‘खेडां वतन पंजाब दीआं’ में पहली बार कोस्को क्रिकेट, गांवों-वार्डों की टीमें दिखाएंगी दमखम

‘खेडां वतन पंजाब दीआं’ में पहली बार कोस्को क्रिकेट, गांवों-वार्डों की टीमें दिखाएंगी दमखम

आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद गुरमीत सिंह मीत हेयर ने शनिवार को पंजाब के खेल प्रेमियों के लिए महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए बताया कि राज्य सरकार के प्रमुख खेल आयोजन ‘खेडां वतन पंजाब दीआं’ के चौथे सीजन में पहली बार कोस्को क्रिकेट को शामिल किया गया है। क्रिकेट को इस खेल महाकुंभ का हिस्सा बनाए जाने से गांवों से लेकर शहरों तक क्रिकेट खेलने वाले युवाओं और खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए एक बड़ा मंच मिलने की उम्मीद है।

मीत हेयर ने पंजाब के क्रिकेट प्रेमियों को इस फैसले के लिए बधाई देते हुए कहा कि लंबे समय से ‘खेडां वतन पंजाब दीआं’ में क्रिकेट को शामिल करने की मांग उठ रही थी। खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों की इसी मांग को ध्यान में रखते हुए सरकार ने चौथे सीजन में कोस्को क्रिकेट को शामिल करने का फैसला किया है। उनका कहना था कि क्रिकेट पंजाब में बेहद लोकप्रिय खेल है और बड़ी संख्या में युवा गांवों तथा शहरों में स्थानीय स्तर पर क्रिकेट खेलते हैं। ऐसे में राज्य के सबसे बड़े खेल आयोजनों में से एक में इस खेल को जगह मिलने से जमीनी स्तर के खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा सामने लाने का अवसर मिलेगा।

मीत हेयर ने कहा कि क्रिकेट प्रेमियों की लगातार मांग थी कि उन्हें भी ‘खेडां वतन पंजाब दीआं’ के मुकाबलों में हिस्सा लेने का अवसर मिले। इस बार सरकार ने उनकी इस मांग को स्वीकार करते हुए कोस्को क्रिकेट को प्रतियोगिता में शामिल किया है। उन्होंने इसे पंजाब के क्रिकेट खिलाड़ियों के लिए खुशी का अवसर बताते हुए कहा कि अब स्थानीय स्तर पर खेलने वाली टीमें भी प्रदेश के बड़े खेल मंच पर अपनी क्षमता का प्रदर्शन कर सकेंगी।

उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता में भाग लेने के इच्छुक खिलाड़ी अपने क्षेत्र के अनुसार टीमें तैयार कर सकते हैं। गांवों में रहने वाले युवा और क्रिकेट प्रेमी गांव स्तर पर अपनी टीम बना सकते हैं, जबकि शहरों में रहने वाले खिलाड़ी अपने-अपने वार्ड के स्तर पर टीम गठित करके प्रतियोगिता में हिस्सा ले सकेंगे। इस व्यवस्था का उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा लोगों को प्रतियोगिता से जोड़ना और खेलों को केवल चुनिंदा खिलाड़ियों तक सीमित न रखते हुए आम लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करना है।

सांसद ने पंजाब के क्रिकेट प्रेमियों से अपील की कि वे इस अवसर का लाभ उठाएं और अपनी टीमों का जल्द से जल्द पंजीकरण करवाएं। उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता में बड़ी संख्या में टीमों की भागीदारी से न केवल मुकाबलों का स्तर बेहतर होगा, बल्कि अलग-अलग इलाकों से नई क्रिकेट प्रतिभाओं को सामने आने का मौका भी मिलेगा।

मीत हेयर के अनुसार, ‘खेडां वतन पंजाब दीआं’ का उद्देश्य सिर्फ खेल प्रतियोगिताएं आयोजित करना नहीं है। इसके पीछे व्यापक उद्देश्य पंजाब में खेलों के प्रति लोगों की रुचि को दोबारा मजबूत करना और युवाओं को खेल गतिविधियों के साथ जोड़ना है। उन्होंने कहा कि राज्य में खेलों की समृद्ध परंपरा रही है और जरूरत इस बात की है कि इसे नई पीढ़ी के बीच और मजबूत किया जाए।

उन्होंने कहा कि क्रिकेट को चौथे सीजन में शामिल किए जाने से खेल आयोजन की पहुंच और व्यापक होगी। पंजाब में क्रिकेट को लेकर गांवों और शहरों दोनों जगहों पर खासा उत्साह देखने को मिलता है। स्थानीय मैदानों में युवाओं द्वारा आयोजित होने वाले मुकाबले इस खेल की लोकप्रियता को दर्शाते हैं। अब इन्हीं स्थानीय टीमों को ‘खेडां वतन पंजाब दीआं’ जैसे राज्य स्तरीय मंच से जोड़ने की कोशिश की जा रही है।

मीत हेयर ने जानकारी दी कि प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध करवाई गई है। इच्छुक खिलाड़ी और टीमें पंजाब खेल विभाग की आधिकारिक वेबसाइट sports.punjab.gov.in के माध्यम से 10 सितंबर तक रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। उन्होंने सभी इच्छुक क्रिकेट प्रेमियों से आग्रह किया कि वे अंतिम तिथि का इंतजार न करें और समय रहते अपनी टीम का पंजीकरण पूरा कर लें।

उन्होंने कहा कि गांव या वार्ड स्तर पर टीम बनाना इस प्रतियोगिता में स्थानीय भागीदारी बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा। इससे ऐसे खिलाड़ियों को भी अवसर मिल सकता है जो नियमित रूप से बड़े स्तर की क्रिकेट प्रतियोगिताओं में हिस्सा नहीं ले पाते, लेकिन स्थानीय मैदानों पर लगातार अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हैं।

मीत हेयर ने कहा कि कोस्को क्रिकेट को प्रतियोगिता का हिस्सा बनाए जाने से जमीनी स्तर के क्रिकेट को प्रोत्साहन मिलेगा। अक्सर ग्रामीण और छोटे शहरों के खिलाड़ी संसाधनों और बड़े मंच की कमी के कारण अपनी प्रतिभा को व्यापक स्तर पर प्रदर्शित नहीं कर पाते। स्थानीय स्तर से शुरू होने वाली प्रतियोगिताओं के जरिए ऐसे खिलाड़ियों को आगे आने का अवसर दिया जा सकता है।

उन्होंने क्रिकेट प्रेमियों से अपील की कि वे इसे सिर्फ एक प्रतियोगिता के रूप में न देखें, बल्कि अपने क्षेत्र की खेल प्रतिभाओं को सामने लाने के अवसर के तौर पर लें। उन्होंने गांवों और शहरों के खिलाड़ियों से टीम तैयार कर पूरे उत्साह के साथ मुकाबलों में उतरने का आह्वान किया।

सांसद ने कहा कि ‘खेडां वतन पंजाब दीआं’ मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार की खेल नीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसका मकसद प्रदेश के लोगों, विशेषकर युवाओं को खेल गतिविधियों से जोड़ना और पंजाब में खेलों के लिए ऐसा वातावरण तैयार करना है, जिसमें बच्चे और युवा नियमित रूप से खेल मैदानों का रुख करें।

उन्होंने कहा कि खेल केवल शारीरिक फिटनेस का माध्यम नहीं हैं, बल्कि अनुशासन, टीम भावना, नेतृत्व क्षमता और आत्मविश्वास को विकसित करने में भी अहम भूमिका निभाते हैं। युवाओं को खेलों से जोड़कर उन्हें सकारात्मक गतिविधियों में व्यस्त रखा जा सकता है। इसी सोच के साथ सरकार राज्य में खेल संस्कृति को मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है।

मीत हेयर ने गांवों और शहरों की संभावित क्रिकेट टीमों को प्रतियोगिता के लिए बेहतर तैयारी करने की सलाह दी। उन्होंने खिलाड़ियों से कहा कि वे पूरे आत्मविश्वास और मजबूत इरादे के साथ मैदान में उतरें। उनका लक्ष्य होना चाहिए कि स्थानीय स्तर पर तैयार होने वाली टीमें आगे बढ़कर पंजाब की बेहतरीन टीमों में अपनी जगह बनाएं।

उन्होंने उम्मीद जताई कि कोस्को क्रिकेट की शुरुआत के साथ प्रतियोगिता में बड़ी संख्या में क्रिकेट टीमें हिस्सा लेंगी। इससे न केवल खिलाड़ियों को प्रतिस्पर्धात्मक माहौल मिलेगा, बल्कि विभिन्न गांवों और वार्डों के बीच खेल भावना भी मजबूत होगी। स्थानीय स्तर पर होने वाली ऐसी प्रतियोगिताएं समुदायों को एक साथ जोड़ने का काम भी करती हैं।

क्रिकेट को ‘खेडां वतन पंजाब दीआं’ में शामिल करने के फैसले को पंजाब की खेल संस्कृति के विस्तार के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राज्य में हॉकी, कबड्डी, एथलेटिक्स और अन्य खेलों के साथ क्रिकेट की भी मजबूत लोकप्रियता है। कोस्को क्रिकेट के जरिए उन खिलाड़ियों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है जो स्थानीय स्तर पर इस खेल से जुड़े हुए हैं।

मीत हेयर ने कहा कि सरकार की कोशिश है कि खेलों में भागीदारी का दायरा लगातार बढ़े और प्रदेश के अधिक से अधिक नागरिक खेल मैदानों तक पहुंचें। उन्होंने कहा कि जब गांवों और शहरों में नियमित रूप से खेल गतिविधियां बढ़ेंगी तो इससे पंजाब में स्वस्थ और सक्रिय समाज के निर्माण में भी मदद मिलेगी।

उन्होंने एक बार फिर क्रिकेट प्रेमियों से निर्धारित समय सीमा के भीतर ऑनलाइन पंजीकरण करवाने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह पंजाब के खिलाड़ियों के लिए अपनी प्रतिभा, मेहनत और टीम भावना को साबित करने का अवसर है। गांवों और वार्डों से निकलने वाली टीमें यदि बेहतर प्रदर्शन करती हैं तो वे आगे चलकर बड़े स्तर पर भी अपनी पहचान बना सकती हैं।

कुल मिलाकर, ‘खेडां वतन पंजाब दीआं’ के चौथे सीजन में कोस्को क्रिकेट को शामिल करने से प्रतियोगिता का दायरा और व्यापक होने जा रहा है। पहली बार क्रिकेट को इस खेल महाकुंभ में जगह मिलने से स्थानीय स्तर पर खेलने वाले खिलाड़ियों के लिए नया मंच तैयार हुआ है। अब गांवों और शहरों के क्रिकेट प्रेमियों के सामने अपनी टीम बनाकर राज्य स्तरीय खेल आयोजन का हिस्सा बनने का अवसर है। सरकार की इस पहल से पंजाब में क्रिकेट को जमीनी स्तर पर बढ़ावा मिलने के साथ-साथ खेलों में सामुदायिक भागीदारी को भी नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।