स्पीकर कुलतार सिंह संधवां का औचक दौरा,, मौके पर जांचीं जनसेवाओं की सुविधाएं

स्पीकर कुलतार सिंह संधवां का औचक दौरा,, मौके पर जांचीं जनसेवाओं की सुविधाएं

सरकारी दफ्तरों में पारदर्शिता, स्वच्छता और समयबद्ध सेवाओं पर जोर; पटवारी को बताया ग्रामीणों और सरकार के बीच महत्वपूर्ण कड़ी

पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने अपने विधानसभा क्षेत्र के गौरवशाली गांव हरी नौ का दौरा कर ग्रामीणों से मुलाकात की और गांव में उपलब्ध सरकारी सेवाओं की जमीनी स्थिति का जायजा लिया। अपने दौरे के दौरान उन्होंने बिना किसी पूर्व सूचना के गांव के आम आदमी क्लीनिक, पोस्ट ऑफिस और पटवारखाने का निरीक्षण किया। अचानक किए गए इस दौरे का उद्देश्य सरकारी संस्थानों में आम लोगों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं, कार्यालयों की कार्यप्रणाली और कर्मचारियों की जिम्मेदारी का मौके पर आकलन करना था।

गांव पहुंचने पर स्पीकर ने स्थानीय लोगों से बातचीत की और उनकी समस्याओं तथा जरूरतों के बारे में जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने अलग-अलग सरकारी संस्थानों का रुख किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से सेवाओं की स्थिति के बारे में जानकारी हासिल की तथा यह देखा कि लोगों को अपने रोजमर्रा के सरकारी कामकाज के लिए किसी तरह की परेशानी तो नहीं हो रही।

स्पीकर कुलतार सिंह संधवां के अचानक पटवारखाने पहुंचने पर वहां की साफ-सफाई और रिकॉर्ड व्यवस्था ने उनका विशेष ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने पटवारी निर्मलजीत सिंह और गांववासियों के सहयोग से तैयार किए गए पटवारखाने की व्यवस्था की सराहना की। संधवां ने कार्यालय में रखे राजस्व रिकॉर्ड का निरीक्षण किया और दस्तावेजों के रखरखाव की जानकारी ली। उन्होंने पाया कि रिकॉर्ड को व्यवस्थित तरीके से रखा गया है। जमीन से संबंधित नक्शों और अन्य जरूरी दस्तावेजों के लिए अलग व्यवस्था की गई है, जिससे जरूरत पड़ने पर संबंधित रिकॉर्ड आसानी से उपलब्ध हो सके।

स्पीकर ने कहा कि सरकारी कार्यालयों की पहचान केवल उनके भवन से नहीं बल्कि वहां की कार्यप्रणाली और आम जनता को मिलने वाली सेवाओं से होती है। यदि किसी कार्यालय में रिकॉर्ड व्यवस्थित हों, साफ-सफाई बनी रहे और लोगों के काम समय पर हों तो इससे सरकारी व्यवस्था के प्रति लोगों का विश्वास मजबूत होता है।

संधवां ने कहा कि वह बिना किसी पूर्व सूचना के पटवारखाने पहुंचे थे। ऐसे में उन्हें वहां की व्यवस्था देखकर विशेष संतुष्टि हुई। उन्होंने कहा कि सरकारी कार्यालयों में इसी प्रकार की स्वच्छता, अनुशासन और कार्य के प्रति जिम्मेदारी की भावना दिखाई देनी चाहिए। उन्होंने खास तौर पर इस बात की प्रशंसा की कि पटवारखाने में लोगों से संबंधित कोई काम अनावश्यक रूप से लंबित नहीं था और कर्मचारियों की ओर से मामलों को समय पर निपटाने का प्रयास किया जा रहा था।

उन्होंने कहा कि सरकारी दफ्तरों में काम को टालने की प्रवृत्ति से आम नागरिकों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है। इसके विपरीत यदि कर्मचारी अपने स्तर पर लोगों के काम को निर्धारित समय में पूरा करें तो इससे न केवल जनता को राहत मिलती है बल्कि प्रशासन के प्रति भरोसा भी बढ़ता है।

स्पीकर ने पटवारी की भूमिका को गांव के स्तर पर बेहद महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि पटवारी सरकार और ग्रामीण जनता के बीच जमीनी स्तर पर काम करने वाली महत्वपूर्ण कड़ी है। ग्रामीण इलाकों में जमीन, राजस्व रिकॉर्ड और कई तरह के स्थानीय विवादों से जुड़े मामलों में पटवारी की भूमिका महत्वपूर्ण होती है।

संधवां के मुताबिक यदि पटवारी अपनी जिम्मेदारी ईमानदारी, निष्पक्षता और समयबद्ध तरीके से निभाए तो गांव के कई जमीन संबंधी विवाद शुरुआती स्तर पर ही सुलझाए जा सकते हैं। इससे लोगों को अधिकारियों के चक्कर लगाने से राहत मिलती है और विवाद बढ़ने से पहले ही समाधान का रास्ता निकल सकता है।

उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग से संबंधित काम सीधे ग्रामीणों के हितों से जुड़े होते हैं। जमीन के रिकॉर्ड में किसी तरह की गलती या काम में देरी से लोगों को आर्थिक और कानूनी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए पटवारियों को अपनी जिम्मेदारी को केवल सरकारी ड्यूटी के तौर पर नहीं बल्कि जनसेवा के महत्वपूर्ण माध्यम के रूप में देखना चाहिए।

पटवारखाने में रिकॉर्ड और नक्शों के रखरखाव को देखकर संधवां ने कहा कि अन्य सरकारी कार्यालयों को भी इससे सीख लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकारी रिकॉर्ड जितना व्यवस्थित और सुरक्षित होगा, आम लोगों के लिए सेवाएं उतनी ही आसानी से उपलब्ध कराई जा सकेंगी।

अपने दौरे के दौरान संधवां ने गांव के आम आदमी क्लीनिक का भी निरीक्षण किया। उन्होंने क्लीनिक में उपलब्ध चिकित्सा सेवाओं, मरीजों को दी जा रही सुविधाओं और स्वास्थ्य विभाग के स्टाफ की कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी हासिल की। उन्होंने वहां मौजूद व्यवस्थाओं को देखा और मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लिया।

संधवां ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को अपने घर के नजदीक स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध होना बेहद महत्वपूर्ण है। छोटे स्वास्थ्य संबंधी मामलों के लिए लोगों को दूर स्थित अस्पतालों तक जाने की जरूरत न पड़े, इसके लिए स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार की ओर से स्थापित किए गए आम आदमी क्लीनिक आम लोगों के लिए उपयोगी साबित हो रहे हैं। उनके अनुसार इन केंद्रों के माध्यम से लोगों को घर के नजदीक स्वास्थ्य जांच, चिकित्सकीय सलाह और आवश्यक दवाओं जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को निर्देश दिए कि क्लीनिक में आने वाले प्रत्येक मरीज के साथ जिम्मेदारी और संवेदनशीलता से व्यवहार किया जाए। मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए और जरूरत के अनुसार उन्हें उचित चिकित्सकीय सलाह दी जानी चाहिए।

स्पीकर ने कहा कि स्वास्थ्य सेवा का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि मरीज को समय पर इलाज और उचित चिकित्सकीय सलाह मिले। ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसी सुविधाओं की उपलब्धता से लोगों को छोटी-छोटी स्वास्थ्य समस्याओं के लिए बड़े अस्पतालों का रुख करने की जरूरत कम होती है।

अपने दौरे के दौरान संधवां ने गांव के पोस्ट ऑफिस का भी निरीक्षण किया। उन्होंने वहां उपलब्ध सेवाओं और आम लोगों के कामकाज की स्थिति के बारे में जानकारी ली। ग्रामीण क्षेत्रों में डाकघर आज भी कई महत्वपूर्ण सरकारी और वित्तीय सेवाओं के लिए उपयोग किए जाते हैं। ऐसे में स्पीकर ने वहां की व्यवस्थाओं और लोगों को उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं का जायजा लिया।

उन्होंने संबंधित कर्मचारियों से कामकाज को लेकर जानकारी लेते हुए यह समझने का प्रयास किया कि ग्रामीणों को सेवाएं हासिल करने में किसी तरह की दिक्कत तो नहीं आ रही है।

संधवां के इस अचानक निरीक्षण को सरकारी कार्यालयों में जवाबदेही और जनसेवा की भावना मजबूत करने के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है। बिना पूर्व सूचना विभिन्न संस्थानों में पहुंचकर उन्होंने व्यवस्थाओं का जायजा लिया और जहां व्यवस्था अच्छी मिली, वहां कर्मचारियों की सराहना की।

उन्होंने कहा कि सरकार और जनता के बीच भरोसा तभी मजबूत हो सकता है जब सरकारी संस्थान आम नागरिकों को समय पर और पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध कराएं। गांवों में सरकारी कर्मचारी लोगों के साथ सीधे संपर्क में रहते हैं, इसलिए उनकी कार्यशैली का असर सरकार की छवि पर भी पड़ता है।

स्पीकर ने कहा कि ग्रामीणों को राजस्व, स्वास्थ्य और अन्य सरकारी सेवाओं के लिए अनावश्यक परेशानी न हो, यह सुनिश्चित करना जरूरी है। इसके लिए कार्यालयों में रिकॉर्ड का सही रखरखाव, कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति और लोगों के काम समय पर पूरा करना अहम है।

हरी नौ के दौरे के दौरान संधवां ने जिस तरह पटवारखाने, आम आदमी क्लीनिक और पोस्ट ऑफिस की कार्यप्रणाली का मौके पर निरीक्षण किया, उससे उन्होंने सरकारी सेवाओं को सीधे जनता की कसौटी पर परखने का संदेश दिया। उन्होंने बेहतर व्यवस्था के लिए कर्मचारियों की सराहना की और स्वास्थ्य सेवाओं में मरीजों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

संधवां ने कहा कि सरकारी व्यवस्था का वास्तविक मूल्यांकन इस बात से होता है कि आम व्यक्ति को अपना काम करवाने में कितनी आसानी होती है। यदि कार्यालय साफ-सुथरे हों, रिकॉर्ड व्यवस्थित हो, कर्मचारी जिम्मेदारी से काम करें और लोगों को समय पर सेवाएं मिलें, तो इससे प्रशासनिक व्यवस्था के प्रति विश्वास अपने आप मजबूत होता है।