मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत 3,500 से ज्यादा मरीजों की आंखों की सर्जरी; सरकार ने खर्च किए करीब 2 करोड़ रुपये

मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत 3,500 से ज्यादा मरीजों की आंखों की सर्जरी; सरकार ने खर्च किए करीब 2 करोड़ रुपये

पंजाब सरकार की मुख्यमंत्री सेहत योजना प्रदेश में जरूरतमंद लोगों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं का बड़ा सहारा बनती जा रही है। योजना के तहत अब आंखों से जुड़ी गंभीर बीमारियों का भी मुफ्त इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे हजारों मरीजों को समय पर उपचार मिल रहा है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए यह पहल काफी राहत देने वाली साबित हो रही है, क्योंकि महंगे इलाज के कारण कई लोग लंबे समय तक आंखों की बीमारी को नजरअंदाज कर देते थे।

स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत अब तक पंजाब में 3,524 मरीजों की आंखों की सर्जरी पूरी तरह निशुल्क की जा चुकी है। इन उपचारों पर राज्य सरकार की ओर से करीब 1.99 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। योजना का उद्देश्य लोगों को आधुनिक नेत्र चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना और पैसों की कमी के कारण इलाज में होने वाली देरी को खत्म करना है।

इस योजना का सबसे अधिक लाभ बुजुर्ग मरीजों को मिल रहा है, क्योंकि उम्र बढ़ने के साथ आंखों से जुड़ी परेशानियां बढ़ जाती हैं। कई वरिष्ठ नागरिक आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण समय पर ऑपरेशन नहीं करा पाते थे, जिससे उनकी दृष्टि लगातार प्रभावित होती रहती थी। अब सरकारी सहायता के माध्यम से ऐसे मरीजों को बेहतर इलाज मिल रहा है और वे फिर से सामान्य जीवन जीने में सक्षम हो रहे हैं।

योजना के तहत सबसे अधिक ऑपरेशन मोतियाबिंद के मरीजों के किए गए हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अब तक 3,070 मरीजों की स्मॉल इन्सीजन कैटरैक्ट सर्जरी (SICS) नॉन-फोल्डेबल इंट्रा-ऑक्यूलर लेंस (IOL) के साथ की गई है। इन ऑपरेशनों पर लगभग 1.54 करोड़ रुपये से अधिक राशि खर्च की गई है। कुल नेत्र सर्जरी में मोतियाबिंद के ऑपरेशन की हिस्सेदारी 87 प्रतिशत से अधिक है।

योजना का लाभ केवल मोतियाबिंद तक सीमित नहीं है, बल्कि कई अन्य गंभीर नेत्र रोगों के इलाज को भी इसमें शामिल किया गया है। अब तक 333 मरीजों का प्टेरीजियम विद कंजंक्टाइवल ऑटोग्राफ्ट ऑपरेशन किया जा चुका है, जिस पर सरकार ने करीब 31.83 लाख रुपये खर्च किए हैं। इसके अलावा आंखों की पलकों से जुड़ी समस्याओं, बच्चों की लेंस सर्जरी, ग्लूकोमा उपचार, टियर डक्ट सर्जरी और भेंगापन (स्क्विंट) जैसी समस्याओं का भी निशुल्क इलाज किया जा रहा है।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मुख्यमंत्री सेहत योजना के माध्यम से राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं को आम लोगों तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। पहले कई मरीजों को आंखों की जांच और ऑपरेशन के लिए निजी अस्पतालों में जाना पड़ता था, जहां इलाज का खर्च काफी अधिक होता था। अब योजना के तहत सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में उपचार मिलने से मरीजों को आर्थिक बोझ से राहत मिल रही है।

गुरु गोबिंद सिंह मेडिकल कॉलेज, फरीदकोट के नेत्र रोग विभाग के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. मुनीश धवन ने बताया कि मुख्यमंत्री सेहत योजना ने आम लोगों के लिए आधुनिक नेत्र उपचार को आसान बना दिया है। उन्होंने कहा कि पहले कई मरीज आर्थिक कारणों से बेहतर तकनीक वाली सर्जरी नहीं करा पाते थे, लेकिन अब योजना के तहत उन्हें अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं बिना किसी खर्च के उपलब्ध हो रही हैं।

उन्होंने बताया कि योजना के माध्यम से मरीजों को फेकोइमल्सिफिकेशन मोतियाबिंद सर्जरी और फोल्डेबल इंट्रा-ऑक्यूलर लेंस जैसी आधुनिक सुविधाओं का लाभ भी दिया जा रहा है। इसके अलावा ग्लूकोमा जैसी गंभीर बीमारी का इलाज भी निशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ग्लूकोमा का समय पर इलाज न होने पर व्यक्ति की आंखों की रोशनी स्थायी रूप से प्रभावित हो सकती है, इसलिए समय पर जांच और उपचार बेहद जरूरी है।

डॉ. धवन ने कहा कि नेत्र रोगों के मामले में जागरूकता सबसे महत्वपूर्ण पहलू है। कई बार मरीज आंखों में होने वाली छोटी परेशानियों को नजरअंदाज कर देते हैं, जो बाद में गंभीर बीमारी का रूप ले सकती हैं। उन्होंने लोगों से नियमित रूप से आंखों की जांच करवाने और किसी भी समस्या के सामने आने पर विशेषज्ञ चिकित्सक से सलाह लेने की अपील की।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री सेहत योजना का उद्देश्य प्रदेश के प्रत्येक नागरिक तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ सूचीबद्ध निजी अस्पतालों को भी योजना से जोड़ा गया है, जिससे मरीजों को अपने क्षेत्र के नजदीक ही बेहतर इलाज की सुविधा मिल सके।

उन्होंने कहा कि सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में लगातार सुधार कर रही है और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई भी व्यक्ति केवल आर्थिक परेशानी के कारण इलाज से वंचित न रहे। आंखों की बीमारियों का समय पर उपचार लोगों की जीवन गुणवत्ता सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

स्वास्थ्य मंत्री ने लोगों से अपील की कि आंखों से जुड़ी किसी भी समस्या को नजरअंदाज न करें। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को धुंधला दिखाई देना, आंखों में जलन, लगातार पानी आना, दर्द, लालिमा या पलकों से जुड़ी कोई परेशानी महसूस होती है तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। शुरुआती चरण में बीमारी की पहचान होने पर उसका इलाज अधिक प्रभावी तरीके से किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सेहत योजना केवल इलाज तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करना भी है। सरकार द्वारा स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार, अस्पतालों में आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता और विशेषज्ञ डॉक्टरों की सेवाओं को मजबूत करने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत मुफ्त नेत्र उपचार गरीब और मध्यम वर्ग के मरीजों के लिए बड़ी राहत साबित हो रहा है। कई परिवार ऐसे होते हैं जो निजी अस्पतालों में महंगे ऑपरेशन का खर्च उठाने में सक्षम नहीं होते। ऐसे में सरकारी योजना के माध्यम से उन्हें आधुनिक इलाज मिलने से स्वास्थ्य सुविधाओं में समानता बढ़ रही है।

स्वास्थ्य क्षेत्र के जानकारों के अनुसार, नेत्र रोगों की रोकथाम के लिए नियमित जांच और समय पर इलाज बेहद जरूरी है। ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए ऐसी योजनाएं विशेष रूप से लाभकारी हैं, क्योंकि कई बार उन्हें बड़े शहरों में जाकर इलाज करवाना पड़ता था। अब स्थानीय स्तर पर सुविधा मिलने से समय और खर्च दोनों की बचत हो रही है।

सरकार का कहना है कि मुख्यमंत्री सेहत योजना के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक मजबूत और सुलभ बनाया जा रहा है। आने वाले समय में योजना के दायरे को और बढ़ाने तथा अधिक से अधिक मरीजों को लाभ पहुंचाने पर ध्यान दिया जा रहा है।

3,524 सफल नेत्र ऑपरेशन इस बात का संकेत हैं कि सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ जमीनी स्तर तक पहुंच रहा है। पंजाब सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश के हर नागरिक को समय पर गुणवत्तापूर्ण इलाज मिले और आर्थिक स्थिति किसी के स्वास्थ्य के रास्ते में बाधा न बने। मुख्यमंत्री सेहत योजना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में सामने आ रही है।

राज्य सरकार का कहना है कि आने वाले समय में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में और सुधार किए जाएंगे, ताकि पंजाब के लोगों को इलाज के लिए किसी अन्य राज्य या महंगे निजी अस्पतालों पर निर्भर न रहना पड़े। नेत्र उपचार के क्षेत्र में मिली सफलता के बाद सरकार अन्य विशेष चिकित्सा सेवाओं को भी मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।