कांग्रेस के मार्च पर वाटर कैनन, कुलजीत नागरा समेत कई नेता-कार्यकर्ता घायल

कांग्रेस के मार्च पर वाटर कैनन, कुलजीत नागरा समेत कई नेता-कार्यकर्ता घायल

चंडीगढ़। पंजाब कांग्रेस की ओर से मंगलवार को सेक्टर-15 स्थित कांग्रेस भवन के बाहर किए गए विरोध प्रदर्शन के दौरान उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जब प्रदर्शनकारी कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के आवास की ओर बढ़ने का प्रयास किया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे जाने से रोकने के लिए बैरिकेडिंग की थी। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जब बैरिकेड पार करने की कोशिश की तो पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया।

पानी की तेज बौछार के कारण प्रदर्शन स्थल पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। इस दौरान कांग्रेस के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को चोटें आईं। कुछ नेताओं की तबीयत भी बिगड़ गई और उन्हें मौके पर प्राथमिक उपचार देना पड़ा। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच काफी देर तक खींचतान चलती रही।

कांग्रेस ने यह प्रदर्शन संगरूर में गुलजार सिंह की मौत के मामले को लेकर किया था। पार्टी की मांग थी कि इस मामले में वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा को पद से हटाया जाए, उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाए और पूरे मामले की स्वतंत्र जांच करवाई जाए।

बैरिकेड हटाकर आगे बढ़ने की कोशिश

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता वित्त मंत्री के आवास की तरफ मार्च करना चाहते थे। पुलिस ने पहले से ही रास्ते में बैरिकेड लगा रखे थे। प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया था।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जब बैरिकेडिंग के आगे जाने की कोशिश की तो पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। स्थिति बिगड़ने पर वाटर कैनन चलाया गया। पानी की बौछार के बीच कई प्रदर्शनकारी संभल नहीं पाए और गिर गए। कुछ कार्यकर्ताओं ने पुलिस कार्रवाई का विरोध करते हुए नारेबाजी भी जारी रखी।

पुलिस की कार्रवाई के बाद प्रदर्शन स्थल पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल रहा। घायल नेताओं और कार्यकर्ताओं को साथियों ने संभाला और प्राथमिक उपचार उपलब्ध करवाया।

वाटर कैनन की बौछार में गिरे कुलजीत नागरा

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेता कुलजीत सिंह नागरा भी वाटर कैनन की तेज बौछार की चपेट में आ गए। पानी की ताकत से वह अपना संतुलन खो बैठे और जमीन पर गिर पड़े। उन्हें चोट लगने के बाद मौके पर मौजूद कार्यकर्ताओं ने उठाया।

नागरा की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें तत्काल प्राथमिक उपचार दिया गया। प्रदर्शन स्थल पर मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कुछ समय तक उनकी देखभाल की। इस घटना के बाद कांग्रेस नेताओं ने पुलिस की कार्रवाई को लेकर नाराजगी जताई।

प्रदर्शन में मौजूद अन्य नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी पुलिस द्वारा वाटर कैनन के इस्तेमाल पर सवाल उठाए। कांग्रेस का कहना था कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे नेताओं को रोकने के लिए इस तरह की कार्रवाई की जरूरत नहीं थी।

आशू की भी बिगड़ी तबीयत

प्रदर्शन के दौरान मंच पर मौजूद वरिष्ठ कांग्रेस नेता भारत भूषण आशू की भी अचानक तबीयत खराब हो गई। उनकी स्थिति को देखते हुए उन्हें तत्काल प्राथमिक चिकित्सा के लिए ले जाया गया।

आशू के अलावा कांग्रेस नेता राहुल भट्ठल की आंख पर चोट लगने की जानकारी सामने आई। वहीं बरिंदरजीत सिंह पहाड़ा को भी प्रदर्शन के दौरान चोटें आईं। पुलिस कार्रवाई में अन्य कांग्रेस कार्यकर्ताओं के घायल होने की भी सूचना है।

प्रदर्शन स्थल पर मौजूद पार्टी कार्यकर्ताओं ने घायल नेताओं को संभाला और उन्हें चिकित्सा सहायता उपलब्ध करवाई। इस दौरान कुछ समय के लिए मंच और प्रदर्शन स्थल पर मौजूद नेताओं में भी हलचल देखी गई।

पायलट की मौजूदगी में एक मंच पर दिखे दिग्गज

मंगलवार के प्रदर्शन की एक खास बात यह रही कि पंजाब कांग्रेस के नए प्रभारी सचिन पायलट की मौजूदगी में पार्टी के लगभग सभी प्रमुख नेता एक मंच पर नजर आए। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा, पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और वरिष्ठ नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा समेत कई बड़े नेता प्रदर्शन में शामिल हुए।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की एक साथ मौजूदगी को पार्टी के लिए संगठनात्मक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सचिन पायलट के पंजाब प्रभारी बनने के बाद यह प्रदर्शन ऐसा मौका रहा, जहां प्रदेश कांग्रेस के विभिन्न धड़ों से जुड़े प्रमुख नेता एक साथ दिखाई दिए।

प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और गुलजार सिंह की मौत के मामले में जवाबदेही तय करने की मांग उठाई।

गुलजार सिंह मामले को लेकर सरकार पर निशाना

कांग्रेस नेताओं ने संगरूर में गुलजार सिंह की मौत के मामले को लेकर पंजाब सरकार पर गंभीर सवाल उठाए। पार्टी नेताओं का आरोप है कि इस मामले में सरकार को निष्पक्ष जांच करवाकर जिम्मेदारी तय करनी चाहिए।

कांग्रेस ने वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा को मामले के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए उनकी बर्खास्तगी की मांग की। पार्टी की ओर से यह भी मांग की गई कि उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हो और मामले की जांच स्वतंत्र एजेंसी से करवाई जाए।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जब तक मामले की निष्पक्ष जांच नहीं होती, तब तक उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने सरकार से मामले में पारदर्शिता बरतने और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की।

पुलिस ने आवास की ओर जाने से रोका

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं का एक समूह वित्त मंत्री के आवास की तरफ बढ़ना चाहता था। पुलिस ने उन्हें कांग्रेस भवन के बाहर ही रोकने के लिए सुरक्षा घेरा बनाया था। पुलिस का प्रयास था कि प्रदर्शनकारी निर्धारित स्थान से आगे न जाएं।

जब कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आगे बढ़ने का प्रयास किया तो पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। बैरिकेडिंग को पार करने की कोशिश के बाद पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया।

वाटर कैनन चलने के बाद प्रदर्शनकारियों को पीछे हटना पड़ा। पानी की बौछार के कारण कई लोग सड़क पर गिर गए और कुछ नेताओं को चोटें आईं। बाद में कांग्रेस नेताओं ने पुलिस की इस कार्रवाई को लेकर विरोध दर्ज कराया।

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस की एकजुटता का संदेश

सचिन पायलट के पंजाब प्रभारी बनने के बाद प्रदेश कांग्रेस के प्रमुख नेताओं का एक साथ सार्वजनिक कार्यक्रम में नजर आना भी चर्चा का विषय रहा। लंबे समय से पंजाब कांग्रेस में विभिन्न नेताओं के बीच मतभेद और अलग-अलग राजनीतिक गतिविधियां चर्चा में रही हैं। ऐसे में मंगलवार के प्रदर्शन में राजा वड़िंग, प्रताप बाजवा, चरणजीत सिंह चन्नी, सुखजिंदर सिंह रंधावा और अन्य वरिष्ठ नेताओं की संयुक्त मौजूदगी ने पार्टी की एकजुटता का संदेश देने की कोशिश की।

पार्टी नेताओं ने प्रदर्शन के दौरान सरकार को घेरते हुए कहा कि कांग्रेस जनहित से जुड़े मामलों में आवाज उठाती रहेगी। नेताओं ने गुलजार सिंह मामले को लेकर सरकार से जवाब मांगने की बात कही।

प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता जुटे

कांग्रेस के इस प्रदर्शन में पार्टी के विभिन्न नेताओं के समर्थकों और कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। कांग्रेस भवन के आसपास प्रदर्शनकारियों की मौजूदगी के कारण पुलिस को सुरक्षा व्यवस्था बढ़ानी पड़ी। प्रदर्शन को देखते हुए बैरिकेडिंग के साथ अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया था।

कांग्रेस नेताओं ने पहले मंच से सरकार के खिलाफ अपना पक्ष रखा और उसके बाद वित्त मंत्री के आवास की तरफ मार्च करने की कोशिश की। पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ा और अंततः वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया।

प्रदर्शन खत्म होने के बाद कांग्रेस नेताओं ने घायल कार्यकर्ताओं की स्थिति की जानकारी ली और पार्टी की ओर से आगे भी मामले को उठाने की बात कही।

आगे भी मुद्दा उठाने का ऐलान

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि गुलजार सिंह की मौत के मामले में उनकी मांगें स्पष्ट हैं। पार्टी वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा की बर्खास्तगी, उनके खिलाफ एफआईआर और स्वतंत्र जांच की मांग कर रही है।

मंगलवार के प्रदर्शन के दौरान हुई झड़प और वाटर कैनन के इस्तेमाल के बाद कांग्रेस ने सरकार और पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए। पार्टी नेताओं ने कहा कि जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर उनका विरोध जारी रहेगा।

इस पूरे घटनाक्रम के बीच प्रदर्शन की राजनीतिक अहमियत भी सामने आई। एक तरफ कांग्रेस ने संगरूर मामले को लेकर सरकार पर दबाव बनाने का प्रयास किया, वहीं दूसरी ओर सचिन पायलट की मौजूदगी में पंजाब कांग्रेस के प्रमुख नेताओं का एक मंच पर आना संगठन के भीतर सामूहिक राजनीतिक गतिविधि का संकेत रहा।

फिलहाल मंगलवार के प्रदर्शन के दौरान कई नेताओं और कार्यकर्ताओं के घायल होने के बाद कांग्रेस ने सरकार पर पुलिस के जरिए प्रदर्शन दबाने का आरोप लगाया है, जबकि प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा गुलजार सिंह की मौत की जांच और वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के खिलाफ कार्रवाई की पार्टी की मांग रही।