11 साल में बदली भारत की डिजिटल तस्वीर, तकनीक ने शासन से लेकर गांव तक पहुंचाई नई सुविधाएं: अनुराग ठाकुर

11 साल में बदली भारत की डिजिटल तस्वीर, तकनीक ने शासन से लेकर गांव तक पहुंचाई नई सुविधाएं: अनुराग ठाकुर

डिजिटल इंडिया अभियान के 11 वर्ष पूरे होने के अवसर पर सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि पिछले एक दशक में भारत ने डिजिटल क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है और आज देश वैश्विक स्तर पर डिजिटल परिवर्तन का प्रमुख उदाहरण बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2015 में शुरू किए गए इस अभियान ने प्रशासन, अर्थव्यवस्था और आम नागरिकों के जीवन में व्यापक बदलाव लाया है।

अनुराग ठाकुर ने कहा कि 1 जुलाई 2015 को शुरू हुए डिजिटल इंडिया मिशन का उद्देश्य तकनीक को शासन और जनसेवा का प्रभावी माध्यम बनाना था। आज यह पहल केवल सरकारी सेवाओं को ऑनलाइन उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसने देश में पारदर्शिता, जवाबदेही, वित्तीय समावेशन और डिजिटल सशक्तिकरण को नई दिशा दी है। उन्होंने कहा कि गांवों से लेकर शहरों तक डिजिटल सुविधाओं की पहुंच बढ़ने से लोगों के दैनिक जीवन में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिले हैं।

उन्होंने बताया कि डिजिटल अवसंरचना के विस्तार के कारण आज देश में 144 करोड़ से अधिक आधार पहचान पत्र जारी किए जा चुके हैं, जिससे विभिन्न सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ पात्र लोगों तक आसानी से पहुंच रहा है। आधार आधारित प्रमाणीकरण ने सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाया है।

सांसद ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के माध्यम से 9.4 करोड़ से अधिक किसान परिवारों को प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के जरिए आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जा रही है। इससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त हुई है और किसानों तक सहायता राशि समय पर पहुंचना सुनिश्चित हुआ है। उन्होंने कहा कि डिजिटल भुगतान व्यवस्था ने सरकारी योजनाओं की पारदर्शिता को मजबूत करने के साथ-साथ लाभार्थियों का भरोसा भी बढ़ाया है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जनधन योजना के जरिए करोड़ों लोगों को पहली बार औपचारिक बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ा गया। बैंक खाते, आधार और मोबाइल की त्रिस्तरीय व्यवस्था ने प्रत्यक्ष लाभ अंतरण प्रणाली को मजबूत बनाया है। इसके परिणामस्वरूप विभिन्न सरकारी योजनाओं की राशि सीधे लाभार्थियों के खातों में पहुंच रही है, जिससे भ्रष्टाचार में कमी आई है और सरकारी संसाधनों का बेहतर उपयोग संभव हुआ है।

अनुराग ठाकुर ने कहा कि ग्रामीण भारत में डिजिटल कनेक्टिविटी बढ़ाने के उद्देश्य से शुरू की गई भारतनेट परियोजना भी तेजी से आगे बढ़ी है। उनके अनुसार देश की लगभग 97 प्रतिशत ग्राम पंचायतों को ब्रॉडबैंड नेटवर्क से जोड़ा जा चुका है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, ई-गवर्नेंस और डिजिटल सेवाओं की पहुंच पहले की तुलना में कहीं अधिक आसान हुई है।

उन्होंने कहा कि इंटरनेट उपयोग के मामले में भी भारत ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। वर्तमान समय में देश में 103 करोड़ से अधिक इंटरनेट कनेक्शन उपलब्ध हैं, जिसके कारण डिजिटल सेवाओं का दायरा लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि आज नागरिक बैंकिंग, शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और सरकारी सेवाओं सहित अनेक कार्य ऑनलाइन माध्यम से आसानी से कर रहे हैं।

सांसद ने डिजिटल भुगतान प्रणाली का उल्लेख करते हुए कहा कि यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) ने भारत को दुनिया में डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में अग्रणी देशों की श्रेणी में पहुंचा दिया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में विश्व के लगभग आधे रियल-टाइम डिजिटल लेनदेन भारत में हो रहे हैं। यूपीआई ने छोटे व्यापारियों, दुकानदारों, किसानों और आम नागरिकों के लिए भुगतान प्रक्रिया को सरल, सुरक्षित और तेज बनाया है।

उन्होंने कहा कि डिजिटल इंडिया अभियान ने केवल वर्तमान आवश्यकताओं को पूरा नहीं किया, बल्कि भविष्य की तकनीकों के लिए भी मजबूत आधार तैयार किया है। आज भारत कृत्रिम बुद्धिमत्ता (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस), सेमीकंडक्टर निर्माण, डिजिटल नवाचार और उभरती प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। सरकार इन क्षेत्रों में निवेश और अनुसंधान को बढ़ावा देकर भारत को वैश्विक तकनीकी शक्ति के रूप में स्थापित करने की दिशा में कार्य कर रही है।

अनुराग ठाकुर ने कहा कि डिजिटल तकनीक ने शासन प्रणाली को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और नागरिक केंद्रित बनाया है। सरकारी सेवाओं का डिजिटलीकरण होने से लोगों को कार्यालयों के चक्कर कम लगाने पड़ रहे हैं और कई सेवाएं अब घर बैठे ऑनलाइन उपलब्ध हो रही हैं। इससे समय और संसाधनों दोनों की बचत हुई है।

उन्होंने कहा कि डिजिटल इंडिया अभियान का सबसे बड़ा लाभ यह है कि तकनीक को केवल शहरों तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि गांवों और दूरदराज के क्षेत्रों तक भी पहुंचाया गया। इससे डिजिटल असमानता कम हुई है और समाज के विभिन्न वर्गों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने में मदद मिली है।

सांसद ने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में डिजिटल इंडिया अभियान भारत की आर्थिक प्रगति, सुशासन और तकनीकी आत्मनिर्भरता को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा। उन्होंने कहा कि डिजिटल नवाचार और आधुनिक तकनीकों के विस्तार से भारत वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत पहचान और अधिक सुदृढ़ करेगा।