दिवाली का त्योहार नजदीक आते ही बाजारों में रौनक बढ़ने लगती है। घरों में मेहमानों के स्वागत से लेकर पूजा-पाठ और मिठाइयां बनाने तक हर चीज की तैयारी शुरू हो जाती है। इस दौरान लोग अपने परिवार और रिश्तेदारों के लिए काजू, बादाम, किशमिश, अखरोट और पिस्ता जैसे ड्राई फ्रूट भी बड़ी मात्रा में खरीदते हैं। त्योहारों पर उपहार देने के लिए भी सूखे मेवों की आकर्षक पैकिंग वाले डिब्बों की काफी मांग रहती है। लेकिन इस खरीदारी के बीच एक ऐसी बात है, जिसे नजरअंदाज करना आपकी सेहत पर भारी पड़ सकता है। वह है ड्राई फ्रूट की गुणवत्ता।
दरअसल, बाजार में एक ही तरह के ड्राई फ्रूट कई अलग-अलग कीमतों पर मिलते हैं। कुछ दुकानदार इन्हें खुले में बेचते हैं, जबकि कई कंपनियां आकर्षक पैकेट में पैक करके ग्राहकों तक पहुंचाती हैं। ऐसे में आम खरीदार के लिए यह समझना मुश्किल हो जाता है कि कौन सा सामान ताजा है और कौन सा लंबे समय से रखा हुआ है। कई बार ड्राई फ्रूट बाहर से बिल्कुल अच्छे दिखाई देते हैं, लेकिन उनकी गंध, स्वाद और अंदर की गुणवत्ता ठीक नहीं होती। इसलिए दिवाली की खरीदारी करते समय केवल कीमत, रंग या चमक देखकर फैसला करना समझदारी नहीं है।
अगर आप भी इस बार त्योहार के लिए खुले बाजार से ड्राई फ्रूट खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो कुछ छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखकर खराब या कम गुणवत्ता वाले सामान से बच सकते हैं। आइए जानते हैं कि काजू, बादाम, पिस्ता और दूसरे सूखे मेवे खरीदते समय किन बातों की जांच करना जरूरी है।
1. सबसे पहले ड्राई फ्रूट की गंध पर दें ध्यान
किसी भी ड्राई फ्रूट की गुणवत्ता समझने के लिए उसकी खुशबू एक महत्वपूर्ण संकेत हो सकती है। ताजे काजू, बादाम और अखरोट में सामान्य तौर पर हल्की प्राकृतिक खुशबू होती है। वहीं अगर किसी सूखे मेवे से बासी तेल, सीलन, फफूंद या किसी दूसरी तरह की अप्राकृतिक गंध आ रही है, तो उसे खरीदने से बचना चाहिए।
खासकर अखरोट और बादाम जैसे मेवों में मौजूद प्राकृतिक फैट समय के साथ खराब हो सकता है। गलत तापमान या नमी में लंबे समय तक रखे जाने पर इनमें बासीपन आ सकता है। ऐसे ड्राई फ्रूट खाने से उनका स्वाद भी खराब लग सकता है। खुले बाजार में सामान खरीदते समय दुकानदार से थोड़ी मात्रा दिखाने के लिए कहें और उसकी गंध पर ध्यान दें। हालांकि, केवल खुशबू से किसी उत्पाद की पूरी गुणवत्ता की पुष्टि नहीं की जा सकती।
2. जरूरत से ज्यादा चमकदार मेवों से रहें सावधान
बाजार में कई बार काजू, बादाम और पिस्ता इतने चमकदार दिखाई देते हैं कि ग्राहक उन्हें देखकर तुरंत खरीदने का मन बना लेते हैं। लेकिन यह समझना जरूरी है कि प्राकृतिक ड्राई फ्रूट हमेशा एक जैसे रंग और चमक वाले नहीं होते। उनमें आकार, रंग और सतह को लेकर थोड़ा अंतर हो सकता है।
अगर सभी मेवे बिल्कुल एक जैसे दिखाई दे रहे हैं या उनकी सतह पर असामान्य चमक नजर आ रही है, तो दुकानदार से उनके प्रोसेसिंग और स्टोरेज के बारे में जानकारी लें। कुछ उत्पादों में अतिरिक्त तेल, कोटिंग या दूसरे पदार्थ इस्तेमाल किए जा सकते हैं। हालांकि, चमक देखकर ही यह निष्कर्ष नहीं निकालना चाहिए कि उसमें मिलावट है।
अच्छी खरीदारी के लिए ऐसे मेवों को प्राथमिकता दें जिनका रंग प्राकृतिक हो और जिनकी सतह पर असामान्य बदलाव दिखाई न दें। केवल आकर्षक दिखने वाले उत्पाद के चक्कर में न पड़ें।
3. काजू और बादाम खरीदते समय बनावट जांचें
काजू और बादाम खरीदते समय उनकी बनावट पर खास ध्यान देना चाहिए। अच्छे ड्राई फ्रूट आमतौर पर अपनी सामान्य प्राकृतिक बनावट बनाए रखते हैं। अगर काजू बहुत ज्यादा नरम, चिपचिपे या असामान्य रूप से तेल वाले लग रहे हैं, तो उनकी गुणवत्ता को लेकर सवाल उठ सकता है।
इसी तरह बादाम में सिकुड़न, नमी या असामान्य दाग दिखाई दें, तो उन्हें खरीदने से पहले सावधानी बरतें। बादाम को हाथ में लेकर हल्के से दबाने पर उसकी सामान्य मजबूती महसूस होनी चाहिए। हालांकि, अलग-अलग किस्मों और प्रोसेसिंग के कारण उनकी बनावट में थोड़ा अंतर हो सकता है।
काजू में बहुत ज्यादा टूटे हुए टुकड़े, पाउडर या छोटे-छोटे अवशेष भी दिखाई दें, तो यह देखना जरूरी है कि दुकानदार उन्हें किस तरह स्टोर कर रहा है। टूटे हुए मेवे हमेशा खराब नहीं होते, लेकिन उनकी गुणवत्ता और ताजगी की जांच जरूर करनी चाहिए।
4. पिस्ता, किशमिश और खजूर की जांच भी है जरूरी
ड्राई फ्रूट की खरीदारी में लोग अक्सर काजू और बादाम पर ज्यादा ध्यान देते हैं, जबकि पिस्ता, किशमिश और खजूर की गुणवत्ता देखना भी उतना ही जरूरी है।
पिस्ता खरीदते समय उसके छिलके, रंग और गंध को देखें। उसमें नमी, फफूंद या किसी तरह के असामान्य धब्बे नहीं होने चाहिए। खुले पिस्ते में अगर सीलन जैसी गंध महसूस होती है, तो उसे खरीदने से बचें।
किशमिश में प्राकृतिक रूप से थोड़ी नरमी और मिठास होती है। लेकिन अगर वह जरूरत से ज्यादा गीली, चिपचिपी या गुच्छों में चिपकी हुई दिखाई दे, तो उसकी स्टोरेज की स्थिति के बारे में जानकारी लें। इसी तरह खजूर की सतह पर सामान्य नमी होना अलग बात है, लेकिन उसमें खट्टी गंध, फफूंद या खराब होने के संकेत नजर आएं तो उसे न खरीदें।
यह भी ध्यान रखें कि किशमिश और खजूर की अलग-अलग किस्मों में रंग और बनावट का अंतर स्वाभाविक होता है। इसलिए हर अलग दिखने वाले उत्पाद को खराब मानना सही नहीं है।
5. खुले ड्राई फ्रूट खरीदते समय रखें ज्यादा सतर्कता
त्योहारों के दौरान बाजार में खुले ड्राई फ्रूट की बिक्री काफी बढ़ जाती है। इनकी कीमत कई बार पैक्ड सामान के मुकाबले कम होती है, इसलिए ग्राहक इन्हें खरीदना पसंद करते हैं। लेकिन खुले सामान में यह पता लगाना मुश्किल हो सकता है कि उसे कितने समय से रखा गया है और उसकी स्टोरेज कैसी रही है।
खुले ड्राई फ्रूट खरीदने से पहले यह देखें कि दुकान पर उन्हें किस तरह रखा गया है। अगर मेवे खुले बर्तनों में धूल-मिट्टी के संपर्क में हैं या आसपास सफाई का ध्यान नहीं रखा जा रहा है, तो वहां से खरीदारी करने से बचना बेहतर है।
ऐसी दुकान चुनें जहां ड्राई फ्रूट साफ और ढके हुए कंटेनरों में रखे हों। दुकानदार से यह भी पूछें कि सामान कब आया था और उसे किस तापमान पर स्टोर किया गया है। अगर संभव हो तो पहले थोड़ी मात्रा खरीदें। इससे आप उसकी गुणवत्ता और स्वाद को समझ सकते हैं।
6. पैकेट खरीदने से पहले पीछे की जानकारी पढ़ें
अगर आप किसी ब्रांड का पैक्ड ड्राई फ्रूट खरीद रहे हैं, तो केवल पैकेट के सामने दी गई तस्वीर और ऑफर देखकर सामान न उठाएं। पैकेट के पीछे मौजूद जानकारी पढ़ना भी बेहद जरूरी है।
सबसे पहले उत्पाद की मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी या बेस्ट बिफोर डेट देखें। इसके अलावा पैकिंग की स्थिति, सामग्री, बैच नंबर और निर्माता का नाम भी जांचें। भारत में पैक्ड खाद्य उत्पादों पर संबंधित FSSAI लाइसेंस की जानकारी भी देखी जा सकती है।
कुछ ड्राई फ्रूट में अतिरिक्त चीनी, नमक, तेल, सल्फाइट या दूसरे खाद्य पदार्थ मिलाए जा सकते हैं। खासकर फ्लेवर्ड और प्रोसेस्ड मेवे खरीदते समय इंग्रीडिएंट्स की सूची पढ़ें। अगर आप बिना अतिरिक्त चीनी या नमक वाला उत्पाद चाहते हैं, तो पैकेट पर दी गई सामग्री के आधार पर चुनाव करें।
पैकेट फूला हुआ हो, सील टूटी हुई हो या उसमें नमी और फफूंद के संकेत दिखाई दें, तो उसे खरीदने से बचें। किसी भी उत्पाद की जानकारी को लेकर संदेह हो तो कंपनी या संबंधित खाद्य सुरक्षा प्राधिकरण से जानकारी ली जा सकती है।
7. बहुत सस्ता सामान देखकर तुरंत न करें खरीदारी
दिवाली के समय कई बाजारों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर ड्राई फ्रूट के आकर्षक ऑफर देखने को मिलते हैं। कुछ जगहों पर सामान्य कीमत से काफी कम दाम पर काजू, बादाम और पिस्ता बेचने का दावा किया जाता है। ऐसे ऑफर ग्राहकों को आकर्षित जरूर करते हैं, लेकिन खरीदारी से पहले उनकी वास्तविकता समझना जरूरी है।
अलग-अलग किस्मों, आकार और ग्रेड के कारण ड्राई फ्रूट की कीमतों में अंतर हो सकता है। इसलिए एक दुकान पर मिलने वाली कीमत की तुलना दूसरी दुकानों से करें। अगर कोई विक्रेता बाजार भाव से बहुत कम कीमत पर सामान बेच रहा है, तो उसकी गुणवत्ता, पैकिंग और उत्पाद की जानकारी जरूर जांचें।
केवल पैसे बचाने के लिए बड़ी मात्रा में ऐसा सामान न खरीदें जिसकी गुणवत्ता के बारे में आपको भरोसा न हो। याद रखें कि सस्ता उत्पाद हमेशा खराब नहीं होता और महंगा उत्पाद हमेशा बेहतर हो, यह भी जरूरी नहीं है।
8. खरीदने के बाद ड्राई फ्रूट को सही तरीके से रखें
अच्छी गुणवत्ता वाला ड्राई फ्रूट खरीदना ही काफी नहीं है। उसे घर पर सही तरीके से स्टोर करना भी जरूरी है। अगर मेवों को लंबे समय तक खुला छोड़ दिया जाए या नमी वाली जगह पर रखा जाए, तो उनकी गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है।
ड्राई फ्रूट को घर लाने के बाद साफ, सूखे और एयरटाइट डिब्बों में रखें। इन्हें सीधी धूप, गर्मी और नमी से दूर रखना चाहिए। बादाम, अखरोट और काजू जैसे मेवों को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए फ्रिज में रखना एक अच्छा विकल्प हो सकता है। हालांकि, उन्हें हमेशा अच्छी तरह बंद कंटेनर में रखें, ताकि दूसरी चीजों की गंध उनमें न आए।
किशमिश और खजूर को भी साफ और सूखे डिब्बे में रखना चाहिए। अलग-अलग ड्राई फ्रूट को उनकी जरूरत के अनुसार स्टोर करें और पुराने सामान को पहले इस्तेमाल करें। अगर किसी मेवे में बाद में फफूंद, कीड़े या बासी गंध दिखाई दे, तो उसे खाने से बचें।
दिवाली पर खरीदारी करते समय याद रखें ये जरूरी बातें
त्योहारों पर परिवार के लिए अच्छी चीजें खरीदना हर किसी की प्राथमिकता होती है। ऐसे में ड्राई फ्रूट को सेहतमंद विकल्प मानकर खरीदते समय उसकी गुणवत्ता से समझौता नहीं करना चाहिए। दुकान की सफाई, मेवों की प्राकृतिक बनावट, गंध, पैकेट पर लिखी जानकारी और स्टोरेज की स्थिति जैसे पहलुओं पर ध्यान देना जरूरी है।
एक मिनट में ड्राई फ्रूट की पूरी शुद्धता साबित करने वाला कोई पक्का घरेलू टेस्ट नहीं है। रंग, चमक और बनावट केवल शुरुआती संकेत दे सकते हैं। अगर मिलावट या खराब गुणवत्ता का गंभीर संदेह हो, तो उस उत्पाद को न खरीदें और जरूरत पड़ने पर खाद्य सुरक्षा विभाग में शिकायत करें।
इस दिवाली समझदारी से खरीदारी करें। जरूरत के अनुसार ही सामान लें, भरोसेमंद दुकानदार से खरीदें और घर पहुंचने के बाद उसे सही तरीके से स्टोर करें। थोड़ी सी सावधानी न केवल आपके पैसे बचा सकती है, बल्कि त्योहार के दौरान परिवार को खराब गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थों से बचाने में भी मदद कर सकती है।
(Photo : AI Generated)




