निहंग नेता बाबा राजा राज सिंह ने मनप्रीत कौर से चुनाव मैदान में उतरने का किया आग्रह; परिवार और संगठनों का फिलहाल हत्या मामले में इंसाफ की मांग पर संघर्ष जारी
मानसा। पंजाब में नशों के खिलाफ आवाज उठाने वाले परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले में इंसाफ की मांग को लेकर जारी आंदोलन के बीच निहंग सिंह नेता बाबा राजा राज सिंह ने झोटा की पत्नी मनप्रीत कौर से विधानसभा चुनाव लड़ने की अपील की है। उनकी इस अपील के बाद पंजाब की राजनीति में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि, मनप्रीत कौर या उनके परिवार की ओर से चुनाव लड़ने को लेकर अभी कोई निर्णय सार्वजनिक नहीं किया गया है।
परविंदर सिंह झोटा नशों के खिलाफ अपनी गतिविधियों के कारण चर्चा में रहे थे। उनकी हत्या के बाद से परिवार और विभिन्न संगठनों की ओर से इंसाफ की मांग उठाई जा रही है। मानसा में चल रहे इस संघर्ष में नशा विरोधी टास्क फोर्स से जुड़े युवा, किसान, मजदूर और अन्य जन संगठन भी शामिल हैं। आंदोलन के दौरान पंजाब सरकार और पुलिस प्रशासन की भूमिका को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं तथा मामले में निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जा रही है।
इसी बीच बाबा राजा राज सिंह की ओर से मनप्रीत कौर को चुनाव लड़ने का आग्रह किए जाने से आंदोलन और राजनीति के बीच संभावित संबंध को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि परिवार इस अपील पर विचार करेगा या अपनी प्राथमिकता इंसाफ की लड़ाई तक ही सीमित रखेगा।
हत्या मामले में इंसाफ की मांग को लेकर संघर्ष जारी
परविंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद उनके परिवार और समर्थकों ने मामले में न्याय की मांग उठाई है। मानसा में चल रहे आंदोलन में अलग-अलग सामाजिक संगठनों के लोग शामिल होकर परिवार की मांगों का समर्थन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि हत्या के मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
आंदोलन के दौरान नशे के कारोबार पर रोक लगाने और नशों से प्रभावित लोगों तथा परिवारों को न्याय दिलाने का मुद्दा भी उठाया जा रहा है। झोटा की हत्या के बाद उनके समर्थक इसे नशे के खिलाफ चल रहे संघर्ष के व्यापक संदर्भ में देख रहे हैं। हालांकि, हत्या के कारणों और उससे जुड़े आरोपों के संबंध में अंतिम निष्कर्ष जांच तथा कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही तय होंगे।
परिवार की ओर से इंसाफ की मांग को आंदोलन का मुख्य मुद्दा बनाया गया है। इसी कारण विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि और समर्थक लगातार कार्रवाई की मांग उठा रहे हैं। आंदोलनकारियों की कोशिश है कि मामले को लेकर प्रशासन और सरकार पर दबाव बनाए रखा जाए, ताकि उनकी मांगों पर ठोस कदम उठाए जा सकें।
मुख्यमंत्री और डीजीपी के इस्तीफे की मांग
परविंदर सिंह झोटा के परिवार और एक्शन कमेटी की ओर से मुख्यमंत्री तथा पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) के इस्तीफे की मांग भी उठाई जा रही है। इसके साथ ही हत्या के मामले में निष्पक्ष जांच, जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई और प्रदेश में नशे के कारोबार पर प्रभावी रोक लगाने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की जा रही है।
एक्शन कमेटी और प्रशासन के बीच इन मांगों को लेकर कई बैठकें हो चुकी हैं। हालांकि, प्रमुख मांगों पर सहमति नहीं बनने के कारण आंदोलन जारी है। परिवार और समर्थकों का रुख है कि जब तक उनकी मांगों पर संतोषजनक कार्रवाई नहीं होती, तब तक इंसाफ के लिए संघर्ष जारी रखा जाएगा।
इस मामले में आंदोलनकारियों की मांगें केवल हत्या की जांच तक सीमित नहीं हैं। वे नशे के कारोबार के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई और प्रशासनिक जवाबदेही का मुद्दा भी उठा रहे हैं। इसी वजह से आंदोलन को विभिन्न सामाजिक वर्गों का समर्थन मिल रहा है।
हालांकि, मुख्यमंत्री और डीजीपी के इस्तीफे की मांग आंदोलनकारियों का राजनीतिक तथा प्रशासनिक रुख है। इस मांग पर सरकार या संबंधित अधिकारियों की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं, यह आगे की परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।
बाबा राजा राज सिंह की अपील से चुनावी चर्चा
इंसाफ की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन के बीच बाबा राजा राज सिंह ने मनप्रीत कौर से विधानसभा चुनाव लड़ने का आग्रह किया है। उनकी अपील ऐसे समय में सामने आई है, जब पंजाब में अगला विधानसभा चुनाव 2027 में होना है और विभिन्न राजनीतिक दल अपनी संगठनात्मक तथा चुनावी तैयारियों में जुटे हुए हैं।
इस अपील के बाद यह चर्चा शुरू हुई है कि क्या झोटा का परिवार भविष्य में चुनावी राजनीति में कोई भूमिका निभाएगा। हालांकि, केवल किसी नेता की अपील के आधार पर यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि मनप्रीत कौर चुनाव लड़ने का फैसला कर चुकी हैं या परिवार ने इस दिशा में कोई राजनीतिक कदम उठाने की योजना बनाई है।
अभी तक परिवार की ओर से चुनाव लड़ने के संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा सामने नहीं आई है। ऐसे में इस मुद्दे पर किसी भी तरह की अटकल को परिवार के वास्तविक फैसले के रूप में देखना उचित नहीं होगा।
परिवार की प्राथमिकता फिलहाल इंसाफ
मौजूदा स्थिति में परविंदर सिंह झोटा का परिवार हत्या मामले में न्याय की मांग को लेकर संघर्ष कर रहा है। परिवार और एक्शन कमेटी की ओर से उठाई जा रही मांगों के केंद्र में मामले की निष्पक्ष जांच, जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई और नशे के कारोबार पर रोक लगाने के लिए प्रभावी कदम शामिल हैं।
बाबा राजा राज सिंह की अपील के बाद भी परिवार की ओर से चुनाव लड़ने को लेकर कोई फैसला सार्वजनिक नहीं किया गया है। इसलिए फिलहाल आंदोलन की दिशा और परिवार की राजनीतिक भूमिका को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।
यदि परिवार भविष्य में चुनाव लड़ने का निर्णय करता है, तो वह उसका अलग राजनीतिक फैसला होगा। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, परिवार की प्राथमिकता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले में इंसाफ हासिल करना है।
2027 से पहले पंजाब में चर्चा का नया मुद्दा
पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले झोटा की पत्नी को चुनाव लड़ने की अपील ने एक नया राजनीतिक विषय सामने ला दिया है। हालांकि, इस अपील का चुनावी राजनीति पर क्या असर होगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है। इसके लिए परिवार के रुख और आने वाले समय में होने वाले घटनाक्रम का इंतजार करना होगा।
दूसरी ओर, हत्या मामले में इंसाफ की मांग को लेकर जारी आंदोलन का आगे बढ़ना प्रशासन और एक्शन कमेटी के बीच बातचीत तथा मांगों पर होने वाली कार्रवाई से जुड़ा रहेगा। यदि प्रमुख मुद्दों पर सहमति नहीं बनती है, तो संघर्ष जारी रहने की संभावना है।
फिलहाल दो बातें महत्वपूर्ण हैं—एक ओर परविंदर सिंह झोटा के परिवार और समर्थकों की न्याय तथा जवाबदेही की मांग है, वहीं दूसरी ओर बाबा राजा राज सिंह की चुनाव लड़ने की अपील के बाद शुरू हुई राजनीतिक चर्चा। मनप्रीत कौर और उनके परिवार की ओर से कोई औपचारिक फैसला आने तक इसे अपील और संभावित राजनीतिक विकल्प के रूप में ही देखा जाना चाहिए।




