आठ उपाध्यक्ष, तीन महामंत्री और आठ सचिवों को मिली जिम्मेदारी, मीडिया, सोशल मीडिया और विभिन्न प्रकोष्ठों के लिए भी नियुक्तियां
प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों से चर्चा के बाद संगठन का विस्तार, युवाओं को पार्टी की राजनीतिक और चुनावी गतिविधियों से जोड़ने पर रहेगा जोर
चंडीगढ़। पंजाब में वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों ने अपनी संगठनात्मक तैयारियां तेज कर दी हैं। आम आदमी पार्टी, कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल के साथ भारतीय जनता पार्टी भी राज्य में अपना राजनीतिक आधार मजबूत करने के लिए संगठन के अलग-अलग मोर्चों को सक्रिय करने में जुटी है। इसी रणनीति के तहत भाजपा ने युवा मोर्चा की नई प्रदेश टीम घोषित कर दी है। नई नियुक्तियों के माध्यम से पार्टी ने युवाओं को संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपते हुए आगामी चुनाव से पहले जमीनी स्तर पर अपनी पकड़ मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाया है।
भाजपा युवा मोर्चा पंजाब के प्रदेश अध्यक्ष अनुज खोसला ने प्रदेश भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों के साथ विचार-विमर्श करने के बाद नई टीम की घोषणा की। इसमें प्रदेश पदाधिकारियों के साथ-साथ मीडिया, इंटरनेट मीडिया, आईटी सेल, प्रवक्ताओं और विभिन्न संगठनात्मक प्रकोष्ठों में भी नियुक्तियां की गई हैं। पार्टी ने संगठन के विस्तार के साथ युवाओं की अलग-अलग क्षेत्रों में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास किया है।
नई टीम में आठ उपाध्यक्ष, तीन महामंत्री और आठ सचिव नियुक्त किए गए हैं। इसके अतिरिक्त कार्यालय, कार्यक्रम, प्रचार, मीडिया प्रबंधन और वित्तीय जिम्मेदारियों के लिए भी पदाधिकारियों की नियुक्ति की गई है। भाजपा की इस नई व्यवस्था में खेल, मानवाधिकार, कॉलेज आउटरीच, कानूनी मामलों, एनजीओ और नीति अनुसंधान जैसे क्षेत्रों को भी विशेष महत्व दिया गया है।
आठ उपाध्यक्ष और तीन महामंत्रियों को मिली जिम्मेदारी
भाजपा युवा मोर्चा की नई प्रदेश टीम में आभास शाकिर, प्रतीक कपूर, रवि बत्रा, निहारिका कमल, कुलबीर सिंह आशु अंबा, यादविंदर सिंह चहल, रॉबिन जिंदल और विशाल शर्मा को प्रदेश उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इन पदाधिकारियों के माध्यम से युवा मोर्चा की संगठनात्मक गतिविधियों को विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी रहेगी।
इसी प्रकार सौरभ कपूर, भारत महाजन और जगविंदरपाल संधू को प्रदेश महामंत्री बनाया गया है। महामंत्रियों की भूमिका संगठनात्मक कार्यक्रमों के संचालन, विभिन्न पदाधिकारियों के बीच समन्वय और पार्टी की ओर से निर्धारित गतिविधियों को प्रदेश स्तर पर लागू करने में महत्वपूर्ण रहेगी।
प्रदेश सचिवों के रूप में करम सिंह लेहल, जसप्रीत सिंह जस्सा, हरमंदीप सिंह मीता, अंकित सैनी, रविंदर राणा, रूपकमल, मोहित जुंड और लोमाश शर्मा को नियुक्त किया गया है।
कार्यालय संबंधी जिम्मेदारियों के लिए प्रणव मिश्रा को कार्यालय सचिव और पंकज लूथरा को सह-कार्यालय सचिव बनाया गया है। वहीं हितेश गवरी कार्यक्रम सचिव होंगे, जबकि इशुपाल गुर्जर और रूप राणा सह-कार्यक्रम सचिव की जिम्मेदारी संभालेंगे। इन नियुक्तियों के जरिए युवा मोर्चा के दैनिक कामकाज और कार्यक्रमों के प्रबंधन को व्यवस्थित करने की कोशिश की गई है।
आईटी और इंटरनेट मीडिया के जरिए युवाओं तक पहुंचेगी पार्टी
नई टीम में मीडिया और इंटरनेट मीडिया को भी विशेष महत्व दिया गया है। मौजूदा दौर में राजनीतिक दलों के लिए डिजिटल मंचों के माध्यम से युवाओं तक पहुंच बनाना एक महत्वपूर्ण रणनीति बन चुका है। इसी को ध्यान में रखते हुए भाजपा युवा मोर्चा ने आईटी सेल और इंटरनेट मीडिया के लिए अलग-अलग पदाधिकारियों की नियुक्ति की है।
तनमय भारद्वाज को आईटी सेल का संयोजक बनाया गया है, जबकि आर्यन पुरी सह-संयोजक होंगे। करण कौशल को इंटरनेट मीडिया संयोजक नियुक्त किया गया है। रोहित चुघ, हर्ष भारद्वाज और योगेश्वर सलारिया सह-संयोजक के रूप में काम करेंगे।
प्रेस और मीडिया से संबंधित गतिविधियों के लिए गुरविंदर कांसल को प्रेस सचिव बनाया गया है। विशाल शर्मा और पंकज सारंगल सह-प्रेस सचिव होंगे। वहीं पंकज जुल्का को मीडिया सचिव तथा गौरव वर्मा और विनय चौधरी को सह-मीडिया सचिव नियुक्त किया गया है।
वित्तीय व्यवस्था की जिम्मेदारी सचिन मौदगिल कोषाध्यक्ष के रूप में संभालेंगे। नरेंद्र खुखर और गौरव कुमार गिन्नी को सह-कोषाध्यक्ष बनाया गया है।
प्रशांत गंभीर मुख्य प्रवक्ता, सात अन्य नेताओं को भी जिम्मेदारी
भाजपा युवा मोर्चा की नई टीम में संगठन का पक्ष रखने और पार्टी की नीतियों को जनता तक पहुंचाने के लिए प्रवक्ताओं की टीम भी गठित की गई है। प्रशांत गंभीर को मुख्य प्रवक्ता नियुक्त किया गया है। उनके साथ विदुषी ठाकुर, राजेश राणा, गौरव गिल, अमन कबरवाल, विवेक बैंस, पारस बंबा और हरदीप सिंह हनी को प्रवक्ता बनाया गया है।
इनकी जिम्मेदारी पार्टी की नीतियों, संगठन के कार्यक्रमों और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर पार्टी का पक्ष प्रभावी तरीके से सामने रखने की होगी। इसके साथ ही राजनीतिक और सामाजिक विषयों पर युवा मोर्चा की गतिविधियों को प्रचारित करने में भी यह टीम महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
खेल, मानवाधिकार और कॉलेज संपर्क के लिए अलग प्रकोष्ठ
युवा मोर्चा की नई टीम में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े प्रकोष्ठों का गठन भी किया गया है। इसका उद्देश्य युवाओं को केवल राजनीतिक गतिविधियों तक सीमित न रखते हुए खेल, शिक्षा, सामाजिक कार्यों और कानूनी विषयों से भी जोड़ना है।
खेल प्रकोष्ठ की जिम्मेदारी वरुण ठाकुर को सौंपी गई है। असीम कक्कड़, बलविंदर सिंह, जंगशेर सिंह और अरुण कालिया को सह-संयोजक नियुक्त किया गया है। इस प्रकोष्ठ के माध्यम से खेल गतिविधियों और युवा खिलाड़ियों से संपर्क बढ़ाने पर जोर रहेगा।
मानवाधिकार सेल के संयोजक करमबीर होंगे, जबकि सचिन बस्सी सह-संयोजक की भूमिका निभाएंगे। कॉलेज आउटरीच प्रकोष्ठ में अमृतवीर औजला को संयोजक और तरसेम सिंह को सह-संयोजक नियुक्त किया गया है। कॉलेजों और शैक्षणिक संस्थानों में युवाओं के साथ संवाद स्थापित करना इस प्रकोष्ठ की प्रमुख जिम्मेदारी होगी।
एनजीओ प्रकोष्ठ के लिए विपुल खुंगर को संयोजक तथा योगेश गर्ग को सह-संयोजक बनाया गया है। इस व्यवस्था के माध्यम से सामाजिक संगठनों और स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ युवा मोर्चा का संपर्क मजबूत करने की योजना है।
कानूनी मामलों और नीति अनुसंधान पर भी रहेगा फोकस
भाजपा युवा मोर्चा ने कानूनी मामलों से जुड़े विषयों के लिए लीगल सेल का गठन किया है। एडवोकेट हिमांशु जिंदल को इसका संयोजक बनाया गया है। उनके साथ एडवोकेट अंकित वाधवा, एडवोकेट दानिश महाजन, एडवोकेट मयंक शर्मा, एडवोकेट माणिक मौदगिल और एडवोकेट अर्जुन त्रेहन को सह-संयोजक नियुक्त किया गया है।
इस प्रकोष्ठ के माध्यम से कानूनी विषयों पर जानकारी और संगठन को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी रहेगी।
प्रधानमंत्री के रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ से संबंधित गतिविधियों के समन्वय के लिए स्माइली मेहता को मन की बात समन्वयक नियुक्त किया गया है।
वहीं नीति, अनुसंधान एवं प्रशिक्षण प्रकोष्ठ की जिम्मेदारी निखिल वाधवा को सौंपी गई है। विश्व ग्रोवर और शिवम कुमार शर्मा इस प्रकोष्ठ में सह-संयोजक के रूप में काम करेंगे। इस प्रकोष्ठ का उद्देश्य संगठनात्मक प्रशिक्षण, नीतिगत विषयों पर अध्ययन और युवाओं के बीच वैचारिक एवं संगठनात्मक समझ को मजबूत करना होगा।
प्रदेश कार्यकारिणी में 32 सदस्यों को किया शामिल
प्रदेश पदाधिकारियों और विभिन्न प्रकोष्ठों की नियुक्तियों के अलावा युवा मोर्चा की प्रदेश कार्यकारिणी का भी विस्तार किया गया है। इसमें नवीन कुमार नवी, कीरत कौशिक, प्रताप ढिल्लों, जिम्मी शर्मा, पंकज रेवाड़ी काकू, यजित हुरिया, शुभम देवगन, माधव ब्राह्मण, अंकुश सहजलपाल, कृष्णा कपूर, राघव गोयल, चंदर मोहन, अर्श बाठ, हरमन चहल, सुखचैन सिंह, बलजीत सिंह, शुभम, राघव महाजन, ऋषभ बीटन, अर्जुन सिंह, सुमित रंदेव, सुखनूर सिंह रंधावा, राजन घई, पवन साड्डी, महावीर शर्मा, अमित भार्गव, ठाकुर विक्रम, अभिषेक, कमलदीप सिंह रखड़ा, कंवर प्रताप संधू, हरूप गिल और आलम विजय मक्कड़ को शामिल किया गया है।
कार्यकारिणी के सदस्यों की भागीदारी से प्रदेश स्तर पर संगठनात्मक गतिविधियों को विस्तार देने और विभिन्न क्षेत्रों में युवा मोर्चा की मौजूदगी मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
विधानसभा चुनाव से पहले संगठन को सक्रिय करने की रणनीति
पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए भाजपा के लिए युवा वर्ग तक अपनी पहुंच बढ़ाना महत्वपूर्ण राजनीतिक चुनौती है। राज्य में पार्टी अपने संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने के साथ नए कार्यकर्ताओं को जोड़ने और विभिन्न सामाजिक वर्गों के बीच राजनीतिक आधार बढ़ाने की कोशिश कर रही है।
युवा मोर्चा की नई टीम में मीडिया, इंटरनेट मीडिया, कॉलेज संपर्क, खेल, सामाजिक संगठनों और कानूनी मामलों के लिए अलग-अलग जिम्मेदारियां तय करना इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। संगठन के माध्यम से युवाओं से जुड़े मुद्दों को उठाने, पार्टी की नीतियों का प्रचार करने और विभिन्न क्षेत्रों में कार्यक्रम आयोजित करने पर जोर रहेगा।
नई नियुक्तियों के बाद युवा मोर्चा के सामने अब अपनी संगठनात्मक क्षमता को जमीन पर प्रदर्शित करने की चुनौती होगी। प्रदेश पदाधिकारियों को पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व के साथ समन्वय बनाकर युवाओं के बीच सक्रियता बढ़ानी होगी। साथ ही जिला और मंडल स्तर पर संगठन को मजबूत करने तथा अधिक से अधिक युवाओं को पार्टी की गतिविधियों से जोड़ने की जिम्मेदारी भी महत्वपूर्ण रहेगी।
भाजपा की नई प्रदेश टीम में पदाधिकारियों से लेकर प्रवक्ताओं और विभिन्न प्रकोष्ठों के संयोजकों तक व्यापक स्तर पर जिम्मेदारियां बांटी गई हैं। अब इन नियुक्तियों के जरिए पार्टी युवा मोर्चा को कितना सक्रिय बना पाती है और आगामी विधानसभा चुनाव से पहले इसका कितना राजनीतिक लाभ मिलता है, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।




