चंडीगढ़। हरियाणा विधानसभा के तीन दिवसीय मानसून सत्र के समापन के बाद प्रदेश के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। विज ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध और असहमति जताने का अधिकार सभी को है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि कोई व्यक्ति या राजनीतिक दल कानून और व्यवस्था की सीमा को पार कर दे। उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून अपने हाथ में लेने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया को किसी प्रदर्शन या राजनीतिक दबाव के जरिए नहीं रोका जा सकता।
राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए विज ने आरोप लगाया कि उन्हें ऐसा राजनीतिक चरित्र मिला हुआ है, जिसमें कानून को अपने हाथ में लेना अधिकार समझा जाता है। उन्होंने कहा कि यदि कोई कानून का उल्लंघन करता है तो संबंधित एजेंसियां और प्रशासन अपना काम करेंगे। उनके अनुसार, कानूनी कार्रवाई किसी व्यक्ति की राजनीतिक हैसियत के आधार पर नहीं रोकी जा सकती।
विधानसभा में हंगामे को लेकर कांग्रेस पर निशाना
अनिल विज की यह टिप्पणी विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान कांग्रेस की ओर से किए गए विरोध, नारेबाजी और हंगामे के संदर्भ में सामने आई। उन्होंने विपक्ष की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि विधानसभा जनता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा का संवैधानिक मंच है। यहां सरकार से सवाल पूछे जा सकते हैं, नीतियों पर बहस की जा सकती है और जनहित के विषयों को मजबूती से उठाया जा सकता है।
विज के मुताबिक, विपक्ष को अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है, लेकिन सदन की कार्यवाही में लगातार व्यवधान पैदा करना लोकतांत्रिक चर्चा का विकल्प नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, मगर कानून और व्यवस्था से जुड़े मामलों में किसी तरह की रियायत नहीं दी जा सकती।
मंत्री ने संकेत दिया कि सरकार विरोध-प्रदर्शन के दबाव में कानूनी कार्रवाई को प्रभावित नहीं होने देगी। उनके अनुसार, लोकतांत्रिक व्यवस्था में राजनीतिक असहमति के लिए संवैधानिक रास्ते उपलब्ध हैं और इन्हीं माध्यमों का इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
कांग्रेस पर अराजकता का माहौल बनाने का आरोप
विज ने कांग्रेस की राजनीतिक गतिविधियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि देश के अलग-अलग हिस्सों में पार्टी की गतिविधियों को देखने के बाद ऐसा प्रतीत होता है कि कांग्रेस नेतृत्व की ओर से कार्यकर्ताओं को अराजकता और टकराव की राजनीति के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस कभी बच्चों और कभी बुजुर्गों को अपने राजनीतिक मुद्दों के लिए इस्तेमाल करने की कोशिश करती है। विज के इस बयान में पार्टी की विरोध प्रदर्शन की रणनीति पर सीधा हमला नजर आया।
उन्होंने कहा कि किसी भी मुद्दे पर विपक्ष को आंदोलन करने, सरकार की आलोचना करने और अपनी मांग उठाने का अधिकार है। लेकिन विरोध का तरीका ऐसा नहीं होना चाहिए, जिससे कानून-व्यवस्था प्रभावित हो या आम नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़े।
कानून सभी के लिए बराबर, दबाव में नहीं बदलेगी प्रक्रिया
अनिल विज ने अपने बयान में कानून के समान रूप से लागू होने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में अधिकारों के साथ जिम्मेदारियां भी जुड़ी होती हैं। किसी व्यक्ति को राजनीतिक समर्थन या सार्वजनिक पद प्राप्त होने का अर्थ यह नहीं है कि वह कानून से ऊपर हो जाता है।
उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति कानून की सीमा पार करता है तो प्रशासन और संबंधित कानूनी एजेंसियों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई करनी होगी। किसी आंदोलन, प्रदर्शन या राजनीतिक दबाव के कारण कानूनी प्रक्रिया को रोकना उचित नहीं होगा।
विज के अनुसार, सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी प्रदेश में कानून-व्यवस्था बनाए रखना है। राजनीतिक मतभेदों के बावजूद इस जिम्मेदारी से समझौता नहीं किया जा सकता।
राहुल गांधी पर फिर साधा निशाना
कांग्रेस की रणनीति पर हमला करते हुए विज ने विशेष तौर पर राहुल गांधी को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को कानून और व्यवस्था से जुड़े मामलों में भी राजनीतिक विरोध के जरिए दबाव बनाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।
विज ने कहा कि राजनीतिक नेतृत्व के लिए जरूरी है कि वह लोकतांत्रिक संस्थाओं और कानूनी प्रक्रिया का सम्मान करे। यदि किसी कार्रवाई पर आपत्ति है तो उसके लिए न्यायिक और संवैधानिक रास्ते उपलब्ध हैं। उन्होंने प्रदर्शन के माध्यम से कानूनी प्रक्रिया को प्रभावित करने के प्रयासों को उचित नहीं माना।
मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों की तारीफ
कांग्रेस पर राजनीतिक हमला करने के बाद अनिल विज ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों और देश की आर्थिक प्रगति की भी चर्चा की। उन्होंने भारत की जीडीपी में 7.8 प्रतिशत की वृद्धि को अर्थव्यवस्था की मजबूती का संकेत बताया।
विज ने कहा कि देश की आर्थिक उपलब्धि केवल सरकार की नीतियों का परिणाम नहीं है, बल्कि करोड़ों भारतीयों की मेहनत, क्षमता और सामूहिक प्रयास का भी नतीजा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को आर्थिक विकास की गति बनाए रखने में महत्वपूर्ण बताया।
उनके अनुसार, भारत ने पिछले कुछ वर्षों में बुनियादी ढांचे, डिजिटल व्यवस्था, उद्योग और निवेश के क्षेत्र में उल्लेखनीय विस्तार किया है। सरकार की विभिन्न योजनाओं के जरिए विकास को समाज के अलग-अलग वर्गों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है।
आत्मनिर्भरता के लक्ष्य पर जोर
अनिल विज ने कहा कि भारत अब केवल एक बड़े उपभोक्ता बाजार के रूप में अपनी पहचान बनाने तक सीमित नहीं है। देश उत्पादन और तकनीकी नवाचार का प्रमुख केंद्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया और स्टार्टअप इंडिया जैसी पहलों का उल्लेख करते हुए कहा कि इनसे देश में निवेश, उद्यमिता और तकनीकी क्षेत्र को प्रोत्साहन मिला है। उनका कहना था कि आत्मनिर्भर भारत की दिशा में आगे बढ़ने के लिए उत्पादन क्षमता बढ़ाना, युवाओं को कौशल उपलब्ध कराना और आधुनिक तकनीक को अपनाना जरूरी है।
विज ने कहा कि सड़क, रेलवे, हवाई अड्डे, बंदरगाह और डिजिटल कनेक्टिविटी जैसे क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे का विस्तार भी आर्थिक गतिविधियों को गति देने में अहम भूमिका निभा रहा है।
हरियाणा के विकास को भी बताया तेज
ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर हो रही आर्थिक प्रगति का लाभ हरियाणा को भी मिल रहा है। प्रदेश में उद्योगों के विस्तार, निवेश आकर्षित करने, रोजगार के अवसर पैदा करने और कौशल विकास को बढ़ावा देने पर सरकार का फोकस है।
उन्होंने कहा कि केंद्र और हरियाणा सरकार के बीच बेहतर तालमेल से राज्य में विकास परियोजनाओं और निवेश को गति मिल रही है। सरकार का उद्देश्य हरियाणा को औद्योगिक और निवेश के क्षेत्र में और मजबूत बनाना है।
विज के मुताबिक, किसी भी आर्थिक विकास की वास्तविक सफलता तभी मानी जा सकती है जब उसका फायदा रोजगार, निवेश और आम जनता की आय तथा जीवन स्तर में दिखाई दे। उन्होंने कहा कि राज्य में इसी दिशा में लगातार काम किया जा रहा है।
वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत की तेज रफ्तार
विज ने भारत की आर्थिक वृद्धि को वैश्विक परिस्थितियों के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि दुनिया की अर्थव्यवस्थाओं के सामने कई तरह की चुनौतियां हैं, लेकिन इसके बावजूद भारत की विकास दर मजबूत बनी हुई है।
उनका कहना था कि यह देश की आर्थिक क्षमता और मजबूत आधार को दर्शाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने वैश्विक मंच पर भी अपनी आर्थिक और रणनीतिक स्थिति को मजबूत किया है।
उन्होंने कहा कि भारत आने वाले समय में उत्पादन, निवेश, रोजगार और तकनीकी विकास के क्षेत्रों में और आगे बढ़ सकता है। उनके अनुसार, देश को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य केवल सरकार का नहीं, बल्कि पूरे देश की सामूहिक जिम्मेदारी है।
एक तरफ कांग्रेस पर हमला, दूसरी ओर सरकार की उपलब्धियां गिनाईं
मानसून सत्र की समाप्ति के बाद अनिल विज के बयान में दो प्रमुख राजनीतिक संदेश सामने आए। एक ओर उन्होंने कांग्रेस और राहुल गांधी की विरोध की राजनीति तथा कानून-व्यवस्था को लेकर उनके रुख पर सवाल उठाए, वहीं दूसरी ओर केंद्र सरकार की आर्थिक उपलब्धियों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को मजबूती से सामने रखा।
विज ने साफ किया कि सरकार राजनीतिक विरोध से पीछे नहीं हटेगी, लेकिन कानून के मामले में किसी प्रकार का समझौता भी नहीं किया जाएगा। उनके अनुसार, लोकतंत्र में सरकार की आलोचना और विरोध जरूरी है, लेकिन इसके लिए कानून और संवैधानिक व्यवस्था की सीमाओं का पालन किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था में दर्ज मजबूत वृद्धि और हरियाणा में विकास की रफ्तार सरकार की नीतियों की दिशा को दर्शाती है। वहीं, विपक्ष को भी अपनी राजनीतिक भूमिका जिम्मेदारी के साथ निभानी चाहिए। इस बयान के साथ विज ने विधानसभा सत्र के दौरान कांग्रेस के विरोध को लेकर सरकार का रुख स्पष्ट करने के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर पर आर्थिक मुद्दों पर भी अपनी पार्टी की उपलब्धियों को रेखांकित किया।



