पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्य में नशे के खिलाफ चल रहे अभियान को लेकर एक बार फिर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि नशा तस्करी से अर्जित पैसों से बनाई गई अवैध संपत्तियों के खिलाफ सरकार की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पंजाब में युवाओं को नशे से बचाने और नशे के कारोबार को खत्म करने के लिए सरकार कठोर कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगी।
मुख्यमंत्री भगवंत मान सोमवार को पटियाला स्थित पंजाबी विश्वविद्यालय में भारत रत्न डॉ. बीआर अंबेडकर की 134वीं जयंती के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने नशे की समस्या, पुलिस व्यवस्था, उपचार सुविधाओं और सरकार की रणनीति को लेकर अपनी बात रखी।
सीएम मान ने कहा कि नशे के कारण जिन परिवारों ने अपने बच्चों को खोया है, उनका दर्द समझना जरूरी है। उन्होंने कहा कि एक तरफ कई परिवार नशे के कारण अपने बच्चों की मौत का दुख झेल रहे हैं, वहीं दूसरी ओर नशे के कारोबार से जुड़े लोग अवैध कमाई से संपत्ति खड़ी कर रहे हैं। ऐसी गतिविधियों को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
नशे के पैसों से बनी संपत्तियों पर कार्रवाई का दावा
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि नशा तस्करों द्वारा अवैध तरीके से बनाई गई संपत्तियों की पहचान कर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल संपत्तियों को नुकसान पहुंचाना नहीं, बल्कि नशे के नेटवर्क को कमजोर करना और समाज में यह संदेश देना है कि अवैध कमाई से बनाई गई संपत्ति सुरक्षित नहीं रहेगी।
उन्होंने कहा कि नशे के कारोबार ने पंजाब के कई परिवारों को प्रभावित किया है और सरकार इस समस्या को खत्म करने के लिए बहुआयामी रणनीति के साथ काम कर रही है। इसमें कानून व्यवस्था मजबूत करने के साथ-साथ नशा पीड़ित लोगों के इलाज और पुनर्वास पर भी ध्यान दिया जा रहा है।

60 से अधिक अवैध संपत्तियों पर कार्रवाई का दावा
आम आदमी पार्टी के पंजाब अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने इससे पहले दावा किया था कि राज्य में नशे के पैसों से बनाई गई 60 से अधिक अवैध संपत्तियों पर कार्रवाई की जा चुकी है। सरकार का कहना है कि नशा तस्करों के आर्थिक नेटवर्क को तोड़ना इस अभियान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
प्रशासन द्वारा ऐसी संपत्तियों की जांच की जाती है जिनके बारे में अवैध गतिविधियों से अर्जित धन के इस्तेमाल की जानकारी मिलती है। इसके बाद कानून के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाती है।
पुलिस और ड्रग माफिया के गठजोड़ पर भी बोले CM भगवंत मान
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने नशे के कारोबार में पुलिस और तस्करों के बीच संभावित सांठगांठ पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि कुछ निचले स्तर के पुलिस कर्मचारियों द्वारा नशा तस्करों को छापेमारी और कार्रवाई से जुड़ी जानकारी देने की शिकायतें सामने आई थीं।
उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस विभाग में बड़े स्तर पर तबादले किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि लंबे समय से एक ही स्थान पर तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की समीक्षा की गई ताकि किसी भी प्रकार की मिलीभगत को खत्म किया जा सके।
पुलिस व्यवस्था में बदलाव और निगरानी बढ़ाने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि नशे के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के लिए पुलिस विभाग में जवाबदेही जरूरी है। उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई निष्पक्ष तरीके से हो और किसी भी स्तर पर लापरवाही को नजरअंदाज न किया जाए।
उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल पुलिस कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें समाज, स्वास्थ्य विभाग, परिवारों और युवाओं की भागीदारी भी आवश्यक है।
नशा पीड़ितों के इलाज के लिए OOAT क्लीनिकों की भूमिका
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बताया कि नशे की लत से प्रभावित लोगों के उपचार के लिए सरकार आउट-पेशेंट ओपियोइड असिस्टेड ट्रीटमेंट (OOAT) क्लीनिकों को मजबूत कर रही है। इन केंद्रों के माध्यम से नशे की आदत से बाहर निकलने की कोशिश कर रहे लोगों को चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य नशे से प्रभावित लोगों को अपराधी मानने के बजाय उन्हें उपचार और सहायता उपलब्ध कराना है, ताकि वे सामान्य जीवन की ओर लौट सकें। इसके लिए स्वास्थ्य सेवाओं और परामर्श सुविधाओं को बेहतर बनाया जा रहा है।
सरकार ने नशे के खिलाफ बनाई व्यापक रणनीति
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार नशे की समस्या को खत्म करने के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम कर रही है। इसके तहत नशा तस्करों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई, अवैध संपत्तियों पर कार्रवाई, पुलिस निगरानी और नशा पीड़ितों के उपचार जैसे कई स्तरों पर प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं। सरकार का लक्ष्य है कि राज्य में ऐसा माहौल तैयार किया जाए जहां युवा शिक्षा, रोजगार और सकारात्मक गतिविधियों से जुड़ सकें।
अंबेडकर जयंती कार्यक्रम में सामाजिक न्याय पर चर्चा
पटियाला में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने डॉ. बीआर अंबेडकर के विचारों और उनके सामाजिक योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब ने समानता, शिक्षा और अधिकारों के लिए महत्वपूर्ण कार्य किया और उनके विचार आज भी समाज के लिए प्रेरणादायक हैं।
कार्यक्रम में सरकार की ओर से सामाजिक समानता और वंचित वर्गों के कल्याण से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की गई।
मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने सरकार की योजनाओं का किया जिक्र
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने भी अंबेडकर जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में संबोधन दिया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सामाजिक न्याय और समान अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रही है।
चीमा ने कहा कि पंजाब मंत्रिमंडल में अनुसूचित जाति समुदाय के छह मंत्रियों को शामिल किया गया है, जो प्रतिनिधित्व और समावेशिता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
एडवोकेट जनरल कार्यालय में आरक्षण लागू करने का दावा
हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि राज्य सरकार ने एडवोकेट जनरल कार्यालय में आरक्षण लागू करने की पहल की है। उन्होंने इसे समान अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
उन्होंने कहा कि सरकार डॉ. बीआर अंबेडकर के विचारों के अनुरूप शिक्षा, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में काम कर रही है।
SC छात्रों की छात्रवृत्ति और शिक्षा पर सरकार का फोकस
वित्त मंत्री ने कहा कि अनुसूचित जाति वर्ग के छात्रों को छात्रवृत्ति योजनाओं का लाभ आसानी से मिले, इसके लिए व्यवस्था को बेहतर बनाया गया है। उन्होंने कहा कि आर्थिक कठिनाइयों के कारण किसी भी छात्र की पढ़ाई प्रभावित नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि शिक्षा समाज को आगे बढ़ाने का सबसे बड़ा माध्यम है और सरकार वंचित वर्गों के छात्रों को आगे बढ़ने के लिए आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास कर रही है।
नशा मुक्त पंजाब के लिए सामूहिक प्रयास की जरूरत
पंजाब में नशे की समस्या लंबे समय से एक गंभीर सामाजिक चुनौती रही है। सरकार का कहना है कि इस समस्या से निपटने के लिए केवल प्रशासनिक कार्रवाई पर्याप्त नहीं है, बल्कि समाज के हर वर्ग की भागीदारी जरूरी है।
नशे के खिलाफ अभियान में युवाओं को जागरूक करना, प्रभावित लोगों को उपचार उपलब्ध कराना और तस्करी नेटवर्क पर कार्रवाई करना सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है।




