रैल में विकास कार्यों की शुरुआत से स्वास्थ्य शिविर तक, 17-18 सितंबर को नादौन के दौरे पर रहेंगे मुख्यमंत्री सुक्खू

रैल में विकास कार्यों की शुरुआत से स्वास्थ्य शिविर तक, 17-18 सितंबर को नादौन के दौरे पर रहेंगे मुख्यमंत्री सुक्खू

हमीरपुर: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू 17 और 18 सितंबर को हमीरपुर जिले के नादौन विधानसभा क्षेत्र के प्रवास पर रहेंगे। दो दिवसीय दौरे के दौरान मुख्यमंत्री क्षेत्र में कई विकास परियोजनाओं की आधारशिलाएं रखने के साथ कुछ तैयार हो चुकी सुविधाओं का उद्घाटन करेंगे। इसके अलावा वह जन स्वास्थ्य शिविर का शुभारंभ भी करेंगे, जिसमें स्थानीय लोगों को विशेषज्ञ और सुपर स्पेशलिस्ट चिकित्सकों की सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। प्रशासन की ओर से संबंधित विभागों को सभी व्यवस्थाएं समय पर पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। दौरे के दौरान मुख्यमंत्री विभिन्न विकास कार्यों की शुरुआत करेंगे और क्षेत्र के लोगों से भी संवाद कर सकते हैं।

आईटीआई रैल में नए भवन की आधारशिला

मुख्यमंत्री 17 सितंबर को सुबह करीब 11 बजे आईटीआई रैल परिसर पहुंचेंगे। यहां वह संस्थान के नए भवन की आधारशिला रखेंगे। इसके बाद परिसर में पौधारोपण कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। आईटीआई के नए भवन से संस्थान की आधारभूत सुविधाओं को विस्तार मिलने की उम्मीद है और इससे प्रशिक्षण से जुड़ी आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिलेगी।

इसके बाद मुख्यमंत्री प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रैल के नवनिर्मित भवन का उद्घाटन करेंगे। नए भवन के शुरू होने से स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए उपलब्ध बुनियादी ढांचे में सुधार होगा। मुख्यमंत्री इसी दौरान रैल में आयोजित होने वाले जन स्वास्थ्य शिविर का भी शुभारंभ करेंगे।

इस स्वास्थ्य शिविर में स्थानीय लोगों को विभिन्न प्रकार की स्वास्थ्य जांच और चिकित्सकीय परामर्श की सुविधा उपलब्ध कराने की तैयारी है। प्रशासन के अनुसार शिविर में विशेषज्ञ तथा सुपर स्पेशलिस्ट चिकित्सक सेवाएं देंगे। स्वास्थ्य विभाग के साथ मेडिकल कॉलेज और आयुष विभाग को शिविर की व्यवस्थाओं को लेकर विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है।

रैल स्कूल भवन का भी होगा शिलान्यास

मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला रैल का नया भवन भी शामिल है। दौरे के दौरान वह स्कूल भवन के निर्माण कार्य का शिलान्यास करेंगे। इससे विद्यालय के विद्यार्थियों के लिए बेहतर शैक्षणिक वातावरण और आधारभूत सुविधाएं विकसित करने की दिशा में काम आगे बढ़ेगा।

इस प्रकार मुख्यमंत्री के दौरे के पहले दिन शिक्षा, तकनीकी प्रशिक्षण और स्वास्थ्य से जुड़ी कई परियोजनाओं को गति मिलेगी। क्षेत्र में एक ही दिन में अलग-अलग विभागों से संबंधित विकास कार्यों की शुरुआत को स्थानीय स्तर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

18 सितंबर को ब्यास नदी पर पुल का शिलान्यास

मुख्यमंत्री सुक्खू 18 सितंबर को भी नादौन क्षेत्र में रहेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार वह सुबह करीब साढ़े 11 बजे सधोड़ा पत्तन के निकट ब्यास नदी पर प्रस्तावित पुल की आधारशिला रखेंगे। इस परियोजना के शुरू होने से क्षेत्र में आवागमन और संपर्क व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

ब्यास नदी पर पुल का निर्माण आसपास के क्षेत्रों के लोगों के लिए परिवहन और संपर्क के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पुल बनने के बाद क्षेत्र के लोगों को आवागमन के लिए सुविधा मिलने के साथ विभिन्न स्थानों के बीच कनेक्टिविटी में सुधार हो सकता है।

कार्यक्रम पूरा करने के बाद मुख्यमंत्री आईटीआई रैल के हेलीपैड से शिमला के लिए रवाना होंगे।

16 सितंबर की शाम पैतृक गांव पहुंचेंगे मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री सुक्खू 16 सितंबर की शाम ऊना से अपने पैतृक गांव सेरा स्थित विश्राम गृह पहुंचेंगे। वह 17 सितंबर की रात भी यहीं ठहरेंगे। इसके बाद 18 सितंबर को निर्धारित कार्यक्रमों में हिस्सा लेने के बाद शिमला के लिए रवाना होंगे।

मुख्यमंत्री के अपने गृह जिले के दौरे को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। कार्यक्रम स्थलों पर सुरक्षा, यातायात, स्वास्थ्य, बिजली, पानी और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को लेकर संबंधित विभागों को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

डीसी ने अधिकारियों को दिए मौके पर मौजूद रहने के निर्देश

मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए उपायुक्त हमीरपुर गंधर्वा राठौड़ ने संबंधित अधिकारियों के साथ तैयारियों की समीक्षा की है। उन्होंने अधिकारियों को मुख्यमंत्री के सभी कार्यक्रमों के दौरान व्यक्तिगत रूप से मौके पर मौजूद रहने और अपने-अपने विभाग से संबंधित व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

उपायुक्त ने खास तौर पर जन स्वास्थ्य शिविर की तैयारियों को लेकर स्वास्थ्य विभाग, मेडिकल कॉलेज और आयुष विभाग के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि शिविर में आने वाले लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और चिकित्सकों तथा अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं की समुचित व्यवस्था पहले से सुनिश्चित की जाए।

स्वास्थ्य शिविर में अलग-अलग विशेषज्ञता वाले चिकित्सकों की सेवाएं उपलब्ध होने के कारण बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए पंजीकरण, जांच, चिकित्सकीय परामर्श, दवाओं और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को व्यवस्थित रखने पर जोर दिया जा रहा है।

स्थानीय लोगों से शिविर का लाभ उठाने की अपील

उपायुक्त ने रैल और आसपास की पंचायतों के निवासियों से जन स्वास्थ्य शिविर में पहुंचकर उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि शिविर में विशेषज्ञ और सुपर स्पेशलिस्ट चिकित्सकों की मौजूदगी स्थानीय लोगों के लिए स्वास्थ्य संबंधी परामर्श और जांच का अवसर प्रदान करेगी।

शिविर में विभिन्न स्वास्थ्य जांच की सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे लोगों को अपने स्वास्थ्य से संबंधित जरूरी जांच और विशेषज्ञ चिकित्सकीय सलाह एक ही स्थान पर प्राप्त हो सकेगी।

प्रशासन की ओर से स्वास्थ्य शिविर को लेकर विभागों के बीच समन्वय बनाए रखने पर भी जोर दिया गया है। मेडिकल कॉलेज, स्वास्थ्य विभाग और आयुष विभाग को अपनी-अपनी जिम्मेदारियों के अनुसार व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

दौरे में विकास और स्वास्थ्य सेवाओं पर रहेगा फोकस

मुख्यमंत्री के दो दिवसीय कार्यक्रम को देखें तो नादौन विधानसभा क्षेत्र में उनके दौरे का मुख्य फोकस विकास परियोजनाओं और जन स्वास्थ्य सेवाओं पर रहेगा। पहले दिन आईटीआई रैल के नए भवन की आधारशिला, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के नए भवन का उद्घाटन और राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला रैल के भवन का शिलान्यास प्रस्तावित है। इसके साथ जन स्वास्थ्य शिविर के माध्यम से लोगों को विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

दूसरे दिन ब्यास नदी पर प्रस्तावित पुल का शिलान्यास किया जाएगा। इससे क्षेत्र के बुनियादी ढांचे और संपर्क व्यवस्था से जुड़ी एक महत्वपूर्ण परियोजना आगे बढ़ेगी।

जिला प्रशासन ने मुख्यमंत्री के कार्यक्रमों को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए विभागीय अधिकारियों को निर्धारित जिम्मेदारियां निभाने के निर्देश दिए हैं। कार्यक्रम स्थलों पर व्यवस्थाओं की निगरानी और आपसी समन्वय सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को सक्रिय रहने को कहा गया है।

मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान शुरू होने वाली परियोजनाओं से क्षेत्र में शिक्षा, तकनीकी प्रशिक्षण, स्वास्थ्य और परिवहन से जुड़ी सुविधाओं के विस्तार की दिशा में काम आगे बढ़ेगा। प्रशासन का जोर यह सुनिश्चित करने पर है कि सभी कार्यक्रम निर्धारित समय के अनुसार आयोजित हों और स्थानीय लोगों को मुख्यमंत्री के दौरे से जुड़ी सुविधाओं एवं स्वास्थ्य शिविर का अधिक से अधिक लाभ मिल सके।