एआई बनेगा डॉक्टरों का सहयोगी, विकल्प नहीं; पीजीआई के स्थापना दिवस पर तकनीक आधारित चिकित्सा पर जोर
चंडीगढ़। चिकित्सा क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के बढ़ते इस्तेमाल के बीच विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया है कि इस तकनीक का मकसद डॉक्टरों का स्थान लेना नहीं, बल्कि उनकी कार्यक्षमता और निर्णय लेने की क्षमता को मजबूत करना होना चाहिए। एआई के जरिए मरीजों से संबंधित बड़ी मात्रा में मेडिकल डेटा, पैथोलॉजी रिपोर्ट, जांच परिणाम और वैज्ञानिक शोध सामग्री को कम समय में समझना संभव हो रहा है। इससे डॉक्टरों को बीमारी की बेहतर पहचान और उपचार की अधिक प्रभावी रणनीति तैयार करने में मदद मिल सकती है। यह विचार बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी…
