श्री अकाल तख्त के समन पर AAP का रुख स्पष्ट, बोले CM भगवंत मान- ‘पंथ की सर्वोच्च मर्यादा का पूरा सम्मान, जो आदेश मिलेगा वह स्वीकार होगा’

श्री अकाल तख्त के समन पर AAP का रुख स्पष्ट, बोले CM भगवंत मान- ‘पंथ की सर्वोच्च मर्यादा का पूरा सम्मान, जो आदेश मिलेगा वह स्वीकार होगा’

चंडीगढ़। श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा आम आदमी पार्टी के कुछ मंत्रियों और विधायकों को तलब किए जाने के बाद पंजाब की सियासत में जारी चर्चा के बीच मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पहली बार इस पूरे घटनाक्रम पर विस्तार से प्रतिक्रिया दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि आम आदमी पार्टी सिख पंथ की सर्वोच्च धार्मिक संस्था श्री अकाल तख्त साहिब की गरिमा और अधिकार का पूर्ण सम्मान करती है। इसी भावना के तहत जिन नेताओं को पेश होने के लिए कहा गया है, वे सभी निर्धारित तिथि और समय पर श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष उपस्थित होंगे तथा मांगी गई सभी जानकारी और लिखित स्पष्टीकरण भी प्रस्तुत करेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पार्टी इस पूरे मामले को किसी राजनीतिक विवाद के रूप में नहीं देखती, बल्कि धार्मिक परंपराओं और मर्यादाओं का सम्मान करते हुए आगे बढ़ेगी। उन्होंने दोहराया कि श्री अकाल तख्त साहिब जो भी निर्णय देगा, उसे पूरी श्रद्धा, विनम्रता और सम्मान के साथ स्वीकार किया जाएगा।

तलब किए गए नेता समय पर होंगे पेश

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से जिन मंत्रियों और विधायकों को बुलाया गया है, वे सभी निर्धारित प्रक्रिया का पालन करेंगे। उन्होंने बताया कि संबंधित नेताओं को लिखित जवाब देने के लिए भी कहा गया है और पार्टी के सभी प्रतिनिधि आवश्यक दस्तावेजों के साथ अपना पक्ष प्रस्तुत करेंगे।

उन्होंने कहा कि पार्टी का उद्देश्य किसी प्रकार का टकराव या विवाद खड़ा करना नहीं है। यदि किसी संस्था ने स्पष्टीकरण मांगा है तो लोकतांत्रिक और धार्मिक परंपराओं के अनुरूप जवाब देना उचित है। इसलिए सभी संबंधित नेता पूरी गंभीरता के साथ प्रक्रिया में शामिल होंगे।

खुद को नहीं मिला समन

मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्हें व्यक्तिगत रूप से श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से पेश होने का कोई निर्देश नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि चूंकि समन उन्हें नहीं बल्कि पार्टी के कुछ मंत्रियों और विधायकों को जारी किया गया है, इसलिए वही लोग संस्था के समक्ष उपस्थित होकर पार्टी का पक्ष रखेंगे।

उन्होंने बताया कि इस दौरान पंजाब विधानसभा के अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां भी उनके साथ मौजूद रहेंगे। उनका कहना था कि पूरी प्रक्रिया सम्मानजनक और निर्धारित परंपराओं के अनुसार पूरी की जाएगी।

लिखित स्पष्टीकरण भी सौंपे जाएंगे

मुख्यमंत्री के अनुसार श्री अकाल तख्त साहिब ने कुछ नेताओं से लिखित रूप में जवाब भी मांगा है। उन्होंने कहा कि पार्टी इस निर्देश का भी पूरी तरह पालन करेगी और संबंधित मंत्री अपना विस्तृत स्पष्टीकरण लिखित रूप में प्रस्तुत करेंगे।

उन्होंने कहा कि यदि किसी विषय पर तथ्यात्मक जानकारी देना आवश्यक होगा तो वह भी संस्था के समक्ष रखी जाएगी, ताकि पूरा मामला स्पष्ट रूप से सामने आ सके।

वायरल वीडियो को बताया कृत्रिम

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने उस कथित वायरल वीडियो पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी, जिसे पूरे विवाद की प्रमुख वजह माना जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि संबंधित वीडियो वास्तविक नहीं है, बल्कि तकनीकी माध्यमों से तैयार किया गया है।

मुख्यमंत्री का कहना था कि वीडियो में आधुनिक डिजिटल तकनीक और मास्किंग का उपयोग किया गया है, जिससे वास्तविकता को बदलकर प्रस्तुत करने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि पार्टी इस संबंध में उपलब्ध सभी तकनीकी तथ्यों और दस्तावेजों को श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष रखेगी।

उन्होंने कहा कि केवल सोशल मीडिया पर प्रसारित किसी सामग्री के आधार पर निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। इसलिए वास्तविक तथ्यों को सामने रखना आवश्यक है।

संस्था के समक्ष रखेंगे पूरा पक्ष

मुख्यमंत्री ने कहा कि पार्टी इस मामले में अपना पूरा पक्ष तथ्यों के आधार पर रखेगी। उन्होंने बताया कि संबंधित पत्राचार और वीडियो से जुड़े सभी दस्तावेज श्री अकाल तख्त साहिब को उपलब्ध कराए जाएंगे ताकि संस्था स्वयं सभी पहलुओं का अध्ययन कर सके।

उन्होंने कहा कि पार्टी को विश्वास है कि तथ्यों के आधार पर उचित निर्णय लिया जाएगा और सभी पक्षों को सुनने के बाद जो भी निष्कर्ष निकलेगा, उसका सम्मान किया जाएगा।

टकराव की कोई कल्पना नहीं

भगवंत मान ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उनकी सरकार अथवा आम आदमी पार्टी कभी भी श्री अकाल तख्त साहिब जैसी सर्वोच्च धार्मिक संस्था के साथ किसी प्रकार के टकराव की कल्पना भी नहीं कर सकती।

उन्होंने कहा कि सिख परंपरा में श्री अकाल तख्त साहिब का विशेष स्थान है और उसके प्रति सम्मान बनाए रखना प्रत्येक सिख का कर्तव्य है। इसलिए पार्टी का पूरा प्रयास रहेगा कि इस पूरे घटनाक्रम में मर्यादा और सम्मान सर्वोपरि रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि धार्मिक संस्थाओं का सम्मान राजनीतिक मतभेदों से ऊपर होना चाहिए और सभी पक्षों को इसी भावना के साथ आगे बढ़ना चाहिए।

विरोध के नाम पर माहौल बनाने का आरोप

मुख्यमंत्री ने दावा किया कि हाल के दिनों में कुछ स्थानों पर उनके विरोध में बोर्ड और पोस्टर लगाए गए हैं तथा उन्हें श्री अकाल तख्त साहिब के आदेश के रूप में प्रचारित किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियों से भ्रम की स्थिति पैदा होती है और अनावश्यक विवाद बढ़ता है। उनके अनुसार धार्मिक मामलों को राजनीतिक रंग देने से बचना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि किसी संस्था ने कोई प्रक्रिया शुरू की है तो उसे उसी प्रक्रिया के अनुसार पूरा होने देना चाहिए, न कि उसके नाम पर अलग-अलग प्रकार के प्रचार अभियान चलाए जाएं।

पूर्व घटनाओं का भी किया उल्लेख

अपने बयान के दौरान मुख्यमंत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल से जुड़े एक पुराने घटनाक्रम का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उस समय धार्मिक निर्णय आने के बावजूद इस प्रकार का सार्वजनिक माहौल नहीं बनाया गया था।

मुख्यमंत्री का कहना था कि वर्तमान मामले में कुछ लोग जानबूझकर विवाद को अधिक बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि धार्मिक विषयों को राजनीतिक प्रतिस्पर्धा का माध्यम नहीं बनाया जाना चाहिए।

एसजीपीसी की भूमिका पर भी रखी बात

भगवंत मान ने कहा कि पंथक एकत्रीकरण बुलाने का अधिकार शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के पास है और संस्था अपने अधिकारों के अनुसार निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र है।

उन्होंने कहा कि धार्मिक संस्थाओं के अपने नियम और प्रक्रियाएं होती हैं तथा उनका सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने किसी भी प्रकार की टिप्पणी करने से बचते हुए कहा कि जो भी प्रक्रिया चल रही है, उसे उसी मर्यादा के साथ पूरा होने दिया जाना चाहिए।

संगत को बताया सर्वोच्च सम्मान

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में सिख परंपरा में संगत के महत्व का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सिख इतिहास और परंपरा में सबसे बड़ा सम्मान संगत को दिया गया है और वही समाज की वास्तविक शक्ति है।

उन्होंने दावा किया कि कई अवसरों पर कुछ गुरुद्वारों के बाहर उनके विरोध में बोर्ड लगाए गए, लेकिन जब वे वहां पहुंचे तो संगत ने उन्हें सम्मान दिया। उनके अनुसार इससे यह स्पष्ट होता है कि आम श्रद्धालु आपसी भाईचारे और सम्मान की भावना को प्राथमिकता देते हैं।

उन्होंने कहा कि समाज में संवाद और सद्भाव बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है और किसी भी विवाद को अनावश्यक रूप से बढ़ाने से बचना चाहिए।

संयम और मर्यादा के साथ आगे बढ़ने की अपील

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अंत में कहा कि आम आदमी पार्टी पूरे मामले में संयम, सम्मान और धार्मिक मर्यादा का पालन करेगी। उन्होंने दोहराया कि जिन नेताओं को बुलाया गया है, वे श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष उपस्थित होकर अपना पक्ष रखेंगे और संस्था द्वारा दिए जाने वाले निर्णय को पूरी श्रद्धा के साथ स्वीकार करेंगे।

उन्होंने कहा कि पार्टी का उद्देश्य किसी प्रकार का टकराव नहीं, बल्कि तथ्यों को सामने रखते हुए धार्मिक परंपराओं का सम्मान करना है। साथ ही उन्होंने सभी पक्षों से अपील की कि इस विषय को लेकर अनावश्यक बयानबाजी से बचा जाए और पूरी प्रक्रिया को शांतिपूर्ण तथा गरिमापूर्ण ढंग से संपन्न होने दिया जाए।