एशियन चैंपियंस ट्रॉफी 2026 की मेजबानी को बताया ऐतिहासिक उपलब्धि, आजादी के बाद पहली बार अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट की मेजबानी करेगा जालंधर का सुरजीत हॉकी स्टेडियम
जालंधर। पंजाब में अंतरराष्ट्रीय हॉकी को नई पहचान दिलाने और राज्य की समृद्ध खेल विरासत को दुनिया के सामने प्रस्तुत करने की दिशा में एशियन चैंपियंस ट्रॉफी 2026 की मेजबानी को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। आम आदमी पार्टी के सांसद गुरमीत सिंह मीत हेयर ने इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट को पंजाब में लाने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का आभार जताते हुए राज्य के लोगों से बड़ी संख्या में स्टेडियम पहुंचने की अपील की है। उन्होंने कहा कि पंजाब में अंतरराष्ट्रीय हॉकी मुकाबलों का आयोजन केवल खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि राज्य की गौरवशाली हॉकी परंपरा का उत्सव है।
जालंधर के ओलंपियन सुरजीत सिंह हॉकी स्टेडियम से जारी वीडियो संदेश में मीत हेयर ने कहा कि आजादी के बाद यह पहला अवसर है, जब यह ऐतिहासिक मैदान किसी अंतरराष्ट्रीय हॉकी टूर्नामेंट की मेजबानी करेगा। उन्होंने इसे पंजाब और भारतीय हॉकी के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के प्रयासों से यह अवसर राज्य को मिला है।
सांसद ने पंजाब के हॉकी प्रेमियों, अभिभावकों और युवाओं से अपील की कि वे अपने बच्चों के साथ स्टेडियम पहुंचकर भारतीय टीम का उत्साह बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि लाइव अंतरराष्ट्रीय हॉकी देखने से बच्चों को खेल के प्रति प्रेरणा मिलेगी और उन्हें अपने राज्य की खेल उपलब्धियों को करीब से जानने का अवसर भी मिलेगा।
जालंधर के ऐतिहासिक मैदान पर पहली बार अंतरराष्ट्रीय मुकाबले
मीत हेयर ने कहा कि ओलंपियन सुरजीत सिंह हॉकी स्टेडियम भारतीय हॉकी के इतिहास में विशेष स्थान रखता है। इस मैदान ने कई प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के खेल सफर को आगे बढ़ते देखा है। अब इसी मैदान पर अंतरराष्ट्रीय टीमों के मुकाबले होने से जालंधर और आसपास के क्षेत्रों के खेल प्रेमियों को विश्वस्तरीय हॉकी देखने का अवसर मिलेगा।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के प्रयासों से एशियन चैंपियंस ट्रॉफी को पंजाब में लाना राज्य के लिए बड़ी उपलब्धि है। यह आयोजन पंजाब की खेल क्षमता, हॉकी के प्रति लोगों के जुनून और राज्य की ऐतिहासिक विरासत को प्रदर्शित करने का अवसर भी बनेगा।
पंजाब लंबे समय से भारतीय हॉकी को प्रतिभाशाली खिलाड़ी देता रहा है। यहां के गांवों और शहरों में हॉकी के प्रति गहरा लगाव रहा है। कई खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर देश का नाम रोशन किया है। ऐसे में राज्य में अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट का आयोजन नई पीढ़ी को इस खेल से जोड़ने में भी मददगार हो सकता है।
संसारपुर गांव ने दिए 14 अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी
भारतीय हॉकी में पंजाब के योगदान का उल्लेख करते हुए मीत हेयर ने जालंधर जिले के संसारपुर गांव का विशेष तौर पर जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अकेले इस गांव ने 14 अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी दिए हैं। इनमें से नौ खिलाड़ियों ने भारत, चार ने केन्या और एक ने कनाडा का प्रतिनिधित्व किया।
उन्होंने बताया कि संसारपुर गांव के खिलाड़ियों ने सात ओलंपिक पदक भी हासिल किए हैं। यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि पंजाब के ग्रामीण क्षेत्रों में हॉकी की जड़ें कितनी गहरी रही हैं।
मीत हेयर के अनुसार, पंजाब की खेल विरासत केवल बड़े शहरों या प्रतिष्ठित खेल संस्थानों तक सीमित नहीं है। राज्य के अनेक गांवों ने ऐसे खिलाड़ी तैयार किए हैं, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश और विदेश की टीमों का प्रतिनिधित्व किया। संसारपुर इसका उल्लेखनीय उदाहरण है।
उन्होंने कहा कि भारतीय हॉकी में पंजाब के योगदान को उचित सम्मान मिलना चाहिए। एशियन चैंपियंस ट्रॉफी जैसे बड़े आयोजन से राज्य के युवाओं को अपनी खेल परंपरा से जुड़ने और हॉकी को करियर के रूप में अपनाने की प्रेरणा मिल सकती है।
हरमनप्रीत, मनप्रीत और मनदीप के लिए भावुक पल
मीत हेयर ने भारतीय हॉकी टीम के प्रमुख खिलाड़ियों हरमनप्रीत सिंह, मनप्रीत सिंह और मनदीप सिंह का उल्लेख करते हुए कहा कि इन खिलाड़ियों ने इसी ऐतिहासिक मैदान से अपने हॉकी सफर की शुरुआत की थी। अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने के बाद उन्हें अपने घरेलू दर्शकों के सामने खेलने का अवसर मिलेगा।
उन्होंने कहा कि इन खिलाड़ियों ने पेरिस ओलंपिक सहित बड़े अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में भारत का प्रतिनिधित्व किया है। ऐसे में अपने शुरुआती खेल सफर से जुड़े मैदान पर अंतरराष्ट्रीय टीमों के खिलाफ उतरना उनके लिए भावनात्मक अनुभव होगा।
मीत हेयर ने कहा कि जब कोई खिलाड़ी अपने शुरुआती दिनों में जिस मैदान पर अभ्यास करता है, उसी मैदान पर देश का प्रतिनिधित्व करते हुए उतरता है, तो यह उसके लिए गर्व का क्षण होता है। स्थानीय दर्शकों के सामने खेलना खिलाड़ियों के आत्मविश्वास को भी बढ़ा सकता है।
उन्होंने पंजाब के लोगों से अपील की कि वे इन खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाने के लिए बड़ी संख्या में स्टेडियम पहुंचें। उन्होंने कहा कि अपने गृह राज्य में खेलने वाले खिलाड़ियों को दर्शकों का पूरा समर्थन मिलना चाहिए।
छह देशों की टीमें दिखाएंगी दमखम
एशियन चैंपियंस ट्रॉफी 2026 में छह टीमें हिस्सा लेंगी। इनमें भारत, मलेशिया, जापान, दक्षिण कोरिया, चीन और बांग्लादेश शामिल हैं। इन टीमों के बीच मुकाबलों से हॉकी प्रेमियों को एशिया की प्रमुख टीमों का खेल देखने का अवसर मिलेगा।
मीत हेयर ने कहा कि पंजाब के लोगों को इस प्रतियोगिता को केवल एक खेल आयोजन के रूप में नहीं, बल्कि भारतीय हॉकी के प्रति अपने प्रेम को प्रदर्शित करने के अवसर के रूप में देखना चाहिए। उन्होंने अभिभावकों से विशेष रूप से अपील की कि वे अपने बच्चों को स्टेडियम लेकर आएं, ताकि वे अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के खेल कौशल को प्रत्यक्ष देख सकें।
उन्होंने कहा कि टेलीविजन पर मुकाबले देखने और स्टेडियम में बैठकर लाइव मैच का अनुभव करने में बड़ा अंतर होता है। मैदान पर खिलाड़ियों की गति, रणनीति, तालमेल और दर्शकों का उत्साह बच्चों को खेल के प्रति आकर्षित कर सकता है।
मीत हेयर ने यह भी कहा कि भारतीय टीम में पंजाब के नौ खिलाड़ी देश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। उनके अनुसार, यह राज्य के लिए गर्व की बात है और इन खिलाड़ियों को अपने गृह राज्य के लोगों का भरपूर समर्थन मिलना चाहिए।
मोहाली में होंगे सेमीफाइनल और फाइनल
मीत हेयर ने बताया कि एशियन चैंपियंस ट्रॉफी के नॉकआउट मुकाबले, जिनमें सेमीफाइनल और फाइनल शामिल हैं, 4 और 5 नवंबर को मोहाली में खेले जाएंगे। इस तरह टूर्नामेंट के दौरान जालंधर और मोहाली दोनों शहर अंतरराष्ट्रीय हॉकी के केंद्र बनेंगे।
उन्होंने पंजाब के विभिन्न जिलों के खेल प्रेमियों से अपील की कि वे अपने परिवारों के साथ मुकाबले देखने पहुंचें। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में दर्शकों की मौजूदगी से खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ेगा और प्रतियोगिता का माहौल और भी शानदार बनेगा।
जालंधर में ऐतिहासिक मैदान पर अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों और मोहाली में नॉकआउट मैचों के आयोजन से पंजाब के अलग-अलग क्षेत्रों के लोगों को इस टूर्नामेंट से जुड़ने का अवसर मिलेगा। इससे राज्य में हॉकी को लेकर उत्साह बढ़ने और खेल संस्कृति को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।
नई पीढ़ी को हॉकी से जोड़ने का अवसर
मीत हेयर ने कहा कि पंजाब में हॉकी की मजबूत परंपरा रही है और इस विरासत को आगे बढ़ाने के लिए नई पीढ़ी को खेलों से जोड़ना जरूरी है। अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट युवाओं को बड़े खिलाड़ियों के प्रदर्शन को देखने, खेल की बारीकियां समझने और अपने भीतर प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करने का अवसर देते हैं।
उन्होंने कहा कि यदि बच्चे छोटी उम्र से खेलों में रुचि लेते हैं और उन्हें उचित मार्गदर्शन तथा सुविधाएं मिलती हैं, तो वे आगे चलकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखा सकते हैं। पंजाब की हॉकी परंपरा को मजबूत बनाए रखने के लिए खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करना और खेल के प्रति सामाजिक जुड़ाव बढ़ाना आवश्यक है।
उन्होंने राज्य के लोगों से टूर्नामेंट में सक्रिय भागीदारी की अपील करते हुए कहा कि पंजाब ने भारतीय हॉकी को बहुत कुछ दिया है। अब इस आयोजन के जरिए राज्य के लोगों को अपनी खेल विरासत का उत्सव मनाने का अवसर मिल रहा है।
टीम इंडिया के समर्थन में स्टेडियम पहुंचने की अपील
मीत हेयर ने पंजाब के लोगों को इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट की मेजबानी के लिए बधाई दी और भारतीय टीम को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि पंजाब के दर्शकों का उत्साह खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन सकता है।
उन्होंने अपील की कि 27 अक्टूबर से शुरू होने वाले मुकाबलों के दौरान लोग स्टेडियम पहुंचकर टीम इंडिया का हौसला बढ़ाएं और देशभक्ति तथा खेल भावना के साथ खिलाड़ियों का समर्थन करें।
मीत हेयर ने कहा कि पंजाब में हॉकी केवल एक खेल नहीं, बल्कि लोगों की भावनाओं और पहचान से जुड़ी परंपरा है। राज्य के गांवों से लेकर शहरों तक इस खेल ने कई प्रतिभाओं को जन्म दिया है। एशियन चैंपियंस ट्रॉफी 2026 के आयोजन से इस परंपरा को फिर से बड़े स्तर पर प्रदर्शित करने का अवसर मिला है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि पंजाब के लोग इस प्रतियोगिता को यादगार बनाने में अपनी भूमिका निभाएंगे और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह संदेश देंगे कि राज्य में हॉकी के प्रति जुनून आज भी कायम है। जालंधर और मोहाली में होने वाले मुकाबलों के दौरान दर्शकों की भागीदारी से खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ने के साथ-साथ युवा पीढ़ी को भी हॉकी अपनाने की प्रेरणा मिल सकती है।
मीत हेयर के अनुसार, यह टूर्नामेंट पंजाब की खेल विरासत, भारतीय टीम की उपलब्धियों और राज्य के लोगों के हॉकी प्रेम को एक मंच पर लाने का अवसर है। उन्होंने एक बार फिर लोगों से परिवार सहित स्टेडियम पहुंचने और टीम इंडिया का उत्साह बढ़ाने की अपील की।




