हरियाणा के दीर्घकालिक विकास एजेंडे पर आज बड़ी समीक्षा, मुख्यमंत्री सैनी करेंगे विजन-2047 की व्यापक प्रगति का आकलन

हरियाणा के दीर्घकालिक विकास एजेंडे पर आज बड़ी समीक्षा, मुख्यमंत्री सैनी करेंगे विजन-2047 की व्यापक प्रगति का आकलन

हरियाणा सरकार वर्ष 2047 तक राज्य को आर्थिक, सामाजिक और तकनीकी रूप से देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने की दिशा में अपनी दीर्घकालिक विकास रणनीति को तेज़ी से आगे बढ़ा रही है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी शुक्रवार को चंडीगढ़ स्थित हरियाणा सचिवालय में पूरे दिन विभिन्न विभागों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठकों की अध्यक्षता करेंगे। सुबह 10 बजे से शुरू होकर शाम तक चलने वाली इन बैठकों में सरकार की प्रमुख योजनाओं, बजट घोषणाओं, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की घोषणाओं के साथ-साथ चुनावी संकल्प पत्र में किए गए वादों की प्रगति का विस्तृत मूल्यांकन किया जाएगा।

बैठकों में मुख्यमंत्री कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा सभी संबंधित विभागों के प्रशासनिक सचिव, विभागाध्यक्ष और अन्य शीर्ष अधिकारी शामिल होंगे। सरकार का उद्देश्य विभिन्न परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति का आकलन करते हुए उनके समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करना है, ताकि दीर्घकालिक विकास लक्ष्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर हासिल किया जा सके।

कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर विशेष चर्चा

बैठकों में कृषि, बागवानी, मत्स्य पालन और पशुपालन जैसे ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़े विभाग प्रमुख एजेंडा में रहेंगे। सरकार इन क्षेत्रों को आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक तरीकों से मजबूत बनाने की रणनीति पर काम कर रही है। खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने के लिए प्राकृतिक खेती, जैविक उत्पादन, माइक्रो इरिगेशन, ड्रोन तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित मृदा परीक्षण जैसी व्यवस्थाओं के विस्तार पर विशेष जोर दिया जाएगा।

इसके अलावा कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने की योजनाओं की भी समीक्षा होगी। सरकार युवाओं को कृषि उद्यमिता से जोड़ने के लिए सब्सिडी, बिजली और औद्योगिक प्लॉट जैसी सुविधाओं का विस्तार करने की दिशा में भी कार्य कर रही है। छोटे किसानों को ई-मंडी व्यवस्था के माध्यम से राष्ट्रीय और वैश्विक बाजारों तक पहुंच दिलाने की रणनीति पर भी विचार किया जाएगा।

विजन-2047: एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था का लक्ष्य

हरियाणा सरकार की “विकसित हरियाणा विजन-2047” कार्ययोजना राज्य के भविष्य का व्यापक विकास रोडमैप मानी जा रही है। इसका उद्देश्य वर्ष 2047 तक हरियाणा को एक ट्रिलियन डॉलर की मजबूत, आधुनिक और टिकाऊ अर्थव्यवस्था के रूप में विकसित करना है। इस योजना में केवल आर्थिक विकास ही नहीं, बल्कि सामाजिक कल्याण, बेहतर बुनियादी ढांचा, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, उन्नत स्वास्थ्य सेवाएं, डिजिटल प्रशासन और महिला सशक्तिकरण जैसे अनेक क्षेत्रों को समान प्राथमिकता दी गई है।

सरकार का मानना है कि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन और समयबद्ध निगरानी ही इस महत्वाकांक्षी लक्ष्य को हासिल करने की कुंजी होगी। इसलिए विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने और परियोजनाओं की गति बनाए रखने पर लगातार जोर दिया जा रहा है।

आधुनिक और स्मार्ट शहरों के विकास पर फोकस

राज्य के शहरी क्षेत्रों को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करने के लिए सरकार कई नई योजनाओं पर काम कर रही है। विजन-2047 के तहत पंचकूला, गुरुग्राम, फरीदाबाद और सोनीपत को “सिस्टर सिटी” मॉडल के आधार पर अंतरराष्ट्रीय सहयोग से विकसित करने की योजना बनाई गई है। इन शहरों में आधुनिक शहरी सुविधाओं, स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर और सतत विकास के सिद्धांतों को अपनाया जाएगा।

जल संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए बड़े भवनों और सरकारी परिसरों में वर्षा जल संचयन को अनिवार्य बनाया गया है। इसके साथ ही गुरुग्राम, फरीदाबाद, हिसार, यमुनानगर और अंबाला में वेस्ट-टू-एनर्जी संयंत्र स्थापित करने की योजना भी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है, जिससे ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को बेहतर बनाया जा सके।

शहरी क्षेत्रों में मल्टी-लेवल पार्किंग, सार्वजनिक स्थानों पर मुफ्त वाई-फाई, डिजिटल सूचना केंद्र और बहुभाषी टच स्क्रीन कियोस्क जैसी सुविधाओं का भी विस्तार किया जाएगा। वहीं “हाउसिंग फॉर ऑल” मिशन के तहत पात्र परिवारों को पक्के मकान उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को और तेज करने की दिशा में भी सरकार काम कर रही है।

स्वास्थ्य सेवाओं का होगा व्यापक विस्तार

स्वास्थ्य क्षेत्र में सरकार का लक्ष्य हर नागरिक तक गुणवत्तापूर्ण और सुलभ चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाना है। इसके लिए कैशलेस स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार, टेलीमेडिसिन नेटवर्क को मजबूत करना और एआई आधारित डायग्नोस्टिक सुविधाओं को ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाने की योजना बनाई गई है।

सरकार जिला स्तर पर मेडिकल कॉलेजों और सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों के नेटवर्क को मजबूत करने पर भी जोर दे रही है, ताकि लोगों को गंभीर उपचार के लिए बड़े शहरों पर निर्भर न रहना पड़े। महिलाओं और बच्चों में एनीमिया तथा कुपोषण जैसी समस्याओं को समाप्त करने के लिए ब्लॉक स्तर पर विशेष पोषण अभियान संचालित किए जाएंगे।

स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री आवश्यक सुधारों और नई रणनीतियों पर भी चर्चा करेंगे।

शिक्षा को रोजगार और तकनीक से जोड़ने की तैयारी

राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को नई तकनीकों और वैश्विक मानकों के अनुरूप विकसित करने पर विशेष ध्यान दे रही है। विजन-2047 के तहत स्कूलों और विश्वविद्यालयों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित शिक्षण प्रणाली को बढ़ावा देने की योजना है। इसके अलावा राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप व्यावसायिक शिक्षा, इंटर्नशिप और कौशल विकास कार्यक्रमों को स्कूल स्तर से ही शिक्षा प्रणाली का हिस्सा बनाया जाएगा।

राज्य के 22 मॉडल संस्कृति कॉलेजों को अधिक स्वायत्त बनाकर उनमें अनुसंधान, नवाचार और वैश्विक रैंकिंग सुधारने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे। उच्च शिक्षण संस्थानों में स्टार्टअप इनक्यूबेशन सेंटर स्थापित कर युवाओं को रोजगार तलाशने के बजाय रोजगार सृजक बनने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

सरकार का मानना है कि शिक्षा और कौशल विकास के बीच मजबूत तालमेल भविष्य में राज्य की आर्थिक प्रगति का आधार बनेगा।

उद्योग और निवेश को मिलेगा नया प्रोत्साहन

औद्योगिक विकास को गति देने के लिए हरियाणा सरकार नई निवेश नीति और आधुनिक अवसंरचना पर लगातार काम कर रही है। विजन-2047 के तहत गुरुग्राम, फरीदाबाद, पंचकूला और सोनीपत को तकनीकी और विनिर्माण केंद्रों के रूप में विकसित करने की योजना है। साथ ही उद्योगों को ग्रीन एनर्जी और नेट-जीरो कार्बन तकनीकों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

दिल्ली-एनसीआर से जुड़े क्षेत्रों में मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क, बेहतर परिवहन नेटवर्क और नए एक्सप्रेसवे विकसित करने पर भी सरकार का विशेष ध्यान है। निवेशकों के लिए सिंगल विंडो सिस्टम को पूरी तरह डिजिटल और अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है, ताकि निवेश संबंधी प्रक्रियाएं तेज और पारदर्शी बन सकें।

सरकार का लक्ष्य घरेलू और वैश्विक निवेशकों के लिए हरियाणा को सबसे आकर्षक निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित करना है।

योजनाओं के क्रियान्वयन पर रहेगा विशेष जोर

शुक्रवार को होने वाली इन मैराथन बैठकों का मुख्य उद्देश्य केवल योजनाओं की समीक्षा करना नहीं, बल्कि उनके वास्तविक क्रियान्वयन की गति को बढ़ाना भी है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी विभिन्न विभागों से परियोजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्राप्त करेंगे और जहां आवश्यक होगा वहां नई समय-सीमा तथा जवाबदेही भी तय की जाएगी।

प्रधानमंत्री की घोषणाओं, मुख्यमंत्री घोषणाओं, बजट प्रावधानों और सरकार के चुनावी संकल्पों को धरातल पर उतारने के लिए विभागों के बीच बेहतर समन्वय और नियमित निगरानी सुनिश्चित करने पर भी विशेष जोर रहेगा।

सरकार का मानना है कि यदि सभी विभाग निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्य करें तो वर्ष 2047 तक हरियाणा न केवल आर्थिक रूप से कहीं अधिक सशक्त होगा, बल्कि आधुनिक बुनियादी ढांचे, तकनीक आधारित शासन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं और टिकाऊ विकास के क्षेत्र में भी देश के अग्रणी राज्यों में अपनी अलग पहचान स्थापित कर सकेगा।