा है कि प्रदेश अध्यक्ष द्वारा लगातार राष्ट्रीय नेतृत्व के साथ हो रही बैठकों का उद्देश्य अंतिम रूप से सभी नामों पर सहमति बनाना है, ताकि नई टीम की घोषणा के बाद संगठन पूरी क्षमता के साथ मैदान में उतर सके।
हरियाणा भाजपा आने वाले समय में संगठनात्मक गतिविधियों को और तेज करने की तैयारी कर रही है। नई कार्यकारिणी के गठन के बाद जिला, मंडल और बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने के लिए विशेष अभियान चलाए जाने की संभावना है। पार्टी का फोकस सदस्यता विस्तार, जनसंपर्क कार्यक्रम, सामाजिक अभियानों और केंद्र तथा राज्य सरकार की योजनाओं को लोगों तक पहुंचाने पर रहेगा।
प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद डॉ. अर्चना गुप्ता ने इसे अपने सार्वजनिक जीवन का एक महत्वपूर्ण और प्रेरणादायक क्षण बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के साथ लगभग आधे घंटे तक विभिन्न संगठनात्मक और सामाजिक विषयों पर सकारात्मक चर्चा हुई। इस दौरान उन्हें संगठन को और अधिक प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने के संबंध में मार्गदर्शन भी प्राप्त हुआ।
उन्होंने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष का दायित्व संभालने के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से पहली बार मिलना उनके लिए अत्यंत भावुक और गर्व का विषय है। उन्होंने इसे अपने राजनीतिक जीवन के सबसे यादगार अवसरों में से एक बताया। डॉ. गुप्ता ने कहा कि गुरु पूर्णिमा से पहले देश के प्रधानमंत्री से मुलाकात करना उनके लिए विशेष महत्व रखता है और एक साधारण कार्यकर्ता के रूप में यह सम्मान उन्हें नई ऊर्जा और प्रेरणा प्रदान करता है।
उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी का प्रत्येक कार्यकर्ता संगठन की सबसे बड़ी ताकत है और भाजपा की कार्यशैली में कार्यकर्ताओं को सर्वोच्च स्थान दिया जाता है। संगठन को और अधिक मजबूत बनाने तथा जनता के बीच पार्टी की सक्रिय उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए सभी स्तरों पर सामूहिक प्रयास किए जाएंगे।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि प्रधानमंत्री से यह मुलाकात केवल औपचारिक शिष्टाचार तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे हरियाणा भाजपा के आगामी संगठनात्मक ढांचे के संदर्भ में भी देखा जा रहा है। प्रदेश में नई कार्यकारिणी के गठन को लेकर जिस तरह लगातार केंद्रीय नेतृत्व के साथ बैठकें हुई हैं, उससे संकेत मिलते हैं कि पार्टी आने वाले समय में संगठन को नई दिशा देने की तैयारी में है।
भाजपा का प्रयास है कि नई टीम में संगठनात्मक अनुभव और नई सोच का संतुलित समावेश हो। पार्टी ऐसे नेताओं को जिम्मेदारी देना चाहती है जो संगठन विस्तार, जनसंपर्क और सरकार की योजनाओं के प्रचार-प्रसार में प्रभावी भूमिका निभा सकें। इसके साथ ही बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करने और नए कार्यकर्ताओं को जोड़ने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
सूत्रों का कहना है कि नई कार्यकारिणी की घोषणा के बाद प्रदेशभर में संगठनात्मक बैठकों और प्रशिक्षण कार्यक्रमों का सिलसिला भी शुरू हो सकता है। जिला और मंडल स्तर पर नई जिम्मेदारियां तय करने के साथ-साथ आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा भी तैयार की जाएगी। इसके जरिए पार्टी अपने संगठनात्मक ढांचे को और मजबूत बनाने तथा कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ेगी।
हरियाणा भाजपा के भीतर नई कार्यकारिणी का गठन केवल संगठनात्मक बदलाव नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे आने वाले राजनीतिक कार्यक्रमों और चुनावी रणनीति की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसी कारण केंद्रीय नेतृत्व प्रत्येक नाम पर विस्तार से विचार करने के बाद ही अंतिम सूची को मंजूरी देने की प्रक्रिया में जुटा हुआ है।
फिलहाल सभी की निगाहें नई प्रदेश कार्यकारिणी की घोषणा पर टिकी हैं। पार्टी के भीतर यह चर्चा तेज है कि केंद्रीय नेतृत्व की अंतिम स्वीकृति मिलते ही नए पदाधिकारियों की सूची सार्वजनिक कर दी जाएगी। इसके बाद हरियाणा भाजपा संगठन नए स्वरूप में सक्रिय होकर प्रदेशभर में अपने संगठनात्मक अभियान को और गति देगा।




