चंडीगढ़: हरियाणा भाजपा रविवार को अपनी कोर ग्रुप की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित करने जा रही है, जिसमें संगठनात्मक गतिविधियों, सरकार की प्राथमिकताओं और भविष्य की राजनीतिक रणनीति पर व्यापक चर्चा होने की संभावना है। मुख्यमंत्री आवास पर दोपहर तीन बजे प्रस्तावित इस बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी करेंगे। बैठक को आगामी महीनों में सरकार और संगठन की दिशा तय करने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बैठक में प्रदेश और केंद्र स्तर के कई वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। इनमें केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अर्चना गुप्ता, केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह और कृष्णपाल गुर्जर, पूर्व मंत्री कैप्टन अभिमन्यु, ओमप्रकाश धनखड़, कमल गुप्ता, पूर्व सांसद सुधा यादव, सुनीता दुग्गल सहित कोर ग्रुप के अन्य सदस्य मौजूद रहेंगे।
संगठनात्मक मजबूती पर रहेगा विशेष फोकस
सूत्रों के अनुसार बैठक में सबसे पहले संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा की जाएगी। विभिन्न जिलों और मंडलों में चल रहे संगठन विस्तार अभियान, कार्यकर्ताओं की सक्रियता, आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा तथा सरकार और संगठन के बीच बेहतर समन्वय को लेकर विस्तृत चर्चा होने की संभावना है।
भाजपा नेतृत्व का प्रयास है कि प्रदेश स्तर से लेकर बूथ स्तर तक संगठन को और अधिक सक्रिय बनाया जाए, ताकि सरकारी योजनाओं और पार्टी की नीतियों की जानकारी सीधे आम लोगों तक पहुंच सके। इसी उद्देश्य से संगठन की कार्यप्रणाली को और प्रभावी बनाने पर भी विचार किया जाएगा।
‘विकसित हरियाणा-2047’ बनेगा बैठक का प्रमुख एजेंडा
बैठक का सबसे महत्वपूर्ण विषय मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा प्रस्तुत ‘विकसित हरियाणा-2047’ की कार्ययोजना को माना जा रहा है। राज्य सरकार वर्ष 2047 तक हरियाणा को आर्थिक, सामाजिक और आधारभूत विकास के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने के लक्ष्य पर काम कर रही है।
बताया जा रहा है कि इस दीर्घकालिक विजन को धरातल पर उतारने के लिए संगठन की भूमिका पर विशेष चर्चा होगी। पार्टी नेतृत्व चाहता है कि विकास से जुड़े कार्यक्रमों में जनभागीदारी बढ़ाई जाए और प्रत्येक क्षेत्र से प्राप्त सुझावों को भविष्य की योजनाओं में शामिल किया जाए।
‘मेरी विकसित विधानसभा अभियान’ को लेकर बनेगी रणनीति
बैठक में मुख्यमंत्री द्वारा घोषित ‘मेरी विकसित विधानसभा अभियान’ की कार्ययोजना को अंतिम रूप देने पर भी चर्चा होने की संभावना है।
इस अभियान के तहत जुलाई और अगस्त महीने में सभी विधायक अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाएंगे। इस दौरान गांवों, कस्बों और शहरी वार्डों में लोगों से सीधे संवाद स्थापित किया जाएगा।
अभियान का उद्देश्य केवल विकास कार्यों की समीक्षा करना नहीं होगा, बल्कि स्थानीय लोगों से सुझाव लेकर क्षेत्रवार विकास की प्राथमिकताओं को चिन्हित करना भी रहेगा।
विभिन्न वर्गों से लिए जाएंगे सुझाव
सरकार इस अभियान को जनभागीदारी आधारित पहल के रूप में आगे बढ़ाना चाहती है। इसके तहत किसानों, युवाओं, महिलाओं, उद्योग जगत, स्वयं सहायता समूहों, शिक्षाविदों, सामाजिक संगठनों तथा विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों से सुझाव लिए जाएंगे।
इन सुझावों के आधार पर वर्ष 2047 तक हरियाणा के विकास का विस्तृत रोडमैप तैयार करने की योजना है। सरकार का मानना है कि विकास की योजनाएं तभी सफल हो सकती हैं जब उनमें आम जनता की भागीदारी सुनिश्चित हो।
शिक्षा और रोजगार पर रहेगा विशेष जोर
सूत्रों के अनुसार बैठक में शिक्षा और कौशल विकास से जुड़े लक्ष्यों पर भी चर्चा होगी। सरकार की प्राथमिकता प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने और युवाओं को रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण से जोड़ने की है।
आईटीआई, पॉलीटेक्निक संस्थानों और कॉलेजों को उद्योगों के साथ बेहतर तरीके से जोड़ने की रणनीति पर भी विचार किया जाएगा, ताकि प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवाओं को रोजगार के अधिक अवसर मिल सकें।
सरकार का लक्ष्य उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल विकास कार्यक्रमों को मजबूत बनाकर युवाओं की रोजगार क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि करना है।
स्वास्थ्य और सामाजिक विकास पर भी रहेगा ध्यान
बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में चल रही योजनाओं की समीक्षा भी संभावित है। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, पोषण तथा ग्रामीण स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार जैसे विषयों पर चर्चा हो सकती है।
इसके अलावा समाज के कमजोर, वंचित और जरूरतमंद वर्गों तक सरकारी योजनाओं का लाभ प्रभावी ढंग से पहुंचाने के उपायों पर भी मंथन किया जाएगा।
जल संरक्षण और पर्यावरण को मिलेगी प्राथमिकता
सरकार जल संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने की दिशा में भी कार्य कर रही है। इसी क्रम में बैठक में सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने, वर्षा जल संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा से जुड़े कार्यक्रमों की समीक्षा की जा सकती है।
इसके साथ ही नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने और ऊर्जा क्षेत्र में दीर्घकालिक योजनाओं पर भी विचार-विमर्श होने की संभावना है।
सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन की होगी समीक्षा
बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति पर भी चर्चा होगी। पार्टी नेतृत्व यह जानना चाहेगा कि योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक किस प्रकार पहुंच रहा है और किन क्षेत्रों में सुधार की आवश्यकता है।
सरकार का उद्देश्य योजनाओं को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और परिणामोन्मुख बनाना है, ताकि लोगों को सरकारी सेवाओं का लाभ बिना किसी अनावश्यक देरी के मिल सके।
नशा मुक्ति अभियान पर भी रहेगा फोकस
हाल ही में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने ‘हरियाणा विजन-2047’ की समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को नशा मुक्त भारत अभियान के तहत व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए थे।
माना जा रहा है कि कोर ग्रुप की बैठक में भी इस विषय पर चर्चा होगी और संगठन स्तर पर नशा विरोधी जनजागरण कार्यक्रमों को लेकर रणनीति तैयार की जा सकती है। पार्टी चाहती है कि सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों की भागीदारी से इस अभियान को व्यापक स्वरूप दिया जाए।
सरकार और संगठन के बेहतर समन्वय पर होगा मंथन
बैठक का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य सरकार और संगठन के बीच तालमेल को और मजबूत करना भी माना जा रहा है। पार्टी नेतृत्व चाहता है कि विकास योजनाओं की जानकारी आम जनता तक प्रभावी तरीके से पहुंचे और कार्यकर्ताओं को भी सरकारी उपलब्धियों से लगातार अवगत कराया जाए।
इसके लिए आगामी कार्यक्रमों, जनसंवाद अभियानों और संगठनात्मक गतिविधियों को लेकर विस्तृत रणनीति तैयार किए जाने की संभावना है।
दीर्घकालिक विकास की दिशा में अहम बैठक
राजनीतिक दृष्टि से यह बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि इसमें केवल वर्तमान कार्यक्रमों की समीक्षा ही नहीं होगी, बल्कि आने वाले वर्षों की विकास नीति और संगठनात्मक प्राथमिकताओं का भी खाका तैयार किया जाएगा।
भाजपा नेतृत्व का मानना है कि ‘विकसित हरियाणा-2047’ केवल सरकारी योजना नहीं, बल्कि राज्य के समग्र विकास का दीर्घकालिक विजन है। इसी सोच के साथ सरकार विकास, सुशासन, सामाजिक न्याय, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण और जनभागीदारी जैसे सभी क्षेत्रों में संतुलित प्रगति सुनिश्चित करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
ऐसे में रविवार को होने वाली कोर ग्रुप की बैठक को सरकार और संगठन दोनों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बैठक में लिए जाने वाले निर्णय आने वाले समय में हरियाणा भाजपा की राजनीतिक रणनीति और सरकार की विकास संबंधी प्राथमिकताओं की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।



