Haryana में बढ़ती गर्मी से लोग बेहाल, भिवानी में पारा 37 डिग्री के पार।

Haryana में बढ़ती गर्मी से लोग बेहाल, भिवानी में पारा 37 डिग्री के पार।

हरियाणा में मौसम एक बार फिर तेजी से बदलता नजर आ रहा है। पिछले कुछ दिनों तक उत्तर और उत्तर-पश्चिमी हवाओं के कारण लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिली थी, लेकिन अब तापमान में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। बुधवार को प्रदेश के अधिकांश जिलों में अधिकतम तापमान बढ़ गया और कई शहरों में पारा 36 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले 24 से 48 घंटों के दौरान मौसम में एक बार फिर बदलाव देखने को मिल सकता है, क्योंकि आज से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से वातावरण में नमी बढ़ेगी, जिससे कुछ स्थानों पर आंशिक बादल छाने, हल्की हवाएं चलने और तापमान में मामूली गिरावट आने की संभावना है। हालांकि फिलहाल प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में दिन के समय तेज धूप और बढ़ती गर्मी का असर बना रहेगा।

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अप्रैल के शुरुआती सप्ताह में तापमान में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। दिन और रात के तापमान में अंतर बना रहेगा तथा पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के समाप्त होने के बाद एक बार फिर तापमान में वृद्धि दर्ज हो सकती है।

भिवानी सबसे गर्म, कई जिलों में 36 से 37 डिग्री तक पहुंचा अधिकतम तापमान

बुधवार को हरियाणा के कई जिलों में अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया गया। भिवानी प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 37.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा हिसार, रोहतक, नारनौल, सिरसा और फरीदाबाद जैसे जिलों में भी तापमान 36 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया।

बढ़ते तापमान के कारण दोपहर के समय गर्मी का प्रभाव अधिक महसूस किया गया। मौसम विभाग का कहना है कि यदि पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव सीमित रहता है तो अगले कुछ दिनों में तापमान में फिर से बढ़ोतरी हो सकती है।

आज से सक्रिय होगा नया पश्चिमी विक्षोभ

भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार तीन अप्रैल से एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है, जिसका प्रभाव चार अप्रैल तक बना रह सकता है। यह पश्चिमी विक्षोभ बहुत अधिक मजबूत नहीं माना जा रहा, लेकिन इसके कारण मौसम में हल्का बदलाव देखने को मिल सकता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से वातावरण में नमी बढ़ेगी और कुछ क्षेत्रों में बादलों की आवाजाही भी देखने को मिल सकती है। इससे दिन के तापमान में हल्की कमी आने की संभावना है।

वातावरण में नमी बढ़ने के साथ चल सकती हैं हल्की हवाएं

मौसम विभाग ने बताया है कि पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में आंशिक बादल छा सकते हैं। इसके साथ ही हल्की से मध्यम गति की हवाएं चलने का भी अनुमान है।

हवाओं की दिशा में बदलाव होने से दिन के तापमान पर कुछ असर पड़ सकता है। हालांकि फिलहाल किसी व्यापक वर्षा की संभावना व्यक्त नहीं की गई है, लेकिन बादलों की मौजूदगी के कारण कुछ क्षेत्रों में गर्मी से आंशिक राहत मिल सकती है।

पिछले दिनों उत्तर-पश्चिमी हवाओं से मिली थी राहत

कुछ दिन पहले उत्तर और उत्तर-पश्चिमी दिशा से चलने वाली हवाओं के कारण प्रदेश के मौसम में उल्लेखनीय बदलाव देखा गया था। उस समय अधिकतम तापमान घटकर लगभग 29 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया था, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली थी।

लेकिन हवाओं की दिशा बदलने और तेज धूप निकलने के कारण अब तापमान में फिर तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।

हिसार सहित कई शहरों में बढ़ा तापमान

प्रदेश के कई प्रमुख शहरों में बुधवार को अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक दर्ज किया गया। हिसार में अधिकतम तापमान 36.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि रोहतक में यह 37 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।

नारनौल में अधिकतम तापमान 36.5 डिग्री सेल्सियस तथा सिरसा में लगभग 36 डिग्री सेल्सियस दर्ज किए गए। फरीदाबाद में भी तापमान 36.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जिससे पूरे प्रदेश में गर्मी का असर स्पष्ट रूप से महसूस किया गया।

प्रमुख शहरों का तापमान

मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार अंबाला में न्यूनतम तापमान 15.5 डिग्री तथा अधिकतम 34.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। फरीदाबाद में न्यूनतम 15.3 डिग्री और अधिकतम 36.1 डिग्री सेल्सियस रहे। गुरुग्राम में न्यूनतम तापमान 13.9 डिग्री तथा अधिकतम 34.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किए गए।

हिसार में न्यूनतम तापमान 12.9 डिग्री और अधिकतम 36.4 डिग्री सेल्सियस रहे। करनाल में न्यूनतम 10.9 डिग्री तथा अधिकतम 34.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किए गए। कुरुक्षेत्र में न्यूनतम 13.3 डिग्री और अधिकतम 33.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किए गए।

नारनौल में न्यूनतम तापमान 12.3 डिग्री तथा अधिकतम 36.5 डिग्री सेल्सियस रहे। पानीपत में न्यूनतम 12.8 डिग्री और अधिकतम 34.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किए गए। रोहतक में अधिकतम तापमान 37 डिग्री तथा सिरसा में 36 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किए गए।

दिन और रात के तापमान में बना हुआ है अंतर

हालांकि दिन के समय तापमान तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन सुबह और रात के समय अभी भी अपेक्षाकृत हल्की ठंडक महसूस की जा रही है। कई जिलों में न्यूनतम तापमान 11 से 15 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया है।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अप्रैल के शुरुआती दिनों में दिन और रात के तापमान में अंतर सामान्य बात है, लेकिन जैसे-जैसे गर्मी बढ़ेगी, न्यूनतम तापमान में भी धीरे-धीरे वृद्धि होने लगेगी।

हिमाचल प्रदेश में भी बढ़ने लगा तापमान

हरियाणा के साथ-साथ पड़ोसी राज्य हिमाचल प्रदेश में भी मौसम तेजी से बदल रहा है। लगातार तेज धूप निकलने के कारण राज्य के अधिकांश क्षेत्रों में अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

पहाड़ी क्षेत्रों में भी अब गर्मी का असर महसूस किया जाने लगा है। बरठीं, धौलाकुआं, मंडी, कांगड़ा, ऊना और सुंदरनगर जैसे प्रमुख स्थानों का अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच चुका है।

कृषि और दैनिक गतिविधियों पर भी पड़ सकता है असर

बढ़ते तापमान का प्रभाव केवल आम जनजीवन तक सीमित नहीं रहता, बल्कि कृषि गतिविधियों पर भी इसका असर पड़ सकता है। लगातार तेज धूप और बढ़ती गर्मी के कारण खेतों में कार्य करने वाले किसानों और मजदूरों को दोपहर के समय अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता होती है।

मौसम में बदलाव के कारण सिंचाई, फसलों की देखभाल और अन्य कृषि कार्यों की योजना भी स्थानीय मौसम पूर्वानुमान को ध्यान में रखकर बनाना अधिक उपयुक्त माना जाता है।

मौसम विभाग की सलाह

मौसम विभाग ने नागरिकों को सलाह दी है कि तेज धूप के दौरान पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें, हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें और दोपहर के समय लंबे समय तक सीधे धूप में रहने से बचें। विशेष रूप से छोटे बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों और पहले से बीमार लोगों को बढ़ते तापमान के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।

आने वाले दिनों में पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मौसम में हल्का बदलाव संभव है, लेकिन प्रदेश में गर्मी का प्रभाव धीरे-धीरे बढ़ने की संभावना बनी हुई है। ऐसे में नागरिकों को मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा पूर्वानुमान और सलाह पर नियमित रूप से नजर रखनी चाहिए, ताकि बदलते मौसम के अनुसार आवश्यक सावधानियां अपनाई जा सकें।

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