प्रदेश प्रवक्ता को मिली नई जिम्मेदारी, ऊषा प्रियदर्शनी अध्यक्ष और मीना परमार उपाध्यक्ष पद पर पहले ही संभाल चुकी हैं कार्यभार
चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने राज्य महिला आयोग में एक और सदस्य की नियुक्ति कर दी है। भाजपा की प्रदेश प्रवक्ता वैशाली तोमर को हरियाणा राज्य महिला आयोग का सदस्य बनाया गया है। लंबे समय से भारतीय जनता पार्टी के संगठन में सक्रिय वैशाली तोमर को अब महिला आयोग में जिम्मेदारी दी गई है। महिला एवं बाल विकास विभाग के आयुक्त एवं सचिव शेखर विद्यार्थी की ओर से उनकी नियुक्ति संबंधी आदेश जारी किए गए हैं।
वैशाली तोमर की नियुक्ति के साथ ही महिला आयोग में भाजपा से जुड़ी पदाधिकारियों की मौजूदगी और बढ़ गई है। इससे पहले भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष रह चुकीं ऊषा प्रियदर्शनी को आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था, जबकि भाजपा की प्रदेश महामंत्री मीना परमार को उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई थी। अब वैशाली तोमर को सदस्य बनाए जाने के बाद आयोग में संगठन से जुड़ी महिला नेताओं को मिली जिम्मेदारियों का सिलसिला आगे बढ़ा है।
संगठन में कई जिम्मेदारियां संभाल चुकी हैं वैशाली
वैशाली तोमर भाजपा संगठन में लंबे समय से सक्रिय रही हैं। पार्टी में रहते हुए उन्होंने अलग-अलग स्तरों पर जिम्मेदारियां संभाली हैं। वह युवा मोर्चा की मीडिया प्रभारी के पद पर काम कर चुकी हैं। इसके अलावा भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश कार्यकारिणी की सदस्य के रूप में भी उन्होंने संगठनात्मक गतिविधियों में भाग लिया है।
वर्तमान में वह भाजपा की प्रदेश प्रवक्ता के तौर पर पार्टी का पक्ष रखने की जिम्मेदारी संभाल रही थीं। संगठन के स्तर पर मीडिया और महिला मोर्चा से जुड़े अनुभव के बाद अब उन्हें महिला आयोग में सदस्य के रूप में नई जिम्मेदारी मिली है।
महिला आयोग में नियुक्ति के बाद उनकी भूमिका महिला अधिकारों, महिलाओं से जुड़े मामलों और आयोग की विभिन्न गतिविधियों में भागीदारी से संबंधित होगी। आयोग राज्य में महिलाओं से जुड़े मुद्दों और शिकायतों पर काम करता है तथा महिला हितों से संबंधित विषयों पर अपनी भूमिका निभाता है।
शिक्षा के क्षेत्र में भी विविध अनुभव
वैशाली तोमर की शैक्षणिक पृष्ठभूमि भी विविध रही है। उन्होंने अंग्रेजी और योग में मास्टर डिग्री हासिल की है। इसके अलावा उन्होंने लाइब्रेरी साइंस, संगीत और भरतनाट्यम में स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है।
अलग-अलग विषयों में शिक्षा हासिल करने के साथ संगठनात्मक और सार्वजनिक जीवन में सक्रियता ने उनके अनुभव का दायरा बढ़ाया है। भाजपा में विभिन्न पदों पर काम करने के बाद अब उन्हें राज्य महिला आयोग में सदस्य के रूप में जिम्मेदारी सौंपी गई है।
सरकार की ओर से जारी नियुक्ति आदेश के बाद अब वह आयोग की बैठकों और महिला अधिकारों से जुड़े मामलों में अपनी भूमिका निभाएंगी।
आयोग में पहले ही हो चुकी हैं अहम नियुक्तियां
हरियाणा राज्य महिला आयोग में पिछले कुछ समय के दौरान अध्यक्ष और उपाध्यक्ष समेत अन्य पदों पर नियुक्तियां की गई हैं। भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष रह चुकीं ऊषा प्रियदर्शनी को आयोग की अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं पार्टी की प्रदेश महामंत्री मीना परमार को उपाध्यक्ष बनाया गया है।
इसके अलावा आयोग में भारती सैनी, सुनीता लोहचब, सुमन शहजादवाला, अनुकंपा गर्ग और सुनीता चौहान पहले से सदस्य के रूप में काम कर रही हैं।
अब वैशाली तोमर के सदस्य बनने के बाद आयोग में सदस्यों की संख्या में एक और इजाफा हुआ है। सरकार ने हाल ही में महिला आयोग में सदस्यों की संख्या को पांच से बढ़ाकर सात करने का निर्णय लिया था। इसी बदलाव के बाद आयोग में अतिरिक्त सदस्यों की नियुक्ति का रास्ता खुला है।
सात सदस्यों की व्यवस्था के बाद एक पद अभी खाली
महिला आयोग में सदस्यों की संख्या बढ़ाकर सात किए जाने के बाद नियुक्तियों की प्रक्रिया जारी है। वैशाली तोमर की नियुक्ति के बाद आयोग में अभी एक सदस्य पद रिक्त रहेगा। मौजूदा व्यवस्था में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के अलावा सदस्य पदों पर नियुक्तियां की जा रही हैं।
वर्तमान में आयोग में भारती सैनी, सुनीता लोहचब, सुमन शहजादवाला, अनुकंपा गर्ग और सुनीता चौहान सदस्य के रूप में कार्यरत हैं। इनके साथ अब वैशाली तोमर भी सदस्य के रूप में आयोग का हिस्सा होंगी।
इस तरह महिला आयोग में संगठन और सरकार से जुड़े स्तर पर की जा रही नियुक्तियों का एक और चरण पूरा हुआ है। शेष रिक्त सदस्य पद पर आगे नियुक्ति किए जाने की संभावना बनी हुई है।
महिला मुद्दों पर आयोग की भूमिका महत्वपूर्ण
राज्य महिला आयोग महिलाओं से संबंधित शिकायतों और अधिकारों के मामलों में महत्वपूर्ण संस्थागत भूमिका निभाता है। महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराध, कार्यस्थल से जुड़े मुद्दे, घरेलू हिंसा, उत्पीड़न और अन्य अधिकार संबंधी मामलों को आयोग के समक्ष उठाया जा सकता है।
आयोग का उद्देश्य महिलाओं से जुड़े मामलों पर सुनवाई, संबंधित विभागों के साथ समन्वय और आवश्यक कार्रवाई के लिए पहल करना है। ऐसे में सदस्यों की संख्या बढ़ाए जाने से आयोग के कामकाज को विस्तार देने की संभावना भी बढ़ी है।
सरकार की ओर से सदस्यों की संख्या पांच से बढ़ाकर सात किए जाने के बाद आयोग में नई नियुक्तियां की जा रही हैं। इसी क्रम में वैशाली तोमर को सदस्य बनाया गया है।
संगठन से आयोग तक पहुंची जिम्मेदारी
वैशाली तोमर की नई नियुक्ति को भाजपा संगठन में उनकी लंबे समय से सक्रिय भूमिका के संदर्भ में देखा जा रहा है। पार्टी में युवा मोर्चा से लेकर महिला मोर्चा और प्रदेश प्रवक्ता की जिम्मेदारी तक उन्होंने अलग-अलग भूमिकाएं निभाई हैं।
युवा मोर्चा में मीडिया प्रभारी के रूप में काम करने के बाद महिला मोर्चा की प्रदेश कार्यकारिणी में उनकी भूमिका रही। इसके बाद प्रदेश प्रवक्ता के तौर पर वह पार्टी की ओर से सार्वजनिक मंचों पर भाजपा का पक्ष रखती रही हैं।
अब सरकारी स्तर पर महिला आयोग की सदस्य के रूप में उन्हें नई जिम्मेदारी मिली है। आयोग में उनकी नियुक्ति के साथ उनके संगठनात्मक अनुभव का इस्तेमाल महिला संबंधी मुद्दों पर होने वाली बैठकों और गतिविधियों में किए जाने की संभावना है।
नियुक्ति आदेश जारी होने के बाद औपचारिक प्रक्रिया पूरी
महिला एवं बाल विकास विभाग के आयुक्त एवं सचिव शेखर विद्यार्थी ने वैशाली तोमर की नियुक्ति के आदेश जारी किए हैं। आदेश जारी होने के साथ ही उनकी आयोग में नियुक्ति की औपचारिक प्रक्रिया पूरी हो गई है।
महिला आयोग में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्तियों के बाद अब आयोग के कामकाज को नई टीम के साथ आगे बढ़ाया जाएगा। आयोग के सामने महिलाओं से जुड़े विभिन्न मामलों की सुनवाई और संबंधित विभागों के साथ समन्वय की जिम्मेदारी रहेगी।
वैशाली तोमर के शामिल होने के बाद आयोग में एक सदस्य पद अभी रिक्त है। सरकार की ओर से भविष्य में इस पद पर भी नियुक्ति की जा सकती है।
भाजपा संगठन में सक्रिय महिला चेहरों को मिली जिम्मेदारी
महिला आयोग में ऊषा प्रियदर्शनी को अध्यक्ष, मीना परमार को उपाध्यक्ष और अब वैशाली तोमर को सदस्य की जिम्मेदारी दिए जाने के बाद भाजपा से जुड़ी महिला पदाधिकारियों को आयोग में महत्वपूर्ण भूमिकाएं मिली हैं।
तीनों ही संगठन में अलग-अलग स्तरों पर सक्रिय रही हैं। ऊषा प्रियदर्शनी भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष रह चुकी हैं, जबकि मीना परमार पार्टी की प्रदेश महामंत्री हैं। वैशाली तोमर प्रदेश प्रवक्ता के अलावा युवा मोर्चा और महिला मोर्चा में भी जिम्मेदारी संभाल चुकी हैं।
सरकार द्वारा आयोग की सदस्य संख्या बढ़ाने के बाद हुई इन नियुक्तियों से महिला आयोग के पुनर्गठन की प्रक्रिया को भी गति मिली है। अब आयोग में एक सदस्य पद को छोड़कर प्रमुख पदों पर नियुक्तियां हो चुकी हैं।
आने वाले समय में आयोग की नई टीम महिलाओं से संबंधित मामलों पर किस तरह काम करती है, यह उसके कामकाज और बैठकों के एजेंडे से स्पष्ट होगा। फिलहाल वैशाली तोमर की नियुक्ति के साथ महिला आयोग में एक और सदस्य की नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी हो गई है।




