UP: राजकीय सम्मान के साथ मनाई जाएगी बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर की जयंती – सीएम योगी।

UP: राजकीय सम्मान के साथ मनाई जाएगी बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर की जयंती – सीएम योगी।

संविधान निर्माता भारत रत्न डॉ. भीमराव रामजी आंबेडकर की 134वीं जयंती 14 अप्रैल को उत्तर प्रदेश में राजकीय सम्मान और पूरे उत्साह के साथ मनाई जाएगी। इस अवसर पर राज्य सरकार की ओर से सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है। प्रदेशभर में विभिन्न सरकारी विभागों, शैक्षणिक संस्थानों, सांस्कृतिक संगठनों और सामाजिक संस्थाओं की ओर से कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनका उद्देश्य डॉ. आंबेडकर के जीवन, उनके संघर्ष, सामाजिक सुधारों और भारतीय संविधान के निर्माण में दिए गए ऐतिहासिक योगदान को जन-जन तक पहुंचाना है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर जयंती समारोह को सुव्यवस्थित और गरिमामय बनाने के लिए सभी जिलों के जिलाधिकारियों और मंडलायुक्तों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। सरकार ने यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि सभी कार्यक्रम शांतिपूर्ण, सुव्यवस्थित और सम्मानजनक वातावरण में आयोजित हों।

जयंती के अवसर पर प्रदेश के विभिन्न जिलों में श्रद्धांजलि सभाएं, विचार गोष्ठियां, सांस्कृतिक कार्यक्रम, प्रदर्शनी, पदयात्रा और जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन आयोजनों के माध्यम से युवाओं और आम नागरिकों को डॉ. आंबेडकर के विचारों, सामाजिक न्याय के प्रति उनके दृष्टिकोण और लोकतांत्रिक मूल्यों से परिचित कराया जाएगा।

13 अप्रैल को स्मारकों और पार्कों में होगी विशेष साफ-सफाई

राज्य सरकार ने जयंती समारोह की तैयारियों के तहत 13 अप्रैल को प्रदेश के सभी जिलों में स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर से जुड़े पार्कों, स्मारकों, प्रतिमाओं और सार्वजनिक स्थलों की विशेष साफ-सफाई कराने के निर्देश दिए हैं। स्थानीय प्रशासन को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि सभी स्थान स्वच्छ और व्यवस्थित दिखाई दें ताकि श्रद्धांजलि कार्यक्रम गरिमापूर्ण वातावरण में संपन्न हो सकें।

इसके अलावा जहां-जहां डॉ. आंबेडकर की प्रतिमाएं स्थापित हैं, वहां आवश्यक मरम्मत, रंगाई-पुताई, प्रकाश व्यवस्था और अन्य सुविधाओं का भी ध्यान रखने के निर्देश दिए गए हैं।

राजकीय सम्मान के साथ मनाई जाएगी जयंती

उत्तर प्रदेश सरकार ने स्पष्ट किया है कि डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं होगी, बल्कि इसे राजकीय सम्मान के साथ व्यापक स्तर पर मनाया जाएगा। सभी जिलों में प्रशासनिक अधिकारियों की निगरानी में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

सरकारी कार्यालयों, सांस्कृतिक संस्थानों और शैक्षणिक परिसरों में विशेष आयोजन होंगे, जिनमें संविधान, सामाजिक समानता, शिक्षा और लोकतंत्र जैसे विषयों पर चर्चा की जाएगी। इसके माध्यम से लोगों को डॉ. आंबेडकर के विचारों और उनके द्वारा स्थापित संवैधानिक मूल्यों की जानकारी दी जाएगी।

डॉ. आंबेडकर के जीवन पर आधारित होंगे विशेष कार्यक्रम

प्रदेशभर में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में डॉ. भीमराव आंबेडकर के जीवन संघर्ष, शिक्षा, सामाजिक सुधार आंदोलन और संविधान निर्माण में उनके योगदान को केंद्र में रखा जाएगा। विचार गोष्ठियों में विभिन्न शिक्षाविद, सामाजिक कार्यकर्ता और विशेषज्ञ उनके जीवन के विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार रखेंगे।

इसके अलावा विद्यार्थियों और युवाओं को डॉ. आंबेडकर के विचारों से जोड़ने के लिए विशेष व्याख्यान, परिचर्चा और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का भी आयोजन किया जाएगा।

भीम पदयात्रा, सांस्कृतिक कार्यक्रम और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी रहेगी आकर्षण का केंद्र

इस वर्ष आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ-साथ जनभागीदारी पर विशेष जोर दिया गया है। सरकार ने प्रदेश और देश के विभिन्न हिस्सों से कलाकारों को मंच उपलब्ध कराने की योजना बनाई है, ताकि डॉ. आंबेडकर के जीवन और उनके विचारों को कला एवं संस्कृति के माध्यम से लोगों तक पहुंचाया जा सके।

कार्यक्रमों में लोकगीत, बिरहा, नृत्य-नाटिका, सांस्कृतिक संध्या और अभिलेख प्रदर्शनी जैसी कई गतिविधियां शामिल रहेंगी।

13 अप्रैल की सुबह निकलेगी भीम पदयात्रा

जयंती समारोह की शुरुआत 13 अप्रैल की सुबह से ही हो जाएगी। सुबह 6:30 बजे लखनऊ के मरीन ड्राइव से डॉ. भीमराव आंबेडकर पार्क तक भीम पदयात्रा निकाली जाएगी। इस पदयात्रा का आयोजन ‘माय भारत’ के तत्वावधान में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) तथा नेहरू युवा केंद्र संगठन द्वारा किया जाएगा।

इस पदयात्रा का उद्देश्य युवाओं और आम नागरिकों को डॉ. आंबेडकर के विचारों से जोड़ना तथा सामाजिक समरसता, समानता और संवैधानिक मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। पदयात्रा में बड़ी संख्या में विद्यार्थी, स्वयंसेवक, सामाजिक संगठन और विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है।

लोक कलाकारों की विशेष प्रस्तुतियां होंगी

सांस्कृतिक कार्यक्रमों में उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे। लखीमपुर खीरी के श्यामजीत सिंह और मऊ के त्रिभुवन भारती लोकगीत प्रस्तुत करेंगे। इनके माध्यम से सामाजिक चेतना और समानता के संदेश को सांस्कृतिक रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।

कार्यक्रम में लोकसंगीत और पारंपरिक कला के जरिए डॉ. आंबेडकर के विचारों को लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।

नृत्य-नाटिका के माध्यम से दिखाया जाएगा बाबा साहेब का जीवन

लखनऊ के कलाकार विपिन कुमार ‘अभी सपना अधूरा है’ शीर्षक से एक विशेष नृत्य-नाटिका प्रस्तुत करेंगे। इस प्रस्तुति में डॉ. आंबेडकर के संघर्षपूर्ण जीवन, शिक्षा प्राप्त करने की यात्रा, सामाजिक सुधारों के लिए उनके प्रयास और संविधान निर्माण में निभाई गई भूमिका को कलात्मक रूप से प्रस्तुत किया जाएगा।

इसके अतिरिक्त लखनऊ की निहारिका कश्यप और उनकी टीम ‘आंबेडकर प्यारा’ नामक नृत्य-नाटिका प्रस्तुत करेगी, जिसमें बाबा साहेब के जीवन के विभिन्न प्रेरणादायक प्रसंगों को मंच पर जीवंत किया जाएगा।

बिरहा और लोकसंगीत भी होंगे कार्यक्रम का हिस्सा

सांस्कृतिक कार्यक्रमों में बलिया के रामदुलार, वाराणसी के भइया लाल पाल तथा गोरखपुर के मनोज कुमार पासवान बिरहा शैली में अपनी प्रस्तुतियां देंगे। उत्तर प्रदेश की यह पारंपरिक लोकगायन शैली सामाजिक और ऐतिहासिक विषयों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जानी जाती है।

इन प्रस्तुतियों के माध्यम से बाबा साहेब के जीवन संघर्ष और उनके विचारों को लोकभाषा और लोकसंस्कृति के जरिए आम जनता तक पहुंचाया जाएगा।

मुंबई से आएंगे विशेष सांस्कृतिक कलाकार

कार्यक्रम में मुंबई के प्रसिद्ध कलाकार अनिरुद्ध वनकर भी विशेष सांस्कृतिक संध्या प्रस्तुत करेंगे। उनके कार्यक्रम में संगीत, सांस्कृतिक अभिव्यक्ति और प्रेरणादायक प्रस्तुतियों के माध्यम से डॉ. आंबेडकर के व्यक्तित्व और विचारों को रचनात्मक तरीके से प्रस्तुत किया जाएगा।

इस सांस्कृतिक संध्या का उद्देश्य युवा पीढ़ी को भारतीय संविधान, समानता और सामाजिक न्याय के मूल्यों के प्रति जागरूक करना है।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री करेंगे कार्यक्रम का शुभारंभ

राज्य सरकार द्वारा आयोजित मुख्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का शुभारंभ उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह करेंगे। उनके साथ विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि और सांस्कृतिक संस्थानों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहेंगे।

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न कलाकारों की प्रस्तुतियों के साथ-साथ डॉ. आंबेडकर के जीवन पर आधारित विशेष सांस्कृतिक आयोजन पूरे दिन चलते रहेंगे।

आंबेडकर महासभा परिसर में होगा मुख्य समारोह

14 अप्रैल को सुबह 9 बजे से लखनऊ स्थित आंबेडकर महासभा परिसर में मुख्य जयंती समारोह आयोजित किया जाएगा। यहां बड़ी संख्या में सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों, शिक्षाविदों और आम नागरिकों की भागीदारी रहने की संभावना है।

इस अवसर पर श्रद्धांजलि सभा, माल्यार्पण कार्यक्रम तथा विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। साथ ही डॉ. आंबेडकर के विचारों और संविधान निर्माण में उनकी भूमिका पर आधारित विशेष कार्यक्रम भी आयोजित होंगे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी करेंगे शिरकत

राज्य सरकार की ओर से आयोजित मुख्य समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी शामिल होंगे। कार्यक्रम के दौरान वे डॉ. भीमराव आंबेडकर को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे और उपस्थित लोगों को संबोधित भी कर सकते हैं।

मुख्यमंत्री की उपस्थिति में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठनों के सदस्य तथा बड़ी संख्या में नागरिक भी शामिल होंगे।

अभिलेख प्रदर्शनी भी होगी आकर्षण का केंद्र

संस्कृति विभाग की ओर से डॉ. भीमराव आंबेडकर के जीवन, शिक्षा, सामाजिक आंदोलन, संविधान निर्माण और सार्वजनिक जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेजों तथा ऐतिहासिक तस्वीरों पर आधारित एक विशेष अभिलेख प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी।

इस प्रदर्शनी का उद्देश्य लोगों, विशेष रूप से विद्यार्थियों और युवाओं को बाबा साहेब के जीवन के विभिन्न पहलुओं से परिचित कराना है। प्रदर्शनी में उनके जीवन की प्रमुख घटनाओं, उपलब्धियों और ऐतिहासिक योगदान को सरल एवं रोचक तरीके से प्रस्तुत किया जाएगा।

युवाओं को संविधान और सामाजिक समानता से जोड़ने का प्रयास

जयंती समारोह के दौरान आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों का प्रमुख उद्देश्य नई पीढ़ी को भारतीय संविधान के मूल सिद्धांतों, सामाजिक न्याय, समान अवसर, शिक्षा और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जागरूक करना है। सरकार और विभिन्न सामाजिक संस्थाओं की ओर से यह प्रयास किया जा रहा है कि डॉ. भीमराव आंबेडकर के विचार केवल स्मरण तक सीमित न रहें, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन और जागरूकता के माध्यम बनें।

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