पंजाब के लोक निर्माण मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ ने मंगलवार को जंडियाला गुरु स्थित पुलिस सांझ केंद्र का औचक निरीक्षण कर वहां चल रही सरकारी सेवाओं और कर्मचारियों की कार्यप्रणाली का जायजा लिया। बिना पूर्व सूचना पहुंचे मंत्री ने सबसे पहले केंद्र में तैनात अधिकारियों एवं कर्मचारियों की उपस्थिति जांची और इसके बाद आम नागरिकों को उपलब्ध कराई जा रही विभिन्न पुलिस संबंधी सेवाओं की स्थिति की समीक्षा की।
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने सांझ केंद्र में रखे रिकॉर्ड, शिकायतों के निपटारे की प्रक्रिया, सेवाएं प्रदान करने में लगने वाले समय और केंद्र के रोजमर्रा के कामकाज के बारे में अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने यह भी देखा कि नागरिकों को निर्धारित समय सीमा के भीतर सेवाएं मिल रही हैं या नहीं।
हरभजन सिंह ईटीओ ने केंद्र में मौजूद लोगों से सीधे बातचीत कर उन्हें मिल रही सुविधाओं के बारे में फीडबैक लिया। उन्होंने नागरिकों से पूछा कि उन्हें आवेदन करने, दस्तावेज जमा कराने या संबंधित सेवाएं प्राप्त करने में किसी तरह की परेशानी तो नहीं आ रही। लोगों से मिले फीडबैक के आधार पर उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक सुधार करने के निर्देश दिए।
मंत्री ने कहा कि पुलिस सांझ केंद्रों की स्थापना का उद्देश्य आम जनता और पुलिस विभाग के बीच दूरी कम करना तथा नागरिकों को पुलिस से संबंधित सेवाएं एक व्यवस्थित और सुविधाजनक स्थान पर उपलब्ध करवाना है। उन्होंने कहा कि सांझ केंद्रों को ऐसा वातावरण देने की जरूरत है, जहां नागरिक बिना किसी डर, दबाव या झिझक के अपनी समस्या लेकर पहुंच सकें।
उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि सांझ केंद्र सामान्य पुलिस थाने की तरह नहीं, बल्कि नागरिक सुविधा केंद्र के रूप में काम करें। यहां आने वाले व्यक्ति के साथ सम्मानजनक व्यवहार होना चाहिए और उसकी समस्या को गंभीरता से सुनकर उसे उचित जानकारी और सेवा उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
हरभजन सिंह ईटीओ ने कहा कि सांझ केंद्रों के माध्यम से नागरिकों को विभिन्न पुलिस सेवाएं निर्धारित समय सीमा के भीतर उपलब्ध कराई जा रही हैं। इनमें शिकायत दर्ज करवाना और शिकायत पर हुई कार्रवाई से संबंधित जानकारी हासिल करना प्रमुख सेवाओं में शामिल है। इसके अलावा नागरिकों को एफआईआर अथवा डीडीआर की प्रतियां भी उपलब्ध कराई जाती हैं।
सड़क दुर्घटनाओं से जुड़े मामलों में अनट्रेस्ड रिपोर्ट की प्रति, वाहन चोरी के मामलों में अनट्रेस्ड रिपोर्ट और चोरी से संबंधित मामलों में अनट्रेस्ड रिपोर्ट उपलब्ध कराने की सुविधा भी सांझ केंद्रों पर दी जा रही है। मंत्री ने अधिकारियों से इन सेवाओं की प्रक्रिया और लंबित मामलों के बारे में भी जानकारी ली।
उन्होंने कहा कि नागरिकों को अपनी रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ी पुलिस सेवाओं के लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए सांझ केंद्रों की भूमिका महत्वपूर्ण है। सरकारी व्यवस्था का उद्देश्य यही होना चाहिए कि नागरिक को एक ही स्थान पर आवश्यक जानकारी और सुविधा मिल सके।
सांझ केंद्र में विभिन्न प्रकार के अनापत्ति प्रमाण पत्र और सत्यापन सेवाएं भी उपलब्ध कराई जाती हैं। इनमें लाउडस्पीकर के इस्तेमाल के लिए एनओसी, मेले, प्रदर्शनी या खेल आयोजनों के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र तथा पुराने वाहनों की खरीद-फरोख्त से संबंधित एनओसी जैसी सेवाएं शामिल हैं।
विदेश जाने या वीजा संबंधी प्रक्रिया के लिए आवश्यक पुलिस क्लीयरेंस प्रमाण पत्र भी यहां उपलब्ध कराया जाता है। इसके साथ चरित्र सत्यापन, किरायेदार सत्यापन, कर्मचारी सत्यापन और घरेलू सहायकों या नौकरों के पुलिस सत्यापन जैसी सेवाएं भी सांझ केंद्रों के माध्यम से प्रदान की जाती हैं।
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी भी सेवा के लिए निर्धारित दस्तावेज और औपचारिकताओं की जानकारी नागरिकों को स्पष्ट रूप से दी जाए। यदि आवेदन में किसी दस्तावेज की कमी है तो आवेदक को इसकी पूरी जानकारी एक बार में दी जाए, ताकि उसे बार-बार कार्यालय आने के लिए मजबूर न होना पड़े।
उन्होंने कहा कि किसी सरकारी सेवा को हासिल करने के लिए अनावश्यक भागदौड़ नागरिकों के लिए परेशानी का कारण बनती है। इसलिए अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी है कि आवेदन प्रक्रिया को सरल रखा जाए और जो काम निर्धारित समय में किया जा सकता है, उसमें किसी प्रकार की देरी न हो।
हरभजन सिंह ईटीओ ने कर्मचारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि सरकारी सेवाओं में लापरवाही या अनावश्यक देरी को स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कार्यालय में आने वाला प्रत्येक व्यक्ति सरकार के लिए महत्वपूर्ण है और उसकी समस्या को गंभीरता से सुनना अधिकारियों की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कर्मचारियों से कहा कि नागरिकों के साथ व्यवहार में विनम्रता और संवेदनशीलता बरती जाए। किसी व्यक्ति को अपनी बात रखने में परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकारी सेवा के लिए किसी बिचौलिए की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से पूरी की जानी चाहिए।
मंत्री ने सांझ केंद्र के स्टाफ को निर्देश दिया कि वे अपनी जिम्मेदारियों को केवल औपचारिक ड्यूटी न मानें, बल्कि लोक सेवा की भावना के साथ काम करें। उनका कहना था कि सरकार द्वारा बनाई गई व्यवस्था तभी सफल मानी जाएगी जब आम नागरिक को उसका वास्तविक लाभ मिले और उसे अपनी समस्या के समाधान के लिए अनावश्यक रूप से इधर-उधर न भटकना पड़े।
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने केंद्र में शिकायतों और आवेदनों से संबंधित रिकॉर्ड की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से यह जानकारी ली कि कितने आवेदन प्राप्त हुए, कितने मामलों का निपटारा किया गया और यदि कोई मामला लंबित है तो उसके पीछे क्या कारण है। उन्होंने लंबित मामलों को समय पर पूरा करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि हर सरकारी सेवा के लिए निर्धारित समय सीमा का पालन किया जाना चाहिए। यदि किसी मामले में तकनीकी या कानूनी कारणों से अतिरिक्त समय लगता है तो आवेदक को उसकी स्पष्ट जानकारी दी जानी चाहिए। नागरिकों को अपने आवेदन की स्थिति के बारे में जानकारी उपलब्ध होना भी जरूरी है।
हरभजन सिंह ईटीओ ने कहा कि सरकार प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी उद्देश्य से अधिकारियों के कामकाज की जमीनी स्तर पर समीक्षा भी जरूरी है। उनके अनुसार औचक निरीक्षण केवल कमियां तलाशने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने का अवसर भी देते हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसे निरीक्षणों के माध्यम से यह पता चलता है कि सरकारी योजनाओं और सेवाओं का वास्तविक लाभ आम लोगों तक किस तरह पहुंच रहा है। जहां कमी दिखाई देती है, वहां तत्काल सुधार के निर्देश दिए जा सकते हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे लोगों की शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाएं और सेवा वितरण की गुणवत्ता में लगातार सुधार करें।
मंत्री ने यह भी कहा कि पंजाब सरकार नागरिकों को उनके नजदीक सुविधाजनक और पारदर्शी वातावरण में सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए जरूरी है कि प्रत्येक सरकारी कार्यालय में अनुशासन और जवाबदेही बनी रहे।
उन्होंने कहा कि सांझ केंद्र पुलिस और जनता के बीच संवाद का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। यदि इन केंद्रों पर नागरिकों को सम्मानजनक व्यवहार, स्पष्ट जानकारी और समय पर सेवाएं मिलती हैं तो इससे पुलिस विभाग के प्रति लोगों का भरोसा भी मजबूत होगा।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि केंद्र में आने वाले वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं, दिव्यांग लोगों और अन्य जरूरतमंद नागरिकों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा जाए। सेवा प्राप्त करने की प्रक्रिया ऐसी होनी चाहिए कि किसी व्यक्ति को अपनी समस्या के समाधान के लिए अनावश्यक परेशानी न उठानी पड़े।
मंत्री ने कर्मचारियों को यह भी निर्देश दिया कि वे अपने कामकाज में ईमानदारी और जिम्मेदारी का परिचय दें। उन्होंने कहा कि सरकारी कार्यालयों में भ्रष्टाचार, बिचौलियों की भूमिका और अनावश्यक हस्तक्षेप के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए। नागरिकों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत सीधे सेवा उपलब्ध कराई जाए।
औचक निरीक्षण के अंत में मंत्री ने सांझ केंद्र की कार्यप्रणाली को और बेहतर बनाने के लिए अधिकारियों को कई दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने सेवाओं की समयबद्ध डिलीवरी, रिकॉर्ड के उचित रखरखाव, शिकायतों के शीघ्र निपटारे और नागरिकों के साथ बेहतर व्यवहार पर विशेष जोर दिया।
हरभजन सिंह ईटीओ ने कहा कि सरकार का अंतिम उद्देश्य केवल सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि उन्हें इस तरह उपलब्ध कराना है कि आम नागरिक को प्रक्रिया सरल, पारदर्शी और सुविधाजनक महसूस हो। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों से अपेक्षा की कि वे अपने कार्य के प्रति पूरी प्रतिबद्धता दिखाएं और लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरें।
उन्होंने दोहराया कि किसी भी नागरिक को सरकारी सेवा लेने के लिए अनावश्यक रूप से बार-बार कार्यालय आने की स्थिति नहीं बननी चाहिए। यदि दस्तावेज पूरे हैं और प्रक्रिया पूरी हो चुकी है तो सेवा निर्धारित समय में उपलब्ध कराना संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी है।
जंडियाला गुरु के पुलिस सांझ केंद्र में हुआ यह औचक निरीक्षण इसी व्यापक प्रशासनिक व्यवस्था का हिस्सा रहा, जिसके जरिए सरकार सरकारी सेवाओं की जमीनी स्थिति की निगरानी कर रही है। मंत्री ने साफ संकेत दिया कि नागरिक सुविधाओं से जुड़े मामलों में लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा और सरकारी तंत्र को अधिक जवाबदेह, पारदर्शी तथा जन-केंद्रित बनाने पर जोर जारी रहेगा।




