2,008 गांवों और वार्डों में लगेंगे विशेष शिविर; 400 से ज्यादा पात्र लाभार्थियों वाले क्षेत्रों को प्राथमिकता, बचे कार्ड घर-घर पहुंचाए जाएंगे
पंजाब सरकार ने मुख्यमंत्री सेहत योजना के लाभ को अधिक से अधिक पात्र परिवारों तक पहुंचाने के लिए कार्ड वितरण की प्रक्रिया को तेज करने की तैयारी कर ली है। राज्य में करीब 33 लाख मुख्यमंत्री सेहत योजना कार्डों को जल्द से जल्द लाभार्थियों तक पहुंचाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। सरकार ने उन गांवों और वार्डों की पहचान भी कर ली है, जहां बड़ी संख्या में लोग योजना के तहत कार्ड प्राप्त करने के पात्र हैं।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि अब तक लगभग 31 लाख मुख्यमंत्री सेहत योजना कार्ड जिलों तक पहुंचाए जा चुके हैं। करीब दो लाख और कार्ड जल्द उपलब्ध होने की उम्मीद है। सरकार का लक्ष्य इन कार्डों को केवल जिला स्तर पर उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि इन्हें पात्र लाभार्थियों के घरों तक पहुंचाना है, ताकि स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़ी योजना का लाभ लेने में किसी को परेशानी न हो।
राज्य सरकार ने कार्ड वितरण के लिए दो स्तरों पर व्यवस्था तैयार की है। अधिक संख्या वाले गांवों और वार्डों में विशेष शिविर लगाए जाएंगे, जबकि कम संख्या वाले क्षेत्रों में पहले से चल रही घर-घर वितरण व्यवस्था को जारी रखा जाएगा। इसके बाद भी यदि कोई लाभार्थी कार्ड लेने से रह जाता है तो स्वास्थ्य विभाग का मैदानी अमला उसके घर तक कार्ड पहुंचाने का काम करेगा।
400 से अधिक लाभार्थियों वाले क्षेत्रों में विशेष शिविर
सरकार ने प्रदेश के करीब 2,008 गांवों और वार्डों को चिह्नित किया है, जहां 400 या इससे अधिक लाभार्थी मुख्यमंत्री सेहत योजना कार्ड के लिए पात्र हैं। इन स्थानों को कार्ड वितरण अभियान में प्राथमिकता दी जाएगी।
इन गांवों और वार्डों में विशेष वितरण शिविर आयोजित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य एक ही स्थान पर बड़ी संख्या में लाभार्थियों को कार्ड उपलब्ध कराकर वितरण प्रक्रिया को तेजी से पूरा करना है। इससे लाभार्थियों को बार-बार सरकारी कार्यालयों या अन्य केंद्रों के चक्कर लगाने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी।
सरकार की योजना है कि शिविरों के माध्यम से कार्ड वितरण को निर्धारित समय में पूरा किया जाए। इसके लिए स्थानीय स्तर पर लाभार्थियों की सूची तैयार करने, उन्हें शिविर की तारीख और स्थान की जानकारी देने तथा मौके पर अधिक से अधिक लोगों की उपस्थिति सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग के मैदानी कर्मचारियों को दी जाएगी।
आशा कार्यकर्ताओं को सौंपी जाएगी अहम जिम्मेदारी
कार्ड वितरण अभियान में स्वास्थ्य विभाग के जमीनी स्तर के कर्मचारियों की भूमिका महत्वपूर्ण रहने वाली है। आशा कार्यकर्ताओं, आशा फैसिलिटेटरों, सेहत मित्रों और अन्य फील्ड स्टाफ को लाभार्थियों से संपर्क करने और उन्हें शिविरों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी दी जाएगी।
लाभार्थियों को पहले से बताया जाएगा कि उनके क्षेत्र में कार्ड वितरण शिविर कब और कहां लगाया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग का प्रयास रहेगा कि सूचना समय पर प्रत्येक पात्र परिवार तक पहुंचे, ताकि शिविर के दिन अधिकतम लाभार्थी कार्ड प्राप्त कर सकें।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान द्वारा मुख्यमंत्री सेहत योजना कार्ड वितरण कार्यक्रम के औपचारिक शुभारंभ के बाद शिविर आधारित अभियान शुरू किया जाएगा। सरकार ने अभियान शुरू होने के बाद शुरुआती एक सप्ताह के भीतर इन विशेष शिविरों में कार्ड वितरण पूरा करने का लक्ष्य रखा है।
इस समयसीमा के कारण संबंधित जिलों के अधिकारियों और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों पर वितरण प्रक्रिया की निगरानी और उसे समय पर पूरा करने की जिम्मेदारी रहेगी।
छोटे गांवों और वार्डों में जारी रहेगा घर-घर अभियान
जिन गांवों और वार्डों में 400 से कम पात्र लाभार्थी हैं, वहां कार्ड वितरण का मौजूदा घर-घर मॉडल जारी रखा जाएगा। ऐसे क्षेत्रों में लाभार्थियों को किसी बड़े वितरण केंद्र तक बुलाने के बजाय स्वास्थ्य विभाग का मैदानी स्टाफ उनके घरों तक कार्ड पहुंचाएगा।
इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कम संख्या वाले इलाकों के पात्र लोगों को भी कार्ड हासिल करने के लिए अतिरिक्त समय और संसाधन खर्च न करने पड़ें।
विशेष शिविरों का चरण पूरा होने के बाद भी यदि कुछ कार्ड वितरित नहीं हो पाते हैं तो उन्हें भी संबंधित लाभार्थियों तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई है। आशा कार्यकर्ताओं और आशा फैसिलिटेटरों के माध्यम से ऐसे कार्ड घरों तक पहुंचाए जाएंगे।
इस तरह सरकार ने वितरण व्यवस्था को केवल शिविरों तक सीमित नहीं रखा है। शिविर में छूट जाने वाले लाभार्थियों के लिए भी वैकल्पिक व्यवस्था तैयार की गई है, ताकि अंतिम चरण में कोई पात्र व्यक्ति योजना से बाहर न रह जाए।
हर कार्ड के वितरण पर मिलेगा प्रोत्साहन
घर-घर कार्ड पहुंचाने की प्रक्रिया को प्रभावी बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने मैदानी कर्मचारियों के लिए प्रोत्साहन व्यवस्था भी तय की है। प्रत्येक सफलतापूर्वक वितरित कार्ड के लिए आशा कार्यकर्ता को 10 रुपये दिए जाएंगे, जबकि आशा फैसिलिटेटर को प्रति कार्ड 2 रुपये का प्रोत्साहन मिलेगा।
सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से कार्डों को अंतिम लाभार्थी तक पहुंचाने की प्रक्रिया में तेजी आएगी। साथ ही, मैदानी स्तर पर काम कर रहे कर्मचारियों को प्रत्येक परिवार तक पहुंचने और वितरण का प्रमाणित रिकॉर्ड रखने के लिए प्रोत्साहित किया जा सकेगा।
घर-घर किए जाने वाले कार्ड वितरण का रिकॉर्ड भी तैयार किया जाएगा। संबंधित स्वास्थ्य अधिकारियों को इन रिकॉर्ड के आधार पर प्रोत्साहन राशि से जुड़े दावों की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इससे वितरण अभियान की निगरानी और कर्मचारियों द्वारा किए गए कार्य का आकलन भी किया जा सकेगा।
दो सप्ताह में बचे कार्ड घरों तक पहुंचाने का लक्ष्य
सरकार ने विशेष शिविरों के बाद की स्थिति के लिए भी समयसीमा निर्धारित की है। शिविर आधारित वितरण अभियान पूरा होने के बाद जो कार्ड शेष रह जाएंगे, उन्हें अगले दो सप्ताह के भीतर घर-घर पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
इस व्यवस्था से सरकार एक निर्धारित अवधि में पूरे राज्य में कार्ड वितरण पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ना चाहती है। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि कार्ड किसी जिला कार्यालय या वितरण केंद्र पर लंबे समय तक पड़े न रहें और उन्हें जल्द से जल्द संबंधित लाभार्थी तक पहुंचाया जाए।
जिलों को पहले ही भेजे जा चुके कार्ड और प्रचार सामग्री
राज्य स्वास्थ्य एजेंसी की ओर से जिलों को मुख्यमंत्री सेहत योजना के कार्ड उपलब्ध करवाए जा चुके हैं। इसके साथ ही लाभार्थियों को योजना की जानकारी देने के लिए सूचना, शिक्षा एवं संचार यानी आईईसी सामग्री भी भेजी गई है।
इस सामग्री में कार्ड जैकेट, लिफाफे और ब्रोशर शामिल हैं। इसका उद्देश्य केवल कार्ड सौंपना नहीं, बल्कि लाभार्थियों को योजना से जुड़ी आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराना भी है।
स्वास्थ्य विभाग की कोशिश है कि कार्ड मिलने के बाद लाभार्थियों को इसके इस्तेमाल और योजना के तहत मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी भी स्पष्ट रूप से हो। इसके लिए वितरण अभियान के दौरान उपलब्ध प्रचार सामग्री का इस्तेमाल किया जाएगा।
अधिकारियों को लगातार निगरानी के निर्देश
राज्य सरकार ने जिलों के अधिकारियों को कार्ड वितरण की पूरी प्रक्रिया पर नजदीकी निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को निर्धारित समयसीमा के साथ-साथ तय मानक संचालन प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित करना होगा।
वितरण अभियान के दौरान यह देखा जाएगा कि चिह्नित लाभार्थियों तक कार्ड पहुंच रहे हैं या नहीं, शिविरों में पर्याप्त व्यवस्था है या नहीं और घर-घर वितरण में किसी तरह की समस्या तो नहीं आ रही।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि अभियान का उद्देश्य केवल आंकड़ा पूरा करना नहीं बल्कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक कार्ड पहुंचाना है। इसलिए जिन लाभार्थियों को शिविर के बावजूद कार्ड नहीं मिल पाता, उनकी पहचान कर उन्हें बाद के चरण में घर पर कार्ड उपलब्ध करवाने की व्यवस्था की गई है।
पात्र परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा से जोड़ने पर जोर
मुख्यमंत्री सेहत योजना के कार्ड वितरण अभियान को पंजाब सरकार की स्वास्थ्य क्षेत्र में व्यापक कवायद का हिस्सा माना जा रहा है। सरकार का जोर यह सुनिश्चित करने पर है कि पात्र परिवार स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित सरकारी योजना का लाभ लेने से केवल इसलिए वंचित न रहें क्योंकि उनके पास योजना का कार्ड उपलब्ध नहीं है।
इसी कारण राज्य स्तर से लेकर गांव और वार्ड स्तर तक वितरण की अलग-अलग व्यवस्थाएं बनाई गई हैं। अधिक लाभार्थियों वाले क्षेत्रों में शिविर और कम संख्या वाले क्षेत्रों में घर-घर वितरण का मॉडल अपनाकर सरकार प्रक्रिया को अधिक व्यावहारिक बनाने की कोशिश कर रही है।
विशेष रूप से आशा कार्यकर्ताओं और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों को इस अभियान में शामिल करने से सरकार को उन परिवारों तक पहुंचने में मदद मिल सकती है, जो किसी कारण से शिविर में नहीं पहुंच पाते।
‘कोई पात्र लाभार्थी न छूटे’ पर सरकार का फोकस
पंजाब सरकार ने कार्ड वितरण के पूरे अभियान में सबसे ज्यादा जोर पात्र लाभार्थियों की शत-प्रतिशत कवरेज पर दिया है। करीब 31 लाख कार्ड पहले ही जिलों में उपलब्ध होने और लगभग दो लाख अतिरिक्त कार्ड जल्द आने की स्थिति में अब चुनौती इन्हें वास्तविक लाभार्थियों तक पहुंचाने की है।
इसके लिए सरकार ने एक सप्ताह के शिविर अभियान, उसके बाद दो सप्ताह की घर-घर वितरण व्यवस्था और मैदानी कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी का मॉडल तैयार किया है।
यदि यह निर्धारित समयसीमा के अनुसार पूरा होता है तो मुख्यमंत्री सेहत योजना के कार्ड वितरण में तेजी आने की उम्मीद है। सरकार की कोशिश है कि शहरों से लेकर गांवों और छोटे वार्डों तक हर पात्र परिवार तक कार्ड पहुंचे और कोई भी लाभार्थी केवल वितरण व्यवस्था की कमी के कारण योजना के लाभ से वंचित न रहे।
अब नजर इस बात पर रहेगी कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान द्वारा औपचारिक शुरुआत के बाद विशेष शिविरों में कार्ड वितरण किस गति से होता है और जिलावार प्रशासन निर्धारित समयसीमा के भीतर लक्ष्य पूरा करने में कितना सफल रहता है।




