हिमाचल के युवाओं के लिए बड़ी पहल, पुलिस भर्ती से पहले मिलेगी फ्री कोचिंग और फिजिकल ट्रेनिंग; 800 पदों की तैयारी कराएगी सरकार

हिमाचल के युवाओं के लिए बड़ी पहल, पुलिस भर्ती से पहले मिलेगी फ्री कोचिंग और फिजिकल ट्रेनिंग; 800 पदों की तैयारी कराएगी सरकार

शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार ने पुलिस विभाग में भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए एक नई पहल शुरू करने का फैसला लिया है। अब 800 कांस्टेबल पदों के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को प्रतियोगी परीक्षा और शारीरिक दक्षता परीक्षण की तैयारी के लिए नि:शुल्क प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा। राज्य सरकार का मानना है कि कई प्रतिभाशाली युवा केवल संसाधनों और मार्गदर्शन के अभाव में भर्ती प्रक्रिया में पिछड़ जाते हैं। ऐसे में सरकार की यह पहल उन्हें समान अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने गुरुवार को कहा कि प्रदेश का हर योग्य युवा अपनी क्षमता के बल पर रोजगार हासिल कर सके, इसके लिए सरकार लगातार नए प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य के युवाओं में प्रतिभा, अनुशासन और मेहनत की कोई कमी नहीं है, लेकिन कई बार आर्थिक स्थिति, दूरदराज का क्षेत्र या गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण की कमी उनके सामने चुनौती बन जाती है। सरकार चाहती है कि ऐसी कोई भी बाधा किसी योग्य उम्मीदवार के भविष्य में रुकावट न बने।

गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग (एचपीपीएससी) ने 9 जुलाई को पुलिस विभाग में 800 कांस्टेबल पदों पर भर्ती का विज्ञापन जारी किया था। इन पदों के लिए बड़ी संख्या में आवेदन आने की संभावना है। भर्ती प्रक्रिया को देखते हुए सरकार ने अभ्यर्थियों को पहले से तैयार करने के उद्देश्य से यह विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने का निर्णय लिया है।

मुख्यमंत्री ने पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को निर्देश दिए हैं कि राज्य की सभी सशस्त्र पुलिस वाहिनियों में इच्छुक अभ्यर्थियों के लिए व्यवस्थित और पूरी तरह नि:शुल्क प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाएं। इन प्रशिक्षण शिविरों का उद्देश्य केवल परीक्षा की तैयारी कराना नहीं होगा, बल्कि उम्मीदवारों को भर्ती प्रक्रिया के हर चरण के लिए तैयार करना होगा।

सरकार के अनुसार प्रशिक्षण कार्यक्रम में लिखित परीक्षा के पाठ्यक्रम की तैयारी, सामान्य ज्ञान, तर्कशक्ति, रीजनिंग, करंट अफेयर्स और अन्य विषयों पर मार्गदर्शन दिया जाएगा। इसके साथ ही शारीरिक दक्षता परीक्षा (फिजिकल टेस्ट) के लिए नियमित अभ्यास, दौड़, लंबी कूद, ऊंची कूद, फिटनेस एक्सरसाइज और सहनशक्ति बढ़ाने से जुड़े प्रशिक्षण भी शामिल होंगे।

इसके अलावा अभ्यर्थियों को अनुशासन, समय प्रबंधन, व्यक्तित्व विकास, आत्मविश्वास बढ़ाने, साक्षात्कार से संबंधित आवश्यक जानकारी तथा पुलिस सेवा की कार्यप्रणाली से भी परिचित कराया जाएगा। इन सभी विषयों पर हिमाचल प्रदेश पुलिस के अनुभवी अधिकारी, प्रशिक्षक और विशेषज्ञ मार्गदर्शन देंगे, ताकि उम्मीदवार केवल परीक्षा ही नहीं बल्कि पुलिस सेवा की जिम्मेदारियों के लिए भी मानसिक और शारीरिक रूप से तैयार हो सकें।

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि यह पहल विशेष रूप से उन युवाओं के लिए लाभकारी साबित होगी, जो ग्रामीण, पहाड़ी, दूरदराज और जनजातीय क्षेत्रों से आते हैं। ऐसे क्षेत्रों में रहने वाले कई अभ्यर्थियों के पास निजी कोचिंग संस्थानों तक पहुंच नहीं होती और आर्थिक कारणों से वे बड़े शहरों में जाकर प्रशिक्षण भी नहीं ले पाते। सरकार अब ऐसी असमानताओं को कम करने की दिशा में काम कर रही है ताकि हर अभ्यर्थी को समान अवसर मिल सके।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल भर्ती निकालना नहीं, बल्कि युवाओं को उस भर्ती में सफल होने के लिए आवश्यक वातावरण भी उपलब्ध कराना है। यदि योग्य युवाओं को सही समय पर उचित मार्गदर्शन मिले तो वे बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं और सरकारी सेवाओं में अधिक संख्या में चयनित हो सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम से हिमाचल प्रदेश पुलिस को अधिक संख्या में स्थानीय, प्रशिक्षित और समर्पित युवा पुलिसकर्मी मिलेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवाओं में सेवा भावना, अनुशासन और जिम्मेदारी की भावना पहले से मौजूद है। सरकार का प्रयास है कि इन्हें सही दिशा और अवसर मिले ताकि वे कानून-व्यवस्था को मजबूत करने में अपनी भूमिका निभा सकें।

उन्होंने यह भी कहा कि युवा प्रदेश की सबसे बड़ी ताकत हैं और हिमाचल का भविष्य उनके हाथों में है। राज्य सरकार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने, उनके कौशल को निखारने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए विभिन्न स्तरों पर योजनाएं चला रही है। पुलिस भर्ती से पहले नि:शुल्क प्रशिक्षण उपलब्ध कराने का निर्णय भी इसी व्यापक सोच का हिस्सा है।

पुलिस विभाग जल्द ही प्रशिक्षण कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा जारी करेगा। इसमें प्रशिक्षण केंद्रों के स्थान, बैचों का गठन, समय-सारिणी, पंजीकरण प्रक्रिया और अन्य आवश्यक दिशा-निर्देश शामिल होंगे। अभ्यर्थियों को ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि राज्य के सभी जिलों के युवा आसानी से इस सुविधा का लाभ उठा सकें।

पुलिस विभाग ने इच्छुक उम्मीदवारों से अपील की है कि वे अपने संबंधित जिला पुलिस कार्यालय, निकटतम सशस्त्र पुलिस वाहिनी तथा हिमाचल प्रदेश पुलिस के आधिकारिक माध्यमों पर जारी होने वाली सूचनाओं पर नियमित नजर रखें। प्रशिक्षण शुरू होने की तिथियां और पंजीकरण से जुड़ी जानकारी जल्द सार्वजनिक की जाएगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस तरह के नि:शुल्क प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रभावी ढंग से संचालित किए गए तो इससे सरकारी भर्तियों में पारदर्शिता के साथ-साथ युवाओं की सफलता दर भी बढ़ेगी। निजी कोचिंग पर निर्भरता कम होगी और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के अभ्यर्थियों को भी समान अवसर मिल सकेंगे।

सरकार की इस पहल को रोजगार और युवा सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे न केवल पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहे हजारों युवाओं को लाभ मिलेगा, बल्कि भविष्य में अन्य विभागों की भर्तियों के लिए भी इसी प्रकार के प्रशिक्षण मॉडल को अपनाने की संभावनाएं मजबूत होंगी।