मानसा में धरने के दौरान बोले दिवंगत गायक के पिता—जांच के नाम पर सिर्फ आश्वासन मिले, बेटे की हत्या के बाद किए गए वादे अब तक पूरे नहीं हुए
मानसा। दिवंगत पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पंजाब दौरे को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि उनके बेटे की हत्या के बाद भी उन्हें इंसाफ दिलाने का भरोसा दिया गया था, लेकिन अब तक न्याय नहीं मिला। बलकौर सिंह ने आरोप लगाया कि मामले की जांच के दौरान उन्हें बार-बार आश्वासन दिए गए, मगर उन पर अमल नहीं हुआ। उन्होंने सवाल किया कि जब पीड़ित परिवारों को लंबे समय से न्याय का इंतजार है, तो उनसे मुलाकात करने का आखिर क्या लाभ है, यदि उनकी समस्याओं का समाधान ही नहीं होता।
मानसा में धरने के दौरान बलकौर सिंह ने सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड की जांच और अब तक हुई कार्रवाई पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि बेटे की हत्या के बाद परिवार ने न्याय की उम्मीद में अधिकारियों और नेताओं के सामने अपनी बात रखी। जांच को लेकर कई तरह के भरोसे दिए गए, लेकिन उनके मुताबिक, उन आश्वासनों का अपेक्षित परिणाम सामने नहीं आया। उन्होंने सवाल किया कि पीड़ित परिवार को आखिर कब तक इंतजार करना पड़ेगा।
सिद्धू मूसेवाला की 29 मई 2022 को हत्या कर दी गई थी। इस घटना ने पंजाब ही नहीं, देशभर में उनके प्रशंसकों और संगीत जगत को झकझोर दिया था। मामले में जांच और कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ी, लेकिन बलकौर सिंह का कहना है कि परिवार को अब भी इंसाफ को लेकर कई सवालों के जवाब नहीं मिले हैं। सिद्धू मूसेवाला कांग्रेस के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ चुके थे और उनके पिता बलकौर सिंह भी अब कांग्रेस से जुड़े हुए हैं।
अमित शाह से किए गए वादों पर उठाए सवाल
बलकौर सिंह ने कहा कि सिद्धू मूसेवाला की हत्या के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी इंसाफ की उम्मीद जताई गई थी। उनके मुताबिक, उस समय परिवार को भरोसा दिया गया था कि मामले में न्याय सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए जाएंगे। लेकिन अब तक परिवार को न्याय नहीं मिल पाया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि जांच के नाम पर उन्हें केवल आश्वासन दिए गए। बलकौर सिंह की नाराजगी इस बात को लेकर है कि इतने समय बाद भी परिवार को यह महसूस नहीं हो रहा कि उसकी मांगों का पूरी तरह समाधान हो गया है। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवारों से मिलना तभी सार्थक होगा, जब उनकी शिकायतों और सवालों पर ठोस कार्रवाई भी दिखाई दे।
केंद्रीय गृह मंत्री के पंजाब दौरे के संदर्भ में बलकौर सिंह ने सवाल किया कि नेताओं का पीड़ित परिवारों से मिलना अपने आप में पर्याप्त नहीं है। यदि मुलाकात के बाद भी परिवार न्याय की प्रतीक्षा करता रहे, तो ऐसी मुलाकातों का उद्देश्य क्या रह जाता है? उनके बयान में जांच की गति और परिवार को दिए गए भरोसों को लेकर गहरी नाराजगी दिखाई दी।
हालांकि, बलकौर सिंह की ओर से उठाए गए सवाल उनके आरोप और अनुभव हैं। मामले में जांच की वर्तमान स्थिति तथा संबंधित अधिकारियों या केंद्र सरकार की ओर से इन विशिष्ट आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया सामने आने पर ही पूरे घटनाक्रम का दूसरा पक्ष स्पष्ट हो सकेगा।
एसआईटी और सेवानिवृत्त जज से जांच के आश्वासन का किया जिक्र
बलकौर सिंह ने कहा कि सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में विशेष जांच दल (एसआईटी) से जांच कराने और सेवानिवृत्त जज के माध्यम से मामले की जांच की बात भी कही गई थी। उनके अनुसार, परिवार ने जांच को लेकर अपनी आशंकाएं जाहिर की थीं और उन पर गंभीरता से विचार करने का भरोसा मिला था।
उन्होंने यह भी कहा कि जब परिवार की ओर से संदेह जताया गया, तो आरोपितों का नार्को टेस्ट कराने का आश्वासन दिया गया था। लेकिन उनके मुताबिक, इस दिशा में भी वह कार्रवाई नहीं हुई जिसकी उन्हें उम्मीद थी। इसी कारण परिवार के मन में जांच और न्याय की प्रक्रिया को लेकर असंतोष बना हुआ है।
बलकौर सिंह का कहना है कि किसी भी गंभीर आपराधिक मामले में पीड़ित परिवार को केवल आश्वासन देना पर्याप्त नहीं है। परिवार को जांच की प्रगति, कानूनी प्रक्रिया और उठाए जा रहे कदमों के बारे में स्पष्ट जानकारी मिलनी चाहिए। उन्होंने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि बार-बार भरोसा मिलने के बावजूद यदि परिवार को संतोषजनक जवाब नहीं मिलता, तो उसका विश्वास कमजोर होता है।
नार्को टेस्ट और जांच से जुड़े अन्य कदमों के बारे में बलकौर सिंह ने जो बातें कही हैं, वे उनके बयान पर आधारित हैं। इन प्रक्रियाओं की कानूनी स्थिति और जांच में उनकी भूमिका को लेकर संबंधित एजेंसियों की आधिकारिक जानकारी के आधार पर ही कोई अंतिम निष्कर्ष निकाला जा सकता है।
पीड़ित परिवारों से मुलाकात पर पूछा—क्या हासिल होगा?
मानसा में धरने के दौरान बलकौर सिंह ने सवाल किया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पंजाब में पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंच रहे हैं, लेकिन इन मुलाकातों से क्या हासिल होगा? उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पीड़ित परिवारों को केवल सहानुभूति या आश्वासन नहीं, बल्कि न्याय की दिशा में ठोस प्रगति चाहिए।
उनके बयान का मुख्य संदेश यह था कि किसी भी पीड़ित परिवार के लिए न्याय की प्रक्रिया का वास्तविक परिणाम सबसे महत्वपूर्ण होता है। परिवार अपने प्रियजन को खोने के बाद लंबे समय तक मानसिक और सामाजिक पीड़ा से गुजरता है। ऐसे में जांच की स्थिति और कानूनी कार्रवाई को लेकर स्पष्टता उसकी प्रमुख अपेक्षा होती है।
बलकौर सिंह ने सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड का जिक्र करते हुए कहा कि उनके परिवार को अब तक इंसाफ का इंतजार है। उन्होंने नेताओं और संबंधित अधिकारियों से अपेक्षा जताई कि वे परिवार की शिकायतों को गंभीरता से लें और पहले दिए गए आश्वासनों की स्थिति स्पष्ट करें।
अमित शाह के पंजाब दौरे के दौरान पीड़ित परिवारों से मुलाकातों को लेकर उठे इस सवाल ने एक बार फिर जांच की जवाबदेही और न्याय मिलने में लगने वाले समय पर चर्चा शुरू कर दी है। बलकौर सिंह के मुताबिक, ऐसी मुलाकातों का महत्व तभी है, जब उनसे पीड़ितों की समस्याओं के समाधान की दिशा में ठोस परिणाम निकलें।
झोटा हत्याकांड की जांच पर भी मांगा जवाब
धरने के दौरान बलकौर सिंह ने परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड की जांच को लेकर भी सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि इस मामले की जांच अश्विनी से आगे बढ़ी है या नहीं। इस सवाल के जरिए उन्होंने पंजाब में हत्या के मामलों की जांच और पीड़ितों को न्याय दिलाने की प्रक्रिया को लेकर व्यापक चिंता जाहिर की।
झोटा हत्याकांड का उल्लेख करते हुए बलकौर सिंह ने यह जानना चाहा कि मामले में जांच किस दिशा में आगे बढ़ रही है और अब तक क्या प्रगति हुई है। उनके बयान से संकेत मिलता है कि वह केवल अपने बेटे के मामले तक सीमित नहीं, बल्कि अन्य पीड़ित परिवारों की न्याय संबंधी चिंताओं को भी सामने रखना चाहते हैं।
हालांकि, झोटा हत्याकांड की जांच की वर्तमान स्थिति और उसमें अश्विनी की भूमिका के संबंध में विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है। इसलिए इस मामले में आगे की प्रगति को लेकर कोई निष्कर्ष निकालने के लिए संबंधित जांच एजेंसियों की आधिकारिक जानकारी जरूरी होगी।
न्याय की मांग पर कायम है परिवार
सिद्धू मूसेवाला की हत्या के बाद से उनका परिवार लगातार न्याय की मांग उठाता रहा है। बलकौर सिंह का ताजा बयान इसी संघर्ष और असंतोष को सामने लाता है। उनका कहना है कि परिवार को जांच से जुड़े विभिन्न स्तरों पर भरोसा दिया गया, लेकिन वे अब तक उन नतीजों से संतुष्ट नहीं हैं जिनकी उन्हें उम्मीद थी।
मामले में न्याय की मांग उठाते हुए उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री के पंजाब दौरे और पीड़ित परिवारों से मुलाकातों की उपयोगिता पर सवाल किया। साथ ही, एसआईटी, सेवानिवृत्त जज से जांच और आरोपितों के नार्को टेस्ट के संबंध में दिए गए कथित आश्वासनों का भी जिक्र किया।
बलकौर सिंह की नाराजगी से स्पष्ट है कि उनके लिए सबसे बड़ा मुद्दा यह है कि परिवार को न्याय की दिशा में ठोस प्रगति दिखाई दे। उन्होंने कहा कि आश्वासन तभी मायने रखते हैं, जब वे कार्रवाई और परिणामों में बदलें।
अब देखना होगा कि सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड की जांच और परिवार की ओर से उठाए गए सवालों पर संबंधित एजेंसियों की ओर से क्या स्पष्टीकरण सामने आता है। साथ ही, केंद्रीय गृह मंत्री के पंजाब दौरे के दौरान पीड़ित परिवारों से मुलाकातों के बाद न्याय और जांच से जुड़े मुद्दों पर कोई ठोस प्रगति होती है या नहीं, इस पर भी नजर रहेगी।




