आप की नई पीएसी की पहली बैठक में चुनावी रणनीति पर मंथन, पंजाब समेत तीन राज्यों पर फोकस

आप की नई पीएसी की पहली बैठक में चुनावी रणनीति पर मंथन, पंजाब समेत तीन राज्यों पर फोकस

केजरीवाल के आवास पर हुई बैठक, मान और चीमा भी रहे मौजूद; सिसोदिया बोले- पंजाब में दोबारा सरकार बनाने की तैयारी

आदमी पार्टी की नवगठित राजनीतिक मामलों की समिति (पीएसी) ने अपनी पहली बैठक में आगामी चुनावों को लेकर संगठन और राजनीतिक रणनीति पर विस्तार से चर्चा की। पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में उनके आवास पर हुई बैठक में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा समेत पीएसी के अन्य सदस्य शामिल हुए।

बैठक के बाद पार्टी के वरिष्ठ नेता और पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने बताया कि पीएसी की चर्चा मुख्य रूप से पंजाब, गोवा और गुजरात में होने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारियों पर केंद्रित रही। इसके अलावा राजस्थान के बारां में पार्टी को मिली जीत, यूपीआई से जुड़े मुद्दे और दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान कथित फर्जी मतदाता सूची को लेकर सामने आई रिपोर्ट पर भी विचार-विमर्श हुआ।

सिसोदिया ने कहा कि पंजाब में पार्टी संगठन चुनाव को लेकर पूरी तरह तैयार है। उनके मुताबिक, मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार के कामकाज से जनता खुश है और लोग उन्हें दोबारा मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहते हैं। वहीं, उन्होंने दावा किया कि गोवा और गुजरात में भाजपा सरकार के खिलाफ लोगों में असंतोष है और वहां मतदाता बदलाव की तलाश में हैं।

बारां के नतीजे को लेकर भी चर्चा

पीएसी की बैठक में राजस्थान के बारां में आम आदमी पार्टी को मिली जीत को लेकर भी चर्चा हुई। सिसोदिया ने इसे पार्टी के लिए उत्साह बढ़ाने वाला परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि बारां के लोगों के फैसले से यह संकेत मिलता है कि यदि जनता के सामने कोई राजनीतिक विकल्प मौजूद हो तो वह उसे स्वीकार करने पर विचार कर रही है।

उन्होंने कहा कि पार्टी जल्द ही बारां में बड़े स्तर पर कार्यक्रम करेगी। उनके मुताबिक, अरविंद केजरीवाल, भगवंत मान और वह स्वयं राजस्थान के बारां जाएंगे तथा वहां रोड शो करेंगे।

सिसोदिया ने कहा कि बारां के परिणाम ने पार्टी के संगठन को यह संदेश दिया है कि भाजपा के सामने विकल्प तलाश रहे मतदाताओं तक पहुंच बढ़ाने की जरूरत है। हालांकि उन्होंने इस जीत को आगामी चुनावों से सीधे जोड़ने के बजाय इसे पार्टी के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक संकेत के तौर पर प्रस्तुत किया।

पंजाब, गुजरात और गोवा की चुनावी तैयारियों पर मंथन

पीएसी की बैठक में पंजाब के साथ-साथ गोवा और गुजरात में संगठन की स्थिति और चुनावी तैयारियों की समीक्षा की गई। सिसोदिया ने कहा कि इन राज्यों में पार्टी का संगठन सक्रिय रूप से काम कर रहा है और अब इस संगठनात्मक गतिविधि को चुनावी सफलता में बदलने की रणनीति पर काम किया जाएगा।

पंजाब को लेकर उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी सरकार के कामकाज को लेकर लोगों में संतुष्टि है। उनके अनुसार पार्टी का लक्ष्य मौजूदा सरकार के काम को जनता के बीच लेकर जाना और आगामी चुनाव में दोबारा जनादेश हासिल करना है।

सिसोदिया ने कहा कि पंजाब के लोग कथित तौर पर पुराने राजनीतिक दौर में वापस नहीं जाना चाहते। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि भगवंत मान मुख्यमंत्री नहीं रहे तो पुरानी राजनीतिक पार्टियां फिर से नशे, रोजगार में अनियमितताओं और व्यापारियों से जुड़े मुद्दों को लेकर वही स्थिति पैदा कर सकती हैं। ये आरोप सिसोदिया ने राजनीतिक संदर्भ में लगाए और इन्हें विपक्षी दलों के खिलाफ पार्टी के रुख के तौर पर रखा।

यूपीआई से जुड़े फैसले पर केंद्र को घेरा

बैठक में यूपीआई से जुड़े मुद्दे पर भी चर्चा हुई। सिसोदिया ने दावा किया कि केंद्र सरकार ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दबाव में यूपीआई को लेकर ऐसा फैसला लिया है, जिससे आम उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि पार्टी इस मुद्दे को संगठन और राजनीतिक मंचों के माध्यम से उठाएगी।

सिसोदिया ने यूपीआई की तुलना नकद लेनदेन से करते हुए कहा कि जब कोई व्यक्ति 100 रुपये का नोट खर्च करता है तो उसकी कीमत उसके लिए 100 रुपये ही रहती है। उन्होंने सवाल उठाया कि डिजिटल भुगतान की व्यवस्था में आम लोगों से अतिरिक्त शुल्क क्यों लिया जाए।

उन्होंने आरोप लगाया कि यूपीआई से जुड़े प्रस्तावित बदलावों का बड़ा आर्थिक लाभ अमेरिकी कंपनियों को हो सकता है। सिसोदिया ने इसे लेकर केंद्र सरकार पर अमेरिकी दबाव में निर्णय लेने का आरोप लगाया और कहा कि पीएसी की बैठक में इस विषय पर विस्तार से चर्चा हुई।

दिल्ली की मतदाता सूची मामले का मुद्दा भी उठा

पीएसी की बैठक में दिल्ली विधानसभा चुनाव से संबंधित मतदाता सूची को लेकर सामने आई एक मीडिया रिपोर्ट पर भी चर्चा हुई। सिसोदिया ने आरोप लगाया कि नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र में पिछले चुनाव से पहले बड़ी संख्या में फर्जी मतदाताओं के नाम जोड़े गए थे।

उन्होंने दावा किया कि कुछ घरों में असामान्य रूप से बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम दर्ज किए गए और आरोप लगाया कि यह प्रक्रिया चुनाव से ठीक पहले हुई। सिसोदिया ने कहा कि अब विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान ऐसे कई नाम हटाए गए हैं।

उनके मुताबिक, चुनाव से पहले जोड़े गए मतदाताओं में से बड़ी संख्या में नाम बाद की प्रक्रिया में संदिग्ध या गलत पाए गए। उन्होंने दावा किया कि करीब 40 प्रतिशत ऐसे मतदाता एसआईआर के दौरान फर्जी पाए गए हैं। सिसोदिया ने चुनाव आयोग से इस पूरे मामले का संज्ञान लेने की मांग की।

यह आरोप आम आदमी पार्टी की ओर से लगाया गया है। मतदाता सूची से जुड़े मामलों में अंतिम स्थिति संबंधित निर्वाचन अधिकारियों और चुनाव आयोग की जांच तथा आधिकारिक रिकॉर्ड से ही स्पष्ट होगी।

नई पीएसी में पंजाब को भी प्रतिनिधित्व

आम आदमी पार्टी ने हाल ही में अपनी राजनीतिक मामलों की समिति का पुनर्गठन किया है। पार्टी की राष्ट्रीय परिषद की बैठक के बाद राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में नई पीएसी के गठन का निर्णय लिया गया था। इसमें अरविंद केजरीवाल को समिति का संयोजक बनाया गया और कुछ नए सदस्यों को शामिल किया गया।

पंजाब से मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा को भी नई पीएसी में स्थान दिया गया है। गुरुवार को हुई पहली बैठक में दोनों नेताओं की मौजूदगी को पंजाब की आगामी चुनावी रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

पार्टी की ओर से बैठक में पंजाब के राजनीतिक हालात, सरकार के कामकाज, संगठन की गतिविधियों और आगामी चुनाव की तैयारियों को लेकर चर्चा की गई। सिसोदिया के मुताबिक, पंजाब में संगठन की स्थिति को लेकर पार्टी नेतृत्व संतुष्ट है और अब चुनावी तैयारियों को और गति देने पर ध्यान दिया जाएगा।

पंजाब में कामकाज को लेकर जनता के समर्थन का दावा

पंजाब चुनाव से जुड़े सवाल पर सिसोदिया ने कहा कि पार्टी पूरी तरह तैयार है। उन्होंने दावा किया कि भगवंत मान सरकार के कार्यकाल में किए गए कामों को लेकर लोगों में सकारात्मक प्रतिक्रिया है और जनता आम आदमी पार्टी को दोबारा सत्ता में लाना चाहती है।

उन्होंने कहा कि पार्टी आगामी चुनाव में सरकार के कामकाज को प्रमुख मुद्दा बनाएगी। सिसोदिया ने पंजाब में रोजगार, नशे और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों का जिक्र करते हुए विपक्षी दलों पर निशाना साधा।

उनका कहना था कि आम आदमी पार्टी पंजाब में अपने कार्यकाल के आधार पर जनता के बीच जाएगी। वहीं, विपक्षी दलों पर उन्होंने पुराने राजनीतिक दौर को वापस लाने का आरोप लगाया। इन आरोपों पर संबंधित विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया इस बयान में शामिल नहीं है।

चुनावी राज्यों पर बढ़ेगा संगठन का फोकस

पीएसी की पहली बैठक के बाद यह स्पष्ट है कि आम आदमी पार्टी ने आगामी चुनावी राज्यों के लिए संगठनात्मक गतिविधियों को तेज करने की दिशा में काम शुरू कर दिया है। पंजाब के साथ गोवा और गुजरात पर पार्टी नेतृत्व का विशेष ध्यान रहेगा। बैठक में इस बात पर चर्चा हुई कि अलग-अलग राज्यों में मौजूद संगठनात्मक ढांचे और स्थानीय मुद्दों को किस तरह चुनावी अभियान में बदला जाए।

पार्टी नेतृत्व ने राजस्थान के बारां के परिणाम को भी संगठन के लिए उत्साहजनक बताया है और वहां जल्द रोड शो करने की घोषणा की है। इस तरह पीएसी की पहली बैठक में एक तरफ आगामी विधानसभा चुनावों की रणनीति पर चर्चा हुई, वहीं दूसरी तरफ राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी द्वारा उठाए जाने वाले मुद्दों को लेकर भी दिशा तय करने का प्रयास किया गया।

नई पीएसी के गठन के बाद हुई इस पहली बैठक को आम आदमी पार्टी के लिए संगठनात्मक और चुनावी तैयारियों की शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है। पंजाब में मौजूदा सरकार के कामकाज को चुनावी मुद्दा बनाने, गोवा और गुजरात में भाजपा के खिलाफ बदलाव की मांग को राजनीतिक अभियान में बदलने तथा राष्ट्रीय स्तर पर यूपीआई और मतदाता सूची जैसे मुद्दों को उठाने की रणनीति पर पार्टी आगे बढ़ने की तैयारी में है।