मोगा में सफाई व्यवस्था पर सरकार की सख्ती, मंत्री हरजोत बैंस के औचक दौरे में खुली व्यवस्थागत खामियां

मोगा में सफाई व्यवस्था पर सरकार की सख्ती, मंत्री हरजोत बैंस के औचक दौरे में खुली व्यवस्थागत खामियां

पंजाब सरकार द्वारा राज्य के शहरों को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे ‘मिशन क्लीन पंजाब’ अभियान के तहत मंगलवार को मोगा शहर में प्रशासनिक हलकों में उस समय हलचल मच गई, जब स्थानीय निकाय मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने बिना पूर्व सूचना के शहर का दौरा कर सफाई व्यवस्था का जायजा लिया। इस निरीक्षण के दौरान शहर के कई इलाकों में सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं मिली। कई स्थानों पर कूड़े के ढेर, गंदगी और कचरे के अनुचित प्रबंधन को देखकर मंत्री ने नाराजगी व्यक्त की और संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए।

सुबह के समय किए गए इस निरीक्षण का उद्देश्य शहर में जमीनी स्तर पर चल रही सफाई व्यवस्था की वास्तविक स्थिति का आकलन करना था। मंत्री ने विभिन्न वार्डों, प्रमुख बाजारों, रिहायशी क्षेत्रों और सार्वजनिक स्थानों का दौरा किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने न केवल सफाई संबंधी व्यवस्थाओं को देखा, बल्कि स्थानीय नागरिकों से बातचीत कर उनकी समस्याएं और शिकायतें भी सुनीं।

दौरे के दौरान कई स्थानों पर लंबे समय से जमा कचरा और अपर्याप्त सफाई व्यवस्था सामने आने पर मंत्री ने इसे गंभीर प्रशासनिक लापरवाही माना। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि राज्य सरकार द्वारा निर्धारित स्वच्छता मानकों की अनदेखी किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने नगर निगम मोगा के कमिश्नर के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए ताकि यह स्पष्ट हो सके कि निर्धारित मानकों के बावजूद सफाई व्यवस्था में कमी क्यों बनी रही।

हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में राज्य सरकार पंजाब के शहरों और कस्बों को साफ-सुथरा, आधुनिक और नागरिकों के लिए बेहतर बनाने की दिशा में गंभीरता से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि ‘मिशन क्लीन पंजाब’ केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि शहरी जीवन की गुणवत्ता को सुधारने का व्यापक अभियान है। इस अभियान का उद्देश्य शहरों में स्वच्छता को प्राथमिकता देना और लोगों को बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना है।

मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल कागजी उपलब्धियां हासिल करना नहीं है, बल्कि जमीनी स्तर पर वास्तविक परिवर्तन लाना है। उन्होंने कहा कि यदि किसी क्षेत्र में सफाई व्यवस्था कमजोर पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को इसकी जिम्मेदारी लेनी होगी। जनता करों के रूप में सरकार को राजस्व देती है और बदले में बेहतर नागरिक सुविधाओं की अपेक्षा रखती है। ऐसे में अधिकारियों का दायित्व है कि वे अपनी जिम्मेदारियों का पूरी निष्ठा से निर्वहन करें।

निरीक्षण के दौरान मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहर में नियमित सफाई, कचरा संग्रहण और अपशिष्ट प्रबंधन की व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जाए। उन्होंने कहा कि गंदगी और कूड़े के ढेर न केवल शहर की सुंदरता को प्रभावित करते हैं, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए भी खतरा पैदा करते हैं। इसलिए सफाई को केवल प्रशासनिक कार्य नहीं, बल्कि जनस्वास्थ्य से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय माना जाना चाहिए।

उन्होंने यह भी बताया कि ‘मिशन क्लीन पंजाब’ को तकनीक आधारित निगरानी प्रणाली के साथ लागू किया जा रहा है। इसके तहत राज्य भर के शहरी निकायों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। अधिकारियों को नियमित रूप से फील्ड में जाकर निरीक्षण करने और उसकी रिपोर्ट डिजिटल माध्यम से साझा करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी प्रकार की लापरवाही को तुरंत चिन्हित किया जा सके।

मंत्री के अनुसार, अभियान के तहत नगर निगम कमिश्नरों, नगर परिषदों के कार्यकारी अधिकारियों और अन्य संबंधित अधिकारियों के लिए प्रतिदिन सुबह 7 बजे से 8 बजे तक फील्ड विजिट अनिवार्य की गई है। इस दौरान उन्हें अपने-अपने क्षेत्रों का दौरा कर सफाई व्यवस्था, कचरा उठाने की प्रक्रिया और अन्य नागरिक सुविधाओं की समीक्षा करनी होती है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अधिकारी केवल कार्यालयों तक सीमित न रहें, बल्कि जमीनी हालात से भी सीधे तौर पर जुड़े रहें।

उन्होंने कहा कि पंजाब के विभिन्न शहरों को छोटे-छोटे निगरानी क्षेत्रों में विभाजित किया गया है ताकि सफाई व्यवस्था पर बेहतर नियंत्रण रखा जा सके। प्रत्येक शहर को लगभग 10 किलोमीटर के जोन में बांटकर अलग-अलग अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गई है। संबंधित अधिकारी अपने निर्धारित क्षेत्र की स्वच्छता व्यवस्था के लिए सीधे जवाबदेह होंगे। इससे जवाबदेही बढ़ेगी और समस्याओं का समाधान अधिक तेजी से हो सकेगा।

हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि राज्य सरकार स्वच्छता अभियान को लेकर किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरतना चाहती। इसी कारण औचक निरीक्षणों की श्रृंखला लगातार जारी रखी जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी शहर में सफाई व्यवस्था खराब पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। वहीं, अच्छा प्रदर्शन करने वाले निकायों और कर्मचारियों को प्रोत्साहित भी किया जाएगा।

उन्होंने सफाई कर्मचारियों की भूमिका की भी सराहना की और कहा कि शहरी विकास और स्वच्छता व्यवस्था की सफलता में उनका योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मी प्रतिदिन कठिन परिस्थितियों में काम कर शहरों को स्वच्छ बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सरकार उनके कार्यों को सम्मान देती है और उन्हें बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए भी प्रतिबद्ध है।

मंत्री ने नागरिकों से भी स्वच्छता अभियान में सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि केवल सरकारी प्रयासों से शहरों को पूरी तरह स्वच्छ नहीं बनाया जा सकता। इसके लिए आम लोगों की भागीदारी भी आवश्यक है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे सार्वजनिक स्थानों पर कचरा न फेंकें, निर्धारित स्थानों पर ही कूड़ा डालें और अपने आसपास के वातावरण को साफ रखने में सहयोग करें।

उन्होंने कहा कि स्वच्छ शहर केवल प्रशासनिक उपलब्धि नहीं होते, बल्कि यह समाज की सामूहिक जिम्मेदारी का परिणाम होते हैं। यदि नागरिक और प्रशासन मिलकर काम करें तो पंजाब के शहरों को देश के सबसे स्वच्छ शहरों की श्रेणी में शामिल किया जा सकता है।

मोगा में हुए इस औचक निरीक्षण को सरकार के उस संदेश के रूप में भी देखा जा रहा है, जिसमें स्पष्ट किया गया है कि शहरी निकायों के कामकाज की निगरानी अब पहले से अधिक सख्ती के साथ की जाएगी। सरकार चाहती है कि स्वच्छता संबंधी योजनाओं का लाभ सीधे नागरिकों तक पहुंचे और शहरों में रहने वाले लोगों को साफ-सुथरा एवं स्वस्थ वातावरण उपलब्ध हो।

दौरे के अंत में मंत्री ने दोहराया कि ‘मिशन क्लीन पंजाब’ केवल एक अल्पकालिक अभियान नहीं है, बल्कि यह राज्य के शहरी ढांचे को बेहतर बनाने की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भी विभिन्न शहरों में इसी प्रकार के निरीक्षण किए जाएंगे और जहां भी कमियां पाई जाएंगी, वहां तत्काल सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। सरकार का लक्ष्य पंजाब को स्वच्छता, नागरिक सुविधाओं और शहरी प्रबंधन के क्षेत्र में एक आदर्श राज्य के रूप में स्थापित करना है।